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Blog: || आकाश के उस पार ||

Blogger: Akash
घर बगल में जल रहा है , आओ रोटी सेंकते हैं ,एक मुद्दा पल रहा है , आओ रोटी सेंकते हैं |फिर गरीबों की गली में , रात भर रोया कोई ,फिर शहर से एक भूखा , खुद-ब-खुद मिट जायेगा ,फिर कहीं नारा उठेगा , मंदिरों का जोर से ,मुल्क सारा इस ज़रा सी , बात पे बौरायेगा ,तोड़ देगी दम कहीं , इंसान की लाज-ओ-शरम ,... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   11:19am 15 Feb 2014 #
Blogger: Akash
खुशी से भरा एक जहाँ आओ ढूंढें ,उम्मीदों भरा आसमां आओ ढूंढें |जिसका महल खून से न रंगा हो ,ऐसे खुदा का निशां आओ ढूंढें |मुहब्बत हमारी जो खो सी गयी है ,उसे अपने ही दरमियाँ आओ ढूंढें |कागज के फूलों को कब तक सजाएं ,गुलों से सजा गुलिस्तां आओ ढूंढें |आँखों का पानी इधर ही गिरा था ,शहर ... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   12:30am 24 Nov 2013 #Hope
Blogger: Akash
एक चिट्ठी राम के नाम -मूरत में बसने वाले राम ,दुनिया में फिर आ जाओ ,भूखे कैसे सोते हैं ,आकर खुद अनुभव कर जाओ |मगर जन्म लेना अबकी तुम ,किसी गरीब के घर में ,बचपन कैसे खोते हैं ,आकर खुद अनुभव कर जाओ |मंदिर के भीतर तुम अपनी ,मूरत पाओगे ; संपन्न-सुखी ,बाहर बच्चे क्यूँ रोते हैं ,आकर खुद ... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   12:02pm 28 Jul 2013 #
Blogger: Akash
कितने भी आराम के सुख साधन जुटा लीजिए , बचपन की वो बेफिक्र नींद फिर नहीं मिलने वाली | वो नींद जो आँखों की कोरों में सोती रहती है , हमारे उठने के बाद भी , वो नींद जो तकिये पर अपनी निशानी छोड़ जाती है , वो बेफिक्र नींद फिर नहीं मिलने वाली :(  झुकती सी अँखियाँ ,जम्हाती बतियाँ ,... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   3:31pm 22 Jul 2013 #sleep
Blogger: Akash
होली, एक ऐसा त्यौहार जिसमें चेहरे पर लगा रंग सारे भेद मिटा देता है | होली के दिन सब हंसी-मजाक माफ होता है (बशर्ते कि वो दायरे से बाहर न हो) | काश कि हर दिन ऐसा ही खुशियों से भरा होता -दोहा-होली का असली मजा, यारों के संग आये|और, इतना मलो गुलाल कि, रंग भेद मिट जाए|| धरती ने किया सिंग... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   11:56am 26 Mar 2013 #teasing
Blogger: Akash
कल रात जब जिक्र चला कुछ उदास नज्मों का, तोतुमने डायरी के कुछ उनींदे पन्ने पलटे,देर रात सोयी कुछ गजलों को जगाया,कुछ मिसरों को पढ़ा, और एक मोड़ पर जाकर अचानक ठिठक सी गयी,लिखा था,“कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता |”अतीत की शाख से कुछ फूल चुने तो थे हमने,मगर सब मुरझाए हुए ही... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   9:10am 27 Feb 2013 #Hope
Blogger: Akash
 सन 1945 मे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की तथाकथित हवाई दुर्घटना या उनके जापानी सरकार के सहयोग से 1945 के बाद सोवियत रूस मे शरण लेने या बाद मे भारत मे उनके होने के बारे मे हमेशा ही सरकार की ओर से गोलमोल जवाब दिया गया है उन से जुड़ी हुई हर जानकारी को "राष्ट्र हित" का हवाला देते हु... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   8:30am 27 Feb 2013 #
Blogger: Akash
कंक्रीट की दीवारों पर कभी बसन्त नहीं आता, ज़रा सोचियेगा :( -पूरे घर को इंतज़ार है बसन्त चाचा का,वो हर साल इन्हीं दिनों मिलने आते हैं,एक पीली सी शर्ट , भीनी खुशबू में लिपटी,चिरयुवा चेहरा , खुशियाँ बांटती आवाजयही पहचान है उनकी| उनके आते ही घर का मौसम बदल जाता था,हम बच्चे पक्षि... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   5:25am 15 Feb 2013 #nature
Blogger: Akash
