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Blog: "जिंदगी का सफ़र , है ये कैसा सफ़र "

Blogger: vikram meena
इस ज़माने के साथ , चलना है माना..        शराफत भी हो , शोहरत भी कमाना..इस तेज़ रफ़्तार में , खुद को ना खोना..लगे ना कभी की-" खुद को खोकर क्या पाना"..!!सचमुच बड़ी तेज़ , भाग रही जिंदगी ..थोडा मुश्किल है इसको , ठीक समझ पाना..पर सब्र ही सबसे वाज़िब दावा है..रुतबा तो ठीक , दिल जीत लाना..              ... Read more
clicks 240 View   Vote 0 Like   11:23am 13 Oct 2012 #मेरी कलम से
Blogger: vikram meena
कभी याद हमारी आये तो..पलकें अपनी तुम भिगोना नहीं..कभी दिल भी दुःख सा जाये तो..यादों से दूर तुम होना नहीं..यह बात पुरानी सच ही है..           खो जाऊ अगर तो रोना नहीं..    यह मिलना बिछड़ना जीवन है..सपनो में सही गुम होना नहीं..आंसू अपने तुम चुन लेना..इन्हें हम पर तुम खोना नहीं..जब याद हमा... Read more
clicks 275 View   Vote 0 Like   11:20am 13 Oct 2012 #ईंतजार
Blogger: vikram meena
 ना तमन्ना है जीने की ना मरनेका हौसला बचा है,शायद मेरे नसीब ने ही ये चक्रव्यूह रचा है।रात आती तो है पर जाती कभी नहीँ,जैसे बना लिया है उसनेबसेरा मेरी जिंदगी को ही।उदासीयाँ बैठी रहती हैं मेरे फूलों वाले सफेदतकीए के पास,बिस्तर का दहिना हिस्सा आज भी पाले हैतुम्हारे आने की ... Read more
clicks 230 View   Vote 0 Like   4:14pm 11 Oct 2012 #मेरी कलम से
Blogger: vikram meena
जिंदगी की राहों में अकेला ही चला जा रहा था मैं, मन में उमंग तो मेरे भी थी ही की काश मेरे पास भी कोई पतंग होती, आखिर मैं भी बच्चा था पतंग को लेकर मेरे भी सपने थे, मगर कहते है न सपने तो सपने होते है सपने कहाँ अपने होते है वैसा ही कुछ मेरे साथ भी हुआ।जिंदगी की यूँ ही कटती शाम में... Read more
clicks 265 View   Vote 0 Like   6:57am 11 Oct 2012 #अजीब दास्ताँ......
Blogger: vikram meena
तुम जा रही थी..स्टेशन के प्लेटफोर्म के एक कोने में खड़ा,मैं बस तुम्हे देखे जा रहा था..जिंदगी फिसली जा रही थी आँखों के सामने मेरे..बेबस खड़ा मैं,बस  तुम्हे देखे जा रहा था..एक रुमाल से अपने आँखों के आंसू पोछ रहा था..दिल  में एक अजीबसा दर्द उठा उस वक्त..तुम्हारा वो खिला चेहरा, उस ... Read more
clicks 283 View   Vote 0 Like   6:25pm 10 Oct 2012 #तुम
Blogger: vikram meena
समेट लिया है दामन में मैंने तेरी यादों कोफिर भी बरस जाते हैं आँखों से मेरे आंसूंख्यालों में दबे पाँव जब आती हो तुमतब बड़े प्यार से मुस्कुराते हैं मेरे आंसूंदूरियों का अहसास जब करता है मन को पागलकसम से,जी भर रुलाते हैं मेरे आंसूंदिल की बातें तुम तक पहुचआऊं कैसेअक्सर का... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   5:52pm 10 Oct 2012 #तुम
Blogger: vikram meena
