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Blog: ज्ञानवाणी

Blogger: vani sharma
 जब माँ थीं तब छोटी छोटी पुरानी चीजें सहेज लेने की उनकी आदत पर सब बहुत खीझा करते थे. अनुपयोगी वस्तुओं का अंबार हो जैसे... दादी तो खैर उनसे भी अधिक सहेज लेने वाली थीं.पापा का खरीदा पहला बड़ा रेडियो, शटर वाली पुरानी टीवी, पुराने ड्रम ,बारिश के पानी में भीग कर फूली हुई चौकी, जंग... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   6:10am 27 Jul 2021 #बेतरतीबी
Blogger: vani sharma
कल इंंडिया टीवी पर अनायास ही शाहीन बाग दिख गया. अनायास यूँ कि आजकल समाचार चैनल , अखबार आदि विशेष स्थिति में ही देखती हूँ. फेसबूक के पत्रकारों की संगति में उसकी अधिक आवश्यकता भी नहीं होती क्योंकि यहाँ पक्ष / विपक्ष दोनों ही प्रभावी रूप से उपस्थित एवं मुखर भी हैं. अधिकांश व... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   5:26am 8 Mar 2020 #
Blogger: vani sharma
दो तीन दिन पहले अचानक बच्चों के चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर अपनी दुखती कमर को सम्भालते बाहर गई तो अजब नजारा दिखा. पड़ोसी के मेनगेट के अंदर वही लड़का जोर जोर चीखता हुआ रो रहा था जिसे थोड़ी देर पहले ही बची हुई मिठाई का डब्बा पकड़ाया था. दो युवकों ने एक हाथ से गेट और दूसरे हाथ से... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   6:19am 9 Jan 2020 #आँसू
Blogger: vani sharma
चित्र गूगल से साभार....सत्यनारायण पूजा पर एकत्रित परिवार की सब स्त्रियाँ पूजा के बाद सबको प्रसाद खिला अब स्वयं भी तृप्त होकर आराम करते गप्पे लड़ा रही थीं. जैसा कि अकसर महिला मंडल की बैठकों में होता है, वही यहाँ भी होने लगा. अनुपस्थित छोटी बहू के बारे में बातें करते कोई ताल... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   4:14pm 14 Nov 2019 #गप
Blogger: vani sharma
सुबह अखबार पढ़ लो या टीवी पर समाचार देख लो, मन खराब होना ही है. गलती उनकी इतनी  नहीं है, चौबीस घंटे समाचार दिखाने वाले  दो चार घंटा अपराध की खबरें न दिखायेंगे तो क्या करेंगे!अपराध की सूचना देना आवश्यक है मगर जिस तरह दिखाये या लिखे जाते हैं, उन लोगों की मानसिकता पर  दुख औ... Read more
clicks 311 View   Vote 0 Like   3:02am 9 Jul 2019 #अपराध
Blogger: vani sharma
स्कूल से आते ही बैग पटक दिया काया ने. मोजे कहीं, जूते कहीं . बड़बड़ाती माला ने सब चीजें ठिकाने रखीं और बैग से निकाल कर डायरी देखने लगी.क्लास टीचर ने पैरेंट्स को मिलने का नोट डाला था. सिहर गई एकबारगी माला.ओह! अब क्या गलती हुई होगी!पिछले कुछ समय से स्कूल से आने वाली  शिकायतें उ... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   4:25am 5 Jul 2019 #कहानी
Blogger: vani sharma
जब हम छोटे थे. हाँ भई! हम भी छोटे मतलब बच्चे थे कभी. आज बड़े हो गये अपने बच्चों से कहो तो पेट पकड़ कर हँस ले यह कहते हुए कि इमेजिन ही नहीं होता कि आप लोग भी बच्चे थे.मजाक में कही बात मगर गंभीर ही है. हम नहीं सोच पाते अपने बड़े बुजुर्गों के लिए कि उनका भी कभी बचपन , लड़कपन या युवावस्थ... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   4:20am 17 Jun 2019 #ब्लॉग
Blogger: vani sharma
हमारी पीढ़ी का रेडियो से प्यार कुछ अनजाना नहीं है. यदि आजकल बच्चों को पता चले कि रेडियो सिलोन सुनने के लिए रेडियो को  घर में सबसे ऊँची जगह रखकर उससे कान सटा कर भी सुना जाता था तो हँस हँस कर दोहरे हो जायें.मुझे याद है कि राह चलते सरगम फिल्म का डफलीवाले गाना कान में पड़ा तो हम... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   2:34am 3 May 2019 #कविता
Blogger: vani sharma
