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Blog: संजीव खुदशाह Sanjeev Khudshah

Blogger: संजीव खुदशाह sanjeev khudshah
जानिए कितना बहुमूल्य है आपका वोटसंजीव खुदशाहभारत के ग्रामीण मतदाताओं में वोट के प्रति जागरूकता शहरी मतदाताओं के वनिस्पत कुछ ज्यादा होती है। आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत ज्यादा होता है और शहर के क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत कम होता ह... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   2:24pm 19 Nov 2018 #
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तेजिंदर गगन का जानासंजीव खुदशाहवरिष्ठ पत्रकार  प्रभाकर चौबे के दिवंगत होने की खबर का अभी एक पखवाड़ा भी नहीं हुआ था की खबर आई, तेजिंदर गगन नहीं रहे। मुझे याद है तेजिंदर गगन से मेरी पहली मुलाकात एक कार्यक्रम में हुई थी। वह एक राज्य संसाधन केंद्र के द्वारा आयोजित कार... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   1:56pm 22 Jul 2018 #
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आंबेडकर जयंती पर विशेषडॉ आंबेडकर और उनका वैज्ञानिक चिंतनसंजीव खुदशाहअक्सर डॉ आंबेडकर को केवल दलितों का नेता कहकर संबोधित किया जाता है। ऐसा संबोधित किया जाना दरअसल उनके साथ ज्यादती किया जाने जैसा है। ऐसा कहते समय हम भूल जाते हैं कि उन्होंने भारतीय रि... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   7:06am 15 Apr 2018 #
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लेखक और केंद्रीय जेल अधीक्षक श्री राजेंद्र गायकवाड बता रहे हैं कि किस प्रकार वह साहित्य और जेल के बीच सामंजस्य बैठाते हैं। वह यह भी बताते हैं कि पिछले साल कैदियों ने श्रम करके दो करोड़ रुपया कमाया। इसमें से आधी रकम उन पीड़ितों को दी गई जिन्हें इन कैदियों के द्वारा हान... Read more
clicks 255 View   Vote 0 Like   7:07am 25 Mar 2018 #
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स्टीफन हॉकिंग - जो हार कर भी जीत जायेसंजीव खुदशाह‘’वे लोग जिन्हें उनके IQ पर बहुत घमंड होता है, वे दरअसल हारे हुए लोग होते हैं.’’‘’मैंने नोटिस किया है कि ऐसे लोग जो यह विश्वास करते हैं कि वही होगा जो भाग्य में लिखा होगा, वही सड़क पार करने से पहले सड़क को गौर से देखते हैं.’’स... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   10:18am 17 Mar 2018 #
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सामाजिक बहिष्कार पर रोक कैसे हो?संजीव खुदशाहहमारे देश में अनेक जातियां उपजातियां है जिनके अलग-अलग कानून कायदे और रूढ़ियां है तथा उन समाज के सामाजिक दबंगों का एकछत्र राज चलता है। परंपराओं वा रीति-रिवाजों को जबरजस्ती मनवाने ना मानने पर सामाजिक बहिष्कार का सिलसिला चल... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   11:32am 25 Dec 2017 #
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रावण यदि दलित या ओबीसी होते तो दशहरा मातम में बदल जाता?संजीव खुदशाहमुझे इस पर लिखने का ख्‍याल तब आया, जब कॉलोनी के एक WhatsApp ग्रुप पर ब्राह्मण मित्र ने मैसेज भेजा उसका मजमून कुछ इस तरह था की ‘रावण ब्राह्मण जाति से ताल्लुक रखता था। बावजूद इसके उसे प्रति वर्ष बुराई का प्र... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   7:01am 12 Nov 2017 #
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आज कीपेड स्मार्ट फोन मानो अजायबघर की शान बन गई है इस फोन की बिक्री लगभग बंद हो चुकी है बिक्री यदि जोरो में है, तो बस स्मार्टफोन कम से कम कीमत में भी अधिक से अधिक कीमत में भी, स्मार्ट फोन ने लोगों की जिंदगी को बहुत हद तक प्रभावित किया है खासतौर पर व्हाट्सएप ने. यदि किसी के पा... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   4:44am 10 Aug 2017 #
