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Blog: एक जीवन एक कहानी

Blogger: Anita nihalani
प्रातःके साढ़े छह बजे हैं. घर में इतनी आवाजें हैं कि मन को एकाग्र कर पाना मुश्किल लगता है. नीचे बाबूजी के कमरे में उच्च स्वर में बजता ट्रांजिस्टर, साथ वाले घर में झाड़ू और बाल्टी की उठापटक की आवाजें, उस घर की महिला शायद घर धो रही हैं. ऊपर से ननद और पड़ोसी के बच्चे की जोर-जोर ... Read more
clicks 258 View   Vote 0 Like   8:04am 20 Sep 2012 #शोर
Blogger: Anita nihalani
आजसुबह से अब समय मिला है, उसका खत नहीं आता जिस दिन कैसा अधूरा-अधूरा लगता है और फिर आज तो हल्का सा दर्द भी है. उदासी भरा माहौल, उखड़ा-उखड़ा सा मन फिर जून की बेतहाशा याद...कितना ख्याल रखता था वह ऐसे में. जाने कैसा होगा. एकाएक वोल्टेज काफी तेज हो गया है. सोनू का विकास जिस तरह यहाँ ... Read more
clicks 236 View   Vote 0 Like   9:34am 19 Sep 2012 #खत
Blogger: Anita nihalani
आजसुबह घर में सत्यनारायण की कथा हुई थी, दिन भर उसकी सुगंध फैली रही. नन्हा भी आज जल्दी उठ गया था, शाम को उसे लेकर माँ के साथ गंगा घाट तक गयी, वह बेहद खुश था, नदी को देखते ही दूर से बोला, गंगा जी ..वापसी में जैसे ताकत भर गयी थी उसमें. इस समय रात्रि के साढ़े आठ बजे हैं, ननद ने पेठे की ... Read more
clicks 248 View   Vote 0 Like   8:29am 18 Sep 2012 #बंदर
Blogger: Anita nihalani
कलजून को पत्र लिखा, कहीं वह नाराज न हो गए हों कि उसने उन्हें मेस ज्वाइन करने को कहा, अब यह तो उनका पत्र आने पर ही मालूम होगा. उसे पूरी आशा है आज उसका पत्र भी आयेगा. सुबह पांच बजे से पहले ही उसकी नींद खुल गयी उमस और गर्मी के कारण. उसने सोचा आज रात से यहीं छत पर सोयेगी जब सुबह छत प... Read more
clicks 244 View   Vote 0 Like   5:08am 17 Sep 2012 #बंदर
Blogger: Anita nihalani
सुबहके साढ़े छह बजे हैं, कुछ देर पहले वह नन्हे को उठाकर ऊपर ले आयी है, नीचे का कमरा इतना गर्म था कि उसे वहाँ छोड़ने का उसका मन नहीं हुआ. उसकी बुआ को भी उठाकर आयी थी, पर वह अभी तक सोयी है. कल जून के दो पत्र मिले, उसने जवाब भी दे दिये. हँसेगा वह पढ़कर शायद दो पल के लिए उदास भी हो जाय... Read more
clicks 257 View   Vote 0 Like   8:39am 15 Sep 2012 #गर्मी
Blogger: Anita nihalani
ग्यारहबजने में बीस मिनट, सुबह छह बजे उठने के बाद अब एक मिनट हुआ,बैठी है, डायरी लिखने का बहाना है, पैर कुछ विश्राम चाहते हैं और मन भी एक जगह रुक कर कुछ सोचना चाहता है. आज शायद जून का पत्र आये. कल दोपहर और फिर शाम को कितने घंटे व्यर्थ किये, स्वेटर का गला बनाने में, पर अभी तक नहीं ... Read more
clicks 290 View   Vote 0 Like   7:38am 14 Sep 2012 #विश्राम
Blogger: Anita nihalani
खतआया है, ठीक से पहुंच गए थे, एक दिन लेट होने से कोई समस्या नहीं हुई क्योंकि जीएम नहीं थे. मार्च का अंतिम दिन, फागुन का अवसान, अप्रैल का महीना यानि गर्मियों की शुरुआत ! आज सुबह पांच बजे उठी, नन्हा भी साथ ही उठ गया पर आधे घंटे बाद फिर सो गया. इस वक्त खेल रहा है ऊपर मकान मालिक की छ... Read more
