POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: गीतों की महफिल

Blogger: सागर नाहर
हम सबने फिल्म “बरसात की रात” की मशहूर कव्वाली “ना तो कारवां की तलाश है” सुना ही है, उसे कई महान गायकों ने गाया है लेकिन उनमें एक स्वर ऐसा भी है जिनके हिस्से कुछ ही लाईनें आई है, लेकिन वे उतने में ही कमाल कर देते हैं- यह स्वर है  पंडित शिव दयाल बातिश जी का जिन्हें हम एस डी बा... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   3:52am 2 Sep 2019
Blogger: सागर नाहर
राजस्थान पत्रिका ग्रुप के अखबार डेली न्यूज में प्रकाशित लेख“मोरे सैयां तो है परदेस- मैं क्या करूं सावन को”हिन्दी फिल्मों में वर्षा, सावन एवं विरहिणी नायिकावैशाख और जेठ महीने की तपती दुपहरियों के बाद जैसे ही आषाढ़ और उसके बाद सावन का आगमन होने लगता है और धरती पर बारिश क... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   4:34pm 21 Aug 2019
Blogger: सागर नाहर
मधुर संगीत के दौर की आखिरी कड़ी थे ख़ैयाम साहब, इस फ़ानी दुनिया को अलविदा कह गए।  रहमान वर्मा के साथ मिलकर ख़ैयाम साहब ने “शर्माजी-वर्माजी के नाम से जोड़ी बनाई और 1948 में हीर रांझा  फिल्म में संगीत दिया और गाना भी गाया “दिल यूं-यूं करता है”!  बाद में वर्माजी यानि रहमान वर्... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   5:35pm 20 Aug 2019
Blogger: सागर नाहर
प्रेम अदीब एवं शोभना समर्थ की जोड़ी ने 1938 में अपनी पहली फिल्म industrial India के बाद 1954 तक कई फिल्मों में एक साथ काम किया। पौराणिक एवं धार्मिक फिल्मों का दौर था सो ज्यादातर फिल्में इन्हीं विषयों पर आधारित होती थी। प्रेम अदीब एवं शोभना समर्थ की जोड़ी उस समय राम एवं सीता की जोड़ी के रू... Read more
clicks 22 View   Vote 0 Like   4:30am 19 Aug 2019
Blogger: सागर नाहर
हिन्दी फिल्मों के लिए शकील बूंदायूनी, हसरत जयपुरी, साहिल लुधियानवी, नक़्श ल्यालपुरी, निदा फ़ाज़ली, नीरज, कैफ़ी आज़मी, जावेद अख्तर, मख़दूम मोईनुद्दीन, गुलज़ार, शहरयार, फ़ैज़ अहमद ’फ़ैज़’ जैसे कई गीतकारों-शायरों ने गज़लें लिखी है तो मिर्ज़ा गालिब, मीर तकी ’मीर’ ( दिखाई दिए यूं कि बेखु... Read more
clicks 66 View   Vote 0 Like   3:30am 3 Jun 2019
Blogger: सागर नाहर
हिन्दी फिल्मों में सबसे जटिल और perfectionist संगीतकार अगर कोई थे तो वे सज्ज़ाद हुसैन यानि सज्ज़ाद। मैंडोलिन, सितार, वीणा, बैंजो, एकॉर्डियन, गिटार, क्लेरिनेट के अलावा अन्य कई वाद्यंयंत्रों के सिद्धस्त सज्ज़ाद ऐसे संगीतकार थे जिनके गीतों को गाना हर किसी के बस में नहीं था, गाते या र... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   4:30am 21 May 2019
Blogger: सागर नाहर
कई सालों पहले इस बांग्ला गीत का टुकड़ा मिला तब यह मुश्किल से तीस चालीस सैकंड का था, बरसों तक खोजने के बाद एक दिन आखिरकार यह  पूरा गाना मिल गया। तब से मैं इस गीत को अगड़म बगड़म गाते हुए सुन रहा था। कुछ दिनों पहले शुभ्रा जीजी (सम्प्रति : आकाशवाणी दिल्ली) से अनुरोध किया तो उ... Read more
clicks 65 View   Vote 0 Like   4:30am 17 May 2019
Blogger: सागर नाहर
नलिनी जयवन्त को हमने ज्यादातर अभिनय करते ही देखा है, लेकिन उन्होने कई गीत भी गाए हैं। हिन्दी फिल्मों की शुरुआती फिल्मों की सबसे खूबसूरत और अच्छी अभिनेत्री नलिनी जयवन्त जी ने 12 वर्ष की उम्र में बतौर बाल कलाकार बहन 1941 फिल्म में अभिनय किया था और इस फिल्म में गाने भी गाए है... Read more
clicks 61 View   Vote 0 Like   4:30am 16 May 2019
Blogger: सागर नाहर
