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Sanskritbhashi संस्कृतभाषी

भारतीय मांगलिक प्रतीकों का मूल स्रोत वेद है। मांगलिक प्रतीकों एवं प्रतीकों के भद्र रूप की कल्पना वेद में निसर्गतः प्राप्त है। जीवन के स्वस्तिभाव के प्रतीक स्वरुप स्वस्तिक की परिकल्पना की गयी। इसी प्रकार भद्रकलश (ऋग्वेद 3-52-15) पूर्ण कलश के रूप में धार्मिक अभिप्राय बना...
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  October 10, 2017, 8:16 pm
धन्वन्तरि जयन्ती (सं. 2074) पर विशेष । महापुरूषों के व्यक्तित्व तथा कृतित्व पर लेख लिखकर उनका पुण्यस्मरण करना मेरा स्वभाव है। उसी क्रम में इस वर्ष अपने इस ब्लाग पर आयुर्वेद के अष्टांग पर लेख लिखकर वर्षों से मानव जाति सहित अन्य प्राणियों के प्राणरक्षा करने में तत्पर रहे...
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  October 9, 2017, 5:09 pm
      संस्कृत की संस्थाओं यथा महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, शोध संस्थान तथा विभिन्न अकादमी में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों,नामांकन की पूर्व सूचना तथा कार्यक्रम के पश्चात् की सूचना अवश्य दी जानी चाहिए। स्थानीय हिन्दी, अंग्रेजी के प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया को द...
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  September 28, 2017, 5:02 pm
आधुनिक संस्कृत साहित्य में आज  धाराएं प्रवाहित हो रही है। 1. देव स्तुति तथा राजस्तुति वर्णन परक पारंपरिक प्रवृत्ति 2. आधुनिक प्रवृत्ति । आधुनिक प्रवृत्ति में मुक्तबंध कविता, सहज बोधगम्य भाषा शैली में तात्कालिक घटना पर लिखते हुए उसका विश्लेषण भी किया जा रहा है। सामाजि...
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  September 17, 2017, 11:23 am
शंकर वेदांत के पूर्व अद्वैतवादी सिद्धान्त में भर्तृहरि का शब्दाद्वैतवाद प्रमुख स्थान रखता है। भर्तृहरि ने सर्वप्रथम स्फोट सिद्धांत की सुव्यवस्थित आधार शिला रखी। शब्द को ब्रह्म स्वीकार करते हुए इसे मोक्ष का साधन कहा। इनके पूर्व शब्दब्रह्म की चर्चा उपनिषदों में भ...
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Tag :भर्तृहरि
  August 31, 2017, 2:21 pm
जैसे हिन्दी के वाक्य प्रयोग में लिंग का ज्ञान आवश्यक हो जाता हैं वैसे ही संस्कृत भाषा के वाक्य प्रयोग में भी लिंग का ज्ञान आवश्यक है। यह प्रश्न तब और जटिल हो जाता है जब किसी वस्तु का लिंग ज्ञान शारीरिक विशेषताओं से नहीं हो पाता। प्राणियों में लिंग का ज्ञान करना सरल होत...
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  August 23, 2017, 2:54 pm
          संपूर्ण धर्मशास्त्र धर्म अर्थ काम और मोक्ष इन चार पुरुषार्थ चतुष्टय की अवधारणा पर खड़ा है। यहां पर काम की महत्ता को स्वीकार किया गया है तथा इसका नियमपूर्वक उपभोग करने की स्वीकृति दी गई है। धर्मशास्त्रों में संभोग या मैथुन एक घृणास्पद वस्तु न होकर नियंत्रित एव...
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  August 17, 2017, 5:27 pm
                                                                 अहमस्मि रोमशा       ऋग्वेद के प्रथम मंडल 126 वें सूक्त 7वें मंत्र की ऋषि रोमशा हैं। इन्हें भी अपनी पहचान स्थापित करने के लिए आवाज बुलंद करनी पड़ी थी। भाष्यकार सायण ने इन्हें बृहस्पति की पुत्री तथा ब्रह्मवादिनी कहा है।       सिंधु नदी ...