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अंधविश्वासी  महिलाओं की गोद भरता बाबा•       संजीव खुदशाह  विगत दिनो लखनऊ के करीब बाराबंकी में एक संत बाबा परमांनंद उर्फ राम शंकर तिवारी उम्र लगभग 65 वर्ष सुर्खियों मे है। उन पर आरोप है की उसने महिलाओं की गोद भरने की आड़ में बलात्कार किया और उनकी सेक्स वीडि... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   5:13pm 26 May 2017 #
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Right from the Vedas and the Puranas to modern literature and films, Dalits and backwards are being demeaned. How long will the Dalitbahujans continue to face this humiliation without a murmur of protestBY SANJEEV KHUDSHAH संजीव खुदशाह ON APRIL 1, 2014 NO COMMENTSहिन्दी में इस लेख पढ़ेंIt is election  season and the policies of different political parties pertaining to Dalitbahujans are under the scanner. At this point in time, it would only be appropriate if we try to analyse the contents of Rajneeti (Politics), a 2010 film  which was directed by Prakash Jha. Jha himself harbours politic... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   8:10am 22 Apr 2017 #
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तेज सिंह एक प्रखर आलोचक थेसंजीव खुदशाहप्रसिध्‍द अम्‍बेडकरवादी पत्रिका ‘अपेक्षा’ के सम्‍पादक के रूप में तेज सिंह की पहचान पूरे भारत मे थी और अभी भी है। एक सरल सादे कलेवर में निरंतर प्रकाशित होने वाली पत्रिका का सभी लेखकों पाठकों को बेसब्री से इंतजार रहता था। तेज सिं... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   4:59pm 1 Apr 2017 #
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संजीव खुदशाहसन 1645 के आस पास शिंगणापुर गांव के पारस नाले में एक शिला बहकर आई और एक दिवा स्वप्न के आधार पर उस शिला को शनि के रूप में पूजा जाने लगा।जो बाद में शनि शिंगणापुर के नाम से प्रसिध्द हुआ। इसी प्रकार स्वप्न को आधार बताते हुये मूर्ति मिलना उसपर मंदिर निर्माण होना भ... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   10:45am 20 Jun 2016 #
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विश्‍वविद्यालय की आंधी से किसको खतरासंजीव खुदशाहविगत दिनों देश में ज्ञानार्जन संस्‍थान विद्रोह और दमन के केन्‍द्र बने हुये है। हैदराबाद विश्‍वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की आत्‍महत्‍या से ये मुआमला तूल पकड़ने लगा।  लेकिन यदि हम कुछ साल पीछे की  घटनाओं को गौ... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   2:14pm 17 Mar 2016 #
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हम तेजी से एक ऐसा समाज बनते जा रहे हैं, जिसमें मतभेदों को तर्क और बहस से नहीं बल्कि गोलियों से सुलझाया जाता हैमेरे मोबाइल में वाट्सएप में कुछ महीनों पूर्व एक संदेश आया, जिसका शीर्षक था, ”भारत में विज्ञान ने जनेऊ पहन लिया और चुटिया रख ली है’’। संदेश में उच्च शिक्षण संस्थ... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   3:43am 30 Jan 2016 #
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धर्मांधता पर प्रहार हम तेजी से एक ऐसा समाज बनते जा रहे हैं, जिसमें मतभेदों को तर्क और बहस से नहीं बल्कि गोलियों से सुलझाया जाता हैमेरे मोबाइल में वाट्सएप में कुछ महीनों पूर्व एक संदेश आया, जिसका शीर्षक था, ”भारत में विज्ञान ने जनेऊ पहन लिया और चुटिया रख ली है’’। संदेश ... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   3:43am 30 Jan 2016 #
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ओबीसी साहित्य की जरूरतसंजीव खुदशाहचाहे इसे माने या न माने लेकिन ये बात तय है कि आज जो बहुजन साहित्य की अवधारणा की बात चली है उसके मूल में दलित साहित्य का कान्सेप्ट है। दलित साहित्य ने जिस मज़बूती के साथ साहित्य जगत में अपनी पैठ बनाई है उससे अन्य पीड़ित वर्ग निश्चित र... Read more
