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Blog: प्रेम बिंदु

Blogger: aman mishra
झूठ न भी कहूँ तो एक झूठ कह जाता हूं,तुझ जैसे है कई, जब तुझको मैं बताता हूँ।फासले रखने के फैसले तो लिए मैंने बहुत,देखता हूँ जो तुझको मैं खुद को भूल जाता हूँ।अच्छा बुरा सोचना तो फितरत है उनकी,मैं कहाँ इतना अमन सोच पाता हूँ ।फिदा हों गए इस दरिया में कई यार दुनिया के,बचूँगा मैं... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   12:22am 24 Sep 2018 #
Blogger: aman mishra
आइये नजर डालते है , एक नजर खुद पर ।रास्तो में चलते हुए ,जो रास्ते बीत गए , उन पर,आइये नजर डालते हैं। सीख जो मिली और यादें जो बनी,दर्द जो हुआ, आरजू जो मिटी, उन परआइये नजर डालते हैं।प्यार जो हुआ, प्यार जो किया,मुस्कुराये हम, या गम जो हुआ, उन पर आइये नजर डालते हैं अमन खुद पर।... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   4:26pm 10 Mar 2018 #
Blogger: aman mishra
साथ खोने से डरता हूँ ,तो कह देता हूँ,मैं तुमपे जो मरता हूँ ,तो कह देता हूँ।नहीं है मंजिलो की खबर सिर्फ तुम हो,मैं इनके रस्ते से डरता हूँ ,तो कह देता हूँ।कभी जो तुम ये जानो की ,तबियत है मेरी कैसीतेरे रोने से डरता हूँ ,तो कह देता हूँ।कभी न कभी जाना है ,दूरतुमको भी  मुझसे ,मैं उस... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   3:57am 21 Jul 2017 #
Blogger: aman mishra
सुकून के साथ अब मैं सोना चाहता हूं,किसने कहा तुझको मैं, तेरा होना चाहता हूं।कर लिया प्यार और सुन लिया दिल को हमने,बिखरी हुई जिंदगी को, अब पिरोना चाहता हूं।देखा असर दुआओं का, मांगा बहुत तुझको,फिर से अपने आप मे, मैं खोना चाहता हूं।है जन्नत मेरी साथ तेरे,ये मालूम है मुझको ,दो... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   6:09pm 23 Jun 2017 #
Blogger: aman mishra
कहना सुनना बातो को ,दिलो का ये भी किस्सा है,जो बिन बोले समझ गए तुम,प्यार का ये भी हिस्सा है।रूठे तो मानों जग मेरा नही,मेरा जग मुझसे कोई लूट गया,आये जो हो जीवन मे तुम मेरे ,मैं इस जग से ही रूठ गया।... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   11:50am 5 Jun 2017 #
Blogger: aman mishra
भर कर मांग मैं उसकी ,उसे अपना बना लूंगा,किया है एक वादा खुद से जो ,मैं उसको निभा लूंगा  ।मुझे मालूम है कि, ये दिल हर दम बहकता है,मिलेगा एक कोना जो ,उसे ही घर बना लूंगा।कभी ये नही सोचा ,कि उसको पा ही जाऊं मैं ,मिले जो हाथ हाथो में,उसे उससे चुरा लूंगा।पता है की नही मेरी, वो फि... Read more
clicks 128 View   Vote 0 Like   3:30pm 15 May 2017 #
Blogger: aman mishra
कोई प्यार कहता है कोई दे देता है दोस्ती का नाम ,खुदा एक है, मजहबो में नाम बदल जाते हैं।जीना है जिंदगी को ही , मुस्कुरा के देखो,मुस्कुराने से जीने के ,अंदाज बदल जाते हैं।कभी दिल में तो देखो , दिल से जो अपनेनजरो के भी ,देखने के अंदाज बदल जाते हैं।कोई गवाही नहीं देगा, अमन हर बात ... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   4:12am 26 Mar 2017 #
Blogger: aman mishra
पहल करतू पहल कररुक मत ,  चल देसुन मत ,चल देमुस्कुरा तू , खिलखिला तू।हर एक को गले लगाने की  तू पहल कर।पहल कर।... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   8:15am 17 Nov 2015 #
Blogger: aman mishra
