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Blog: कविता संकलन

Blogger: yashvardhan srivastav
जीवन कि लड़ाइयों से,लड़ रहा हूं मैंचाहे कुछ भी हो लेकिन,आगे बढ़ रहा हूं मैंकुछ इस कदरनदी के रूप सा, ढल रहा हूं मैंतपती धूप में भीचल रहा हूं मैं।।... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   1:42pm 17 Jan 2020 #कविता
Blogger: yashvardhan srivastav
दिखा दो सारी दुनिया कोकी तुम क्या कर सकते होअकेले ही सही परसंसार बदल सकते होजो होना था वो हो गया जो खोना था वो खोगयापर अभी भी तुम सब कुछ पा सकते हो खोई मजिलों को वापस ला सकते हो।।बस जरूरत है सही राह पे चलने कीखुद को एक नई दिशादेने कीभले ही वापस से शुरुआत करोपरं... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   8:29am 13 Jan 2020 #कविता
Blogger: yashvardhan srivastav
थके थके बिना रुकेचल रहे राहों पे हम।।१।।मुश्किलें नहीं है कमफिर भी बढ़ रहे है,ये कदम।।२।।न पीछे रह जाने का डरन ही आगे होने का घमंड।।३।।बस एक राह पकड़ उस पर चल दिये है हम।।४।।नदियों सा ये सफर समंदर की ना कोई खबर।।५।।अनजाने रास्तों पर ही सहीपर आगे तुम बढ़ सकते हो।।६।।मु... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   4:48pm 1 Jan 2020 #नदियों सा ये सफर
Blogger: yashvardhan srivastav
कोई याद पुरानी बनूंया अधूरी कहानी।तेरे यादों की निशानी बनूंया तेरी आंखों का पानी।।नहीं बनना तेरी खुशी का भागी।मैं तो हू बस,तेरे गम का साथी।।क्या तेरा हाथ पकड़ लू धीरे से,या तेरे चेहरे को लगा लू सीने से,चाहे कितनी दफा दिल तोड़ दे,तेरा साथ निभाऊ हर मोड़ पे,नहीं जाऊंगा तु... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   6:43pm 23 Dec 2019 #
Blogger: yashvardhan srivastav
सूरज दुबका मुझसेडर कर!बादलों से निकला यूं छिप छिपकर!देख मुझे है मुस्कराता,फिर न जाने क्यों छिप जाता?ये मेरी समझ में ना आता!!कि ठंड हैक्या आज कुछ ज्यादा?लगता है! आज बीमार है सूरज दादा।कि बादलों को बना अपना कंबलसो गए हैं, सूरज दादा।।या फिर ग्लोबल वार्मिंग का असर हो गया कुछ ... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   6:58am 19 Dec 2019 #ठंड
Blogger: yashvardhan srivastav
भूल जाओ कल की करनी आज से ही शुरुआत करनीहै आज का महत्व बड़ाक्योंकि आज पे ही तेरा कल खड़ाआज का आगाज है अरे कल क्या विश्वास हैआज से ही हाथ मिलाआज बस कदम बढ़ाहै आज का महत्व बड़ाक्योंकी आज पे ही तेरा कल खड़ाजो करना है आज करोकल की ना तुम बात करोकल का तो हैइंतजार बड़ाहै आज का महत... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   6:01pm 1 Oct 2019 #
Blogger: yashvardhan srivastav
हिन्दी हमारा मान है,हिन्दी हमारी आन है,हिन्दी हमारी शान है,हिन्दी ही पहचान है। बड़ा ही सुंदर इसका भाव है,यह वही खुशियों वाला मेरा गांव है,जहां बस्ती मेरी जान है।जैसे हों श्रंगार की बिंदी,वैसे ही है अपनी प्यारी हिंदीसरल सुंदर इसका स्वभाव है,जीवन का इसमें सार है।हिन... Read more
clicks 14 View   Vote 0 Like   7:09am 14 Sep 2019 #
Blogger: yashvardhan srivastav
सफल होने से पहले जो पड़ती मार हैअसफल होना भीकिस्मत की बात है।ये तो बस एक नई शुरुआत हैसफलता से होनी अभी मुलाकात है।।जरा-सा धिट बन जानामेहनत से दोबारा हाथ मिलानाप्रयास तुम हर बार करनाफिर से एक नई शुरुआत करना।चेहरे पर मीठी-सी मुस्कान रखनासंघर्ष से तुम न कतराना।।अपनी हा... Read more
clicks 30 View   Vote 0 Like   6:04pm 26 Aug 2019 #एक नई शुरुआत
Blogger: yashvardhan srivastav
