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ज़िक्र-ए-ख़याल

दुष्यंत कुमार की सर्वाधिक चर्चित ग़ज़ल ...इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है,नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो हैएक चिंगारी  कही से ढूंढ लाओ दोस्तोइस दिए में तेल से भीगी हुई बाती तो हैएक खंडहर के हृदय-सी, एक जंगली फूल-सी,आदमी की पीर गूंगी ही सही, गाती तो हैएक चादर सांझ ने स...
ज़िक्र-ए-ख़याल...
Tag :दुष्यंत कुमार
  September 20, 2012, 4:15 pm
 घर से बाहर निकलने के बाद आदमी ऐसे काम भी कर जाता है, जो उसने कभी न किए हों। करता भी न हो लेकिन दिमाग में ख्याल तो पाल ही लेता है। हमारे लिए मॉर्निंग वॉक जैसी चीजें इसी श्रेणी में आती हैं। अभी कुछ दिनों पहले की बात है, हम एक कम आबादी वाले शहर के मकान की ऊपरी मंजिल में रह रहे थ...
ज़िक्र-ए-ख़याल...
Tag :जरूर पढिए...
  June 14, 2012, 5:47 pm
कुदरत ने हर प्राणी को बड़े करीने से बख्शा है उसी के अनुरूप उसकी क्षमताएं भी निर्धारित की हैं.क्या आपने कभी सोचा है कि ईश्वर ने जिस प्राणी को जो भी दिया है या जैसी भी शक्ल दी है वह एकदम सटीक है. भगवान ने इंसान को जैसा बनाया है या फिर जैसी भी क्षमताएं दी हैं वह एकदम उचित है. च...
ज़िक्र-ए-ख़याल...
Tag :खुरापात
  June 2, 2012, 3:30 pm
जब-जब भ्रष्टाचार से मुकाबला करने की बात आती है तो हम एक ऐसे समाज की कल्पना करने लगते हैं जहां भ्रष्टाचार नाम का शब्द  ही न हो, लेकिन जब हम खुद  भ्रष्टाचार का सहारा लेते हैं तो इससे मुंह भी नहीं मोड़ पाते हैं। फर्क केवल इतना है कि जब हम स्वयं किसी काम को निपटाने के लिए अतिरिक...
ज़िक्र-ए-ख़याल...
Tag :जरूर पढिए...
  May 29, 2012, 6:12 pm
कभी दर्द दबाया कभी अश्क उमड़ते चले गएकई-कई गुबार बारहा दिल में घुमड़ते चले गएहुस्न-ओ-अदा-ओ-इज्जत पे कुबार्नियों का पाठइस ख़ैरात-ए-विरासत में पांव गड़ते चले गएकोई नयी बात नहीं, है ये फितरत लोगों की पुरानी वो इंसानियत के नाम पे जज्बात उधड़ते चले गएथी बात अक्ल की उनके लिए, लाजिम ...
ज़िक्र-ए-ख़याल...
Tag :बस यूं ही......
  May 23, 2012, 3:55 pm
हाथ मेरे छोटी-सी डलिया होतीं जिसमें फूल की कलियांजाती थी मैं जब बन-ठन कर होली-दिवाली गांव में घर-घरजो तब था अब छूट गयावक्त का दामन छूट गयाआज कहानी किसे सुनाऊं क्यों वो बचपन रूठ गया,गर्मी के मौसम में पेड़ों पर चिड़िया का आशियां बनाना चतुर गिलहरी पर छुप-छुप करपिचकारी से रंग ...
ज़िक्र-ए-ख़याल...
Tag :यादें...
  May 22, 2012, 6:19 pm
प्रिय मित्रों इन चित्रों में कुछ  आंखें हैं आपकों यह बताना है कि ये आंखें किन -किन जानवरों प्राणियों  की हैं तो चलिए पहचानिए जरा................
ज़िक्र-ए-ख़याल...
Tag :खुरापात
  May 15, 2012, 5:17 pm
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