कल सुबह किसी कार्य से घर से बाहर जाना हुआ. शाम तक वापस लौटी तो बाहर बरामदा बड़े तिनकों, नीम की ताजा पत्तियों और फूलों, धागे के छोटे, लंबे टुकड़े आदि से भरा पड़ा था. कल ऐसी कोई आँधी भी नहीं थी कि कचरा उड़ कर इस प्रकार इकट्ठा हो जाये. चीं चीं की आवाज सुनकर उपर देखा तब सब माजरा समझ आय... Read more
clicks 94 View   Vote 0 Like   9:01am 17 Apr 2019 #घोंसला
Blogger: vani sharma
अपने घर /गांव / शहर से बाहर जाने वालों  के मामले में हमारे भारतीय परिवारों में दोहरी मान्यताएं चलती हैं।  पहला प्रश्न यही होता है - खाने का क्या होगा (यदि लड़का है और वह भी अविवाहित  तो ) और यदि लड़की है तो कैसे रहेगी , वहां कोई जानने वाला है या नहीं  आदि।  इस पहली चिंता स... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   6:16pm 28 Mar 2019 #
Blogger: vani sharma
          नहर के गणेशजी, जयपुरहिंदू धार्मिक परंपरा में स्वस्तिक चिंह बहुत महत्व रखता है. गणेश पुराण के अनुसार स्वस्तिक गणेश का ही एक रूप माना जाता है इसलिए किसी भी भी प्रकार की पूजा (दैनिक या विशेष) में शुभ की कामना और प्रार्थना के साथ स्वस्तिक चिंह अंकित किया जाता र... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   10:12am 19 Jan 2019 #जयपुर
Blogger: vani sharma
आपको पता है न. उसने जीवन भर हमारे साथ कितना बुरा व्यवहार किया. कभी हमारी तो क्या बच्चों की शक्ल तक नहीं देखी. कभी होली दिवाली नमस्कार करने जैसा भी नहीं. फिर भी हम सब भुलाकर रिश्ता निभाते रहे.हाँ. बात तो आपकी सही है. हमारे साथ भी उसका यही व्यवहार था.पर उस दिन उसकी गलती थी. कित... Read more
clicks 227 View   Vote 0 Like   8:38am 23 Oct 2018 #जीवन
Blogger: vani sharma
एक भाई था. उसकी एक बहन थी. भाई का नाम जोठो और बहन का नाम धोधां. उसने अपनी पत्नी से कहा कि मैं गया जी जा रहा हूँ श्राद्ध के लिए, मेरी बहन को पन्द्रह दिन तक अच्छी तरह जिमाना. भाई गयाजी चला गया. भाभी रोज ननद को बुलाती और दो रोटी देकर भेज देती. एक दिन उसके पिता का श्राद्ध था तो उस द... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   2:12am 26 Sep 2018 #पुत्री
Blogger: vani sharma
कल एक शोक सभा से लौटते हरियाणा के एक कथित बाबा (जो फिलहाल जेल में हैं) की शिष्या टकरा गईं. अपनी सखी को बाय/विदा/खुदा हाफिज़/राम राम/राधे राधे की बजाये सत् और जाने क्या बुदबुदाई. इसी ने मुझे चौंकाया. मैंने पूछा अभी तुमने अभी क्या कहा . वह फिर बुदबुदाई . मुझे फिर भी समझ नहीं आया त... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   3:18am 23 Sep 2018 #कबीर
Blogger: vani sharma
(चित्र गूगल से साभार)क्या आपको याद है कि अपने बचपन में विवाह, सगाई, बच्चे के जन्म, जड़ूला आदि पर होने वाले जीमन में नीचे बैठकर पंक्ति में खाना होता था .अभी भी कई स्थानों पर, अवसरों पर ऐसा जीमन होता है . खाना भी वही एक - सा . पूड़ी- सब्जी , रायता, बूँदिया , नमकीन.... थोड़ा ज्यादा अच्छा ज... Read more
clicks 191 View   Vote 0 Like   11:46am 16 Jul 2018 #जीमन
Blogger: vani sharma
कुछ समय पूर्व वृंदावन से पधारे कथा वाचक से राम कथा को सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ . गृह कार्यों से फारिग होकर लगातार सुन पाना संभव भी नहीं इसलिए बीच के कुछ समय का लाभ लेकर ही उत्साहित अथवा कृतज्ञ समझ लिया जाए।पूर्ण समय न दे पाने का सिर्फ यही कारण है ,ऐसा भी नहीं कहा जा सक... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   4:52am 1 May 2018 #धर्म
Blogger: vani sharma
शहर के मुख्य बाजार की  पैदल तफरी, आभासी दुनिया की चर्चाओं और विवाद के बीच भावनाओं का कॉकटेल....कल #जयपुर के #चौड़ा रास्ता स्थित बाजार में पैदल चहल कदमी करते हुए #साहू की चाय  पीते बच्चों से उस समय की बात होती रही जब कभी इस बाजार के बीच से पैदल चलते सामान्य जन , पालकी में या अ... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   9:38am 20 Nov 2017 #चित्तौड़
