Hamarivani.com

Hindi Poem (हिंदी कविता )

कुछ गलतफहमियाँ है, तेरे मेरे दरमियाँ,चल मिटा लें फासले, कुछ गुफ़्तगू कर लें,रूठी रहोगी, आखिर कब तलक,मै इधर तड़पता हूँ, और तु उधर,मेरी मौजूदगी को यूँ, नजरअंदाज ना कर,चिर जाती है सीना, देख तेरी गैरो सी नजर,चल मिटा ले फासले, कुछ गुफ़्तगू कर ले,तेरी खामोसियाँ, खंचर सी है चुभने लगी,द...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :
  December 2, 2015, 10:24 pm
आज का यह नया दौर हैसामान ऑनलाइन बेचने की होड़ हैसोचता हूँ अगर ऑनलाइन बिकने लगे ईमानतो कैसे कैसे रहेंगे दामबाबु तो रखेंगे पांच सौ से हज़ारअफसरों के होंगे लाख के पारकरोड़ो में बिकेंगे नेताओ के ईमानतो दस लाख से ऊपर रहेंगे इंजीनियरों के दामपुलिस महकमे का अपना ही एक अलग अंदा...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :
  August 2, 2015, 9:47 am
घनी अँधेरी रात हो, और तेरे ना कोई साथ होमुमकिन है कि तु डर भी जाय, जब अपना साया तुझे डराएएक पल के लिए तु कुछ सोच ले, पीछे मुड के भी देख लेअपना डर जीत ले, अपना डर जीत लेजब बात कुछ नया करने की हो, नए क्षेत्र में मुकाम हासिल करने की होसमस्या का समाधान ढूंढने की हो, या कौशल नया सीखन...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :सामान्य
  July 26, 2015, 10:21 am
कब तक जियोगे, समझौते भरी ज़िंदगीतेरी आंखें बताती है, नहीं इसमें तेरी रजामंदीअरे खुद से पूछ तो सही, तुझे क्या चाहिए ?उम्मीद जमाने से ना कर, खुद बदल जाईयेआँखों में कोई ख्वाब है अगर, तो पूरा करना सीखेअपने ख्वाब और हक के लिए, चलो लड़ना सीखेमुश्किलें तो आती है नदियों के राह में भ...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :
  June 19, 2015, 8:53 pm
जीवन में कुछ अर्थपूर्ण करेसपनों को अपने पूर्ण करेजीवन के है अपने कुछ नियमपालन से सफल होगा जीवनएक लक्ष्य का करो निर्धारणजिसका हो बार बार मनःउच्चारणसमय सीमा भी कर लो तयऔर मन में कर लो दृढ़निश्चयसमर्पण और अनुशासन सेलक्ष्य की ओर बढ़ते ही जानादर्द और कठिनाई मेंतुम ना कभी प...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :सामान्य
  June 12, 2015, 7:17 am
इन सियासत के गलियारों ने,इंसानों को बाँट दियाइनकी सियासी साजिशों नेइंसानियत का गला काट दियासियासी साजिशों कीबहुत गहरी है जड़ेधरती के कई कोनों मेंअभी भी बिखरी है धड़ेमौत के खेल कीकैसी है ये आजमाइशधरती को लाल देखने कीजैसे किसी ने की हो फरमाइशमहज एक सियासी जीत के लिएबलि ...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :सामान्य
  April 24, 2015, 7:38 pm
आओ सुनाऊँ देश का हाल कैसा बिछा यहाँ भ्रष्टाचार का जाल एक बार मै बनवाने गया प्रमाण पत्र निवास बाबु बोला निकाल रूपये पचास मिनटों में निवास तुम्हारे हाथ होगा चक्कर काटने वाली ना कोई बात होगा मैंने कहा मेरे दिए टैक्स से मिलती है तुम्हे तनख्वाह क्यों परेशान क...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :
  January 13, 2015, 12:03 pm
किसी रूठे को मनाने का, किसी का बिगड़ी बनाने काकोई रोते को हँसाने का, किसी भूखे को खिलाने काथोड़ा ही सही, पर कुछ तो चहल करे आओ पहल करे, आओ पहल करेकिसी का दर्द मिटाने का, अनपढों को पढ़ाने काकिसी को न्याय दिलाने का, बेवजह मुस्कुराने काछोटा सा ही सही, पर प्रयास सफल करेआओ पहल करे आओ ...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :
  January 6, 2015, 8:36 pm
