Hamarivani.com

अनुराग तिवारी

दोहेधूप न निकली आज भी, गये कई दिन बीत।सर्द हवा भीतर घुसे, छेद देह की भीत।..........सर्द हवाएँ तीर सी, बींध रहीं हैं देह।सूरज की किरणें भली, बरसाती हैं नेह।.........अलसायी सी धूप है, सूरज है हैरान।कोहरे के आतंक से, सहमी उसकी जान। ...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  December 30, 2016, 11:51 am
धूप प्रेयसीधूप प्रेयसी आँगन उतरी, कुहरे का पट खोल।मिलने निकल पड़े सब बाहर, यह पल है अनमोल।नर्म गुनगुनी धूप सुहाती,सहलाती तन-मन को।बचपन सी चंचलता देती,कठुआए जीवन को।रह रह कर है बैरन पछुआ,देती ठंडक घोल।धूप प्रेयसी आँगन उतरी, कुहरे का पट खोल।बाटी चोखा दिन में जमता,बीच-बीच ...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  December 19, 2016, 9:00 am
गज़ल ज़ख़्म गैरों को दिखाते क्यूँ हो।वक्त अपना यूँ गँवाते क्यूँ हो।रास्ते जिनपे खुद चले ही नहीं,उनको औरों को दिखाते क्यूँ हो।मैं सुकूँ से हूँ, मुझे छेड़ो मत,याद आ आ के सताते क्यूँ हो।राह में फूल भी हैं, काँटे भी,दिल को बेताब बनाते क्यूँ हो।जब पता है कि सब मुसाफ़िर हैं,बेवजह...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  June 7, 2016, 8:40 pm
देवदारकुदरत का अनुपम उपहार,यह देवदार।झुरमुटों की ओट सेरवि झाँकता,होता विहान।पत्र पूरित डाल बिनतींछाँव काअद्भुत वितान।ऋषि सरीखा, खड़ा तनकर,ऊर्ध्वगामी, निर्विकार।यह देवदार।प्रकृति का हर रोष पहलेझेलताअपने बदन पर।बाँध रखता गिरि धरा को,अभय देताहै निरंतर।गिरि सभ्यत...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  May 16, 2016, 7:53 pm
युद्धइसदुनियामेंयुद्धसेक्याघबराना;यहाँ-जन्मसेमृत्युतकलड़नापड़ताहैएकयुद्ध।युद्धअनवरतचलतारहताहैकभीवैचारिकअन्तर्द्वन्द्वोंकारूपधरमनकेभीतर,कभीबाहर।इसदुनियामेंजबसाथसाथहैं;सत्य- असत्य,ब्रह्म- माया,अच्छाई- बुराई,न्याय- अन्याय,तबयुद्धतोअनिवार्यहै।निरपेक्...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  November 20, 2015, 7:42 am
जी लें हर इक पल कोक्यों सोचें हम कल को।जी लें हर इक पल को।बीत गया जो पल ना हो पाया अपना,आने वाला कल भी है केवल सपना।प्रश्न खड़े करने से ज़्यादा,सोचें उसके हल को।क्यों सोचें हम कल को।जी लें हर इक पल को।हम अतीत से सबक सीख करआज सँवारें,करें भली इक पहल,वक्त के सच स्वीकारें...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  May 2, 2015, 12:52 pm
मैं हूँ बेताब....मैं हूँ बेताब तुमसे मिलने को।जाँ भी बेताब है निकलने को।खत्म होता है अब सफ़र मेरा,सूर्य भी जा रहा है ढलने को।रात के बाद फिर सहर होगी,मैं रहूँगा न आँख मलने को।मैं चला, साथ मेरे कर्म चले,कुछ न राज़ी है साथ चलने को।माफ़ करना मेरी खताओं को,मैं चला अपने रब से मिलने क...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  February 24, 2015, 8:34 pm
Valentine Day Special...................................मेरे मकाँ को घर बनाया तुमने।बुझते दीयों को फिर से जलाया तुमने।थक चुकी माँ की बूढ़ी आँखों में,फिर नया रंग, नया ख्वाब सजाया तुमने।वक्त बीता मेरे आँगन में दो फूल खिले,उनकी खुशबू से सारे घर को महकाया तुमने।वक़्त कैसा भी हो, तुम सबको हँसा देती हो,भला ये ला...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  February 14, 2015, 7:05 pm
