Hamarivani.com

|| आकाश के उस पार ||

घर बगल में जल रहा है , आओ रोटी सेंकते हैं ,एक मुद्दा पल रहा है , आओ रोटी सेंकते हैं |फिर गरीबों की गली में , रात भर रोया कोई ,फिर शहर से एक भूखा , खुद-ब-खुद मिट जायेगा ,फिर कहीं नारा उठेगा , मंदिरों का जोर से ,मुल्क सारा इस ज़रा सी , बात पे बौरायेगा ,तोड़ देगी दम कहीं , इंसान की लाज-ओ-शरम ,...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :
  February 15, 2014, 4:49 pm
खुशी से भरा एक जहाँ आओ ढूंढें ,उम्मीदों भरा आसमां आओ ढूंढें |जिसका महल खून से न रंगा हो ,ऐसे खुदा का निशां आओ ढूंढें |मुहब्बत हमारी जो खो सी गयी है ,उसे अपने ही दरमियाँ आओ ढूंढें |कागज के फूलों को कब तक सजाएं ,गुलों से सजा गुलिस्तां आओ ढूंढें |आँखों का पानी इधर ही गिरा था ,शहर ...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :Hope
  November 24, 2013, 6:00 am
एक चिट्ठी राम के नाम -मूरत में बसने वाले राम ,दुनिया में फिर आ जाओ ,भूखे कैसे सोते हैं ,आकर खुद अनुभव कर जाओ |मगर जन्म लेना अबकी तुम ,किसी गरीब के घर में ,बचपन कैसे खोते हैं ,आकर खुद अनुभव कर जाओ |मंदिर के भीतर तुम अपनी ,मूरत पाओगे ; संपन्न-सुखी ,बाहर बच्चे क्यूँ रोते हैं ,आकर खुद ...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :
  July 28, 2013, 5:32 pm
कितने भी आराम के सुख साधन जुटा लीजिए , बचपन की वो बेफिक्र नींद फिर नहीं मिलने वाली | वो नींद जो आँखों की कोरों में सोती रहती है , हमारे उठने के बाद भी , वो नींद जो तकिये पर अपनी निशानी छोड़ जाती है , वो बेफिक्र नींद फिर नहीं मिलने वाली :(  झुकती सी अँखियाँ ,जम्हाती बतियाँ ,...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :sleep
  July 22, 2013, 9:01 pm
होली, एक ऐसा त्यौहार जिसमें चेहरे पर लगा रंग सारे भेद मिटा देता है | होली के दिन सब हंसी-मजाक माफ होता है (बशर्ते कि वो दायरे से बाहर न हो) | काश कि हर दिन ऐसा ही खुशियों से भरा होता -दोहा-होली का असली मजा, यारों के संग आये|और, इतना मलो गुलाल कि, रंग भेद मिट जाए|| धरती ने किया सिंग...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :teasing
  March 26, 2013, 5:26 pm
कल रात जब जिक्र चला कुछ उदास नज्मों का, तोतुमने डायरी के कुछ उनींदे पन्ने पलटे,देर रात सोयी कुछ गजलों को जगाया,कुछ मिसरों को पढ़ा, और एक मोड़ पर जाकर अचानक ठिठक सी गयी,लिखा था,“कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता |”अतीत की शाख से कुछ फूल चुने तो थे हमने,मगर सब मुरझाए हुए ही...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :Hope
  February 27, 2013, 2:40 pm
 सन 1945 मे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की तथाकथित हवाई दुर्घटना या उनके जापानी सरकार के सहयोग से 1945 के बाद सोवियत रूस मे शरण लेने या बाद मे भारत मे उनके होने के बारे मे हमेशा ही सरकार की ओर से गोलमोल जवाब दिया गया है उन से जुड़ी हुई हर जानकारी को "राष्ट्र हित" का हवाला देते हु...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :
  February 27, 2013, 2:00 pm
कंक्रीट की दीवारों पर कभी बसन्त नहीं आता, ज़रा सोचियेगा :( -पूरे घर को इंतज़ार है बसन्त चाचा का,वो हर साल इन्हीं दिनों मिलने आते हैं,एक पीली सी शर्ट , भीनी खुशबू में लिपटी,चिरयुवा चेहरा , खुशियाँ बांटती आवाजयही पहचान है उनकी| उनके आते ही घर का मौसम बदल जाता था,हम बच्चे पक्षि...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :nature
  February 15, 2013, 10:55 am
