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Sanskritbhashi संस्कृतभाषी

                            नत्वा सरस्वतीं देवीं शुद्धां गुण्यां करोम्यहम्।                              पाणिनीय प्रवेशाय लघु सिद्धान्तकौमुदीम्। अइउण्।1। ऋलृक्। 2। एओङ्। 3।  ऐऔच्। 4। हयवरट्। 5। लण्। 6। ञमङणनम्। 7। झभञ्। 8। घढधष्। 9।जबगडदश्। 10। खफछठथचटतव्। 11। कपय्। 12। शषसर्। हल्। इति माहेश...
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  May 5, 2018, 5:40 pm
कामन्दकीय नीतिसार में राजाओं के लिए कहा गया है कि –     अहापयन्नृपः कालं भृत्यानामनुवर्तिनां ।    कर्मणामानुरूप्येण वृत्तिं समनुकल्पयेत् ।। 64     काले स्थाने च पात्रे च नहि वृत्तिं विलोपयेत्। एतद्वृत्ति विलोपेन राजा भवति गर्हितः।। 65 राजा बिना समय गवाएं अपने अधीनस्...
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  February 18, 2018, 10:04 am
संस्कृत भाषा के व्यापक प्रचार – प्रसार तथा सर्वतोमुखी विकास के लिए यहाँ कुल 12 मुख्य कार्ययोजनायें उद्धृत हैं, जिसे मैंने अथक परिश्रम से निर्माण किया है। योजनाओं के साथ- साथ सम्बन्धित उपयोजनायें भी लिखी हैं। इसे लागू करने में अनुमानित व्ययाकलन भी साथ ही साथ प्रस्तुत ...
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  February 12, 2018, 5:05 pm
नाटकों का उद्गम स्थल वेद है। ऋग्वेद के सूक्तों में अथवा एक से अधिक पात्रों द्वारा संवादात्मक योजना देखी जा सकती है। इन्द्र द्वारा सोमपान का अभिनय, पुरुरवा उर्वशी संवाद, यम यमी संवाद आदि ऐसे अनेक ऐसे उद्धरण हैं, जो अपनी कथोपकथन शैली से नाटकों के मूल को पुष्ट करता है। यह...
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  January 17, 2018, 10:16 am
                                              विश्वभारती पुरस्कार  डॉ. केशवराव सदाशिव शास्त्री ‘मुसलगांवकर’          स्थान-  उज्जैन                  पुरस्कार धनराशि- 5,01,000.00 महर्षि वाल्मीकि पुरस्कार डॉ. प्रशस्यमित्र शास्त्री        रायबरेली                रू0 2,01,000.00 महर्षि व्यास पुरस्कार प्...
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  December 31, 2017, 3:41 pm
उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान, नया हैदराबाद, लखनऊ द्वारा प्रदान किए जाने वाले वेद पंडित पुरस्कार की परीक्षा दिनांक 30 दिसंबर 2017 को संस्थान परिसर में प्रातः 10:00 बजे से होगी।  साक्षात्कार हेतु आहूत वैदिक इस सूची में अपना नाम देख सकते हैं। उत्तर प्रदेश के निवासी अपने साथ सक...
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  December 21, 2017, 11:10 am
कह नहीं सकता कि मैं बुद्धिजीवी समाज से हूं या नहीं, परंतु बुद्धिजीवी लोग मुझे बुद्धिजीवी ही मानते हैं। हो सकता है, उनमें से कुछ लोगों की यह धारणा मुझे बुद्धिजीवियों की पंक्ति में लाने की हो। वैसे भी एक बार एक राजनीति से जुड़ी महिला मुझे विद्वान् न मानते हुए मेरे द्वारा ...
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  December 20, 2017, 8:42 pm
क्या आपने संस्कृत भाषा का अध्ययन किया है? क्या आप रोजगार की तलाश में हैं? आपके लिए यहाँ है सुनहरा अवसर। प्रतिमाह रू.10 हजार के मानदेय पर त्रैमासिक संस्कृत संभाषण प्रशिक्षण चलाने के इच्छुक अभ्यर्थियों से उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ दिनांक 19 जनवरी 2017 तक आवेदन पत्र ...
