POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: मेरी डायरी के पन्‍ने

Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
स्‍वरचित अप्रकाशितफिर खड़ी हुई अंगड़ाई लेकरशाखों पर बहार आ गई।रूप का लावण्‍ययूं बिखर गया धरती परसितारों में भी चमक आ गई।झुकी नजरों से देखायूं बिखरे सितारों कोफूलों को भी हंसी आ गई।सांझ के धुधलकेतेरी यादों के यादों में घुल जाएं।बलखाती सी देख देह तुम्‍हारीशिराओं म... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   4:45pm 7 Aug 2013
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
तू हाथ फैला फिरउस प्रकाश को पाने के लिएजिसने अपने को जलादूसरों को उजाले परोसे हैं।दिया है भरोसाउस प्रकाश नेजीवन में हौसला जगाने के लिए।हर सुबह उठता हैनई रौशनी लेकरऔर दिन भरबांटता फिरता हैऔर अस्‍ताचल कोखाली हाथ लौट जाता हैफिर एकनई सुबह के लिए।... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   6:08pm 15 Jun 2013
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
धूप पीले रंग में रंगी हुईसमय को थामे चला जाता हूँहर तरफ बिखरा एकप्‍यार का अहसासएक तरफ खड़ा है गुल्मोहरऔर दूसरी तरफ है अमलतास।---- कदमों की आहट परझनक उठे तेरी पायलबांधे रहती है हमें।बिखर जाते हैं हम भीपायल के घुंघरू के टूटने पर ।।----- इस जमाने के दरमियां हम थेप्‍यार की तला... Read more
clicks 227 View   Vote 0 Like   1:39pm 18 Mar 2013
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
तुम्‍हारा रूप हीमेरे प्‍यार को परिभाषित करता है।तुम्‍हारा रूप ही मेरे नयनों को प्रचुरता प्रदान करता है।तुम्‍हारे रूप की प्रचुरताएक ठंढक के रूप मेंमेरे हृदयांगन में शीतल चांदनी के रूप मेंउतरती है।तुम्‍हारे ही रूप की प्रचुरता से आलोकितहोता हृदयांगन औरसैंकड़ों दी... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   3:54pm 10 Mar 2013
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
उलझनों के भँवर मेंफँसी जिन्‍दगी कोआज फिर एक सहारा मिल गया।हकीकत से दूरभागती उम्‍मीदों कोएक मुकाम मिल गया,अपनों से जिन्‍दगी को आज फिर एक उपहार मिल गया।नश्‍तर चुभतेजिस्‍म मेंकोई अनचाहा जख्‍म दे गया,बहती अश्रुधाराकराहती जिन्‍दगी मेंआज फिर कोई मरहम दे गया।पुल्कित से... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   2:36pm 21 Feb 2013
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
नीम तलेरेशमी जुल्‍फों की छांव मेंछनती सुनहरी धूपतुम्‍हारी बाहों में।बहतीपुरवाई नरम धूव परएक सुकूनकी तलाशतुम्‍हारे मखमली आंचल में।पल-पल गुजरता गयाअनजानी सी चाह लिएएक सन्‍नाटाघड़ी की चाल में।सुलगती सी दोपहरमुरझाई सी शामनहला गई चांदनीसियाह रात में।न सुर सजेन सा... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   2:09pm 19 Feb 2013
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
लो आया बसंतझूंम उठा अमलतासफिजाओं की मिठासलो आया रंगों का त्‍यौहार।फाल्‍गुनी बयार नेबिखेरा अबीर-गुलालतन-मन रंग लोन रहे कोई मलाललो आया रंगों का त्‍यौहार।ये गलियां और चौबारारंगों से है सराबोरमस्‍तानों की टोलीखड़ी है तेरे द्वारलिए अबीर-गुलाललो आया रंगों का त्‍यौहा... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   3:01pm 18 Feb 2013
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
रूमानी हुई लेखनी कलम खूब रोईआंसूओं सी बिखर गईस्‍याही कागज से कोरे आंचल पर।रूक गई आहिस्‍ता सेफिर चली बंजर जमीं परघबराई सी कोरे कागज पर।दृवित हुआ मनसदाएं देती खामोश सीशुष्‍क अधरों पर वाणी भी कपकापाई सी।पुलक्ति  हुआ मनआंखों में रूलाई सीइबारत को दोष देतीउठी निगाह रोई-... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   1:46pm 17 Feb 2013
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
