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Sanskritbhashi संस्कृतभाषी

23-05-2014           संस्कृत के प्रचार प्रसार के लिए जन जागरुकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। यह इसलिए के कक्षा 6 से 8 तक पढ़ने के बाद छात्र/छात्राओं को अगली कक्षाओं में संस्कृत पढ़ने की प्रेरणा देने वाला कोई नहीं होता। समाज में संस्कृत के प्रति अच्छी धारणा पैदा किये जाने पर ...
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  October 8, 2018, 12:36 pm
स्वर वर्ण अपि संपूर्णता युक्तैः कर्तव्या सुहृदो बुधैः। नदीशः परिपूर्णोऽपि चन्द्रोदयमपेक्षते।। भावार्थ - सर्वगुण संपन्न विद्वान् व्यक्ति को भी मित्र बनाना चाहिए । समुद्र को अथाह जल राशि के होते हुए भी ज्वार उत्पन्न करने के लिए चन्द्रमा की आवश्यकता पडती है।  अबन...
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  October 8, 2018, 12:29 pm
    रामचन्द्र स्वामी स्वतः एक युग पुरूष हैं, उन्होंने मेरे जीवन में एक ऐसे मधुर स्वप्न को साकार रूप प्रदान करने की चेष्टा की, जिसका मैं शतशः आभारी रहूँगा। जीवन में जो स्वप्न लोक आज विद्यमान हैं, उसमें पुण्यकीर्ति श्री रामचन्द्र स्वामी की ही अमिट छाप है। प्रस्तुत है, उन...
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  October 8, 2018, 12:23 pm
असाध्य रोग बढता जा रहा अविरल वासना का मवाद दिनों दिन पलों पल क्षणों-क्षण। समष्टि ही रोगी है चिकित्सक फिर कौन हो! रोदन -घुटन- उत्पीडन व्यथन -चुभन –क्रन्दन राग-रण रौरव -वाद- कलह का भैरव नाद- छल -छदम-कीलित-चैतन्य अहम्मूलक दैन्य। हर व्यकित रोता है अपनी व्यथाए हर हृदय कह...
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  October 8, 2018, 12:20 pm
प्रवेशाङ्कः विषयः                                                               लेखकः                       पृष्ठ संख्या पड्क्तिपावनताया वैदिकी मीमांसा                            पद्भूमषण-बलदेवोपाध्यायः  1 व्याकरणशास्त्रीया उदृश्सता तदवच्छेदकस्वरुपोपसोगाः   पं0 केदार नाथ ओझा           6 वेदेषु यजुर्वेदः       ...
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  October 7, 2018, 9:02 pm
रघुवंशम् के द्वितीय सर्ग में पत्नी के साथ राजा दिलीप द्वारा की गयी गो सेवा तथा उसकी फल प्राप्ति का वर्णन किया गया है।  इहलोक में सुख समृद्धि की कामना रखने वाले के लिए यह काव्य  हमें गो सेवा की प्रेरणा देता है।  गोपाष्टमी के अवसर पर आपकी सेवा में अर्पित- अथ प्रजानामधि...
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  October 7, 2018, 8:38 pm
स्वादयन्निह सर्वेषां त्रयन्तार्थं सुदुर्ग्रहम्।स्तोत्रयामास योगीन्द्रस्तं वन्दे यामुनाह्वयम्।। नमोऽचिन्त्याद्भुताक्लिष्टज्ञानवैराग्यराशये  ।नाथाय मुनयेऽगाधभगवद्भक्तिसिन्धवे  ।।1।। तस्मै नमो मधुजिदङ्घ्रिसरोजतत्त्व-ज्ञानानुरागमहिमातिशयान्तसीम्ने  ...
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  October 7, 2018, 8:17 pm
हम अनेक प्रकार की ध्वनियों को सुनते हैं । कुछ ध्वनियों का अर्थ हम नहीं समझ पाते हैं। परन्तु जो ध्वनियाँ वर्ण के रूप में हमें सुनाई देती है उस ध्वनि को हम समझ लेते हैं। प्रत्येक मनुष्य के वर्ण ध्वनि का अर्थ हम नहीं लगा पाते हैं, ऐसा क्यों? हमसे बातचीत करने वाला जो बोलता है...
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Tag :भाषा
  September 29, 2018, 4:54 pm
जब सरकार बलात्कार को रोकने और अदालत न्याय देने में विफल होने लगी तो एक नया मार्ग ढ़ूँढ़ा गया। वह था-  दो वयस्कों को आपसी सहमति से साथ रहने का अधिकार देना। फिर भी बलात्कार नहीं रुका। इसका क्षेत्रफल और आगे बढ़कर संवासिनी गृह तक फैलने लगा। अनाथ बच्चियां हबस की शिकार बनने ...