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DALIT MOVEMENT ASSOCIATION दलित मुव्हमेंन्ट ऐसोशियेशन: सुदर्शन समाज का इतिहास: सुदर्शन समाज का इतिहास संजीव खुदशाह मूलत: बघेलखण्ड और बुंदेलखण्ड (आज मप्र और उप्र के कुछ हिस्से) में निवास करने वाली डोमार जाति जो भंग...... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   4:15am 22 Sep 2015 #
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सुदर्शन समाज की परिकल्पना का ऐतिहासिक परिदृश्यसुदर्शन समाज का इतिहाससंजीव खुदशाहमूलत: बघेलखण्ड और बुंदेलखण्ड (आज मप्र और उप्र के कुछ हिस्से) में निवास करने वाली डोमार जाति जो भंगी व्यवसाय में जुडी हुई है। ने अचानक 1941 के आस पास अपने आपको सुदर्शन नाम के पौराणिक ऋषि से ज... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   4:15am 22 Sep 2015 #
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नये जमाने का अंधविश्‍वास है मिड ब्रेन एक्टिवेशनसंजीव खुदशाहयह लेख नवभारत अवकाश अंक की कवर स्‍टोरी में दिनांक 26 जुलाई 2015 को प्रकाशित हो चुका है, लेख काफी चर्चित रहा है, आज भी इसकी प्रतिक्रिया, और बधाई संदेश आ रहे है।   इसे पुन: संदर्भ के साथ्‍ा प्रकाशित किया जा सकता है... Read more
clicks 254 View   Vote 0 Like   6:59pm 14 Aug 2015 #
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सकारात्मकता, समतावादी आंदोलन का आकर्षण हैसंजीव खुदशाहअगर कोई मुझसे कहता की मैं एक कट्टर बौध्‍द हूँ, या कट्टर आंबेडकरवादी हूँ, तो मैं उसे कट्टर तालीबानी के बराबर ही समझता हूँ। जिनका काम आपसी द्वेश फैलाना है। क्योकि बुध्द और आंबेडकर के विचार कट्टरता खत्म करते है नकी ब... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   1:40pm 30 Jun 2015 #
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संजीवखुदशाह 16 दिसंबर2012 चर्चितदिल्लीरेपकेसकीआगअभीपूरीठंडीहुईहीनहीथीकी19 अप्रैल2013 कोएकपांचसालकीबच्चीकेसाथरेपहोनेकामामलासामनेआया।ज्ञातव्यहैकियहबच्ची15 अप्रैलकोग़ायबहुई।बच्चीकेमातापिताथानेमेंशिकायतकरनेगयेतोदिल्लीपुलिसनेउन्हे6 घंटेथानेमेंबिठायेरख... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   3:50pm 16 Jun 2015 #
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हर पृष्‍ठ की हर लाईन है खास शायरी ‘नुमू’ कीसंजीव खुदशाहअरब का काव्‍य बहुत लंबा सफर तय करके भारत तक पहुचा। उसे भारत की आम समझ के लायक बनने के लिए काफी जद्दोजहद करने पड़ी। पहले मुसलमान बादशाहों के दरबार में गजल एवं शायरी पढ़ी जाती थी। ज्‍यादातर कसीदे बादशाहों के शान में... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   4:27am 20 Apr 2015 #
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अंधविश्‍वास के खिलाफ जंगसंजीव खुदशाहदेश के जाने माने वैज्ञानिक डॉ नरेन्‍द्र नायक के द्वारा विगत दिनों रायपुर में प्रस्‍तुत अंधविश्‍वास और चमत्‍कार पर दिया गया उनका आडियों विडियों व्‍याख्‍यान बेहद सराहनीय रहा। सराहनीय इसलिए भी रहा क्‍योकि जहां आज के दौर में पढे ल... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   11:56am 3 Apr 2015 #
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प्रेम का संदेश देता संत वेलेन्‍टाईन दिवससंजीव खुदशाहसदियों से प्रेम और उसकी भावनाओं को धर्म और संस्कृति के ठेकेदारों ने अपनी पैरो की जूती समझा है तथा प्रेम के दीवानों पर सैंकड़ो सितम ढाये है। बावजूद इसके प्रेम के नाम पर अपने आपको न्‍यौछावर कर देने वाले संत वेलेन्‍ट... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   3:41pm 10 Feb 2015 #
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मैगते चंग्नेइजैग से मेरी काँम बनने की कहानी फिल्म समीक्षा द्वारा संजीव खुदशाह... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   1:39pm 22 Jan 2015 #
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