POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: देर रात के राग

Blogger: kavita
विदुषक सिंहासनमा बसेरथरि थरिका तमासा देखाउँछदरबारीयाहरू ताली पिट्दै हाँस्छन्,डराएका भद्र नागरिक त्यसलाई साथ दिन्छन्,तिनीहरू बुझ्छन् ,विदुषक एउटा हत्यारा होर दरबारमा रगतको आहाल माथिओछ्याइएको छ रातो गलैंचा !विदुषकको सबैभन्दा प्यारो रुची हो,सडकमा युग पुरुष बनेर ... Read more
clicks 12 View   Vote 0 Like   5:39am 12 Oct 2019 #
Blogger: kavita
तानाशाहको रहर थियोजुन कुरा पनि-सबैभन्दा राम्रो, सबैभन्दा ठूलो,सबैभन्दा धेरै , सबैभन्दा टिकाऊर सबैभन्दा सुन्दर जे हुन्छ,त्यो उसलाई प्राप्त होस Iऊ सबैभन्दा विशाल साम्राज्य,सबैभन्दा सुन्दर महलहरूसबैभन्दा ठूलो सेना,सबैभन्दा खुङ्खार मण्डलेहरू,सबैभन्दा उन्मादी अनुय... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   5:38am 12 Oct 2019 #
Blogger: kavita
ये जितने मुसंघी और कठमुल्ले हैं, जितने भी वहाबी-सलाफ़ी या शिया धार्मिक कट्टरपंथ के खुले-छिपे अनुगामी हैं, ये आम मुस्लिम अल्पसंख्यक आबादी और आम मेहनतकश जनों के वैसे ही दुश्मन हैं, जैसे हिन्दुत्ववादी धार्मिक कट्टरपंथी ! ये भी वैसे ही फासिस्ट हैं जैसे संघी हिन्दुत्ववादी !... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   11:54am 11 Oct 2019 #
Blogger: kavita
तानाशाह की चाहत थी कि जो भीसबसे अच्छा, सबसे बड़ा, सबसे अधिक, सबसे टिकाऊऔर सबसे सुन्दर हो, वह उसे हासिल हो Iवह सबसे बड़े साम्राज्य, सबसे अच्छे दरबारियों,सबसे बड़ी सेना, सबसे खूंख्वार दंगाइयों, सबसे उन्मादी अनुयाइयों,सबसे बड़े नरसंहारों, सबसे ज़्यादा सैर-सपाटों, सबसे सुन्दर पो... Read more
clicks 6 View   Vote 0 Like   2:46am 8 Oct 2019 #
Blogger: kavita
आयेंगे,उजले दिन ज़रूर आयेंगेआतंक सरीखी बिछी हुई हर ओर बर्फ़है हवा कठिन, हड्डी-हड्डी को ठिठुरातीआकाश उगलता अन्धकार फिर एक बारसंशय विदीर्ण आत्मा राम की अकुलातीहोगा वह समर, अभी होगा कुछ और बारतब कहीं मेघ ये छिन्न -भिन्न हो पाएँगेतहखानों से निकले मोटे-मोटे चूहेजो लाशों क... Read more
clicks 6 View   Vote 0 Like   3:21pm 7 Oct 2019 #
Blogger: kavita
बहुत सारी चमत्कारी और रिकॉर्डतोड़ सफलताओंऔर उपलब्धियों के बाद,तानाशाह अब पूरे देश का बाप बनना चाहता थाऔर राष्ट्रपिता कहलाना चाहता था Iयह लोगों से उसका प्रतिशोध था क्योंकिवह जानता था कि बहुत लोग उसके बारे में कहते हैं कि'देश जैसे इसके बाप का है !'समस्या यह थी कि जिनकी थै... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   4:01pm 6 Oct 2019 #
Blogger: kavita
('तानाशाह जो करता है'कविता का नेपाली भाषा में अनुवाद। अनुवादक: नेपाली कवि और पोलिटिकल ऐक्टिविस्ट बलराम तिमलसिना)तानाशाहले जे गर्छ !****************लाखौं मान्छेहरूलाई हकार्दै जंगलबाट लखेट्नेर हजारौंको टौवा हालेर शिकार गरेपछितानाशाह केही आदिवासीहरूलाई राजधानी बोलाउँछसिङ्... Read more
clicks 6 View   Vote 0 Like   3:30am 23 Sep 2019 #
Blogger: kavita
तानाशाह के पासअपने वफ़ादार वर्दीधारी सैनिक थे,अपने चुने हुए जन-प्रतिनिधि थे,अपने अमले-चाकर थे,अफ़सर-मुलाज़िम-कारकुन थे,अपनी न्यायपालिका थी,अपने शिक्षा-संस्थान थे जहाँटैंक खड़े रहते थे और तानाशाही तलेजीने की शिक्षा दी जाती थी Iपर तानाशाह की सबसे बड़ी ताक़तहिंसक भेड़ियों के ... Read more
clicks 6 View   Vote 0 Like   3:29am 23 Sep 2019 #
Blogger: kavita
