POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: गीत मेरे ........

Blogger: vani sharma
राजनीतिकी चौसर पर बिछती हैं बिसातें नैतिकशास्त्र की बलिवेदी पर गृहविज्ञान का समीकरण गड़बड़ाता है  रिश्तों  का रसायन नफा नुकसान के गणितमें उलझ कर स्वार्थपरकता के अर्थशास्त्र से परिभाषित हो समाजशास्त्र के निर्देशों पर  देह के भूगोलतक सिमटता है तब भौतिकीके मा... Read more
clicks 191 View   Vote 0 Like   4:12am 6 Jul 2012 #प्रेम के विषय
Blogger: vani sharma
मृगतृष्णातपते मरुस्थल मेंरेत के फैले समंदर परप्यासे पथिक कोमृगतृष्णा  भरमाती है शहरों मेंकोलतार सनी सड़कें भीभरी दुपहरी मेंभ्रम का संसार रचाती है ...प्रकृति का कोई खेल या भ्रमयूँ ही नहीं होता ...प्रकृति रच कर मायासचेत रहना सिखाती है ...सीख सके मानव इनसेजीवन के दुष्कर प... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   1:43am 8 Jun 2012 #आशु कविता
Blogger: vani sharma
वह एक नदी थीजब तुमसे मिली थीबहती थी अपनी रौ मेंकल-कल करती....कूदती फांदती ...प्यार की फुहारों से भिगोतीइठलाती थी इतराती थीचंचल शोख बिजली सी बल खाती थीपर...तब तुम्हे कहाँ भाती थीराह में इसके कंकड़ पत्थर भी तो थेकुछ सूखे हुए फूल कुछ गली हुई शाखाएं भी तो थीकु... Read more
clicks 238 View   Vote 0 Like   11:44pm 26 May 2012 #डेली न्यूज़
Blogger: vani sharma
सुपात्र होने पर भी  जिनकी जीभ नहीं लपलापायीमुफ्त का सामान देखकर किया हो जिन्होंने न्याय पर विश्वास मुफ्त बांटे जाने वाली लाईन में बिना धक्का मुक्की किये अगली पंक्ति  को लंगड़ी मार कर गिराए बिना अपनी बारी का करते इंतज़ार रह गये जो सबसे पीछे ...उनका नंबर आने तक खाली ... Read more
clicks 176 View   Vote 1 Like   1:59am 23 May 2012 #विसंगति
Blogger: vani sharma
कही किसी छोटे से घर में नन्हे हाथों से बनाये  कार्ड बगिया से तोड़ लिया गया एक फूल गुल्लक के पैसों से खरीदी चॉकलेट या माँ के बालों के लिए क्लचरगले में बाहें डाल कर गालों से गाल सटाकर गीली छाती से गर्वोंन्मत नन्हे मुन्नों को दुलारते निहाल हुई जायेगी कोई माँ !ऐसे ही कि... Read more
clicks 216 View   Vote 0 Like   11:40pm 12 May 2012 #माँ
Blogger: vani sharma
प्रेमके विस्तृत आकाश में खुशियों की पींगे झूलताकुलांचे भरता मन ठिठक जाता है ...जब उसकी आँखों में प्रेम के बदले नजर आता है सिर्फ एक जानवर !! जिसे उसकी काया के भीतर पलते मन की ना खबर , ना फिक्र ...ढूंढता है सिर्फ एक शरीर बिना कीमत चुकाए पा सकता है जिसे बार -बार !!उसकी काया में चुभ... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   1:16am 13 Apr 2012 #दर्द की अनुभूति
Blogger: vani sharma
क्या हम मात्र ब्लॉगर हैं या भावनाओं के अनुभवों के सूत्रधार भी !हम आपस में मिलते हैं जिन एहसासों को जीते हैं दो शब्दों का रिश्ता जोड़ते हैं वह ईश्वर का आशीष है निरर्थक गौण साथ नहीं बस समझना है एक दूसरे को बारीकी से और थाम लेना है हाथ फिर ...अकेलापन नहीं होगा दर्द को नया आयाम... Read more
clicks 260 View   Vote 1 Like   12:32am 15 Mar 2012 #अनुगूँज
Blogger: vani sharma
खूबसूरत स्मृतियाँ तो अंगराग -सी ही हैं जो छूट जाने पर भी खुशबू और रंगत ही देती हैं ...फिर भी कभी किसी शाम तन्हाई आकर करीब बैठ जाए तो फिर तन्हाई , शाम , उदासी और हम ...फिर तन्हारहा कौन !!हर रोज क्षितिजपर जब धरती आसमान से गले मिल कर जुदा होती है ...आसमान में घिर रहा हल्का अँधेरा शाम ... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   2:13am 22 Feb 2012 #उदास तन्हा शाम
Blogger: vani sharma
कोयल कुहुक मधुर कानों में पवन छेड़े आँचल लहराएकहीं लबों पर दहके पलाश कही मन आलापिनी ना हो जाए !सूरज महुए -सा महका है धरा पीले आँचल शरमाये नीले बादल ओस झर रही कहीं मन हरी दूब ना हो जाए!कहीं कुसुमित कानन नयनों मेंमन कहीं तितली बन जाए !पल्लवित वृक्ष सा मौन आमंत्रण कहीं मन व... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   1:24am 30 Jan 2012 #गीत
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3968) कुल पोस्ट (190532)