शास्त्रीय संगीत के विभिन्न रागों को एक गीत में उन के नामों का जिक्र करते हुए और उसी राग में गाना कितना मुश्किल रहा होगा ग्वालियर घराने के प्रख्यात ठुमरी गायक उस्ताद अफ़ज़ल हुसैन जयपुरी के चश्म-ओ-चिराग अहमद हुसैन-मोहम्मद हुसैन साहब के लिए के लिए जिन्होने इस रागमाला में व... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   5:06pm 21 Jun 2018
Blogger: सागर नाहर
जुलाई महीने में सूरत में भतीजी का विवाह था और वहां पूजा घर में कौड़ियों से सजी एक इडाणी (इडोनी/इढोनी...सर पर मटकी रखने से पहले रखने वाली कपडे की रिंग) दिख गई, फोटो खींचने की वंशानुगत बीमारी के कारण मन ललचा गया तो फटाफट इडाणी के फोटो खींच लिए।इडाणी, ईडो रविवार को छुट्टी थी त... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   3:26pm 28 Aug 2016
Blogger: सागर नाहर
इस बार का सावन भी यूं ही सूखा बीत गया... आँखे तरस गई उन बूंदों के लिए जिन के तन पर गिरने से तन ही नहीं मन झूम भी उठता है। लेकिन तन को शीतलता तो जब मेहा आएंगे और बरसेंगे तब ही महसूस होगी  पर मन की शीतलता के लिए शास्त्रीय संगीत ने हमें बहुत से राग दिए उनमें से एक है राग "मियां की ... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   4:00am 7 Sep 2015
Blogger: सागर नाहर
45-46 डिग्री की गर्मी से हाल बेहाल है। इंतजार है कब बादल आएं और बरसे जिससे तन और मन को शीतलता मिले। लेकिन कुदरत के खेल कुदरत जाने, जब इन्द्र देव की मर्जी होगी तभी बरसेंगे। गर्मी से परेशान तन को शीतलता भी तब ही मिल पाएगी लेकिन मन की शीतलता! उस का ईलाज तो है ना हमारे पास। सुन्... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   4:43pm 2 Jun 2014
Blogger: सागर नाहर
कभी राजस्थान कोकिला के रूप में राजस्थानी गायकी में अपनी धाक जमाये रखने वाली कलाकार धीरा सेन पर वीणा समूह की कला और संस्कृति को समर्पित मासिक पत्रिका ‘स्वर सरिता’ के जनवरी 2014 अंक में छपा यह आलेख शायद आपको पसंद आये: राजेंद्र बोड़ाइस सुंदर पोस्ट को महफिल्म ब्लॉग पर पोस्ट ... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   3:30am 15 Jan 2014
Blogger: सागर नाहर
 रोज सुबह उठते ही मेरा सबसे पहला काम होता है या तो रेडियो सुनना या टीवी पर समाचार देखना, कल सुबह जैसे ही टीवी चालू किया... दिल धक्‍क रह गया। सामने स्क्रीन पर लिखा हुआ दिख रहा था सुप्रसिद्ध गायक मन्‍ना दा नहीं रहे! पूरे समाचार को देखते और बीच-बीच में दिखाए जा रहे गानों को ... Read more
clicks 190 View   Vote 0 Like   6:44am 25 Oct 2013
Blogger: सागर नाहर
मैने महफिल में अब तक सबसे ज्यादा किसी संगीतकार के गीतों को सुनवाया है तो वे हैं "अनिल विश्वास (अनिलदा)। कई गीत सुनवाने के बाद भी लगता है अभी बहुत से गीत हैं जो संगीत रसिकों के कानोंसे बहुत दूर हैं। मैं ऐसे ही गानों को खोजता रहता हूँ, जिनकी चर्चा कहीं नहीं होती या अगर होती ह... Read more
clicks 282 View   Vote 0 Like   3:30am 10 Feb 2013
Blogger: सागर नाहर
कम चर्चित या अनसुने गीतों की श्रेणी में आज प्रस्तुत है कमल मित्रा द्वारा संगीतबद्ध एवं मन्नाडे द्वारा गाया हुआ एक गीत। सुप्रसिद्ध गायक मन्नाडे के गाए हुए अभी भी बहुत से ऐसे कई गीत हैं जिन्हें मन्नादा के प्रशंसकों ने नहीं सुने हों उनमें से एक गीत यह भी है।  कमल मित्... Read more
clicks 228 View   Vote 0 Like   3:30am 2 Feb 2013
Blogger: सागर नाहर
सी रामचन्द्र और लता जी की जोड़ी ने एक से एक मधुर और सुन्दर गीत हमें दिए, पर संयोग से महफिल ब्लॉग में इस जोड़ी का अब तक एक ही गीत आ पाया है। शायद लता जी सी रामचन्द्र के अधिकतम गीतों का बेहद लोकप्रिय होना इस का सबसे बड़ा कारण रहा कि उनके कम चर्चित गीतों को खोजना बहुत मुश्किल है... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   3:30am 31 Jan 2013