तानाशाह को कहीं से न्याय केजहाँगीरी घण्टे के बारे में पता चलाऔर उसने तय किया कि अबसे वह जहाँगीर की तरह न्याय किया करेगा।फिर उसने मुख्य न्यायाधीश कोआवारा पशुओं,शराबियों, चकलाघरोंऔर ट्रैफ़िक के नियम तोड़ने से सम्बंधित मामलेनिपटाने की ज़िम्मेदारी सौंप दी और खुद हीलोगों ... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   3:30pm 21 Sep 2019 #
Blogger: kavita
अगर कोई बड़े पैमाने का घपला नहीं होगा तो भाजपा और एन.डी.ए. गठबंधन की करारी हार तय है ! पर ई.वी.एम. में अबतक पायी गयी गड़बड़ी की दर्ज़नों खबरों और 20 लाख ई.वी.एम. मशीनों के ग़ायब होने की खबर तथा चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट के अबतक के प्रदर्शित रुख के बाद ई.वी.एम. घपला की प्रचुर संभावना ... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   5:41am 30 May 2019 #
Blogger: kavita
#Mahesh Jaiswalअभी भी 'बुर्जुआ'ही मार रहा है, 'बुर्जुआ'ही मर रहा है और ''बुर्जुआ'ही बचा रहा है ! देश में वामपंथी आंदोलन के लगभग सौ साल तो हो गए । पता नहीं 'क्रांतिकारी'कब जनता के रक्षक की भूमिका में उतरेंगे !!Vijay Shawये क्रांतिकारी तैयार कहां कर रहे हैं, १०० साल में इन्होंने राजनैतिक चेतना ... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   10:04am 28 May 2019 #
Blogger: kavita
मैं उन्हें प्यार करता हूँ जो परेशानियों में भी मुस्कुरा सकते हैं, जो विपत्तियों से शक्ति हासिल करते हैं और अप्रतिष्ठा एवं निंदा जिन्हें बहादुर बनाती हैं I सिकुड़ जाना छोटे दिमागों की फ़ितरत होती है, मगर जिनके दिल मज़बूत होते हैं, और जिनका अंतःकरण उनके आचरण का समर्थन करता ... Read more
clicks 22 View   Vote 0 Like   6:57am 4 May 2019 #
Blogger: kavita
भीख माँगने की संस्था सभ्य समाज के चेहरे पर सबसे बदनुमा दाग है I यह इंसानियत का अपमान है, शर्मनाक है Iबूढ़े लाचार लोगों और बच्चों को भीख माँगते देखकर मैं बेबसी और क्षोभ से भर उठती हूँ, फिर भी उनसे कुछ कहते नहीं बनता I कभी-कभी तो उन्हें कुछ दे भी देती हूँ, हालाँकि उसके बाद क्षोभ... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   3:17am 30 Apr 2019 #
Blogger: kavita
(एक)एक तज़ुर्बेकार कामरेड हैं। बचपन से उन्हें देखती-जानती हूँ। सुबह-सुबह अगर उनके साथ सड़कों पर मटरगश्ती का मौक़ा मिले तो ज़िंदगी के इतने दिलचस्प किस्से सुनाते हैं कि उनसे कई अफ़सानों और नॉवेल्स तक के लिए कच्चा माल हासिल हो जाये। 'दुनिया से तजुर्बात-ओ-हवादिस की शक्ल में जो क... Read more
clicks 22 View   Vote 0 Like   3:18am 29 Apr 2019 #
Blogger: kavita
कोई किताब पढ़ने के दो मक़सद होते हैं। पहला, तुम्हें उसमें आनंद मिलता है; और दूसरा, तुम उसके बारे में डींगें हाँक सकते हो।(रसल ने यह बात अपने समाज के बारे में कही थी। हमारे यहाँ तो लोग किताबों के फ्लैप और समीक्षा पढ़कर ही उनके बारे में डींगें हाँक लेते हैं और गूगल करके उनपर गं... Read more
clicks 22 View   Vote 0 Like   2:48pm 28 Apr 2019 #
Blogger: kavita
गोदी पत्रकार : हुज़ूर, आप चूस के खाते हैं या काट के ?रामू : बे ..तिये ! मैं चूसता भी हूँ और काटता भी हूँ ! और चूसी हुई गुठलियाँ तुम्हारे सामने भी तो फेंकता हूँ बे @#$%^&*+. !(26अप्रैल, 2019)... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   2:56am 27 Apr 2019 #
Blogger: kavita
पिछले पचास वर्षों के भीतर मुक्तिबोध के कृतित्व ने आलोचकों को जितना छकाया है और सुधी पाठकों को जितना तनावग्रस्त किया है, उतना किसी भी रचनाकार की रचनाओं ने नहीं किया है।एक संक्रमणकालीन समाज के चंचल और पारभासी यथार्थ को पकड़कर उसकी कलात्मक पुनर्रचना करने के लिए और उसकी... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   10:26am 14 Apr 2019 #