"अरे फिर कॉल कर दी मुझे ये सब नहीं पसंद बोला था न अभी मत करना ,तुम जानबूझ के करते  हो "कहते हुए उसने व्हाट्सप्प  बात शुरू की , पर पर ..  पर मैं तो दीपावली है न आज तो सोचा बात कर लूँ ,खुद तुमने ही बोला था की बात कर लोगी ,नहीं की तो मन नहीं माना सो। … आज फिर वहीँ से दिन सुरु हु... Read more
clicks 240 View   Vote 0 Like   4:37am 15 Nov 2015 #
Blogger: aman mishra
बंद  होंगी मेरी आँखे , ये  बात बेशक  है। चाहत को मेरी तुम  ,कभी  भूल न पाओगे। लिख लेना जिंदगी में ,तुम नाम जिसका भी। एक धड़कन थी मेरे नाम की ,कैसे  भुलाओगे?फ़साने लिख जायेंगे,  तेरी दुनिया में हजारो ,एक अफसाना है मेरा  उनमे  ,कैसे मिटाओगे  ?बंद  होंगी मेरी आँखे , य... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   5:55pm 1 Mar 2015 #
Blogger: aman mishra
खोया था जो मैंने ,वो पाया सा  अब लगता है। मीत बने हो तुम  जब  से मेरे ,ये दुनिया अच्छी लगती है। बातें  निकलीं  दिल से मेरे ,दबीं कहीं थीं  कोने   में।  प्राण  दिए तुमने मुझको ,धड़कन धड़की शीने में। लौटी है फिर सरगम की  वो धुन, रंग भरे लगते है  सपने ,मीत बने हो... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   5:47pm 1 Mar 2015 #
Blogger: aman mishra
करी ऐसी मोहब्बत कुछ ,                              जवानी लुटा डाली।मिले कैसे वफ़ा हमको ,                              कि हस्ती ही मिटा डाली।।  सुना है मोहब्बत से ,                &nbs... Read more
clicks 237 View   Vote 0 Like   12:22pm 23 Aug 2014 #
Blogger: aman mishra
आहा लो भाई इस वर्ष भी होली का खुमार चढ़ा हुआ है सब पे।  पिछले वर्ष मैंने  दोस्त के द्वारा भाभी के रंग लगाने कि जद्दो जहद का वर्णन  था और उसके प्यारे परिणाम भी आपको याद ही होंगे पर  इस बार कि समस्या अति विकट  है , खुमार वुमार तो अपनी जगह है पर समस्या आ गयी है गोपिकाओ... Read more
clicks 231 View   Vote 0 Like   10:05am 17 Mar 2014 #
Blogger: aman mishra
प्रेम  को समझना वस्तुतः जितना कठिन लगता है उतना है नहीं फिर भी ये बताना आवश्यक है कि  जो ये विचरता   हो कि प्रकृति का मूल प्रेम में है मेरी दृष्टि में वो भ्रम में जी रहा है। प्रकृति तो संघर्ष  के मूल पे चल रही है ,तो आप कहेंगे कि प्रेम कहा है ? उत्तर है कि संघर्ष का ब... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   7:20am 17 Jan 2014 #
Blogger: aman mishra
ब्लॉग जगत के सभी मित्रो ,भाइयो ,बहनो को नव वर्ष कि हार्दिक शुभ कामनाएं।आशा करते है कि आने वाला वर्ष और भी अधिक प्रेरणा से युक्त ,विकास कि और अग्रसर एवं आनंददायी होगा।"नव वेला है ,नव प्रभात।प्रकति उत्सव, है चहक राग।आशा कि नव किरणे है बिखरी,श्रम ,ज्ञान का तू छेड़ तान।महक उठे... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   2:59am 31 Dec 2013 #
Blogger: aman mishra
मिला  दो   रंग  अपने  कुछ  इस  तरह कि, इंद्रधनुषी बन जाओ  तुम, गुजर  रही हो  दुनिया  जब गमो  कि बारिश ,  में ,मुस्कुराते नजर आओ तुम। हो नामुमकिन  कुछ तो मुमकिन , तुम  कर  दो। एक नयी उम्मीद फिर  आज़ सीने में,तुम  भर दो। बस चल दो तुम  , चल दो। एक नयी... Read more
clicks 279 View   Vote 0 Like   7:02am 27 Nov 2013 #
Blogger: aman mishra
सबसे पहले तो आप सभी लोगो को दीपावली की हार्दिक शुभ कामनाये देना चाहूँगा , सबसे पहले इस लिए क्यों की कहते है ना की नीम की पाती गुड़ के साथ बहुत सरलता से  निगली जाती है।खैर अपनी बात को कहने के पूर्व थोडा सा इतिहास में जाना चाहूँगा . कहते है की भगवन राम के अयोध्या वापस आने प... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   2:40am 2 Nov 2013 #