पथराई सी थकी आंखों कोएक नज़र का सहारा दे दो।भँवर में फंसी कश्‍ती कोएक पतवार का सहारा दे दो।बह न जाएं मझधार में हमएक किनारे का सहारा दे दो।समय रू गया है तेरे इन्‍तजार मेंएक पल का सहारा दे दो।लड़खड़ा न जाएं गर कदम तेरी चाहत मेंअपनी खमोश बाहों का सहारा दे दो।सांझ ढले उतरत... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   5:52am 10 Feb 2013
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
वक्‍त काली स्‍याहीकुछ लिख गईजीन के कोरे कागज परकिताबों को संवारते-संवारतेगुजर गया दो जवां दिलों कोमिलने का वो साल....फिर चमके जुगनूंगहराई अंधेरी रात मेंभोर हुई फैला उजियाराामिटा तिमिर जीवन का कुछ नया लिखने को....फिर उठी अंगुलियांतेरे शाने परबिखरी जुल्‍फें संवारने को... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   2:11pm 13 Jan 2013
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
अधरों पर रखे पैमानेमौन क्‍यों हैंअश्‍कों से पिला दे साकीमयखाने किसके लिए हैं?बयां यू करते हैं,हम दिले दास्‍तां किताबों में लगे पन्‍नेमौन क्‍यों हैसूखे फूल इसमेंआखिर रखे किसके लिए हैं?पतंगों के जलने का सबबहमसे न पूछो यारोंजल रही बाती मौन क्‍यों है? मन मंदिर के गलियार... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   1:33pm 11 Jan 2013
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
व्‍यस्‍तता में लीनखनकती कलाओं का संगीतपुकार रहा मुझेकौन सा प्रणय गीत।आभास दिलाताहो कहीं आस-पासबज रहा तन्‍हाइयों का संगीतपुकार रहा मुझेकौन सा प्रणय गीत।न रुनझुंन न वो झन्‍कारचलता है पता नउसके आने कालिए बिन घुंघरू की पायल का संगीतपुकार रहा मुझेकौन सा प्रणय गीत।-------... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   1:30pm 10 Jan 2013
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
विक्षिप्‍त मन से शीशे कोकितना और तोड़ोगे।बिखरे इन टुकड़ों परऔर कितना चलोगे।मत रौंदो अब इतना इन्‍हेंजुबां से ये कुछ न बोलेंगे।हो सके तो इन्‍हें अब बिनवा दोगर जोड़ न सको तो इन्‍हें अब फिंकवा दो।-------... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   2:07pm 9 Jan 2013
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
अब सार्थक होंगी ये सदाएंदी थी जो अकेलेपन की वीरान गलियों से।अब आएगी फिर नए अन्‍दाज से बहार,उजड़ गई थी जो पतझड़ से।आ रहा बासन्‍ती मौसमबन कर पूर्वाई अतृप्‍त धरा की प्‍यास बुझाने।काली घटा बनकर ले अपनी बदलीउड़ चलेगा पछुवाई बनकरचीरती बयार इन्‍द्रधनुषी पथ से।-----... Read more
clicks 190 View   Vote 0 Like   2:52pm 27 Dec 2012
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
बह रही जीवन नैयाअश्‍कों की धार परबिन आंचल के पाल के।किराना कर किनारे सेफंस गए मझदार में,बिन बांहों की पतवार के।चल रही आंधियांलौट गा बसन्‍त भीसूरज की तपती तेज किरणेंहो गई चंदा की चांदनी भीबिन शरद की छावं के।तन्‍हाइयों से जज्‍ब अंधेरों सेगुज रही जिन्‍दगीजला रही रोशन... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   12:58pm 25 Dec 2012
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
आ जाओविरह के मौसम ने चकरोर बना दिया।तुम चंदा की चांदनी बनकर आ जाओ।मिन की प्‍यास ने चातक बना दियातुम बिन बादल की बरसात बन कर आ जाओ।तुन्‍हाई की रात सोने नहीं देती,तुम बिन ख्‍वाब कीनिंदिया बन कर आ जाओ।तुम्‍हारी खुरबत शिकस्‍त दे रही रही हैतुम जीत मेरी‘’विजय’’ बन कर आ जाओ।... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   3:41am 22 Dec 2012
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
सांस लेना भूल गएतुम्‍हारी यादों के आंचल में।सब कुछ खो जाए गर,पा लूंगातुम्‍हारी जुल्‍फ केघने साए में।मूँह मोड़ लूंगर दुनियां से बाबस्‍ता,सिर्फ एक तेरे दीदार के लिए।-------... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   1:59pm 20 Dec 2012
