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Blog: प्यार

Blogger: rewa tibrewal
ऊँचे उड़ान भरते पंछियों को देखा होगा न तुमने इनका मज़हब जानते हो क्या है दाना चुगना अपने और अपने बच्चों के लिए घोंसला बनाना और आसमान में उड़ान भरना ये खुद भी शांति से रहते हैं और अपने साथियों को भी शांति से रहने देते है पर हम ये जानते हैं कि हम में से किसी का मज़हब इतनी शांत... Read more
clicks 13 View   Vote 0 Like   11:44am 8 Feb 2020 #
Blogger: rewa tibrewal
एक ही माँ बाप की पैदाइश एक साथ खेले बड़े हुए रोटियाँ बांटी ख़ुशियाँ और ग़म बांटा लड़ाई झगड़े किये पर हर बार साथ हो लिए कभी किसी को अपने बीच न आने दिया जब बड़े हो जाते हैं तो समझदारी भी बढ़ जाती हैरिश्ता और आपसी समझ और मजबूत हो जानी चाहिए पर जैसे जैस... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   10:03am 4 Feb 2020 #
Blogger: rewa tibrewal
शायद और कोई फरियाद भी माँगी होती तो आज पूरी हो जाती पता नहीं था सुबह मुझे के आज का दिन इतना ख़ास हो जाएगा आने वाले जन्मदिन के इंतज़ार में मैं वैसे ही खुशी के खजाने से भरी हुई थी चकित करने वाली बात ये थीकी आज मेरे बातों के साथी से मेरी एक छोटी मुलाकात हुई ... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   10:40am 2 Feb 2020 #
Blogger: rewa tibrewal
सब अपनी अपनीज़िन्दगी जीते हैं अच्छी हो या बुरी मैं भी जी रही थी अपने हालात कोअपनी नियति मानसमझौता करते हुए हर मौसम एक सी रहते रहतेखुद को पत्थर ही समझने लगी थीलेकिन अचानक एक दिन एक टिमटिमाते सितारे ने मेरी उंगलीथाम ली पहले उसने आसमान की सैर करवाई और ... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   10:01am 28 Jan 2020 #
Blogger: rewa tibrewal
जल रहा है देश मेराजल रहा है घर मेराइंसान को इंसान समझोमज़हबों में न बांटोवो बैठे हैं ऊँची कुर्सियों मेंउनका मज़हब उनका धर्मउनका ईमान बसपैसा और कुर्सीइसे समझोऐ कुर्सी वाले बख्श दोदेश के भविष्य कोबख्श दो हमारे बच्चों कोजिस देश में है बसेराचिड़ियों का उस देश कोगिध्दों क... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   8:19am 24 Jan 2020 #
Blogger: rewa tibrewal
उस रात मैं किताब पढ़ रही थी एक पन्ने पर आ कर ठहर गयी आगे बढ़ ही नहीं पाई बुक मार्क लगाया और सो गई उस पन्ने का हर शब्द हमारे इश्क़ को बयां कर रहा था जिसे पढ़ कर तुम्हारी याद बेतरह आने लगी बताओ ज़रा तुम्हारी यादों से आगे कैसे बढ़ जाऊँ कैसे यादों से भरे उस... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   8:03am 21 Jan 2020 #
Blogger: rewa tibrewal
जब मन उदास होता हैऔर तुम्हारा साथ नहींमिलतातो तुम्हारे लिखे शब्दपढ़ लेती हूँहर बार उन्हें पढ़ करचेहरे पर मुस्कुराहटतैर जाती हैसंतोष से भर उठता है मनके दुनिया के एक कोने मेंकोई है जो मुझे मुझसे बेहतरजानता हैजो हर बार कुछ ऐसा महसूसकराता है की जिंदगी सेप्यार हो जाता हैज... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   10:43am 9 Jan 2020 #
