Deprecated: mysql_connect(): The mysql extension is deprecated and will be removed in the future: use mysqli or PDO instead in /home/hamariva/public_html/config/conn.php on line 13
Prem Patrika-Hindi Poems ,Comedy,love,Dard ,Hindi Love Stories,Hindi love poems : View Blog Posts
Hamarivani.com

Prem Patrika-Hindi Poems ,Comedy,love,Dard ,Hindi Love Stories,Hindi love poems

उसकी आँखों में कितना प्यार कितनी सच्चाई दिखती मेरी कितनी चिंता थी, कितना ख्याल रखती जुदा होने की सोच के कैसे घबरा जातीऐसे गले लगती कि मुझमे समा जाती उसके प्यार रस में भीग, लगता सब सही है कल तक था उसे प्यार, आज नहीं है |कितने साल महीने हर पल उस पर मरते रहे अपनी खुशनसीबी समझ...
Prem Patrika-Hindi Poems ,Comedy,love,Dard ,Hindi Love Stories,Hindi love poems...
Tag :Bewafaai
  October 17, 2012, 8:26 pm
लहराती हो जब आँचल तो पेड़ झूमते हैंछुप छुप के देखते हम पेड़ो को चूमते हैंउन्हें पहली बार देखते हीं  मर गये थेखुद को रोग कैसा लगाकर उस दिन घर गए थेनींद में हैं मुस्कुराते, जागते हुए रोते हैपागलपन को अपने मोहब्बत का नाम देते हैं खुद की लगाई आग में हर पल ये...
Prem Patrika-Hindi Poems ,Comedy,love,Dard ,Hindi Love Stories,Hindi love poems...
Tag :love poem
  October 16, 2012, 3:56 pm
यह  न  थी  हमारी  किस्मत  कि  विसाल-ऐ -यार  होता ,अगर  और  जीते  रहते  यही  इंतज़ार  होता !ये मेरे भाग्य में नहीं था कि मैं अपने प्यार से मिल पाऊं |मुझे उस घड़ी का इंतज़ार रहता अगर मैं उस समय तक जीता |तेरे  वादे पर जिए हम तो ये जान झूठ  जाता,मैं खुशी से मर न जाती अगर ऐतबार ह...
Prem Patrika-Hindi Poems ,Comedy,love,Dard ,Hindi Love Stories,Hindi love poems...
Tag :Others
  October 15, 2012, 12:29 pm
हर शाम जब  भी  मैं  छत  पे  टहलने  जाताउसे  सामने  की छत  पे  मटकते    पाताकभी  शर्मा  के  देखती,  कभी  देख  के  शर्मातीकिताब  लिए  मुझे  देख  हमेशा कुछ  रटती  रहती |मैं  था  निपढ  मुर्ख बाल  ब्रह्मचारीवो कहाँ  कोई  साधारण  नारीलड़की  देख  तो  मुझे  आये  पसीनामोह...
Prem Patrika-Hindi Poems ,Comedy,love,Dard ,Hindi Love Stories,Hindi love poems...
Tag :comedy poems
  October 11, 2012, 2:25 pm
रूठी तो कई बार थी मुझसे ,पर इतना दर्द तो ना होता था ,जिस प्यार की खातिर किये कितने समझौते ,वो प्यार खुद में एक समझौता था |दूर होके वो मुझसे कितनी खुश है ,पहले तो यकीं नहीं होता था ,टूटे सपनो की चीखें सोने नहीं देतीं ,उसके अदाओं में खोया पहले भी कहाँ सोता था |उस घर के आते हीं मेर...
Prem Patrika-Hindi Poems ,Comedy,love,Dard ,Hindi Love Stories,Hindi love poems...
Tag :love poem
  July 12, 2012, 8:51 pm
छू कर तेरे गालों को ,क्या मिला मुझे इनकी कोमलता छीन कर बिखरा के कजरा आंसुओ से अब इन्हें और न मलिन कर हर सदमे से उबर जाऊँगा ,सदा की तरह मेरा आज भी यकीन कर |अपनी खुशियों का बलिदान देकर ,मात-पिता को खुश करने चली है जीवन जितना जटिल है, उतनी ही तू भोली पगली है इस वियोग में कितना तड़प...
Prem Patrika-Hindi Poems ,Comedy,love,Dard ,Hindi Love Stories,Hindi love poems...
Tag :love poem
  April 25, 2012, 8:35 pm
जब याद करके तेरा उदास मुखड़ा हृदय फटने लगता है और अपनी रिश्ते की अनिश्चिताओं में मन भटकने लगता है काम करते करते ,सब के सामने जब आँखों में नमी सी उभरने लग जाती है एक समझौता कर लेता हूँ रोने का भी वक्त कहाँ ,दो चार आहें भर लेता हूँ |थक कर जब तेरे कंधे पर सर रख के सोने का मन करता ...
Prem Patrika-Hindi Poems ,Comedy,love,Dard ,Hindi Love Stories,Hindi love poems...
Tag :love poem
  March 24, 2012, 11:19 pm
कितना भी यत्न कर लूंटीस है जो कम होती नहीं हैरोता है रोम रोम मेरा बस ये आँखें हैं जो रोती नहीं हैं |रोज़ सोचता हूँ कि आज सोऊंगा चैन सेओढ़ कर सपनों की चादर पावँ हो गए है लम्बे मेरेये चादर भी पूरी होती नहीं है |देख कर खुद को यकीं होता नहीं हैक्या से क्या हो गया मै ,क्या ये सही ...
Prem Patrika-Hindi Poems ,Comedy,love,Dard ,Hindi Love Stories,Hindi love poems...
Tag :love poem
  January 2, 2012, 2:55 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3710) कुल पोस्ट (171456)