हर शाम ये सूरज ढलता हैजाते हुए लम्हों से नजाने आखिर तू क्यों लड़ता हैसाथ तेरे पास तेरेकुछ नहीं रह जायेगासूरज की तरह एक दिन तू भी ढल जाएगा रात में,आकाश मेंब्रह्माण्ड मेंकही तू भी छिप जायेगापरंतु उस हालात में फिर भी तू मुस्कुराएगा!!तुम्हें मुस्कुराना ही होगाक... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   6:02pm 19 Aug 2019 #
Blogger: yashvardhan srivastav
अच्छा लगता है वो तितलियों काउड़ना।अच्छा लगता हैवो फूलों कामहकना।।अच्छा लगता है वो चिड़ियों का चहकना।अच्छा लगता है वो हवा काबहकना।।अच्छा लगता है वो बारिश काबरसना।अच्छा लगता है वो इन्द्रधनुष काबनना।।अच्छा लगता है वो सुबह की सैर करना।अच्छा लगता है ... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   4:40am 15 May 2019 #इन्द्रधनुष
Blogger: yashvardhan srivastav
रात अटल है,दिन अटल है,ये सूरज - ये चांदअटल है।।पशु अटल है,पंछी अटल है,हरियाला ये जंगलअटल है।।पर्वत अटल है,मैदान अटल है,ये धरती, ये आकाशअटल है।।पानी अटल है,आग अटल है,नदिया की बहतीये धाराअटल है।।आप अटल है,मैं अटल हूं,मन के भीतरकुछ बातेंअटल है।।हर वो क्षण-क्षणअटल है,जिसमे उन... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   9:50am 17 Aug 2018 #नमन
Blogger: yashvardhan srivastav
एक ऐसा भारत हो,जहां आपस  में ना भेद हो।प्रेम के प्रति प्रेम हो।जहां हर तरफ हरियाली हो,वातावरण में फैली खुशहाली हो।।हर जनजाति का सम्मान हो,पशु-पक्षियों सेभी सबको,प्यार हो।प्लास्टिक का ना नाम हो,गंगा - यमुना, हर नदी साफ हो।सफल स्वच्छ - भारत अभियान हो।।डिजिटल पावर में भी ... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   5:57pm 15 Aug 2018 #देशभक्ति गीत
Blogger: yashvardhan srivastav
ऐसे ही हमसे झगड़े।सूरज दादा क्यों हो भड़के।।इस बार की गर्मी में।सूरज दादा गुस्से में।।कम करो अब ये गर्मी।सूरज दादा दिखाओ थोड़ी नरमी।।मन करे तो कुल्फी खाओ।सूरज दादा अब शान्त हो जाओ।।© यशवर्धन श्रीवास्तव... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   4:25pm 11 Jun 2014 #गर्मी
Blogger: yashvardhan srivastav
बात पते की अब बताता। बदले में सबको समझाता।।गौर से सुनना मेरी बात को। सीखना और समझाना औरों को।।प्रकृति की धरोहर यूँ न नष्ट करो।पेड़ो को काटना अब बंद करो।।ये पेड़ - पौधें है दोस्त हमारे। जीवन चलता है इनके सहारे।।पेड़ो से मिलती है हरियाली। वातावरण में फैलाते ये ... Read more
clicks 209 View   Vote 0 Like   1:58pm 22 Mar 2014 #प्रकृति की धरोहर
Blogger: yashvardhan srivastav
पहले उड़ती - फिरती थी,ये हर डाली - डाली। कौन - थी ये चिड़िया प्यारी ?क्या नाम है इसका,जरा - पूछो भईया ?अरे ये चिड़िया है - गौरैया।।पहले दिखती थी ये,हर - घर आँगन में। परन्तु अब है ये,पक्षी संकट में।।इसे बचाने के लिए,करना पड़ेगा कोई उपाय। ताकि ये चिड़िया,इस धरती पर बच पाएँ।।थोड़ा - ... Read more
clicks 212 View   Vote 0 Like   5:20pm 20 Mar 2014 #प्रकृति
Blogger: yashvardhan srivastav
पतझड़ का मौसम छाया,बसन्त का महीना आया।।तेज हवा चली रूहानी,खिली धूप सुहानी।।बगिया में आई तितली रानी,भौरों कि भी अलग कहानी।।फूल खिले हर डाली-डाली,रूत भी है ये सुहानी।। कूँ - कूँ करती कोयल रानी,देखो आई बसन्त निराली।। प्रकृति की ये अलग कहानी,देखो आई ऋतुराज बसन्त निराली।।© य... Read more
clicks 251 View   Vote 0 Like   10:58am 4 Feb 2014 #प्रकृति
Blogger: yashvardhan srivastav
बात बड़ी है पुरानी,थी प्रकृति की भी कहानी।आज आपको भी है सुनानी,एक ज़माने में प्रकृति थी रानी।इस धरती पर उसका राज था,मानव पर उसे बड़ा विश्वास था। परन्तु अपने फायदे के लिए मानव,बन बैठा इस धरती का दानव।जंगलों का कर सफ़ाया,अपना घर है बनाया।इतना करके भी ना माना,पशु - पक्षिय... Read more
clicks 235 View   Vote 0 Like   4:00pm 12 Dec 2013 #प्रकृति
