Hamarivani.com

देर रात के राग

गोरखपुर गुरु गोरखनाथ से लेकर प्रेमचंद, फ़िराक और कई जाने-माने साहित्यकारों और चिन्तकों की धरती रही है ! यहाँ से कुछ ही दूर कबीर की निर्वाण-स्थली मगहर और बुद्ध की निर्वाण-स्थली कुशीनगर हैं ! यहाँ की प्रगतिशील-साहित्यिक सरगर्मियाँ 1960 से लेकर 1980 के दशक तक बड़े-बड़े महानगरों को ...
देर रात के राग...
Tag :
  October 8, 2018, 9:22 pm
उन्होंने झटपट कहाहम अपनी ग़लती मानते हैंग़लती मनवाने वाले ख़ुश हुए किआख़िर उन्होंने ग़लती मनवा कर हीछोड़ीउधर ग़लती ने राहत की साँस ली किअभी उसे पहचाना नहीं गया---मनमोहन...
देर रात के राग...
Tag :
  October 6, 2018, 1:57 pm
जिनगी क रफ़्तार तेज तौ होवै क चाही ! बिलकुल होवै क चाही ! मगर एतनो तेज ना भागो बच्चा हवा में उड़ने का माफिक, कि आजू-बाजू से जिनगिये पीछे छूट जावै -- पेड़-पौधा, नदी-नाला, चिरई-चुरुंग, इंसानियत, समाजी सरोकार, लोग-बाग--- सब का सब पीछे छूट जावै I जिनगी कवनो इनामी दौड़ ना है बच्चा ! अकेल्ले क...
देर रात के राग...
Tag :
  October 6, 2018, 1:55 pm
('रविवार डाइजेस्ट'के सितम्बर '18 अंक में प्रकाशित)बहुत पहले एक मित्र ने लुगदी साहित्य की श्रेणी में आने वाले किसी लोकप्रिय अमेरिकी उपन्‍यास में वर्णित एक अर्थगर्भित प्रसंग सुनाया था। उसमें एक अकेला पूँजीपति सैकड़ों कमरों वाले अपने आलीशान विला में अपनी कई पत्नियों, रख...
देर रात के राग...
Tag :
  October 1, 2018, 9:36 pm
प्यार अमर होता है, यह दुनिया का सबसे बड़ा मिथक होता है | पर मिथक भी यथार्थ के साथ ही जन्म लेता है | यह जीवन नश्वर है और प्यार भी | नश्वर ही सुन्दर है | अनश्वरता काल्पनिक है और कुरूप है |***प्यार में मुक्ति नहीं होती |प्यार में मुक्ति के लिए संघर्ष की तड़प पैदा करने की ताक़त होती है |***...
देर रात के राग...
Tag :
  September 26, 2018, 10:34 pm
ये हिन्दी दिवस, मित्रता दिवस, पिता दिवस, माता दिवस, प्रेम दिवस,पृथ्वी दिवस आदि-आदि चीज़ें मेरे भीतर बेहद चिढ़ पैदा करती हैं I ई सब खलिहरों और नक़लचियों के बोरियत मिटाने और ज़िन्दगी में थोड़ा "बहार"लाने के बहाने हैं ! ये सारी चीज़ें उन्हीं को मुबारक I मैं तो बस इतना जानती हूँ कि जिस...
देर रात के राग...
Tag :
  September 26, 2018, 10:07 pm
हालात आपसे जो-जो न करायें | जैसा कि आप सभी जानते हैं, मैं आदतन बहुत सभ्य-सुशील हूँ | गंदी बातें करना मेरी फ़ितरत नहीं | लेकिन समय ही अगर बहुत गन्दा हो, और सच की तरफ़, ख़ास तौर पर परदे के पीछे की सच्चाइयों की तरफ़, लोगों का ध्यान खींचना आप अपना बहुत ज़रूरी फ़र्ज़ मानते हों तो आपको न चाह...
देर रात के राग...
Tag :
  August 9, 2018, 4:16 pm
*तानाशाह जब लोगों से अपने मन की बात करता हैतो वह सब कुछ कहता है जोउसके मन में कभी नहीं होता Iतब वह दरअसल अपने हृदय का सारा अन्धकारसड़कों पर उड़ेल देना चाहता है,उसे पूरे देश में फैला देना चाहता है Iतानाशाह का यह हृदयदलाल स्ट्रीट के सांड के शरीर से निकाला गया है Iकुछ दिनों तक य...
देर रात के राग...