फगुनहटचली फगुनहट, धूल उड़ाती।बीत गयी ऋतु कठिन शीत की,वस्त्रों का कुछ भार घटा।पेड़ों के पीले पात झड़े,हरियाली की चहुँओर छटा।भ्रमर गीत गुंजन सुन सुननव कलिका मुसकाती। चली फगुनहट, धूल उड़ाती।सीटी बजाती, खिलखिलाती,खेलती है बाग वन।ओढ़ चूनर पीत वर्णी,बन गयी धरती दुल्हन।होली के ...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  February 6, 2015, 11:09 am
मेरे हिस्से में…..मेरे हिस्से में फ़र्ज़ गिरे,अधिकार तुम्हारे हिस्से में।मेरे हिस्से में तनहाई,संसार तुम्हारे हिस्से में।ऊपर वाले ने किस्मत के मोती जब बाँटे थे,मैं किंचित पीछे खड़ा हुआ था,मेरे हिस्से में घाटे थे।मुझको मिलती है रुसवाई,सत्कार तुम्हारे हिस्से में।मेर...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  January 28, 2015, 2:39 pm
सूरज खेले आँख मिचौनीसूरज खेले आँख मिचौनी।छिपे कभी बादल के पीछे,अगले ही पल सम्मुख आये।कभी कभी ये ओढ़ रजाईकुहरे की दिन भर सो जाये।जाड़े में है मरहम लगतीधूप गुनगुनी।सूरज खेले आँख मिचौनी।भोर समय नदिया की धारा में लगता हैलाल कमल सा।लहरों के झूले में झूले,ऊपर नीचे,कुछ डूबा ...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  January 12, 2015, 7:11 pm
 अभिनन्दन, नव वर्ष तुम्हाराअभिनन्दन,नव वर्ष तुम्हारा।नयी भोर है,नयी उमंगें,नया जोश है,हर जन मन में।शुभ हो मेरा,सबका शुभ हो,नहीं किसी जीवन में दुख हो।रोग, दोष, भय,भागे सारा।अभिनन्दन,नव वर्ष तुम्हारा।कर न पाये आज तलक जो,करें इस बरस हम सब मिल वो।सबके जीवन में सुधार हो,म...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  December 31, 2014, 1:20 pm
जी रहे हैं हम...जी रहे हैं हम,या कि जीवन काटते हैं ?ओढ़ बैठे रूढ़ियाँआस्था के नाम पर,हैं ज़हालत बाँटतेधर्म के व्यापार घर।त्याग कर केसहज जीवन,हम बनावट बाँटते हैं।जी रहे हैं हम,या कि जीवन काटते हैं ?ताज़ी हवाएँ अनवरत हैंखटखटाती द्वार,क्यों न कर पाते हैं हम सत्य को स्वीकार ?त्या...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  December 25, 2014, 5:30 pm
जीवन में यदि कुछ पाना है...जीवन में यदि कुछ पाना है,चलना तो हमको ही होगा।जीवन पथ रौशन करने कोजलना तो हमको ही होगा।मानता हूँ ज़िन्दगी काँटों भरी है,फूल भी खिलते इसी में हैं मगर।लाख हों दुश्वारियाँ लेकिन इन्हीं सेजूझना पड़ता हमें है उम्र भर।स्वीकार करके हर चुनौती ज़िन्दगी ...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  December 7, 2014, 1:13 pm
धूपधूप धरा पर उतरी,जैसे,जीवन उतरा।पशु, पक्षी, मानव सब निकले,अपने अपने गेह से,सूरज की किरणें मिलतीं हैं,सबसे अतिशय स्नेह से।थमी ओस की बारिश,घटा,शीत का पहरा।धूप धरा पर उतरी,जैसे,जीवन उतरा।बीज अंकुरित हुए ज़मीं में जीवन नया बसाया,पुरुष प्रकृति का मिलन सुहानासबके मन को भाय...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  December 3, 2014, 4:22 pm
मैं कविता लिखता नहीं मैं कविता लिखता नहीं,वह लिखवा देता है।उसकी प्रेरणा सेकभी कभीमन करता है,कागज़ कलम ले करबैठ जाने को।मन में बादलों की तरहउमड़ने लगते हैंभाव, विचार और अनुभूतियाँ।कलम अपने आपकागज़ परनाचने लगती हैऔर शब्द दर शब्दपंक्ति दर पंक्तिकागज़ पर उतर जाती हैएक सु...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  November 26, 2014, 7:46 pm
भूला हूँ कब तुझे...भूला हूँ कब तुझे कि आज याद करूँ मैं।सब कुछ दिया है तूने, क्या फ़रियाद करूँ मैं।करना तो करम इतना कि इन्सान बनूँ मैं।दुनिया की पीर हरने का सामान बनूँ मैं।तुझ तक जो पहुँच पाये, वो पैगाम बनूँ मैं।भाये तुझे जो ऐसा मधुर गान बनूँ मैं।तपते हुए जहाँ में ठंडी छाँव...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  November 10, 2014, 9:04 am