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
ले आया फागुनरंगों का त्‍यौहारहोलिका तो जल गईअहम् की होली मेंलेकिन दहक रही मन की होली।रह रहकर चटकती हैअतीत की चिंगारियांले जाते हैं लोगकुछ चुन-चुन करदहकते अंगारे तुम्‍हारी याद में।छुपा रखे हैं पहले ही सीने में दहकते अंगारे तुम्‍हारी याद केबुझ न सकेंगे न ठंडे हो सके... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   12:52pm 18 Dec 2012
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
तुम जहां होमैं वहां कहांसमय की दीवार खड़ीइन्‍तजार की बेडि़या डाल।दूरियों की पराधिनता में कैदहर पल रूका हुआ,पर जारी है जिन्‍दगी का सफरफांसले कम हो रहे हर पलपर युग-युग से बीत रहे हैं।मंजिल पास है पर करीब नहींराहें हैं पर साथी नहीं,कट न सकेगा यूं सफरपर ऐसे में कहां मिलेग... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   2:14pm 17 Dec 2012
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
रात कितना रोई तुम्‍हें ना पाकरमन को घरोदें में छिपे क्‍यों रहते हो तुमदिन बीत गया निशा के द्वार तकख्‍वाब अस किसके लिए चुराऊं।रात भी बीत गई अखियों के झरोखे से भी न आए तुमशयन शैया तुम्‍हारे स्‍वप्‍नों से भरी कहांजो अपनी आंखों में बसाऊं।तरसा दिया-तड़पा दियामोहताज कर दि... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   1:25pm 15 Dec 2012
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
शबनम् के शीतल मोतीयाद में तुम्‍हारी जलाते रहेमरहम ही नहीं जख्‍मों पर लगाने के लिए।घुट-घुट कर रही जाती हैतुम्‍हारे अहसास की वो किरणबन्‍द कमरे के किसी कोने में।तुम्‍हारी याद फिर भ्रम पैदा करती हैतुम्‍हारे करीब होने की,दुनिया के रास्‍तों से न सहीएक पल के लिए चले आओख्‍... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   3:06pm 12 Dec 2012
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
लजरते आंसूओं सेभीगे दामन में पनाह दे दोसूरज की सुनहरीबनकर गर्म किरणेंसमाने दो भीगे दामन में।सोख लूंगा बहनेसभी आंसूओं कोरोक लूंगा बहते आंसूओं कोनयनों में अपने पनाह दे दो।अपने मन मंदिर मेंआसरा दे मुझे दो,हम भी दु:खों में हमसफर हो लेंगेअपने आंचल में पनाह दे दो।बचा लूं... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   2:09pm 7 Dec 2012
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
खामोश पड़ी इन्‍तजार की चिताअब धधक उठी है।इन्‍ही के शोलो में सुलग रहा हूं मैं,एक मिलन की आस लिए।उठ चल अपने सावन के साथकाली घटा बनकर,आंचल में तुम जो समेट लाई होबरसा दे वो शबनम के मोतीअब तो कुछ राहत मिले।---- ... Read more
clicks 197 View   Vote 0 Like   1:08pm 5 Dec 2012
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
वो आई थी रात बनकरदिल बहलाने कोदिल तो बहल गयाछोड़ गई रात तड़पाने को।चुभते रहे तेरी यादों के वो नश्‍तरदर्द दिल के छिपाने को।आरजू थी एक पल साथ रहने की,छोड़ गई दुनिया के मैंदा में,शिकस्‍त खाने को।खड़ा इन्‍तजार बनकरदेख रहा राहउस अजनबी के लौट आने की।-----... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   2:30pm 26 Nov 2012
Blogger: Kr.Sanjay Singh Jadoun
एक बाररूप अपना फिर संवार लो।कंगना फिर वो पहनलो,बिंदिया हक की वो मेरीमाथे पर सजालोरूप अपना फिर संवार लो।केश वही फिर खोल दोशाम फिर यूं ही गुजर जाने दो,काजल न सही आंखों में मुझको बसा लोरूप अपना फिर संवार लो।लाली न सहीहोठो पर मेरा नाम रख लोरचने कुछ नहीं कृतिहाथों मे नाम ही ... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   9:28am 24 Nov 2012
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3916) कुल पोस्ट (192471)