क्या फरक कि मैं चला या तू चला है , बात है कि फासला कुछ कम हुआ है | एक अरसे से नहीं रूठी है मुझसे ,मुझको किस्मत से फ़कत इतना गिला है |टूटने वाला हूँ मैं कुछ देर में , ये मेरी अपनी अकड़ का ही सिला है | तू भी इक दिन फेर लेगा मुंह यकीनन , खून में तेरे वही पानी मिला है | आईने से मुंह चुर...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :gajal
  February 11, 2013, 1:24 pm
पतंगों का मौसम है | कल गणतंत्र दिवस भी है | एक ख्वाहिश है, जो शायद बहुत सारे दिलों में होगी -मुहब्बत के मांझे से कसकर बंधी हो,ऐसी पतंग हम उड़ायें |जिसमें अमन की बातें लिखीं हों,ऐसी पतंग हम उड़ायें |पतंगें क्या जानें कि सरहद कहाँ है,किस ओर उड़ना, जाना कहाँ है?इस ओर उड़ती है, कटत...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :unity
  January 25, 2013, 10:24 am
द्रौपदी की ये कहानी बहुत बार पहले भी सुनी जा चुकी है , मैं फिर से सुना रहा हूँ | अब ज़रा इसे वर्तमान परिदृश्य में देखते हैं -ध्रतराष्ट्र अर्थात दिल्ली में बैठा मूक राजा जिसे कुछ भी दिखाई नहीं देता, जो कोई भी कड़ा फैसला तो छोडिये, कोई सामान्य फैसला भी अपनी मर्जी से नहीं ले स...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :draupadi
  January 13, 2013, 6:06 pm
'माली दादा' , काफी प्रचलित शब्द है | ज्यादातर घरों में आप माली को दादा कहते हुए सुनेंगे |एक माली हमारे घरों में भी होते हैं , जिन्होंने बड़े प्यार और मेहनत से सींचकर हमारे परिवार की फुलवारी बनायी होती है , घर के बुजुर्ग , हमारे 'दादा' -अंगना की फुलवारी ,तुमसे बनी थी सारी ,तुमन...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :old age home
  December 13, 2012, 4:47 pm
माँ की जिंदगी में बच्चा नहीं आता है , बच्चे की जिंदगी में माँ आती है (ऐसा मेरा मानना है )-आज सिरहाने एक हवा आयी ,जैसे उसकी कोई दुआ आयी | वो वक्त सोचता हूँ , तो ठहर जाता हूँ , जिस वक्त मेरी जिंदगी में माँ आयी | रातें बहुत बितायीं , उसके हाथों के तकिये पर , उसके होठों पे कुछ मीठी सी ल...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :shayari
  December 10, 2012, 5:42 pm
'तारे जमीन पर' तो सभी ने देखी होगी | कैसे आर्ट टीचर निकुम्भ नन्हे ईशान की मदद करता है | फिल्म का एक आफ्टर-इफेक्ट भी था , हर बच्चा फिल्म देखने के बाद ईशान के भीतर खुद को देख रहा था | उसे ईशान का दर्द अपना दर्द लग रहा था , ईशान की तकलीफ अपनी तकलीफ | हर किसी को अपनी जिंदगी में निकुम्भ...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :student
  December 8, 2012, 5:52 pm
अपनी आदत में कहीं मेरा भी अक्स पाओगे , तुम कुछ-कुछ मेरे जैसे हो , आईना गौर से देखोगे , समझ जाओगे , तुम कुछ-कुछ मेरे जैसे हो || भले कितना बदल लो तुम , मुझे भुलाने के लिए , अपनी परछाई में मेरा भी रंग पाओगे , तुम कुछ-कुछ मेरे जैसे हो || तुम्हे क्यूँ लोग मेरे नाम से बुलाते हैं , पूछोगे कि...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :
  November 28, 2012, 8:57 pm
सफलता की दौड़ , रफ़्तार बहुत तेज रखनी पड़ती है | सबको मंजिल तक पहुँचने की जल्दी रहती है |लेकिन क्या हम जिस मंजिल के पीछे दौड़ रहे , वास्तविकता में वही हमारी मंजिल है ?क्यूँ हम में से ज्यादातर उस काम को कर रहे हैं जिसमें उनका मन ही नहीं लगता ?क्या भेड़ की तरह आँख मूंदकर बस चल भ...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :teenagers
  November 24, 2012, 5:32 pm
जो सूनी गली में कोई शोर मचता ,जो मुर्दों के घर में कोई रोज जगता , जब इंसा की नीयत न सिक्कों से तुलती , जब किस्मत की कुण्डी भी मेहनत से खुलती, मैं फिर से समझता ये आगाज तो है , नए इक सफर का ये अंदाज तो है || . जो सीली हुई थीं , मशालें वो जलतीं ; जो सिमटी हुई थीं , आवाजें वो उठतीं ; जब फिर स...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :start
