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Blog: ज़िक्र-ए-ख़याल

Blogger: dimple sirohi
दुष्यंत कुमार की सर्वाधिक चर्चित ग़ज़ल ...इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है,नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो हैएक चिंगारी  कही से ढूंढ लाओ दोस्तोइस दिए में तेल से भीगी हुई बाती तो हैएक खंडहर के हृदय-सी, एक जंगली फूल-सी,आदमी की पीर गूंगी ही सही, गाती तो हैएक चादर सांझ ने स... Read more
clicks 242 View   Vote 0 Like   10:45am 20 Sep 2012 #दुष्यंत कुमार
Blogger: dimple sirohi
 घर से बाहर निकलने के बाद आदमी ऐसे काम भी कर जाता है, जो उसने कभी न किए हों। करता भी न हो लेकिन दिमाग में ख्याल तो पाल ही लेता है। हमारे लिए मॉर्निंग वॉक जैसी चीजें इसी श्रेणी में आती हैं। अभी कुछ दिनों पहले की बात है, हम एक कम आबादी वाले शहर के मकान की ऊपरी मंजिल में रह रहे थ... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   12:17pm 14 Jun 2012 #जरूर पढिए...
Blogger: dimple sirohi
कुदरत ने हर प्राणी को बड़े करीने से बख्शा है उसी के अनुरूप उसकी क्षमताएं भी निर्धारित की हैं.क्या आपने कभी सोचा है कि ईश्वर ने जिस प्राणी को जो भी दिया है या जैसी भी शक्ल दी है वह एकदम सटीक है. भगवान ने इंसान को जैसा बनाया है या फिर जैसी भी क्षमताएं दी हैं वह एकदम उचित है. च... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   10:00am 2 Jun 2012 #खुरापात
Blogger: dimple sirohi
जब-जब भ्रष्टाचार से मुकाबला करने की बात आती है तो हम एक ऐसे समाज की कल्पना करने लगते हैं जहां भ्रष्टाचार नाम का शब्द  ही न हो, लेकिन जब हम खुद  भ्रष्टाचार का सहारा लेते हैं तो इससे मुंह भी नहीं मोड़ पाते हैं। फर्क केवल इतना है कि जब हम स्वयं किसी काम को निपटाने के लिए अतिरिक... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   12:42pm 29 May 2012 #जरूर पढिए...
Blogger: dimple sirohi
कभी दर्द दबाया कभी अश्क उमड़ते चले गएकई-कई गुबार बारहा दिल में घुमड़ते चले गएहुस्न-ओ-अदा-ओ-इज्जत पे कुबार्नियों का पाठइस ख़ैरात-ए-विरासत में पांव गड़ते चले गएकोई नयी बात नहीं, है ये फितरत लोगों की पुरानी वो इंसानियत के नाम पे जज्बात उधड़ते चले गएथी बात अक्ल की उनके लिए, लाजिम ... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   10:25am 23 May 2012 #बस यूं ही......
Blogger: dimple sirohi
हाथ मेरे छोटी-सी डलिया होतीं जिसमें फूल की कलियांजाती थी मैं जब बन-ठन कर होली-दिवाली गांव में घर-घरजो तब था अब छूट गयावक्त का दामन छूट गयाआज कहानी किसे सुनाऊं क्यों वो बचपन रूठ गया,गर्मी के मौसम में पेड़ों पर चिड़िया का आशियां बनाना चतुर गिलहरी पर छुप-छुप करपिचकारी से रंग ... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   12:49pm 22 May 2012 #यादें...
Blogger: dimple sirohi
प्रिय मित्रों इन चित्रों में कुछ  आंखें हैं आपकों यह बताना है कि ये आंखें किन -किन जानवरों प्राणियों  की हैं तो चलिए पहचानिए जरा................ Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   11:47am 15 May 2012 #खुरापात
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