प्यार मेरा  याद करके प्यार मेरा,जो कभी दिल तेरा, भर आये,देखो आँख कहीं भर आये नहीं...आँखों की बारिशें देखो  अच्छी नहीं होती..,उदास रहने से , सुना है मैंने,..चेहरा ख़राब होता है...तन्हा सातन्हा-तन्हा सा है शमा,शाम तन्हा, आसमान तन्हा..सड़को पे फिर रहा मैं तन्हारात जो हुई तो,बेरहम ... Read more
clicks 251 View   Vote 0 Like   5:50pm 10 Oct 2012 #तुम
Blogger: vikram meena
उसी मोड़ पे आ रुखा था मैं कुछ दिन पहलेजहाँ हुई थी हमारी आखरी मुलाकात.. मुकुन्दगढ़  के जिन सड़को पे,हम घूमते रहते थे दीवानों की तरहउन्ही सड़को से गुज़रा इस बार कितनी बातें याद आयीं..लगा एक पल ऐसा की तुम आ ही जाओ शायद,अचानक से मेरे सामने..तुमसे दूर हुए एक ज़माना हो गया,फिर भी ... Read more
clicks 243 View   Vote 0 Like   5:43pm 10 Oct 2012 #तुम
Blogger: vikram meena
आज फिर उस पन्ने के तरफ धयान गया,लिखा था तुमने जिसपे,फिर मिलेंगे....सहेज के रखा है अब तक मैंने उस पन्ने को...की बस एक वही तो है जिसके वजह से,उम्मीद अब भी है मुझे, तुम वापस आओगे....उसी पन्ने के एक कोने पे ये भी लिखा था तुमने..हमेशा मुस्कुराते रहना,हर पल मैं साथ रहूंगी..आज भी मुश्किल ... Read more
clicks 268 View   Vote 0 Like   5:40pm 10 Oct 2012 #तुम
Blogger: vikram meena
हमने उदासी को अपनी आदत कहना नहीं सीखा। गुमसुम किसी भी हाल में रहना नहीं सीखा।। बदले हैं हमने हरदम दरियाओं के रुख़, दरिया के साथ हमने बहना नहीं सीखा।।... Read more
clicks 265 View   Vote 0 Like   3:09pm 10 Oct 2012 #मेरी कलम से
Blogger: vikram meena
कंप्यूटर का इस्तेमाल समय की बर्बादी नहीं है, लेकिन बच्चों को इसकी लत से बचाना मां-बाप की जिम्मेदारी है। उन्हें इस बात का ख्याल रखना है कि बच्चे कंप्यूटर के चक्कर में बर्बाद न हो जाएं। आइए इस मुश्किल को सुलझाने की टिप्स पर गौर करेंजब गुड़गांव में रहने वाले 13 साल के प्रण... Read more
clicks 315 View   Vote 0 Like   5:10pm 9 Oct 2012 #बचपन
Blogger: vikram meena
कलम का रहस्यवो जानते हैंजो बांस का टुकडा बन केकिसी अगम्मी फूँक काइन्तजार करते हैंतो जो कवितासिर से पाँव तक महज बांसुरी हो जाए कलम का रहस्य वो जानते हैं जो अपने साये से मुखातिब होते रहतें हैं और तब तकउसे देखते रहते हैं जब तक वो सिकुडता -सिकुड़ता महज बिन्दु न हो जाए कल... Read more
clicks 235 View   Vote 0 Like   8:24am 19 Sep 2012 #मेरी कलम से
Blogger: vikram meena
मुझको खुशी मिलती है तुमको हंसाने से,वर्ना मुझे क्या मिलता है युं ही मुस्कराने से।मैं तो हंस लेता हूं बिन बहाने के,वो कोइ और होन्गे जो रोते है बहाने से।गमों मे मुस्करांऊ पर पागल नहीं हूं मैं,गमों की आदत सी पडी गम ही गम उठाने से।जब पास थे तुम तो दूर हो गये,अब पास कैसे आंऊ तु... Read more