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  December 19, 2017, 10:29 am
नोट- मैंने फेसबुक पर प्रति शनिवार एवं रविवार को संस्कृतशास्त्रालोचनम् व्याख्यानमाला संचालित कराया है। व्याख्यानमाला का आरंभ व्याकरणशास्त्र परम्परा से हुआ,क्योंकि यह सभी शास्त्रों का मुख है। श्रोताओं के आग्रह पर यहाँ व्याख्यान के विषय को व्यवस्थित कर लिखा रहा हू...
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  December 17, 2017, 3:55 pm
भीमराव रामजी आंबेडकर महान् संस्कृत प्रेमी थे यह हमें कई स्रोतों से पता चलता है। संस्कृत आयोग का प्रतिवेदन 1956-57 के दशम अध्याय क्रम 6 संस्कृत राजभाषा के रूप में पैरा से तथा अनेक समाचार पत्रों से यह सिद्ध होता है कि संस्कृत को राज्यभाषा बनाने के प्रस्ताव का समर्थन डॉ. आंब...
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Tag :राजभाषा
  December 16, 2017, 7:38 am
छठी शताब्दी से लेकर आज तक कालिदास के ऊपर बहुत कुछ कहा, सुना और लिखा जा चुका है फिर भी कालिदास के बारे में बहुत कुछ कहना और सुनना शेष रह जाता है। संस्कृत साहित्य में वाल्मीकि के बाद कालिदास एक ऐसे कवि हैं, जिनके काव्यों का अनेक भाषाओं में अनुवाद है और समालोचकों के द्वारा प...
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  October 31, 2017, 5:03 pm
सौत्रान्तिक दर्शन का प्रादुर्भाव बुद्ध के परिनिर्वाण के अनन्तर द्वितीय शतक में हुआ। पालि-परम्परा के अनुसार वैशाली की द्वितीय संगीति के तत्काल बाद कौशाम्बी में आयोजित महासंगीति में महासांघिक निकाय का गठन किया गया और बौद्ध संघ दो भागों में विभक्त हो गया। थोड़े ही दि...
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  October 21, 2017, 7:35 pm
अठारह निकायों में स्थविरवाद एक निकाय है। इनमें अभी दो ही निकाय प्रचलित हैं- स्थविरवाद और सर्वास्तिवाद की विनय-परम्परा। स्थविरवाद की परम्परा श्रीलंका, म्यामांर, थाईलैण्ड, कम्बोडिया आदि दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों में प्रभावी ढंग से प्रचलित है। उसका विस्तृत पालि साह...
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  October 21, 2017, 6:48 pm
भारतीय मांगलिक प्रतीकों का मूल स्रोत वेद है। मांगलिक प्रतीकों एवं प्रतीकों के भद्र रूप की कल्पना वेद में निसर्गतः प्राप्त है। जीवन के स्वस्तिभाव के प्रतीक स्वरुप स्वस्तिक की परिकल्पना की गयी। इसी प्रकार भद्रकलश (ऋग्वेद 3-52-15) पूर्ण कलश के रूप में धार्मिक अभिप्राय बना...
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  October 10, 2017, 8:16 pm
धन्वन्तरि जयन्ती (सं. 2074) पर विशेष । महापुरूषों के व्यक्तित्व तथा कृतित्व पर लेख लिखकर उनका पुण्यस्मरण करना मेरा स्वभाव है। उसी क्रम में इस वर्ष अपने इस ब्लाग पर आयुर्वेद के अष्टांग पर लेख लिखकर वर्षों से मानव जाति सहित अन्य प्राणियों के प्राणरक्षा करने में तत्पर रहे...
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  October 9, 2017, 5:09 pm
      संस्कृत की संस्थाओं यथा महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, शोध संस्थान तथा विभिन्न अकादमी में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों,नामांकन की पूर्व सूचना तथा कार्यक्रम के पश्चात् की सूचना अवश्य दी जानी चाहिए। स्थानीय हिन्दी, अंग्रेजी के प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया को द...
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  September 28, 2017, 5:02 pm
आधुनिक संस्कृत साहित्य में आज  धाराएं प्रवाहित हो रही है। 1. देव स्तुति तथा राजस्तुति वर्णन परक पारंपरिक प्रवृत्ति 2. आधुनिक प्रवृत्ति । आधुनिक प्रवृत्ति में मुक्तबंध कविता, सहज बोधगम्य भाषा शैली में तात्कालिक घटना पर लिखते हुए उसका विश्लेषण भी किया जा रहा है। सामाजि...