Blogger: yashvardhan srivastav
चित्र साभार : yashvardhan09.blogspot.inफूल खिले है डाली - डाली ।रुत है ये मतवाली ।।ये भी कहते कुछ गाकर ।हँसते - रोते मुस्कुराकर ।।कहते ये होकर दुखी ।हमे मत तोड़ो कभी ।।मत लो हमारे प्राण ।आखिर हम में भी है जान।।... Read more
clicks 304 View   Vote 0 Like   11:12am 7 Jul 2013 #फूल
Blogger: yashvardhan srivastav
देखो काले बादल आये ।नभ पर ये जमकर छाये ।।गरजकर , ये बिजली कड़काते ।संग में ये अपने वर्षा भी लाते ।।देखो काले बादल आये ।गर्मी को ये दूर भगाए ।।मौसम को भी खुशहाल ।खेतों में हरियाली फैलायें ।।देखो काले बादल आये ।बंजर को भी उपजाऊ बनाते ।।कहीं - कहीं पर ये बाढ़ भी लाते ।परन्त... Read more
clicks 357 View   Vote 0 Like   4:31pm 17 Jun 2013 #प्रकृति
Blogger: yashvardhan srivastav
पवन - पवन का शोर ,वन में नाचे मोर ।मेघा बरसे घनघोर ,वन में नाचे मोर ।।पंख फैलाएँ रूप सलोना ,सर पे ताज दिखे अनोखा ।मोर के सुनहरे - सुनहरे पंख ,मोर का है अलग रंग ।।हवा चले और शाम ढले ,सुबह - सुबह का भोर ।मेघा बरसे घनघोर ,वन में नाचे मोर ।।... Read more
clicks 444 View   Vote 0 Like   3:47pm 13 Jun 2013 #यशवर्धन
Blogger: yashvardhan srivastav
मेरी गौरैया प्यारी-प्यारी ,सारे जग से ये न्यारी ,चुन-चुन कर ये दाना लाती ,अपने प्यारे-प्यारे बच्चों को खिलाती ।                                                             मेरी गौरैया प्यारी-प्यारी ,                                                             सारे जग में ये निराली ,                                                             इसक... Read more
clicks 253 View   Vote 0 Like   7:51am 1 Jun 2013 #यशवर्धन
Blogger: yashvardhan srivastav
                                           (चित्र साभार : myindiazone.com)रंगों की दिवाली होली ।आई फिर मतवाली होली ।।गुझिया , पापड़ , जलेबी खाई ।संग में मिलकर होली मनाई ॥होली का हुड़दंग मचा ।गली - गली में ढोल बजा ॥आपस में कभी न झगड़ों ।होली में दिलों को जोड़ों ॥बीती बातों को भूल जाओं ।संग में गले अब म... Read more
clicks 231 View   Vote 0 Like   3:14pm 25 Mar 2013 #होली
Blogger: yashvardhan srivastav
महंगाई में हालत हो गई खस्ता।नहीं रहा अब कुछ भी सस्ता,महंगे हो गये अनाज के दाम।चारों तरफ है महंगाई का नाम,                                                 महंगी हो गई रोटी, दाल।                                                 अब बचे सिर्फ सिर के बाल,                                                 महंगाई ने कर दिया दिल बेहाल।           ... Read more
clicks 458 View   Vote 0 Like   6:23am 2 Mar 2013 #महंगाई
Blogger: yashvardhan srivastav
प्रकृति की गोद में,खिलखिलाती ये धूप।प्रकृति की गोद में,कैसा ये रूप।।प्रकृति की गोद में,नदियों में बहता पानी।प्रकृति की गोद में,फिर उड़ती ये आंधी।।प्रकृति की गोद में,चलती ये हवाएँ।प्रकृति की गोद में,सूरज भी ये गुर्राये।।प्रकृति की गोद में,कहती ये हरियाली।प्रकृति क... Read more
clicks 679 View   Vote 0 Like   6:23am 10 Feb 2013 #यशवर्धन
Blogger: yashvardhan srivastav
ऐसे चलती ठंडी हवाएँ,जैसे कोई गीत गाएँ ,जब चली ठंडी पवन ,खुश हुआ नीला गगन ।आसमान में काले बादल आयें ,छम - छम कर बरस जाएँ ,जब - जब मेघा बरसे ,खेतों में हरियाली फैले ।।दिल को भी छू जाते ,हरे - भरे पेड़ - पौधे ,चिड़ियों की चहकती आवाज़ ,मन सुला देती मेरा आज ।ऐसे चलती ठंडी हवाएँ ,जैसे को... Read more
clicks 217 View   Vote 0 Like   7:21am 6 Dec 2012 #यशवर्धन
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