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मैं और मेरी दुनिया

परिंदों का उड़ना महज अपने आकाश को पाना नहीं होता वो फड़फड़ाते है पंख लगाते हैं गोल-गोल चक्कर कि कभी-कभी बिलावजह की आवारगी भी जरुरी होती है यारा ----स्वयंबरा [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  June 5, 2017, 3:18 pm
नींद नहीं आती अक्सर अनंत आवाजों ने मन की परतों के भीतर डेरा जमा लिया है ये अपनी ही सुनाए जातीं हैं और सारी रात आँखों में कट जाती है खीझ उठती हूँ ..झल्लाती हूँ.. फटकार भी लगाती हूँ सब व्यर्थ पर कल... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  June 5, 2017, 2:53 pm
अकेले रहना किसे पसंद पर जब मज़बूरी ही हो कि कोई साथ न हो तो 'एकांत' खुद की तलाश है - कह देना और अपने एकाकीपन को उनकी 'सहानुभूति' में बदल जाने से रोक लेना जरुरी होता है कि अकेलेपन का भी तो 'मान' होता... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  June 4, 2017, 8:33 pm
सूरज... प्रखर ...तेजस्वी... इसके बिना जीवन नहीं.. पर कितना अकेला... अक्सर जी चाहता है कि माथा सहला दूँ.... पूछ ही लूँ - कैसे हो भाई? ठीक ठाक न? खाना वाना हुआ? सोए भी थे या रात भर भटकते रहे? 😊😊 [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  June 4, 2017, 8:23 pm
विवाहितों के कन्धों पर ही जिम्मेदारी का बोझ होता है ...कर्तव्य-निर्वहन भी वही करते हैं...बंधे होते हैं...पहले दूसरों की सोचते फिर अपने बारे में ....(उफ़ ये महान लोग) जबकि अविवाहित तो आज़ाद,... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  June 4, 2017, 8:15 pm
देखो न आज तुम्हारी सिलाई मशीन निकाल लिया सोच रही बेटू के लिए कुछ खिलौने बना दूं गुड़िया, हाथी, घोड़े से बचपन सजा दूं ×××× सुनो तो चिड़ियों का दाना-पानी रोज रख आती हूँ आजकल मैं भी पेड़ पौधों से बतियाती... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  June 4, 2017, 8:08 pm
बिना बेड़ियों के कैद थी...भागना चाह रही थी लेकिन पहाड़ बधे थे पैरों में... हांफ रही थी  ... रास्ता न था...रोशन भी कुछ न था...धुंधलका पसरा था.... आँखे फाड़ रही थी..पर सब व्यर्थ वो कुछ जंगल सा... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  February 19, 2016, 6:26 pm
बिना बेड़ियों के कैद थी...भागना चाह रही थी लेकिन पहाड़ बधे थे पैरों में... हांफ रही थी  ... रास्ता न था...रोशन भी कुछ न था...धुंधलका पसरा था.... आँखे फाड़ रही थी..पर सब व्यर्थ वो कुछ जंगल सा... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  February 19, 2016, 6:26 pm
कई रंग बटोरे कुचियों को भी पकड़ा आड़ी तिरछी रेखाएँ खींच ली और कैनवास तो जैसे तैयार ही बैठा था सज जाने को निखर जाने को पर ज्यूंही भरनी चाही लाल, पीली, हरी, गुलाबी, नीली, मुस्काने सब उड़ गयीं गायब हो... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  November 25, 2015, 6:39 pm
खूब धूमधाम से विसर्जन संपन्न हुआ। नगाड़े बजे । जयकारे लगे। लाउडस्पीकर पर फ़िल्मी गाने भी बजे। भक्तगण नाचते -गाते- झूमते गए भी। अब जाके चैन आया तो थकान का अहसास हुआ। लगा कि दस दिनों की जोरदार भक्ति के... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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Tag :लघु कथा
  October 16, 2015, 4:09 pm
राजकुमारी के पाँव आज जमीन पर धरे नहीं धरा रहे थे ....क्या करे ...किधर जाए ...कभी सोहर गानेवालियों पर रूपए न्योछावर कर रही थी ...कभी महाराज जी को नमक, हरदी दे रही थी ...इधर से मुहबोली छोटकी ननदिया... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  September 2, 2015, 4:48 pm
राजकुमारी के पाँव आज जमीन पर धरे नहीं धरा रहे थे ....क्या करे ...किधर जाए ...कभी सोहर गानेवालियों पर रूपए न्योछावर कर रही थी ...कभी महाराज जी को नमक, हरदी दे रही थी ...इधर से मुहबोली छोटकी ननदिया... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  September 2, 2015, 4:48 pm
एक छोटी कहानी पहली बार लिखने की कोशिश की जो कल की एक घटना की उपज है ....कृपया जरुर बताए कैसी है ..                            ... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  August 16, 2015, 3:10 pm