Tag :
  August 8, 2018, 9:57 pm
आछा भाई लोग, अब आपलोग ईमानदारी से दिल पर हाथ राखकर एक ठो बात बताइये I ई जो बड़का-बड़का सहर में,आ रजधानी में बड़का-बड़का लिबड़ल टाइप बामपंथी बुद्धिजीवी फैब इंडिया टाइप डिजाइनर कुरता पहिरके कॉफीहाउस, धरनास्थल-सभागार, जंतर-मंतर, इंडिया गेट, आई.आई.सी.-आई.एच.सी., मंडीहाउस जइसन इलाकन ...
देर रात के राग...
Tag :
  August 5, 2018, 7:56 pm
1914 में आज ही के दिन जर्मन सामाजिक जनवादी पार्टी के संसदीय ब्लॉक ने तय किया कि वह अगले दिन संसद में युद्ध ऋण के पक्ष में वोट करेगा I ऐसा करके उन्होंने सभी साम्राज्यवादी युद्धों का विरोध करने की स्थापित मार्क्सवादी नीति को तिलांजलि दे दी I लेनिन ने इन संसदीय वामपंथी कुकर्...
देर रात के राग...
Tag :
  August 5, 2018, 7:51 pm
आप अब भी सोच रहे हैं कि आपके आसपास घट रही घटनाएँ छिटफुट हैं, ये दुर्दिन बीत जायेंगे और ज़िन्दगी फिर रेंगती-घिसटती ढर्रे पर चलने लगेगी I आप सोच रहे हैं कि बर्बर शायद आपकी बस्ती से बहुत दूर हैं, या शायद इतिहास में दफ़न हो चुके हैं I आप फिर भी बस्ती के बाहर खड़े हैं और सोच रहे हैं क...
देर रात के राग...
Tag :
  August 5, 2018, 4:42 pm
कवि होना ऐसा हैजैसे जीवन के प्रति निष्ठा रखनाहर मुश्किल मेंमानो खुद अपनी उधेड़कर कोमल चमड़ीदेना लहू उड़ेल अन्य लोगों के दिल में I--- सेर्गेई येसेनिन...
देर रात के राग...
Tag :
  August 5, 2018, 4:39 pm
हमारा समाज अन्दर से इतना सड़ चुका है, इतना सड़ चुका है कि कोई छोटे-मोटे सामाजिक आन्दोलन इसे व्याधि-मुक्त कर ही नहीं सकते I फासिज्म का बर्बर-असभ्य उभार तो इसका एक आयाम है ! पूरा समाज तरह-तरह की निरंकुश मानवद्रोही प्रवृत्तियों की नर्सरी बन चुका है I 200 वर्षों की गुलामी के बाद जन...
देर रात के राग...
Tag :
  August 5, 2018, 4:37 pm
मार्क्सवाद के कुछ विरोधी इसे 19वीं सदी के पूर्वाग्रहों पर आधारित एक पुराना पड़ चुका आर्थिक जड़सूत्र कहकर खारिज करते हैं। मार्क्सवाद कभी भी जड़सूत्र नहीं था। महज़ 19वीं सदी में सूत्रबद्ध किये जाने के कारण यह पुराना पड़ चुका और गलत नहीं हो जाता, ठीक वैसे ही जैसे गौस, फैराडे और ड...
देर रात के राग...
Tag :
  August 5, 2018, 2:40 pm
हांस आइस्लर ने एक जगह लिखा है कि ब्रेष्ट पारंपरिक संगीत के रूपवाद से बहुत चिढ़ते थे। उनका मानना था कि सिम्फ़नी कंसर्ट और ऑपेरा सिर्फ़ ‘इमोशनल कन्फ्यूजन’ पैदा करते हैं। वह संगीत से ‘रीज़न’ की -- तर्कणा की माँग करते थे।ब्रेष्ट तो संगीत से ‘रीजन'की माँग करते थे, लेकिन अगर आप ह...
देर रात के राग...
Tag :
  August 5, 2018, 2:33 pm
आरे भयवा, ई 'टाराई'के जो चेयरमैन हैं, सरमाजी, ई तो गजब ओभरकौन्फिडेंट चपाट निकले ! खुल्ला चाईलेन्ज दे दिए की हमरा आधार न. से हमरा पाराईभेट कौनफीडेन्सिअल जानकारी निकाल के दिखाओ ! ओन्ने थोड़हीं देर में फ्रानस का एक ठो खंच्चड हैकर सब निकाल के दिखा दिया I सरमाजी का मुंह चोखा हो ग...
देर रात के राग...
Tag :
  August 5, 2018, 2:16 pm
अमूर्त आदर्श स्त्री की छवि एक फरेब है | उस स्त्री की बात करो जो वास्तविक है, ठोस है, यथार्थ है |*उदासी एक मनो-रासायनिक अवस्था है जो विरेचन (कैथार्सिस) का काम करती है |*विशुद्ध मनोवैज्ञानिक लोग और मनश्चिकित्सक इंसानी मामलों के रहस्य न पूरी तरह जानते हैं, न सुलझा सकते हैं, क्य...