किसी ने मुझसे कहा क्यों खामोश है इतना भुप्पीअब तोड़ भी दे अपनी चुप्पीमैंने कहा लोकतंत्र की हत्या देख रहा हूँउसके पुनर्जन्म की बाट जोह रहा हूँक्या गीता में श्रीकृष्ण की बात झूठी हो गईअधर्म ही यहाँ रीति हो गईखामोश हूँ मुझे खामोश ही रहने दोबहुत की बोलने की कोशिश अब मुझे च...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :
  December 28, 2014, 2:02 pm
जीत हार तो है, एक मामूली सी बातमूल्यवान तो है, तेरा ये प्रयास रेमुश्किलों का क्या, ये तो मिलती है हर कहीजीत जायेगा तु, मुश्किलों को सभीखुद पर तो कर विश्वास रेकर प्रयास रे, कर प्रयास रेकर मुकाबला हर हालात काआंधी तूफ़ान हो या जज्बात काना रोक कदम, डरकर के कभीहँसकर पी जा, घुट गम...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :
  September 21, 2014, 9:13 am
वर्षों से हो रही लुट पर,रिश्वत की मिली खुली छूट पर,दमनकारी निरंकुश शासन पर,बेईमान निकम्मे प्रशासन पर,चलो सवाल करते है, चलो सवाल करते है !बढ़ रही बेरोजगारी पर,घट रही वफ़ादारी पर,मजदूरो के शोषण पर,गरीब बच्चों के कुपोषण पर,चलो सवाल करते है, चलो सवाल करते है!गिरती शिक्षा स्तर...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :
  October 30, 2013, 9:10 am
लाशों की तरह जीने से तो, लड़कर मरना अच्छा है,हालातों से जो लड़ता है, वही तो वीर सच्चा है !तटस्थता में ही जीना है तो, पत्थर बन जाओ तुम, घर बैठ कुछ नहीं बदलने वाला, सड़को पर निकलना अच्छा है !अवसर की राह जो तकता है, लगता नहीं कुछ उसके हाथ ,राहों में जो नहीं रुकता है , उसका जीत तो प...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :
  September 20, 2013, 10:31 pm
आम आदमी है यहाँ परेशानमहंगाई कर रही हलाकानभ्रष्टाचार पर नहीं है लगामबेरोजगारी ले रही है जानआंख दिखा रहा चीन पाकिस्तानमौज उड़ा रहे हुक्मरानऔर हो रहा भारत निर्माण ...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :
  August 25, 2013, 9:57 am
कोई रोक ले मेरे आंसुओ को सैलाब बनने सेडरता हूँ अपने हाथ को खून से रंगने सेक़यामत हो जायेगी अगर सीने में छुपी बारूद में आग लग गयीफिर ना कहना हमें तुम्हारे कमीज में खून की दाग लग गयी ...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :
  July 4, 2013, 9:02 pm
आँखों में कोई सपना ना हो, तो जीने का मज़ा क्या है ?सपने के लिए बरबाद हुए, तो इसमें खता क्या है ?लोग कहते है पागल मुझे, मेरे हालात पर हँसते हुए इस पागल ने कुछ कर दिखाया नहीं, तो जीने का मज़ा क्या है ?यूँ तो दर्द में आँसू निकल आते है सबके पर दर्द में मुस्कुराया नहीं, तो जीने का मज...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :
  May 21, 2013, 11:39 pm
ना चमक है, ना दमक है,ना जेब में सिक्कों की खनक है ,बस पास एक कीमती ईमान है,हम आम इंसान है ! हम आम इंसान है !सूरज देख निकलते है, शाम देख मुरझातेराह में सीधे चलते है , दर दर ठोकर खातेदुनिया की चतुराई से, हम तो अनजान हैहम आम इंसान है ! हम आम इंसान है !सिल लिए है होठ, जितनी भी लगे चोटसोच...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :
  May 14, 2013, 11:57 pm
ना दान चाहिए, ना भीख चाहिएहमें स्वराज चाहिए, हमें स्वराज चाहिएलोकतंत्र बना आज लूटतंत्रफूंका हो जैसे किसी ने मन्त्ररिश्वत का हो गया एक यंत्रभ्रष्टाचार मुक्त भारत चाहिएना दान चाहिए, ना भीख चाहिएहमें स्वराज चाहिए, हमें स्वराज चाहिएन्याय के लिए भटकती प्रजाबेगुनाहों क...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :वीर रस
  March 20, 2013, 7:47 pm