Blogger: vani sharma
पंडित जो कि अपनी आजीविका मंदिरों में पूजा पाठ कर मिलने वाली दान दक्षिणा से ही चलाते रहे थे, उनका आदर सत्कार कर विभिन्न अवसरों पर भोजन की व्यवस्था समाज करता रहा...अभी भी बहुत से पंडित ऐसे हैं जो सिर्फ मंदिरों में साफ सफाई पूजा पाठ कर अथवा विभिन्न #यजमानों के यहाँ पूजादि कर... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   8:46am 12 Sep 2017 #दान
Blogger: vani sharma
समाज में बुजुर्गों की दुर्दशा पर हम अकसर बात करते हैं, चिंता जताते हैं. सही भी है . बुढ़ापे में जब व्यक्ति अर्थ और शरीर से लाचार होता है ,सहानुभूति स्वाभाविक है ही....और कई बार परिवार वाले उनका सब धन हथिया कर उनको बदहाल कर रखते हैं .....हमारी संस्कृति में माता पिता के उच्चतम स्थ... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   2:29am 8 Jun 2017 #सामाजिकता
Blogger: vani sharma
आज फिर से दरवाजे पर दस्तक थी खाना माँगने वाले की...एक बच्चा गोद में एक अँगुली पकड़ा हुआ....कानों में , गले में,  पैरों में आभूषण पहने हुए युवती को माँँगते देख दिमाग गरम होना ही था और मेरी किस्मत भी अच्छी थी कि वह मेरी बात सुनने को तैयार भी हो गई....तुम्हें शर्म नहीं आती ....तुम्हे... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   4:33pm 11 Jan 2017 #भीख
Blogger: vani sharma
लेखक अपनी मर्जी से तथ्यों को तोड़ता मरोड़ता है ही कहानी को अपने मन मुताबिक लिख पाने के लिए !एक पहलू यह है कि कई लेखकों को देखा है जो वो लिखते है , वो स्वयं हैं नहीं ...इसलिए मेरा तर्क होता है कि यह कत्तई आवश्यक नहीं कि लेखक के आचरण का असर उसके लेखन पर भी हो ...दूसरा पहलू देखे तो ... Read more
clicks 207 View   Vote 0 Like   2:08am 18 Sep 2016 #फेसबुक विचार विमर्श
Blogger: vani sharma
काव्य संकलन - देहरी के अक्षांश परडॉ. मोनिका शर्मादेहरी घर के मुख्य द्वार पर बनी हुई थोड़ी सी ऊँची नाममात्र की दीवार जो घर और बाहर की दुनिया के बीच की स्पष्ट विभाजक रेखा प्रतीत होती रही है .उस देहरी का पूजन कर उसके मान मर्यादा सम्मान की रक्षा का प्रण ले  बेटी घर से विदा हो... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   1:05pm 11 Mar 2016 #डॉ. मोनिका शर्मा
Blogger: vani sharma
मध्यप्रदेश से गर्मी की छुट्टियों में धर्मेन्द्र अपने भाई के पास यहाँ आया हुआ है. मिस्त्री का काम करता है उसका भाई . सात भाई बहनो में सबसे छोटा धर्मेंद्र नवीं कक्षा में पढता है. गर्मी की छुट्टियों का उपयोग परिवार की अतिरिक्त आमदनी में मदद करता है. उसका भाई पास में ही दूसर... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   2:56am 17 Jun 2015 #मेहनतकश
Blogger: vani sharma
मणिपुर में इतने सैनिक मरे.कश्मीर में उग्रवादियों ने पर सेना के काफिले पर हमला किया.छत्तीसगढ में कैम्प पर धावा बोला . बारुदी सुरंग में उडा दी गई जीप मे इतने शहीद हुए. अपने शरीर के अँगो को खो बैठने वालों की तो सूचना भी नहीं मिलती.इक्का दुक्का रोज मरने वालों की तो ऐसे भी को... Read more
clicks 304 View   Vote 0 Like   7:16am 7 Jun 2015 #राष्ट्रवाद
Blogger: vani sharma
एक दोपहर रसोई में घुसते हुए  बाहर खुलने वाले जाली के दरवाजे से बेटी को बाहर के मेन गेट से किसी चीज का तेजी से गमलों की तरफ़ बढने की एक झलक सी दिखी. उत्सुकता लिये दरवाजा खोल कर बाहर जाने का उपक्रम किया मगर पुनः साँप साँप  चिल्लाते लौट पडी. एकबारगी मुझे यकीन नहीं हुआ कि उ... Read more
clicks 258 View   Vote 0 Like   5:12am 4 Jun 2015 #चिड़िया
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