Blogger: aman mishra
किनारों की जरुरत नहीं है मुझको ,  लहरों से हमको  वफ़ा  चाहिये।ख़ुशी की तो कोई तमन्ना नहीं अब,ग़मों में  ही हमको मजा चाहिए। मिलेगा कोई इस गैरे  महफ़िल में ,इसकी तो कोई आरजू ही नहीं,था कोई अपना कभी साथ अपने ,हमें तो उसके निशाँ चाहिए।किनारों की जरुरत नहीं है मुझको ,  लहरो... Read more
clicks 226 View   Vote 0 Like   2:22pm 27 Sep 2013 #
Blogger: aman mishra
हौसलों के सहारे आसमा छूने की ललक है। ….आज मुझको फिर से कुछ पाने की तलब है। बुझ जाते है दिए ,हवा के झोको से।,कइयो को इस  बात  का भरम भी बहुत है। हो कोई साथ अपने ,या गैर हो सभी। वक्त की वफाई  हमने भी  देखी  बहुत है। नाज है हमको  ,अपनी खताओ पर। गिर कर के रास्तो पे हमने सीखा ... Read more
clicks 246 View   Vote 0 Like   3:55am 8 Sep 2013 #
Blogger: aman mishra
कुछ तो जगह बनाई होगी ,रूठना  तेरा ,वो मेरा मनाना।कभी तो इसकी  भी याद आई होगी। कुछ तो जगह बनाई होगी......  साथ चलना वो हसना हसाना ,मिलती जो नजरे ,नजरे झुकाना। कभी तो आके सपनो में तेरे  ,तुझको आवाज लगाईं होगी ,कुछ तो जगह बनाई होगी।जो देखती होगी तुम, आस्मां को नज़रे  उठ... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   2:41pm 3 Sep 2013 #
Blogger: aman mishra
बापू जो तुम देख लेते इस देश का हाल ,शायद रो पड़ते .चल देते अपनी लाठी के सहारे ,कही एकांत में.जहा न हो इस देश की ऐसी दुर्दशा .लेकर जो सपना आँखों में निकले थे दांडी की तरफ ,देखते उन्हें टूटते हुए.देखते अपने ही लोगो को गैरों की तरह रहते हुए.बढ़ाते हुए विषमता के पेड़ को ,जिसे तुम चाह... Read more
clicks 228 View   Vote 0 Like   11:14am 23 Aug 2013 #
Blogger: aman mishra
स्वतंत्रता दिवस पे कुछ पंक्तिया कहना चाहूँगा ,और संकल्प लेना चाहूँगा की उन शहीदों की याद को बनाये रखते हुए जो हमारे लिए अपनी मौत से  गए ,देश के लिए जीने का …. मेरी जान है तेरे खातिर ,तू ही मेरा प्राण है। देश मेरे,  मेरे खातिर ,तू ही अल्लाह राम है। मेरा मजहब तेरे दम से ,तू ... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   1:18am 16 Aug 2013 #
Blogger: aman mishra
तड़पता है  मेरा दिल उसके खातिर ,वो भी कहीं  सिसकती  होगी .सिमटता  हूँ मै जैसे वो मेरी बाँहों में हो  , वो भी यू   ही सिमटती  होगी। छू  कर  आती है हवा जैसे  उसको ,मेरी सांसो  में आने से पहले।।वो  भी अहसास से  इस, यु  ही गुजरती होगी। देखता  हु उसको मै जब भी ... Read more
clicks 235 View   Vote 0 Like   3:06pm 7 Aug 2013 #
Blogger: aman mishra
इस  गंग प्रेम की प्रखर धार में ,बह जाता ये चेतन मन ...होती है पीड़ा कष्ट बहुत ,पर  मिलता है अदभुत आनंद ..प्रेम के कारन जग है जीवित ,प्राण भरे ये है अमृत ..ये  गूड रहस्यों की  है माला , मन के सागर  की उदंड तरंग ...प्रेम नहीं कोई कोमल पथ , है तप से सिंचित एक उपवन ..नहीं यहाँ  स्थ... Read more
clicks 201 View   Vote 0 Like   6:43am 16 Jul 2013 #
Blogger: aman mishra
मूल्यों के गिरते स्तर पर ,ये कैसा भारत निर्माण ...नैतिकता के शव पे खड़ा ,आज का बदलता हिंदुस्तान ....ये कैसा भारत निर्माण ...कौन सी माता ,किसके बच्चे...सब झूठे है ,फिर भी सच्चे ..चौराहों  पे बिकता आदर्श , झूठे छेड़ते सत्य  की तान ...घोटालो की खुली मंडी,लज्जा भी हो रही हैरान .....ये कैसा भा... Read more
clicks 253 View   Vote 0 Like   11:20am 9 Jun 2013 #
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