Blogger: rewa tibrewal
गृहस्थी में भी और जिंदगी में भी अक्सर देखा गया है, नियंत्रित होने वाला और नियंत्रण करने वाला इन दोनों का जीने का एक तरीका बन जाता है।पर ये भी तो एक चक्र की तरह है न जब सालों बाद, यही उल्टा होता है तो रिश्ते में कड़वाहट आने लगती है। क्योंकि नियंत्रण करने वाले को आदत जो है अपन... Read more
clicks 13 View   Vote 0 Like   10:45am 3 Jan 2020 #
Blogger: rewa tibrewal
कभी कभी लगता हैजैसे मैं धंसती जारही हूँ अंधेरे कुएँ मेंचाहती हूं बाहर निकलनापर निकल नहीं पातीकभी रोती हूँ अपनेहाल परपर दूसरे ही पलमुस्कुरा देती हूँये सोच कर कीरोने से क्या होगालेकिन फिर भीकुछ बदल नहीं पातीऔर फिरनिराशा घेर लेती हैचारों ओर सेमेरी सोच किसीनिर्णय पर प... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   4:21pm 10 Dec 2019 #
Blogger: rewa tibrewal
जैसे जैसे बारिश की बूंदेंमिट्टी पर गिरती हैंमिट्टी नमी सोखने लगती हैबारिश जब ज्यादा हो जाये तोमिट्टी की सतह उसे औरसोख नहीं पाती औरपानी इकट्ठा हो जाता है याबहने लगता हैमेरा मन भी उसी मिट्टी कीतरह हैकड़वाहट की बारिशझेल लेता है पर ज्यादा हो तोअक्सर आँखों के रास्तेबहने ... Read more
clicks 25 View   Vote 0 Like   3:24pm 10 Oct 2019 #
Blogger: rewa tibrewal
बचपन में हमने खूब किया है न ये परीक्षा में, होमवर्क में क्लासवर्क में "खाली स्थान भरो"सही हो या गलत हम इस सवाल को पूरा करते ही थेसमय आभाव मेंही इसे छोड़ते थेरिश्ते भी ऐसे ही होते हैं रिश्तों में कभी गर खाली स्थान रह गया तो सही हो या गलतकोई न कोई भर ही देता हैकभी कभी वैसे ही र... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   4:58am 29 Sep 2019 #
Blogger: rewa tibrewal
मुझे जब तुम्हारी जरूरत थी जब मैं टूटने लगी थी जगह जगह दरारें पड़ने लगी थी तुम देख कर समझ न पाएमैंने तुम्हें आवाज़ लगाई एक बार दो बार नहीं कई कई बार पर हर बार अपनी उलझनों में उलझे तुम्हें मैं, मेरे एहसास जरूरी न लगेपर मैं टूटी नहीं बिखरी नहीं ख़ुद को समेटा अपनी दरारों कोभर तो ... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   12:20pm 28 Aug 2019 #
Blogger: rewa tibrewal
क्या कोई सुन सकता हैदेख सकता हैखामोशी के अंदर का शोरमन के अंदर छुपी बैठी वो अलिखित कविता वो मन के कोने में बैठा एक छोटा सा बच्चामहीने भर का हिसाब किताब और उसमे छिपा बचतउस बचत से जाने क्या कुछ न ख़रीद लेने की योजनाएंघर के सारे दिन के काम काज के बीच आसमान के टुकड़े के साथ कुछ ... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   7:21am 27 Jul 2019 #
Blogger: rewa tibrewal
जब कविता शायरी सेमिलती है तो होता है इश्क़जब साहिर अमृता से मिलते हैं तो होता है इश्क़जब भक्त भगवान से मिलते हैं तो होता है इश्क़जब राधा कृष्ण मिलते हैं तो होता है इश्क़ जब तेरे शहर से होकर हवा मुझे छू जाती है तो होता है इश्क़#रेवा#इश्क़... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   9:23am 23 Jul 2019 #