देर रात के राग...
Tag :
  August 5, 2018, 1:23 pm
जब चारो ओर अहर्निश हत्या, आतंक और उन्माद की बारिश हो रही हो, तुम निश्चिन्त, असम्पृक्त, अपने एकांत में बैठे प्यार कर सकते हो और प्यार की "निष्कलुष"कविताएँ रच सकते हो ? अगर हाँ, तो तुम या तो एक कसाई हो, या फिर अपने भविष्य से अनजान, आने वाली सुबह ज़िबह हो जाने वाला बकरा !**नहीं दोस्...
देर रात के राग...
Tag :
  August 5, 2018, 1:09 pm
 दसवीं कहानी*रामू का तीसरा सपना, जो सबसे अधिक डरावना है*रामू एक ऐसे समय में सबसे ताक़तवर इंसान बना, जब शासन करने के लिए कुटिल मूर्खता सर्वोपरि गुण थी I वे सहृदय, संवेदनशील विद्वत्ता को क़ैद-तनहाई की सज़ा सुनाने के दिन थे Iरामू की वक्तृता में मूर्खता और अज्ञान का घटाटोप होता...
देर रात के राग...
Tag :
  August 5, 2018, 1:07 pm
...हर प्रकार के महान प्रेम की तरह, बच्‍चे के लिए आदमी का प्रेम भी तभी सृजनात्‍मक बनता है और बच्‍चे को सच्‍चा तथा स्‍थाई सुख दे पाता है जबकि प्रेम करने वाले व्‍यक्ति के जीवन की परिधि‍ को वह विशाल बनाता है, उसे वह एक अधिक मूल्‍यवान व्‍यक्ति में परिवर्तित कर देता है, किन्‍तु ...
देर रात के राग...
Tag :
  August 5, 2018, 12:54 pm
इनदिनों एक ठो चलन खूब चल गया है I लोग अपाने-अपाने देवार पर फोटू टांगता है की अलनवा-फलनवा ईउनिभारसिटी से हमरा कविता-संकलन या कहानी-संकलन पर फलनवां प्रोफ़ेसर का अंडर में ढिमकवाँ शोध-छात्र ने अइसा गज्जब लघु-शोध या शोध कर दिया है I आरे भयवा, ई शोध आ लघु- शोध की असलियत कौन नहीं जा...
देर रात के राग...
Tag :
  August 5, 2018, 12:52 pm
मार्क्स की 200वीं वर्षगाँठ के अवसर पर बहुत सारे बुर्जुआ लिबरल्स, सोशल डेमोक्रेट्स और संसदीय जड़वामन वामपंथियों ने भी उन्हें बहुत याद किया और भावभीनी श्रद्धांजलियाँ दीं I इन सबके अपने-अपने मार्क्स हैं जो वास्तविक मार्क्स से एकदम अलग हैं I इनमें से कोई मार्क्स को मानवता क...
देर रात के राग...
Tag :
  May 18, 2018, 6:33 pm
*स्मृतियाँ नींद की तरह आती हैं और वह हलके-हलके थरथराते जल की सतह से नीचे तली की ओर उतरती चली जाती है Iवहाँ स्वप्न-छायाएँ देती हैं दर्द से राहत देने वाली थपकी, कहीं गूँजते हैं, ज्यों कहीं किसी सघन वन-प्रांतर में, सांत्वना के शब्द Iकोई थम्हा देता है उसके हाथों में एक माया-दर्...
देर रात के राग...
Tag :
  May 8, 2018, 3:42 pm
सरलता एक जटिल चीज़ होती है | सरल होना बहुत कठिन होता है |***सच कभी पूरीतरह पकड़ में नहीं आता | उसका लगातार पीछा करना पड़ता है |***ज्यादा से ज्यादा, हम एक सार्थक जीवन जीने की कोशिश कर सकते हैं | महत्वपूर्ण होने की महत्वाकांक्षा हमें नक्काल बना देती है, या कुंठित कर देती है |***जब दूसरो...
देर रात के राग...
Tag :
  May 8, 2018, 3:39 pm
--कविता कृष्णपल्लवीआज 'पृथ्वी दिवस'के अवसर पर पूरी दुनिया में पर्यावरण को बचाने की चिंता प्रकट करते हुए कार्यक्रम हो रहे हैं I 1970 में इसकी शुरुआत अमेरिका से हुई और मुझे यह बात अनायास नहीं लगती कि इसके लिए 22 अप्रैल का दिन चुना गया जो लेनिन का जन्मदिन है I लेनिन के बहाने क्र...
देर रात के राग...
Tag :
  May 8, 2018, 2:35 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3830) कुल पोस्ट (184507)