clicks 254 View   Vote 0 Like   5:33am 13 Sep 2012 #साबुन
Blogger: Anita nihalani
आजउन्हें यहाँ पूरा एक हफ्ता हो गया, बाजार गयी थी, किताब तो मिली नहीं..कला संकाय के लिए थी वह किताब वैसे फार्म में तो ऐसा कोई वर्गीकरण नहीं था. अगले हफ्ते विज्ञान संकाय की पुस्तक भी आ जायेगी ऐसा दुकानदार ने कहा तो है. कल रात उसने पत्र लिखा, कल संभवतः उसका पत्र भी आयेगा, थोड़ा-... Read more
clicks 260 View   Vote 0 Like   8:39am 12 Sep 2012 #बाजार
Blogger: Anita nihalani
कलजून ने उसे ‘शांतला पट्ट महादेवी’ उपन्यास के चारों भाग लाकर दिए. कुछ वर्ष पूर्व इसका एक भाग उसने पढ़ा था, आगे पढ़ने की बहुत इच्छा मन में थी. कहीं मिला ही नहीं, और अब पढ़ने बैठती है तो किताब छोड़ने का मन ही नहीं होता. कल शाम वे काली बाड़ी गए. सोनू को बहुत अच्छा लगा बाद में बा... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   5:08am 11 Sep 2012 #गर्मी
Blogger: Anita nihalani
Staying okअच्छी किताब है, अभी तो आधा ही पढ़ा है और अभी पूरी तरह लगकर जिसे पढ़ना कहते हैं, उस तरह नहीं पढ़ पाती है, फिर भी मन में कहीं अंदर तक छू जाती हैं उसमें लिखी बातें, व उदाहरण. Family medical guide भी जून ने लाकर दी थी जब वह अस्वस्थ थी,अभी उसे भी पढ़ा नहीं है. कल जून फिर गया, जन्मदिन वाले घर मे... Read more
clicks 244 View   Vote 0 Like   7:48am 10 Sep 2012 #दिनचर्या
Blogger: Anita nihalani
आजउसकी नाराज सखी अपने परिवार के साथ घर गयी है, उसने सोचा, जब वह वापस आयेगी तब शायद भूल जाये और उनके सम्बन्ध पहले की तरह हो जाएँ. आज फिर वर्षा हो रही है, ठंड भी बहुत है, बिल्कुल पालक के पकौड़े खाने का मौसम है. लेकिन वे बाजार नहीं जा पाएंगे, कल भी नहीं जा पाए थे. नन्हे ने आज ठीक से... Read more
clicks 226 View   Vote 0 Like   7:08am 8 Sep 2012 #पालक
Blogger: Anita nihalani
फिरबदली छाई है आज, बस दो दिन धूप निकली, ठंड भी कितनी बढ़ गयी है. कल शाम वह थोड़ी देर के लिये उदास हो गयी थी फिर सोनू की किसी बात पर हँसी तो बस... जैसे सारी उदासी छंट गयी. उसे थोड़ा सा प्यार करो तो कैसा खुश हो जाता है, नन्हा फरिश्ता ही तो है वह उसका, कितनी प्यारी-प्यारी बातें करता ... Read more
clicks 216 View   Vote 0 Like   5:36am 7 Sep 2012 #हृदय
Blogger: Anita nihalani
कलवे चले गए, अभी तो ट्रेन में होंगे, कल शाम को जाकर पहुंचेंगे. कल से समय अच्छा ही बीत रहा है, शाम को उसकी सखी आ गयी थी, उसके पति भी दिल्ली गए हैं. सुबह वह उसके घर गयी और अभी वह फिर आयेगी. सुबह से लगातार होती वर्षा के कारण मौसम बहुत ठंडा हो गया है. जून कह कर गए हैं कि वह दोनों घरों ... Read more
clicks 254 View   Vote 0 Like   7:46am 5 Sep 2012 #ट्रेन
Blogger: Anita nihalani