    लघुकथा                                 भारत भाग्य विधाता            ... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  August 16, 2015, 3:10 pm
उग आयी है चिमनिया चारो ओरगुरुता का गुरुर है इनमेये अट्टाहास लगाती है छिन लेती हैं मिट्टी की चिर-परिचित गंध  सुलगती हैं उगलती है गहरा काला कोहरा  सिकुड़ता जाता है नीला आकाश और हवा की... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  April 11, 2015, 6:26 pm
वंचित जनउग आते है जंगलों से, झाडो से, किसी खँडहर की गिरी दीवारों से बंजर जमी की फटी बिवाईयों से परवाह नहीं होती किसी की सोचते भी नहीं कुछ भी ये उपेक्षित अक्खड लोग जड़े जमा लेते है कही भी  न हो... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  March 10, 2015, 9:04 pm
वह एक पागल बुढ़िया थी अनजानी सी पर पहचानी भी शहर का हर कोना था उसका ठिकाना दिख जाती थी चौराहे पर मूर्तियों के पीछे गोलंबर पर फुटपाथ पर भी बसेरा था उसकासब डरते, पास न जाते फेक जाते बचा-खुचा संतोष पा... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  February 15, 2015, 1:53 pm
तरस मत खाओ मै नहीं हूँ बेचारा मत दो खाना , कपडे भी मत दो बस एक कलम दो और कुछ किताबें दो सोचने का विवेक दो सपनो का अधिकार दो और फिर देखना छीन लूंगा उनसे अपने हक की रोटी अपने हक का कपड़ा अपने हक का... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  January 17, 2015, 8:43 pm
मेरे भीतर बहती है उदासियों की एक नदी एकदम भीतर मन की परतों से बंधी चुपचाप बहती है खारे पानी की नदीन उद्गम ना अंतबस घूमती रहती हैगहरी  खाईयों में कभी-कभी या अचानक ही बादलों के फट जाने से परत दर... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  January 16, 2015, 7:03 pm
दृश्य 1  घंटी बजती है .....बच्चो के बीच घर से थाली लेकर स्कूल भागने की होड़ मच जाती है ...छोटी-बड़ी थालियाँ ...पिचकी -फूटी थालियाँ ...किसी ने दो-तीन थालियाँ भी ली है ...कोई बच्ची अपने नन्हे से भाई... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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Tag :पोशाक की राशि
  January 12, 2015, 4:54 pm
(चंद हाईकू)  कुनमुनाई अलस सुबह की ठिठुरी धूप *****कुहरा घना स्तब्ध पवन सिकुड़ी धूप *****सूरज हंसा अंगडाई लेकर निखरी धूप *****अनमनी सी खड़ी क्षितिज पर विरही धूप ............स्वयंबरा  [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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Tag :हाईकू
  December 30, 2014, 12:21 pm
कहते हैंजिन्नाद ने पकड़ा है उसेवो चीखती है, चिल्लाती हैअट्टाहास लगाती हैगुर्राती है, मुट्ठियाँ भींचती हैखरोच डालती है पकडनेवाले कोऔर कभी-कभी,एकदम गुमसुम सी हो जाती हैजैसे चुप्पी बैठ गयी हो होठो परफिर... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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Tag :पीर
  November 3, 2014, 6:31 pm
सूर्य-प्रभ-सम आलोकित,वह वीर धनुर्धर था अद्भुत,रावण-तम का संहार किया,पुरुषोत्तम जग में कहा गया .       xxxxxxxxx शर- संधान करो तुम तम जन-मन का हरो तुम माया मृग फिर छलने आया अब तो... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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Tag :पुरुषोत्तम
  October 1, 2014, 12:30 pm
लडकी,बोल मत, हंस मत, देख मत, सुन मत ढांप खुद को, खाना बना,सफाई कर और इन आवाज़ो से थोडी सी फुरसत मिलते ही लडकी चुपके से खोल देती है खिडकी एक टुकडा धूप और मुट्ठी भर हवा मे अंगडाई... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  September 26, 2014, 5:03 pm
उर्मिला कौल......बचपन की यादे है धुंधली सी....मम्मी ‘मनोरमा’ पत्रिका लिया करती थी ....एक दिन उन्होने उसमे से एक फोटो दिखाया कहा कि ये उर्मिला आंटी का है .... इनकी लिखी एक कहानी छपी है...ये हमारे... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]...
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  August 23, 2014, 1:33 pm
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