  November 16, 2012, 7:26 pm
आज उनका दिन है , जिनके दिलों में ईश्वर बसता है , जिनकी मुस्कान के जरिये अल्लाह हम पर अपना करम बरसाता है | लेकिन एक कड़वा सच ये भी है -झोपड़े के नीचे मुस्कुराता ,एक बेचारा बचपन ,ना जाने कब बीत गया ,उसका वो प्यारा बचपन ||कुछ के घर में माँ बाप नहीं ,कुछ घर छोड़ कर भागे हैं ,कुछ बहकाव...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :childhood
  November 14, 2012, 11:48 am
सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं और एक उम्मीद -एक दिया ऐसा भी हो , जो भीतर तलक प्रकाश करे , एक दिया मुर्दा जीवन में , फिर आकर कुछ श्वास भरे | एक दिया सादा हो इतना , जैसे साधु का जीवन , एक दिया इतना सुन्दर हो , जैसे देवों का उपवन | एक दिया जो भेद मिटाए , क्या तेरा क्या मेरा है , ए...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :Hope
  November 11, 2012, 4:21 pm
देखिये , कोई भी हंसेगा नहीं | ये प्यार-व्यार के बारे में हमसे लिखा नहीं जाता है | बहुत कोशिश करके कभी कुछ लिखा था  -नजर खामोश रहती गर् जुबाँ कुछ बात कर पाती, कदम मासूम रहते जो तू हमारे साथ चल पाती , न जख्म यूँ पकता ,न तो नासूर यूँ बनते , गर् जख्म होती तू , तू ही मरहम लगा पाती !! . मैं ...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :best
  November 7, 2012, 6:30 pm
मेरी माँ की बनायी एक तस्वीर को देखकर अचानक ही कुछ लिखने लगा | बेशक तस्वीर के साथ न्याय नहीं कर पाया हूँ | लेकिन उनके आशीर्वाद से कुछ टूटा-फूटा लिखा तो है |मेरी पसंदीदा तस्वीर(वो कहते हैं न , तस्वीरें बोलती हैं)ये पूरी रचना मैंने अपनी माँ के नजरिये से लिखी है तो इसकी नायिका व...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :kanha
  November 2, 2012, 6:01 pm
मेरे काफी दोस्त मुझसे शिकायत करते थे कि मैं हमेशा दर्द-रोना-मरना इसी के ऊपर क्यूँ लिखता हूँ , अरे भाई हास्य भी एक चीज है उसके ऊपर भी लिखा जा सकता है | यकीन मानिए , हास्य पर लिखना बहुत कठिन है | सिर्फ कोई अच्छा विषय ढूँढने में ही सर में दर्द हो गया | लेकिन आखिरकार इस दुखियारे की...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :brutal husband
  October 31, 2012, 5:47 pm
“बात की आपने ?” “अभी नहीं , करता हूँ |” कल से नवरात्रि शुरू हो रहीं थीं | अब दशहरा तक घर में मेले जैसा माहौल रहने वाला था | सभी यार-दोस्तों और जान-पहचान वालों को भी निमंत्रण भिजवा दिया गया | बाहर भी तरह-तरह के पंडाल सज चुके थे | पूरा माहौल ही माँ के रंग में रंगा था | वो दोनों भी जगत...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :Navratri
  October 16, 2012, 3:20 pm
शायद ही कोई ऐसा होगा जिसे अपना बचपन वापस नहीं चाहिए -अगर मांग पाता खुदा से मैं कुछ भी , तो फिर से वो बचपन के पल मांग लाता | वो फिर से मैं करता कोई मीठी गलती , वो कोई मुझे ; प्यार से फिर बताता | वो जिद फिर से करता खिलौनों की खातिर , वो फिर से मचलता ; झूलों की खातिर | वो ललचायी नजरें दु...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :childhood
  October 13, 2012, 1:49 pm
भारत माँ ने कुछ जमीन खरीदकर एक घर बनाया , जिसमें बिहार , उत्तर प्रदेश , महाराष्ट्र जैसे कई छोटे-बड़े कमरे बने | क्या एक घर में रहने वाले लोगों को हम उनके कमरों से जानते हैं ?क्या एक घर में रहने वाले लोग एक-दूसरे के कमरों में नहीं जाते ?क्यूँ हमारे देश में यू.पी.-बिहारी जैसे जुम...
|| आकाश के उस पार ||...
Tag :
  October 9, 2012, 6:30 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3652) कुल पोस्ट (163693)