clicks 235 View   Vote 0 Like   8:20am 19 Sep 2012 #मेरी कलम से
Blogger: vikram meena
ज़िन्दगी मेरे साथ-साथ चलनासुनो ज़िन्दगी, मेरे साथ-साथ चलनाअब तो आओ तुम, और थाम लो मेरा हाथलम्बी अकेली राह मेरी है, दे दो अपना साथ तुम बिन अर्थहीन अस्तित्व है मेराजिसका तुम सवेरा हो, ये जीवन ऐसी रातरूठ जाओ तुम मुझसे हो ऐसा कोई पल नाज़िन्दगी मेरे साथ-साथ चलनागिर पड़ता जब-ज... Read more
clicks 266 View   Vote 0 Like   2:24pm 17 Sep 2012 #मेरी कलम से
Blogger: vikram meena
ये  बेटियां कैसी होती हैये परिया कैसी होती हैये बात बात पर रोती हैदिल होता है इनका नाजुक साये भोली भाली होती हैबाबा की लाडली होती हैमम्मा की दुलारी होती हैगुडियों से खेलता बचपन इनकाइतनी जल्दी कैसे बीत गयाआँगन सूना कर जाती हैबाबा का दर्द समझती हैमम्मा के आंसू पोंछती ह... Read more
clicks 233 View   Vote 0 Like   7:11am 17 Sep 2012 #बेटियां
Blogger: vikram meena
चेहरे की हंसी से हर गम छुपाओ,बहुत कुछ बोलो पर कुछ ना बताओ,खुद नहीं रूठो कभी पर सबको मनाओ,ये राज है जिंदगी का, बस जीते चले जाओ .....क्या आपको यह लेख पसंद आया? अगर हां, तो ...इस ब्लॉग के प्रशंसक बनिए ना !!इससे जुड़ीं अन्य प्रविष्ठियां भी पढ़ें ...जिन्दंगी भर उस रिश्ते की डोर ना टूटेज... Read more
Blogger: vikram meena
तू इस तरह से मेरी जिंदगी मेंशामिल है , जहाँ भी जाऊ ये लगता हैं तेरी महफ़िल है ये आसमान ये बादल ये रास्ते ये हवा हर एक चीज हैं अपनी जगह ठिकाने से कई दिनों से शिकायत नहीं जमाने से ये जिंदगी हैं सफर तू , सफर की मंजिल है!!!... Read more
clicks 258 View   Vote 0 Like   6:18pm 15 Sep 2012 #मेरी कलम से
Blogger: vikram meena
अब तो सच यह है कि मैं लिखना  चाहता हूं। मैंने बहुत मजे कर लिये । अब मैं जिंदगी से आजिज आ गया हूं। आगे देखने के लिए मेरे पास कुछ भी नहीं है। मैं जो भी जिंदगी में करना चाहता था, उसे कर चुका हूं। तब जिंदगी में घिसटते रहने का क्या मतलब है? वह भी तब, जब करने को कुछ भी न बचा हो। मुझे... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   6:08pm 15 Sep 2012 #मेरी कलम से
Blogger: vikram meena
ऐ मुसाफिर!ज़ख्म बीती यादों का सोने नहीं देता,सांसों में भी खंजर चुभोये बेठें हैं;इक तू ही आकर देख ले इस गरीब-ऐ-शहर की हालत,कि खुदा को तो ख़ुद से रुठाये बेठें हैं;बचपन कि जब सारी यादें विदा हुई,क्यों किसी कि याद को दिल से लगाये बेठें हैं;ढह गई हैं भरोसे कि कच्ची दीवारें सभी,... Read more
clicks 227 View   Vote 0 Like   10:18am 15 Sep 2012 #गरीब-ऐ-शहर
Blogger: vikram meena
कोशिश करो कि कोई तुमसे ना रूठेजिन्दंगी में अपनो का साथ ना छूटेरिश्ता कोई भी हो तो उसे ऐसे निभाओकि जिन्दंगी भर उस रिश्ते की डोर ना टूटे !... Read more
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