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  September 28, 2018, 1:20 pm
                                                        अथ हलन्‍त पुँल्‍लिङ्गाः २५२ हो ढः हस्‍य ढः स्‍याज्‍झलि पदान्‍ते च । लिट्, लिड् । लिहौ । लिहः । लिड्भ्‍याम् । लिट्त्‍सु, लिट्सु ।। २५३ दादेर्धातोर्घः झलि पदान्‍ते चोपदेशे दादेर्धातेर्हस्‍य घः ।। २५४ एकाचो बशो भष् झषन्‍तस्‍य स्‍ध...
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  September 25, 2018, 7:12 pm
  अथ सुबन्ताः                                 अथ अजन्‍तपुँल्‍लिङ्गप्रकरणम्  यदि आप ध्वनि सुविधा नहीं देख पा रहे हैं, तो आपका ब्राउज़र ध्वनि तत्व के समर्थन में सक्षम नहीं है ११६ अर्थवदधातुरप्रत्‍ययः प्रातिपदिकम् धातुं प्रत्‍ययं प्रत्‍ययान्‍तं च वर्जयित्‍वा अर्थवच्‍छब्‍दस...
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  September 24, 2018, 5:43 am
मध्वाचार्य जीवन वृत्त  (1199-1303 ई0) भक्ति आन्दोलन के प्रवर्तक मध्वाचार्य का जन्म कर्णाटक के राजपथ नगर में हुआ। इसका वर्तमान नाम कल्याणपुर है। यह उडुपी के समीप है। इनके पिता का नाम मध्वगेद भट्ट तथा गुरु का नाम अच्युतप्रेक्ष था। भारत के दार्शनिकों में से एक थे। इनका अन्य ना...
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  September 17, 2018, 8:46 am
आज हरितालिका व्रत है। इसे कुछ लोग इसे हरतालिका, कुछ लोग तीज भी कहते हैं। इसका सही नाम हरितालिका है। यह एक पौराणिक व्रत है। अवैधव्यकामा स्त्रियाँ इसे करती हैं, उन्हें इसकी शुभकामनायें।                जिज्ञासावश आज मैंने इस व्रत के बारे में विशेष अध्ययन शुरु किया, ताकि इसक...
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  September 12, 2018, 5:07 pm
भू सत्तायाम्।  भू धातु का अर्थ होता है सत्ता = स्थिति। भूवादयो धातवः से भू की धातु संज्ञा हुई। स्थिति में कर्म नहीं होने के कारण यह अकर्मक धातु है। अकर्मक धातु से लः कर्मणि च भावे चाकर्मकेभ्यः सूत्र से लकार का विधान हुआ। वर्तमाने लट् से वर्तमान अर्थ में भू धातु के लट् ...
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  September 9, 2018, 5:35 pm
    संस्कृत व्याकरण में शब्द निर्माण की प्रक्रिया दिखाई गई है। इसमें दो वर्णों के बीच सन्धि तथा 2 पदों में समास होता है। संस्कृत में कुछ शब्द पूर्व से बना हुआ (व्युत्पन्न/ निर्मित) माना गया है। यहाँ नए शब्दों/ पदों का निर्माण भी किया जाता है। धातु, प्रत्यय तथा उपसर्ग को जो...
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  September 9, 2018, 1:47 pm
अथ कृदन्‍ते कृत्‍प्रक्रिया ७६९ धातोः आतृतीयाध्‍यायसमाप्‍तेर्ये प्रत्‍ययास्‍ते धातोः परे स्‍युः । कृदतिङिति कृत्‍संज्ञा ।। ७७० वासरूपोऽस्‍त्रियाम् अस्‍मिन्‍धात्‍वधिकारेऽसरूपोऽपवादप्रत्‍यय उत्‍सर्गस्‍य बाधको वा स्‍यात् स्‍त्र्यधिकारोक्तं विना ।। ७७१ ...
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  September 7, 2018, 12:47 pm
अथ तिङन्‍ते भ्‍वादयः लट्, लिट्, लुट्, लृट्, लेट्, लोट्, लङ्, लिङ्, लुङ्, लृङ् । एषु पञ्चमो लकारश्‍छन्‍दोमात्रगोचरः ।। ३७५ लः कर्मणि च भावे चाकर्मकेभ्‍यः लकाराः सकर्मकेभ्‍यः कर्मणि कर्तरि च स्‍युरकर्मकेभ्‍यो भावे कर्तरि च ।। ३७६ वर्तमाने लट् वर्तमान क्रिया वृत्तेर...