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  September 17, 2017, 11:23 am
शंकर वेदांत के पूर्व अद्वैतवादी सिद्धान्त में भर्तृहरि का शब्दाद्वैतवाद प्रमुख स्थान रखता है। भर्तृहरि ने सर्वप्रथम स्फोट सिद्धांत की सुव्यवस्थित आधार शिला रखी। शब्द को ब्रह्म स्वीकार करते हुए इसे मोक्ष का साधन कहा। इनके पूर्व शब्दब्रह्म की चर्चा उपनिषदों में भ...
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Tag :भर्तृहरि
  August 31, 2017, 2:21 pm
जैसे हिन्दी के वाक्य प्रयोग में लिंग का ज्ञान आवश्यक हो जाता हैं वैसे ही संस्कृत भाषा के वाक्य प्रयोग में भी लिंग का ज्ञान आवश्यक है। यह प्रश्न तब और जटिल हो जाता है जब किसी वस्तु का लिंग ज्ञान शारीरिक विशेषताओं से नहीं हो पाता। प्राणियों में लिंग का ज्ञान करना सरल होत...
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  August 23, 2017, 2:54 pm
          संपूर्ण धर्मशास्त्र धर्म अर्थ काम और मोक्ष इन चार पुरुषार्थ चतुष्टय की अवधारणा पर खड़ा है। यहां पर काम की महत्ता को स्वीकार किया गया है तथा इसका नियमपूर्वक उपभोग करने की स्वीकृति दी गई है। धर्मशास्त्रों में संभोग या मैथुन एक घृणास्पद वस्तु न होकर नियंत्रित एव...
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  August 17, 2017, 5:27 pm
                                                                 अहमस्मि रोमशा       ऋग्वेद के प्रथम मंडल 126 वें सूक्त 7वें मंत्र की ऋषि रोमशा हैं। इन्हें भी अपनी पहचान स्थापित करने के लिए आवाज बुलंद करनी पड़ी थी। भाष्यकार सायण ने इन्हें बृहस्पति की पुत्री तथा ब्रह्मवादिनी कहा है।       सिंधु नदी ...
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Tag :ऋषिका
  August 17, 2017, 7:47 am
संस्कृत शिक्षा की समस्याओं के अध्ययनार्थ तथा इस भाषा के विकास के सम्बन्ध में सुझाब देने के लिए डॉ. सुनीति कुमार चटर्जी की अध्यक्षता में 1956 में संस्कृत आयोग का गठन किया गया था। इस समिति ने 1957 में अपना प्रतिवेदन अंग्रेजी भाषा में प्रस्तुत किया। हिन्दी में अनुदित प्रतिवे...
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Tag :संस्कृत आयोग
  August 16, 2017, 12:33 pm
परिचय संस्कृत दिवस रक्षाबंधन के दिन श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाता है। संस्कृत दिवस एक परम्परा है। वैदिक साहित्य में यह "श्रावणी"के नाम से विख्यात है। अन्य त्यौहारों की तरह यह एक त्यौहार है। संस्कृत भाषा हमें पर्वों त्यौहारों से परिचय करकार जीवन में नवगति देती है। उल...
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  August 13, 2017, 9:01 pm
विद्यालय नाम                      पता    जिला बल्देव संस्कृत महाविद्यालय     तरयां पिपरी     वाराणसी कपिलेश्वर आ0संस्कृत महाविद्यालय      निमैचा  वाराणसी कस्तूरबा देबी संस्कृत बा0विद्यालय हुकुलगंज वाराणसी ब्रह्मचर्य संस्कृत महाविद्यालय    तिलमापुर       वाराणसी शास्त्र...
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  July 29, 2017, 2:42 pm
वेद की हजारों वर्षों से चली आ रही वाचिक परम्परा को संरक्षित करने तथा भारतीय संस्कृति को जीवन्त बनाये रखने के उद्येश्य से उत्तर प्रदेश में वेदों के विविध शाखाओं का सस्वर अभ्यास कराया जाता है। यहाँ पाठशाला परम्परा तथा गुरु शिष्य परम्परा के अनेक अध्ययन केन्द्र हैं,जिन...
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Tag :वेद
  July 25, 2017, 9:20 pm
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