Blogger: सागर नाहर
आजकल पंकज राग लिखित पुस्तक (ओनलाईन) "धुनों की यात्रा" को उल्टे सीधे क्रम में पढ़ रहा हूँ, जिस दिन जो पृष्‍ठ सामने आ गया उसी को पढ़ने लगता हूँ।कल अनिल विश्‍वास को पढ़ा आज गुलाम हैदर आदि को अभी कुछ देर पहले स्‍नेहलभाटकर जी का अध्याय पढ़ना शुरु किया है। भाटकर साहब को हम "कभी तन्ह... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   3:30am 23 Dec 2012
Blogger: सागर नाहर
मैनेअबतकमहफिलमेंजिन  गीतोंकोशामिलकियेहैं; कोशिशरहीहैकिवेअनसुने-दुर्लभयाउनमेंकुछखासबातहो।इनगीतोंमेंसेअधिकतरआजरेडियोपरसुनाईनहींपड़ते।इसश्रेणीमेंआजएकऔरअदभुदगीतआपकेलिएप्रस्तुतहै।जैसाकिहम  जानतेहैं  पंनरेन्द्रशर्माकालिखा,  सुधीरफड़के द्वारासंगीतबद... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   2:30am 5 Oct 2012
Blogger: सागर नाहर
कई बार मैं सोचता हूँ कि अगर कि  कि फंला गीत को फलां गायक के बजाए फंला गायक/ गायिका ने गाया होता तो?  इसी पर शोध करते हुए और युट्यूब पर सर्फिंग करते हुए मुझे कई बार कमाल की  चीजें मिल जाती है।  कई ऐसे गाने मिले हैं जो प्रसिद्ध  हुए किसी और गायक के गाने पर लेकिन उनका दूसरा वर्ज... Read more
clicks 228 View   Vote 0 Like   2:30am 23 Jul 2012
Blogger: सागर नाहर
मेरी चाहत में तो कोई भी कमी भी नहीं थी। मैने हर पल तुम्हें ही चाहा, हर पल तुम्हें ही पूजा। फिर भी जैसे ही मौका मिला तुमने मुझे टुकरा दिया।वह दिन मुझे आज भी याद हैजब जब मेरी गोदी में सर रख कर सोतेऔर कहते कितुम्हारी गोद में दुनिया का सूकून हैमैं इतरातीअपनी ही किस्मत से इर्ष... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   12:10pm 23 Feb 2012
Blogger: सागर नाहर
दुनियाँ की सबसे सुरीली आवाज, लता मंगेशकर का आज तिरासीवां जन्म दिन है। लता जी पर इतने शब्द लिखे जा चुके कि और कुछ लिखना सही नहीं होगा।हमने श्रोता बिरादरी ब्लॉगपर लता उत्सव के रूप में पिछले १२ दिनों से कई सुन्दर गीत आपको सुनवाये, पर लता उत्सव मनाने के लिए १२ दिन बहुत कम है... Read more
clicks 212 View   Vote 0 Like   2:42pm 28 Sep 2011
Blogger: सागर नाहर
लताजी ने हजारों गीत गाए, लेकिन आज भी कई गीत हैं जो दुर्लभ से हैं। मैने अपनी पिछली पोस्ट्स में कई बार यथा संभव कोशिश की है कि लता जी के उन दुर्लभ गीतों को महफिल में पोस्ट करूं कि जिन लोगों ने इन्हें नहीं सुना है वे भी लताजी के उन सुमधुर गीतों को सुन कर आनंदित हो सकें। इस श्र... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   3:20am 23 Jul 2011
Blogger: सागर नाहर
रफी साहब की एक दुर्लभ गज़लआज आपके लिए मो. रफी साहब की एक दुर्लभ गैर फिल्मी गज़ल, इसे लिखा है सुदर्शन फ़ाकि़र ने और संगीतकार के बारे में जानकारी नहीं है। अगर आप इस गज़ल के संगीतकार के बारे में जानते हैं तो टिप्पणी लिख कर बताईये। मैं उसे बाद में पोस्ट में जोड़ दूंगा।एक ही बात ज... Read more
clicks 235 View   Vote 0 Like   3:20am 6 Apr 2011
Blogger: सागर नाहर
एक और गीत- रफी साहब और हबीब वली मोहम्मद साहब आवाजों में पिछली पोस्ट में आपने हबीब वली मोहम्म्द की आवाज में एक सुन्दर गज़ल शमशीर बरहना माँग गज़बसुनी। चलिए आज आपको आज एक और सुन्दर गीत सुनाते हैं। आज आपके लिए एक प्रश्‍न है कि आप इन दोनों गीतों को सुनकर दिल से और बिना पक्षपात ... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   3:20am 29 Mar 2011
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3910) कुल पोस्ट (191391)