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  September 7, 2018, 12:21 pm
यदि मैकाले नहीं होता तो भारत में 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस भी नहीं होता। आज करोड़ों लोगों को शिक्षा का अधिकार नहीं मिलता। हर गाँव, गली में स्कूल नहीं खुलता। बनिया, कुर्मी, धोवी, हलवाई, नाई, जुलाहे आदि को विद्या का मंदिर स्कूल में प्रवेश दिलाता? कौन ऐसे लोगों को शिक्षा में स...
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  September 5, 2018, 12:44 pm
                            नत्वा सरस्वतीं देवीं शुद्धां गुण्यां करोम्यहम्।                              पाणिनीय प्रवेशाय लघु सिद्धान्तकौमुदीम्। अइउण्।1। ऋलृक्। 2। एओङ्। 3।  ऐऔच्। 4। हयवरट्। 5। लण्। 6। ञमङणनम्। 7। झभञ्। 8। घढधष्। 9।जबगडदश्। 10। खफछठथचटतव्। 11। कपय्। 12। शषसर्। हल्। इति माहेश...
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  May 5, 2018, 5:40 pm
सूचना- यदि आप यहाँ ध्वनि सुविधा को नहीं देख पा रहे हैं, तो आपका ब्राउज़र ध्वनि समर्थक नहीं है सूचना -  लघुसिद्धान्तकौमुदी पढ़ने से पहले जयेश-जितेशयोः संस्कृतशिक्षण- पाठशाला पर चटका लगायें। इससे लघुसिद्धान्तकौमुदी के नियमों को समझना अधिक आसान होगा।                           ...
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Tag :सन्धि
  May 5, 2018, 5:40 pm
कामन्दकीय नीतिसार में राजाओं के लिए कहा गया है कि –     अहापयन्नृपः कालं भृत्यानामनुवर्तिनां ।    कर्मणामानुरूप्येण वृत्तिं समनुकल्पयेत् ।। 64     काले स्थाने च पात्रे च नहि वृत्तिं विलोपयेत्। एतद्वृत्ति विलोपेन राजा भवति गर्हितः।। 65 राजा बिना समय गवाएं अपने अधीनस्...
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  February 18, 2018, 10:04 am
संस्कृत भाषा के व्यापक प्रचार – प्रसार तथा सर्वतोमुखी विकास के लिए यहाँ कुल 12 मुख्य कार्ययोजनायें उद्धृत हैं, जिसे मैंने अथक परिश्रम से निर्माण किया है। योजनाओं के साथ- साथ सम्बन्धित उपयोजनायें भी लिखी हैं। इसे लागू करने में अनुमानित व्ययाकलन भी साथ ही साथ प्रस्तुत ...
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  February 12, 2018, 5:05 pm
नाटकों का उद्गम स्थल वेद है। ऋग्वेद के सूक्तों में अथवा एक से अधिक पात्रों द्वारा संवादात्मक योजना देखी जा सकती है। इन्द्र द्वारा सोमपान का अभिनय, पुरुरवा उर्वशी संवाद, यम यमी संवाद आदि ऐसे अनेक ऐसे उद्धरण हैं, जो अपनी कथोपकथन शैली से नाटकों के मूल को पुष्ट करता है। यह...
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  January 17, 2018, 10:16 am
                                              विश्वभारती पुरस्कार  डॉ. केशवराव सदाशिव शास्त्री ‘मुसलगांवकर’          स्थान-  उज्जैन                  पुरस्कार धनराशि- 5,01,000.00 महर्षि वाल्मीकि पुरस्कार डॉ. प्रशस्यमित्र शास्त्री        रायबरेली                रू0 2,01,000.00 महर्षि व्यास पुरस्कार प्...
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  December 31, 2017, 3:41 pm
उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान, नया हैदराबाद, लखनऊ द्वारा प्रदान किए जाने वाले वेद पंडित पुरस्कार की परीक्षा दिनांक 30 दिसंबर 2017 को संस्थान परिसर में प्रातः 10:00 बजे से होगी।  साक्षात्कार हेतु आहूत वैदिक इस सूची में अपना नाम देख सकते हैं। उत्तर प्रदेश के निवासी अपने साथ सक...
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  December 21, 2017, 11:10 am
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