क्या फरक कि मैं चला या तू चला है , बात है कि फासला कुछ कम हुआ है | एक अरसे से नहीं रूठी है मुझसे ,मुझको किस्मत से फ़कत इतना गिला है |टूटने वाला हूँ मैं कुछ देर में , ये मेरी अपनी अकड़ का ही सिला है | तू भी इक दिन फेर लेगा मुंह यकीनन , खून में तेरे वही पानी मिला है | आईने से मुंह चुर... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   7:54am 11 Feb 2013 #gajal
Blogger: Akash
पतंगों का मौसम है | कल गणतंत्र दिवस भी है | एक ख्वाहिश है, जो शायद बहुत सारे दिलों में होगी -मुहब्बत के मांझे से कसकर बंधी हो,ऐसी पतंग हम उड़ायें |जिसमें अमन की बातें लिखीं हों,ऐसी पतंग हम उड़ायें |पतंगें क्या जानें कि सरहद कहाँ है,किस ओर उड़ना, जाना कहाँ है?इस ओर उड़ती है, कटत... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   4:54am 25 Jan 2013 #unity
Blogger: Akash
द्रौपदी की ये कहानी बहुत बार पहले भी सुनी जा चुकी है , मैं फिर से सुना रहा हूँ | अब ज़रा इसे वर्तमान परिदृश्य में देखते हैं -ध्रतराष्ट्र अर्थात दिल्ली में बैठा मूक राजा जिसे कुछ भी दिखाई नहीं देता, जो कोई भी कड़ा फैसला तो छोडिये, कोई सामान्य फैसला भी अपनी मर्जी से नहीं ले स... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   12:36pm 13 Jan 2013 #draupadi
Blogger: Akash
'माली दादा' , काफी प्रचलित शब्द है | ज्यादातर घरों में आप माली को दादा कहते हुए सुनेंगे |एक माली हमारे घरों में भी होते हैं , जिन्होंने बड़े प्यार और मेहनत से सींचकर हमारे परिवार की फुलवारी बनायी होती है , घर के बुजुर्ग , हमारे 'दादा' -अंगना की फुलवारी ,तुमसे बनी थी सारी ,तुमन... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   11:17am 13 Dec 2012 #old age home
Blogger: Akash
माँ की जिंदगी में बच्चा नहीं आता है , बच्चे की जिंदगी में माँ आती है (ऐसा मेरा मानना है )-आज सिरहाने एक हवा आयी ,जैसे उसकी कोई दुआ आयी | वो वक्त सोचता हूँ , तो ठहर जाता हूँ , जिस वक्त मेरी जिंदगी में माँ आयी | रातें बहुत बितायीं , उसके हाथों के तकिये पर , उसके होठों पे कुछ मीठी सी ल... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   12:12pm 10 Dec 2012 #shayari
Blogger: Akash
'तारे जमीन पर' तो सभी ने देखी होगी | कैसे आर्ट टीचर निकुम्भ नन्हे ईशान की मदद करता है | फिल्म का एक आफ्टर-इफेक्ट भी था , हर बच्चा फिल्म देखने के बाद ईशान के भीतर खुद को देख रहा था | उसे ईशान का दर्द अपना दर्द लग रहा था , ईशान की तकलीफ अपनी तकलीफ | हर किसी को अपनी जिंदगी में निकुम्भ... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   12:22pm 8 Dec 2012 #student
Blogger: Akash
अपनी आदत में कहीं मेरा भी अक्स पाओगे , तुम कुछ-कुछ मेरे जैसे हो , आईना गौर से देखोगे , समझ जाओगे , तुम कुछ-कुछ मेरे जैसे हो || भले कितना बदल लो तुम , मुझे भुलाने के लिए , अपनी परछाई में मेरा भी रंग पाओगे , तुम कुछ-कुछ मेरे जैसे हो || तुम्हे क्यूँ लोग मेरे नाम से बुलाते हैं , पूछोगे कि... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   3:27pm 28 Nov 2012 #
Blogger: Akash
सफलता की दौड़ , रफ़्तार बहुत तेज रखनी पड़ती है | सबको मंजिल तक पहुँचने की जल्दी रहती है |लेकिन क्या हम जिस मंजिल के पीछे दौड़ रहे , वास्तविकता में वही हमारी मंजिल है ?क्यूँ हम में से ज्यादातर उस काम को कर रहे हैं जिसमें उनका मन ही नहीं लगता ?क्या भेड़ की तरह आँख मूंदकर बस चल भ... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   12:02pm 24 Nov 2012 #teenagers
Blogger: Akash
जो सूनी गली में कोई शोर मचता ,जो मुर्दों के घर में कोई रोज जगता , जब इंसा की नीयत न सिक्कों से तुलती , जब किस्मत की कुण्डी भी मेहनत से खुलती, मैं फिर से समझता ये आगाज तो है , नए इक सफर का ये अंदाज तो है || . जो सीली हुई थीं , मशालें वो जलतीं ; जो सिमटी हुई थीं , आवाजें वो उठतीं ; जब फिर स... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   1:56pm 16 Nov 2012 #start