चंदा का दरबारनीले नभ में सज गया,चंदा का दरबार।कुछ तारे बाराती लगते,कुछ लगते पहरेदार।कुछ तारे फ़रियादी भी हैं,रोते अश्रु हज़ार।धरती पर है हो रही, ओस बिन्दु बौछार।...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  November 4, 2014, 11:21 am
गीतगीत मेरे एकाकीपन के साथी हैं।प्रियतम को जो लिखता हूँ, वह पाती हैं।तपते मरुथल में छाया, शीतल पानी हैं।मन के तारों को झंकृत करती बानी हैं।हम जियें न जियें, ये गीत सदा ही जीते हैं।जीवन की हर ऋतु में लब पर जीते हैं।भरते हैं रण में ओज बहादुर वीरों में,जन-जन का मन-रंजन, थिरक...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  October 20, 2014, 2:26 pm
बाबूजीबाबूजी की अँगुली थामेमैने चलना सीखा।टेढ़ी मेढ़ी पगडंडी परआगे बढ़ना सीखा।नाव सरीखा जीवन जीते,रहते थे जल के ऊपर,गोदी में कुटुम्ब का भार लिए,मृदु हास लिए अधरों पर।बाबूजी मैने ना देखा,तुम सा सन्त सरीखा।बाबूजी की अँगुली थामेमैने चलना सीखा।स्वर व्यंजन का बोध कराया,दि...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  September 19, 2014, 10:40 am
आखिर मुझे कहाँ जाना हैआखिर मुझे कहाँ जाना है।दिन पाखी बन उड़ते जाते,मन में उलझे प्रश्न सताते,पीछे मुड़ कर जब जब देखूँ,दूर तलक बस वीराना है।आखिर मुझे कहाँ जाना है।दिन भर की ये आपा धापी,लूट, झूठ औ’ छल की थाती,फिर भी मन में है अकुलाहट,कितना और कमाना है।आखिर मुझे कहाँ जाना है...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  September 14, 2014, 11:13 am
कोई फिक्र नहीं लाख मुश्किल हो सफ़र, कोई फ़िक्र नहीं।सरपरस्ती में तेरी, कोई फ़िक्र नहीं।बीते कल से सीख ले कर, हम सँवारें आज को,आने वाला कल हो कैसा, कोई फ़िक्र नहीं।हम ज़मीं के गर्भ में, नींव के पत्थर बनें,दुनियाँ को न आयें नज़र, कोई फ़िक्र नहीं।फ़िक्र हो बस फ़र्ज़ की, जिसके लिए पैदा ...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  August 26, 2014, 4:47 pm
लघु कविताएँकर सकें सब बसर,इतना तो दे।वरना ज़िन्दगी का बोझ न दे।मौत दे देफाक़ाक़श को ऐ ख़ुदा,मयस्सर रोटी नहींतो, रोग न दे।.......................... किसने देखा है,क्या होता है,फिर मौत के बाद,हाँ,ये ज़िन्दगी नहीं मिलती।जी ले,किसी के काम तो आ,ख़ुदपरस्ती में,ऐसी खुशी नहीं मिलती।............................. सं...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  August 6, 2014, 9:21 pm
अहसासतेरा अहसास है, जो दिल को सुकूँ देता है।तेरा यकीन ही, हर फ़िक्र को हर लेता है।भटकता हूँ जब कभी दुनियाँ में दोराहे पर,कोई है जो रस्ते में इक दीया जला देता है।ढूँढ़ते हैं सब तुझे मंदिर में औ’ मस्ज़िद में,मुझको मेरा हमसफ़र हर पल दिखाई देता है।बिस्तर में सोया हुआ नन्हा सा इक ...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  August 3, 2014, 9:51 pm
ऊबता मनअपनी बनाई भीत के भीतर फँसे हम।ऊबता मन।भोग मय जीवन बना आदर्श अपना,अर्थ अर्जन बन गया बस लक्ष्य अपना।अजानी और अंधी दौड़ केभागी बने हम।ऊबता मन।बुन लिया हमने चतुर्दिकएक कृत्रिम जाल,भूल बैठे सहज जीवन,अब बुरा है हाल।अँधेरी सुरंग केगामी बने हम।ऊबता मन।...
अनुराग तिवारी...
Tag :
  July 27, 2014, 9:36 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3685) कुल पोस्ट (168001)