नन्हेंको सुलाने में उसे एक घंटा लग गया, गोदी में लेकर सुलाने से उसका सूट कितना क्रश हो गया है, कभी-कभी इतनी कहानियाँ सुनने पर भी उसका मन नहीं भरता. जून के सहकर्मी जिनका पुत्र उनके साथ रह रहा था, वापस लौट आये हैं, एक रबर प्लांट लाए हैं उनके लिये, अच्छा लगेगा जब बड़ा हो जायेगा.... Read more
clicks 218 View   Vote 0 Like   7:16am 4 Sep 2012 #रबर प्लान्ट
Blogger: Anita nihalani
नयावर्ष शुरू हो गया है. इस वर्ष में पहली बार लिखते समय उसके अंदर मिश्रित भावनाएँ हैं. जून से बार-बार कहकर उसने यह डायरी मंगवाई है, जब नहीं मिली थी तो उसे दुःख भी हुआ था और सोचा कि अब यदि मिली भी, तो भी नहीं लिखेगी, पर उसने इस पर दो बोल (वह भी लिखवाये) लिख दिए हैं तो लगता है कि अब ... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   8:16am 3 Sep 2012 #डायरी
Blogger: Anita nihalani
रातके ग्यारह बजने वाले हैं, माँ अभी तक रसोईघर में हैं, पिता पानी भर रहे हैं, ननद पास के घर में है. शाम को बिजली का वोल्टेज बहुत कम था, बल्ब भी मद्धिम जल रहा था. अब जाकर वोल्टेज बढ़ा है. दिन में वे लोग बाहर गए थे, नन्हा दिन भर नहीं सोया, सो नौ बजे ही सो गया, पिछले तीन-चार दिन से वह ठ... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   5:05am 1 Sep 2012 #बल्ब
Blogger: Anita nihalani
कलजून के दो पत्र मिले, एक उसके मायके के शहर से लौट कर आया हुआ और एक वहीं से लिखा हुआ, वह बाद में उससे मिलने वहाँ गए थे. कल रात बहुत वर्षों बाद उसने अपनी एक पुरानी मित्र को स्वप्न में देखा, अभी उस दिन शादी में किसी से उसके बारे में बात की थी, सचमुच वैसी ही थी जरा भी नहीं बदली. सभी... Read more
clicks 227 View   Vote 0 Like   5:16am 31 Aug 2012 #दुर्घटना
Blogger: Anita nihalani
जूनका और पत्र नहीं आया. आज दोपहर छोटे भाई की शादी का कार्ड मिला, जो खुशी सामान्य हालातों में होती वह महसूस नहीं हुई, फिर भी कार्ड हिंदी में है, उन सभी का नाम है, देखकर अच्छा लगा, शादी में जायेगी. सोनू के लिये यह एक अवसर होगा, उसके जीवन की दूसरी शादी, पहली बार बुआ की शादी में वह ... Read more
clicks 269 View   Vote 0 Like   10:05am 30 Aug 2012 #कार्ड
Blogger: Anita nihalani
दो सप्ताहबाद उसे कुछ लिखने का समय और सुविधा मिली है. यहाँ आये इतने दिन बीत गए, जून वापस असम चले गए. सभी रिश्तेदार भी एक-एक करके चले गए. अब घर खाली हो गया है. आज छोटी ननद भी कॉलेज गयी है. नन्हा ऊपर खेल रहा है अपने दादाजी के साथ. दादी-दादा दोनों का मन स्नेह का असीम सागर है, कितना ग... Read more
clicks 243 View   Vote 0 Like   7:40am 29 Aug 2012 #चमत्कार
Blogger: Anita nihalani
कलअंततः वह चिर-प्रतीक्षित टेलीग्राम मिला. भेजे जाने के पूरे पांच दिन के बाद, अभी कुछ देर पूर्व वे लोग आये थे जिनके साथ उसे जाना है, उन्हें भी तार मिला है. जून स्टेशन पर लेने आएँगे. कल भी कुछ लोग आये, उसने सोचा कि माँ या छोटे भाई को पत्र लिखे पर लिखना शुरू किया ही था लगा हाथों ... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   7:23am 28 Aug 2012 #तार
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