Blogger: kavita
--कविता कृष्‍णपल्‍लवीदेवता चाहे कितने भी कुकर्म करें, उनका देवत्‍व खण्डित नहीं होता। अवतार चाहे जितने  छल-प्रपंच-अनाचार-व्‍यभिचार करें, धार्मिक जन उन्‍हें ईश्‍वर की लीला बताते हैं। ब्रह्मा और इन्‍द्र, राम और कृष्‍ण अपने तमाम व्‍यभिचार, अनाचार, अन्‍याय और छल के बावज... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   9:57am 14 Apr 2019 #
Blogger: kavita
सामाजिक संघर्षों से पलायन किये हुए कायर लोग पूरी दुनिया के सामने , सार्वजनिक तौर पर, संशयवादी, निषेधवादी, या प्रश्नसूचक चिह्न जैसी मुद्राएँ अपनाकर खुद को सही साबित करते रहते हैं I लेकिन जब कभी वे लोग आपस में अकेले होते हैं, तो या तो शर्मिन्दगी भरी चुप्पी साधे रहते हैं, या... Read more
clicks 40 View   Vote 0 Like   9:23am 27 Jan 2019 #
Blogger: kavita
मैं अक्सर इस उत्तर-आधुनिक रवैय्ये के बारे में सोचता हूँ , मसलन उस आदमी के बारे में जो एक बेहद सुसंस्कृत स्त्री से प्यार करता है और जानता है कि वह उससे कह नहीं सकता कि,"मैं तुम्हें पागलों की तरह प्यार करता हूँ,"क्योंकि वह जानता है कि वह जानती है ( और् यह भी वह जानती है कि वह जा... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   5:44pm 26 Jan 2019 #
Blogger: kavita
(भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने सत्ता-तंत्र के दमन, नागरिक अधिकारों और भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर आयेदिन कोई न कोई कानूनी लड़ाई लड़ते रहने वाले सुप्रसिद्ध अधिवक्ता प्रशांत भूषण को नसीहत देते हुए कहा -- 'सकारात्मक रहिये, दुनिया ख़ूबसूरत दिखेगी I' -- https://indiane... Read more
clicks 39 View   Vote 0 Like   3:14pm 25 Jan 2019 #
Blogger: kavita
(मैं भी चाहती थीप्यार करने की कूव्वत हासिल करना !और हम सभी जानते हैं किऐसा कैसे होता है !आहिस्ता-आहिस्ता !-- मैरी ओलिवर)....मैं भी चाहती थीप्यार करने की कूव्वत हासिल करनाएक बर्बर हत्यारे समय में जीते हुए ,पकते और सीझते हुए,कुछ सपने और मंसूबे बुनते और गुनते हुए !पहले मैंने छोट... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   3:04pm 25 Jan 2019 #
Blogger: kavita
वक़्त एक हज्जाम हैजो उनकी खूब हजामत बनाता हैजो नियमित रूप से खुद अपनी हजामत नहीं बनाते Iमैं तो अपने केश खुद काटती हूँ Iऐसे ही नहीं,पूरी ट्रेनिंग ली है Iदूसरों की भी हजामत बनाती हूँ Iवक़्त की मुलाज़िम नहीं( उससे तो अपनी अदावत है पुरानी )फिर भी उसका यह काम कर देती हूँअपने तरीके ... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   3:23am 23 Jan 2019 #
Blogger: kavita
... पार्टी के हर कार्यकर्ता में कुछ न कुछ कमज़ोरियाँ तथा उसके काम में ख़ामियाँ होती हैं, किन्तु कमज़ोरियों की आलोचना करते समय अथवा पार्टी केन्द्रों के सम्मुख उनका विश्लेषण करते समय , आदमी को इस चीज़ का ध्यान रखना चाहिए कि वह उस सीमा से आगे न चला जाय जिसके बाद आलोचना महज एक बकव... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   4:08am 21 Jan 2019 #
Blogger: kavita
.इतना डरते क्यों हो भाई !दुखों के क़रीब जाने से मर नहीं जाओगे Iतक़लीफदेह जीवन न तुम्हारा अंत कर सकता हैन ही यातना गृहों की यंत्रणा Iतुम्हारे अंत की शुरुआततुम्हारे भय से होती है Iतुम्हारा कारागृह हैतुम्हारा शांत, सुरम्य, सुरक्षित, सभ्य-शालीन नागरिक जीवन Iतुम्हारे समझौते है... Read more
clicks 41 View   Vote 0 Like   7:59am 18 Jan 2019 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3938) कुल पोस्ट (195133)