कोई चीखती लबों से , कह गयी बहुत कुछकुछ नींद से जागे है, कुछ अनसुना कर गये !रोती होंगी रुंह भी, जमीं का मंजर देखकरजो उठे थे हाथ, उनपर भी खंजर चल गये !आसमां पर बैठ, सोचती होंगी वो दामिनीइन ज़मींवालो के रगों में, पानी कैसे भर गये ?आज दिल्ली में लुटेरे, बेख़ौफ़ लुटते है आबरूपर पहर...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :
  March 12, 2013, 12:25 am
कोई चीखती लबों से , कह गयी बहुत कुछकुछ नींद से जागे है, कुछ अनसुना कर गये !रोती होंगी रुंह भी, जमीं का मंजर देखकरजो उठे थे हाथ, उनपर भी खंजर चल गये !आसमां पर बैठ, सोचती होंगी वो दामिनीइन ज़मींवालो के नसों में, पानी कैसे भर गये ?आज दिल्ली में लुटेरे, बेख़ौफ़ लुटते है आबरूपर पहर...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :दर्द भरा
  March 12, 2013, 12:25 am
कोई चीखती लबों से , कह गयी बहुत कुछकुछ नींद से जागे है, कुछ अनसुना कर गये !रोती होंगी रुंह भी, जमीं का मंजर देखकरजो उठे थे हाथ, उनपर भी खंजर चल गये !आसमां पर बैठ, सोचती होंगी वो दामिनीइन ज़मींवालो के रगों में, पानी कैसे भर गये ?आज दिल्ली में लुटेरे, बेख़ौफ़ लुटते है आबरूपर पहर...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :
  March 12, 2013, 12:25 am
एक आग लगी सीने में,सबके सीने में लगाना चाहता हूँजागा हूँ मै जो अब तो ,कुछ कर गुजरने को चाहता हूँ,मै आम आदमी हूँ, मै आम आदमी हूँसौपा जिनको भी राज यहाँ,उसने ही जमकर लुट मचायाअब हमारा जीना हो गया है मुश्किल ,भ्रष्टाचार महंगाई को इतना बढ़ायाकागज के टुकडों में बिकने वालों को,ज...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :वीर रस
  December 14, 2012, 10:56 am
दिल्ली तेरी गलियों में फिर शोर होगावंदे मातरम की गूंज चहुंओर होगाकुछ ख्वाब जो अधूरे रह गए थे, पूरा करने जा रहा हूँदिल्ली मै आ रहा हूँ, दिल्ली मै आ रहा हूँपिछली बार जब हम मिले थेजागती आँखों से सपना दिखाया था मुझेउन सपनों को हकीकत में बदलने जा रहा हूँदिल्ली मै आ रहा हूँ, दि...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :वीर रस
  November 29, 2012, 3:42 pm
उनकी बेखबरी का आलम तो देखोलगी है भीषण आग उनके शहर मेंऔर वो अपने महलों में बैठमधुर तरानों का लुत्फ़ उठा रहे हैरहनुमा बनके फिरते थे हमारी गलियों मेंकहते हुए कि हर मुश्किल में साथ निभाऊंगाआज जब हमारी ज़िंदगी जहन्नुम हो गईवो कुर्सी पर बैठ मंद मंद मुस्कुरा रहे हैलंबी फेह...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :दर्द भरा
  November 23, 2012, 3:30 pm
बीच मझधार बह रहा हूँ, बिना पतवार के नाव मेंना हमसफ़र है, ना मंजिल का पतागुमसुम सा, उदास सा, बैठा हूँ इंतज़ार मेंकि आए कोई फरिस्ता और मंजिल का पता दे जायेकभी कभी लगता है, मुझमें जां नहीं है बाकीपर सर्द हवाएं मेरे जिंदा होने का अहसास करा जाती हैतन्हाई में एक पल भी गुजरता है स...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :दर्द भरा
  November 21, 2012, 3:30 pm
उस खुदा ने तो नहीं खींची थी लकीरें इस जमीं परक्यों खींच ली लकीरें तुने ऐ इंसान ?ये जानते हुए भी कि मिट्टी में मिलना है सबकोक्यों बना लिए अलग अलग शमशान ?देश, मजहब और जाति पर तो बाँट ही लियापर क्या फिर भी पूरा ना हुआ तेरा अरमान ?रंग, लिंग, भाषा और बोली के भेद काबना रहे हो नए नए क...
Hindi Poem (हिंदी कविता )...
Tag :दर्द भरा
  November 19, 2012, 3:30 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3685) कुल पोस्ट (167812)