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Tag :ऋषिका
  August 17, 2017, 7:47 am
संस्कृत शिक्षा की समस्याओं के अध्ययनार्थ तथा इस भाषा के विकास के सम्बन्ध में सुझाब देने के लिए डॉ. सुनीति कुमार चटर्जी की अध्यक्षता में 1956 में संस्कृत आयोग का गठन किया गया था। इस समिति ने 1957 में अपना प्रतिवेदन अंग्रेजी भाषा में प्रस्तुत किया। हिन्दी में अनुदित प्रतिवे...
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Tag :संस्कृत आयोग
  August 16, 2017, 12:33 pm
परिचय संस्कृत दिवस रक्षाबंधन के दिन श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाता है। संस्कृत दिवस एक परम्परा है। वैदिक साहित्य में यह "श्रावणी"के नाम से विख्यात है। अन्य त्यौहारों की तरह यह एक त्यौहार है। संस्कृत भाषा हमें पर्वों त्यौहारों से परिचय करकार जीवन में नवगति देती है। उल...
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  August 13, 2017, 9:01 pm
विद्यालय नाम                      पता    जिला बल्देव संस्कृत महाविद्यालय     तरयां पिपरी     वाराणसी कपिलेश्वर आ0संस्कृत महाविद्यालय      निमैचा  वाराणसी कस्तूरबा देबी संस्कृत बा0विद्यालय हुकुलगंज वाराणसी ब्रह्मचर्य संस्कृत महाविद्यालय    तिलमापुर       वाराणसी शास्त्र...
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  July 29, 2017, 2:42 pm
वेद की हजारों वर्षों से चली आ रही वाचिक परम्परा को संरक्षित करने तथा भारतीय संस्कृति को जीवन्त बनाये रखने के उद्येश्य से उत्तर प्रदेश में वेदों के विविध शाखाओं का सस्वर अभ्यास कराया जाता है। यहाँ पाठशाला परम्परा तथा गुरु शिष्य परम्परा के अनेक अध्ययन केन्द्र हैं,जिन...
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Tag :वेद
  July 25, 2017, 9:20 pm
यहाँ आपके अवलोकनार्थ उत्तर प्रदेश में स्थित संस्कृत महाविद्यालयों की सूची उपलब्ध है। इस सूची में यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो अथवा आदर्श महाविद्यालय को छोड़कर अन्य किसी महाविद्यालयों का नाम नहीं आ पाया हो तो आप त्रुटि को संशोधित कर jagd.jha@gmail.com पर या 9598011847 पर सूचित करने का ...
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  July 24, 2017, 9:53 pm
1. इस वेबसाइट पर आपको मार्गदर्शिकाएं, धर्म , शब्दकोश, कविता, नाटक आदि विषय पर संस्कृत की ई- पुस्तकें मिलेगी।                   http://www.sanskritebooks.org/     इस पेज पर और भी उपयोगी लिंक उपलब्ध कराते रहूँगा। अभी मात्र यह आरम्भ है। ...
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  July 17, 2017, 5:14 pm
महर्षि व्यास के जन्म दिन आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह गुरु पूर्णिमा पर्व हिन्दुओं के लिए जितना महत्व पूर्ण है, उतना ही बौद्धों और सिखों के लिए भी। इसी दिन भगवान बुद्ध ने सारनाथ में प्रथम उपदेश दिया था। आज के दिन से ही धर्मोपदेशक संत चातुर्मास व्रत का शुभ...
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Tag :गुरु
  July 9, 2017, 1:24 pm
गुरु शब्द संज्ञा और विशेषण दोनों रूपों में प्रयुक्त होता है। विशेषण के रूप में गुरु शब्द का अर्थ होता है, भारी, महान् अथवा विशेष। वाराणसी में लोग एक दुसरे को गुरु कहते हैं। का हो गुरु। वृहस्पति तथा मीमांसक प्रभाकर को गुरु के नाम (संज्ञा) से पुकारा जाता है। विभिन्न संप्र...
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Tag :गुरु
  July 9, 2017, 1:24 pm
       योग की यात्रा उपनिषदों से शुरु होकर बौद्ध, जैन, तन्त्रागम, संहिता होते हुए गीता में पूर्ण होती है। इससे सिद्ध है कि योग के अनेक पथ परन्तु एक लक्ष्य है। उसे ही आत्मा और परमात्मा का मिलन अथवा समाधि कहा गया है। पातञ्जलयोग दर्शन में पतंजलि ने अपने से पूर्ववर्ती औपनिषद...