Blogger: Akash
आज उनका दिन है , जिनके दिलों में ईश्वर बसता है , जिनकी मुस्कान के जरिये अल्लाह हम पर अपना करम बरसाता है | लेकिन एक कड़वा सच ये भी है -झोपड़े के नीचे मुस्कुराता ,एक बेचारा बचपन ,ना जाने कब बीत गया ,उसका वो प्यारा बचपन ||कुछ के घर में माँ बाप नहीं ,कुछ घर छोड़ कर भागे हैं ,कुछ बहकाव... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   6:18am 14 Nov 2012 #childhood
Blogger: Akash
सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं और एक उम्मीद -एक दिया ऐसा भी हो , जो भीतर तलक प्रकाश करे , एक दिया मुर्दा जीवन में , फिर आकर कुछ श्वास भरे | एक दिया सादा हो इतना , जैसे साधु का जीवन , एक दिया इतना सुन्दर हो , जैसे देवों का उपवन | एक दिया जो भेद मिटाए , क्या तेरा क्या मेरा है , ए... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   10:51am 11 Nov 2012 #Hope
Blogger: Akash
देखिये , कोई भी हंसेगा नहीं | ये प्यार-व्यार के बारे में हमसे लिखा नहीं जाता है | बहुत कोशिश करके कभी कुछ लिखा था  -नजर खामोश रहती गर् जुबाँ कुछ बात कर पाती, कदम मासूम रहते जो तू हमारे साथ चल पाती , न जख्म यूँ पकता ,न तो नासूर यूँ बनते , गर् जख्म होती तू , तू ही मरहम लगा पाती !! . मैं ... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   1:00pm 7 Nov 2012 #best
Blogger: Akash
मेरी माँ की बनायी एक तस्वीर को देखकर अचानक ही कुछ लिखने लगा | बेशक तस्वीर के साथ न्याय नहीं कर पाया हूँ | लेकिन उनके आशीर्वाद से कुछ टूटा-फूटा लिखा तो है |मेरी पसंदीदा तस्वीर(वो कहते हैं न , तस्वीरें बोलती हैं)ये पूरी रचना मैंने अपनी माँ के नजरिये से लिखी है तो इसकी नायिका व... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   12:31pm 2 Nov 2012 #kanha
Blogger: Akash
मेरे काफी दोस्त मुझसे शिकायत करते थे कि मैं हमेशा दर्द-रोना-मरना इसी के ऊपर क्यूँ लिखता हूँ , अरे भाई हास्य भी एक चीज है उसके ऊपर भी लिखा जा सकता है | यकीन मानिए , हास्य पर लिखना बहुत कठिन है | सिर्फ कोई अच्छा विषय ढूँढने में ही सर में दर्द हो गया | लेकिन आखिरकार इस दुखियारे की... Read more
clicks 189 View   Vote 0 Like   12:17pm 31 Oct 2012 #brutal husband
Blogger: Akash
“बात की आपने ?” “अभी नहीं , करता हूँ |” कल से नवरात्रि शुरू हो रहीं थीं | अब दशहरा तक घर में मेले जैसा माहौल रहने वाला था | सभी यार-दोस्तों और जान-पहचान वालों को भी निमंत्रण भिजवा दिया गया | बाहर भी तरह-तरह के पंडाल सज चुके थे | पूरा माहौल ही माँ के रंग में रंगा था | वो दोनों भी जगत... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   9:50am 16 Oct 2012 #Navratri
Blogger: Akash
शायद ही कोई ऐसा होगा जिसे अपना बचपन वापस नहीं चाहिए -अगर मांग पाता खुदा से मैं कुछ भी , तो फिर से वो बचपन के पल मांग लाता | वो फिर से मैं करता कोई मीठी गलती , वो कोई मुझे ; प्यार से फिर बताता | वो जिद फिर से करता खिलौनों की खातिर , वो फिर से मचलता ; झूलों की खातिर | वो ललचायी नजरें दु... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   8:19am 13 Oct 2012 #childhood
Blogger: Akash
भारत माँ ने कुछ जमीन खरीदकर एक घर बनाया , जिसमें बिहार , उत्तर प्रदेश , महाराष्ट्र जैसे कई छोटे-बड़े कमरे बने | क्या एक घर में रहने वाले लोगों को हम उनके कमरों से जानते हैं ?क्या एक घर में रहने वाले लोग एक-दूसरे के कमरों में नहीं जाते ?क्यूँ हमारे देश में यू.पी.-बिहारी जैसे जुम... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   1:00pm 9 Oct 2012 #
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