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Tag :योग
  June 18, 2017, 9:11 am
संस्कृतभाषी ब्लाग पर आपका स्वागत है। इस ब्लाग में संस्कृत से जुड़े विभिन्न विषयों पर लेख उपलब्ध हैं। लेखों को पढने तथा सुझाव देने के लिए आप सादर आमंत्रित है।     उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ द्वारा  वर्ष 2017 के पुरस्कारों का विज्ञापन जारी कर दिया गया है। पुरस्का...
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Tag :
  June 16, 2017, 6:20 pm
    काव्यशास्त्र एक प्राचीन शास्त्र है।, जिसे काव्यालंकार, अलंकारशास्त्र, साहित्यशास्त्र और क्रियाकल्प के नाम से अभिहित किया जाता है। वैदिक ऋचाओं में काव्यशास्त्र के उत्स दिखाई पड़ते हैं। काव्यशास्त्र का क्रमबद्ध सुसंगठित और सर्वांगपूर्ण समारंभ भरत मुनि के नाट्य...
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Tag :भरत
  June 15, 2017, 11:15 pm
       भारत में जब-जब कश्मीर की चर्चा होगी, परममाहेश्वर शैवाचार्य अभिनवगुप्त याद आते रहेंगे। इनके पिता का नाम नरसिंहगुप्त तथा माता का नाम विमलकला था। उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध नगर कन्नौज के राजा यशोवर्मन् (730-740 ई.) के राज्य में इस कश्मीरी ब्राह्मण के जन्म से 200 वर्ष पूर्व ...
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Tag :संस्कृत लेखक
  June 15, 2017, 1:34 pm
स्मरणीय तथ्य संख्याओं का वचन निर्धारण 1  1.    एक शब्द नित्य एकवचनान्त होते हैं। परन्तु जब इसका संख्या के अतिरिक्त अन्य अर्थ में प्रयोग होता है, तब इसका द्विवचन तथा बहुवचन रूप भी होता है,क्योंकि एक शब्द के कई अर्थ होते हैं।      एकोऽन्यार्थे प्रधाने च प्रथमे केवले तथा। ...
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Tag :संख्या
  June 8, 2017, 11:18 am
प्रथमा विभक्तेः पद्यानि सन्तोषः परमो लाभः सत्सङ्गः परमा गतिः । विचारः परमं ज्ञानं शमो हि परमं सुखम् ।। योग वाशिष्ठ मुखं पद्मदलाकारं वाणी चन्दनशीतला । हृदयं क्रोधसंयुक्तं त्रिविधं धूर्तलक्षणम् ।। धनिनोपि निरुन्‍मादा युवानोपि न चंचलाः। प्रभवोप्यप्रमत्‍तास...
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Tag :सुभाषित
  June 5, 2017, 8:55 am
वास्तविक दुनिया के इतर आभासी दुनिया का क्षेत्र अत्यन्त व्यापक हो चला है। वास्तविक जीवन में जहाँ हमारे मित्रों की संख्या जहाँ 100 के आसपास होती है, वही आभासी दुनियां में यह संख्या हजारों तक पहुँच जाती है। समान विचारधारा के लोग अन्तर्जाल या अन्य संसाधनों के माध्यम से आप...
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Tag :सोशल मीडिया
  May 31, 2017, 3:40 pm
         विक्रमाजीतसिंह-सनातनधर्म-महाविद्यालयः, कानपुरम् संस्कृतविभागः प्राविधिक संस्कृत-शैक्षिकोपकरण-निर्माण-कार्यशाला 18-20 मई 2017                                           दैनन्दिनी दिनांकः- 18-5-2017 8.00-9.30                   प्रातराशः पञ्जीकरणञ्च 9.30-11.30                         उद्घाटनसत्रम...
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  May 18, 2017, 4:28 pm
मैं अपने इस लेख में संस्कृत के उस पक्ष की चर्चा करने जा रहा हूँ, जिसकी चर्चा समाज में  प्रायः वर्जित माना जाता है। वह है कामकला। अनादिकाल से स्त्रीपुरुष परस्पर आसक्त रहे हैं। अतएव दर्शन, साहित्य,पुराण आदि की तरह ही संस्कृत में कामकला से सम्बन्धित ढ़ेर सारी पुस्तकें ल...
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Tag :
  March 10, 2017, 12:36 pm
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