Blogger: rewa tibrewal
आओ नइन गूंगों की बस्ती में तुम्हारा भी स्वागत है यहां पर सिर्फ रंग चलता हैसफेद, हरा, लाल, भगवाब्लू, काला,पीला यह फतओं औरफरमानों की बस्ती है यहाँ चुप्पी का रिवाज़ हैलुटती है बीच सड़क इज़्ज़तपर सभी चुप होकर रंग मिला कर बैठ जाते हैं शांतकोई इंकलाब पैदा नहीं होतानित नई लाशें ... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   10:03am 2 Jul 2019 #
Blogger: rewa tibrewal
उस मकान को देख रहे हैं न उसको घर बनाने का सचक्या पता है आपको ??कितनी बहसकितने आँसूकितने तकरार कितने अरमान कितने रत जगे लगे हैंसारी जिंदगी नौकरी करने वाले कीपसीने से जमा की हुई पूंजी लगी हैबूढ़े बाप का सपना बीवी का अरमान बच्चों का ख़्वाब बहनों का आशीर्वाद लगा हैउस एक मका... Read more
clicks 46 View   Vote 0 Like   9:03am 18 Jun 2019 #
Blogger: rewa tibrewal
तू ही तो पालनहार हैतू ही तो खेवनहार है पर तू है कहाँ सुना है तू कण कण में है बच्चों के मन में है तो फिर उनकी रक्षा क्यों नहीं करता ??ईमानदार निश्छल इंसान की तू सुनता है ऐसा सुना था पर वो खून के आंसू रोते हैं तू उनकी सुनता क्यों नहीं ??सुना है तुझे सिर्फ दिल से याद करो, आडम्बरोँ... Read more
clicks 82 View   Vote 0 Like   11:39am 14 Jun 2019 #
Blogger: rewa tibrewal
आँखें बहुत कुछ देखती है कहती हैंजो देखती है समझती हैं उससे चहरे के भावबदलते हैंआँखों की भाषाबहुत मुश्किल हैपर गर मन से पढ़ा जाए तोपढ़ना बहुत आसान हैयहाँ मेरे जीवन से जुड़ीतीन परिस्थितियों कावर्णन करना चाहूँगीजो मुझे कभी भूलती नहींदेखी थी मैंने माँ की आँखेंबेटी को ... Read more
clicks 36 View   Vote 0 Like   7:54am 12 Jun 2019 #
Blogger: rewa tibrewal
अमृता का प्यारसदाबहार उसके गले का हार साहिर बस  साहिरउसका चैन उसका गुरूर उसकी आदत उसकी चाहतउसका सुकून उसकी मंज़िलसाहिर बस साहिरउसकी ताकत उसकी हिम्मत उसकी लेखनी उसकी कहानी साहिर बस साहिरउसका दिल उसकी सांसें उसकी जिंदगी उसकी बंदगीउसकी आशिकी उसकी ख़लबलीसाहिर बस सा... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   7:04am 8 Jun 2019 #
Blogger: rewa tibrewal
कैसे लिखूं कविताक्या लिखूं कीगरीब माएं मजबूरी मेंबेटियों को धन्धे परलगा देती हैं ताकि पेट भरता रहेक्या लिखूं कीकूड़े के ढेर से चुन करसड़ी गली चीज़ें खाते हैंबच्चे ताकि उनकीभूख मिट सकेक्या लिखूं कीफेक दी जाती है बेटियाँपैदा होते हीया कभी कभी पैदाइशीसे पहले गिरा दी ज... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   12:40pm 4 Jun 2019 #
Blogger: rewa tibrewal
अपने घर का एहसास कुछ अलग ही होता है ऐसी शांति मन को मिलती हैजिसे शब्दों में बयां करनानामुमकिन हैएक अजीब सा रूहानीसुकून महसूस होता हैहर एक ज़र्रे हर एककोने से प्यार हो जाता हैघर का ईट ईटलगता है हमारे एहसासोंसे जुड़ा हैअपना एक कोना मिलजाता हैजो कोई नहीं छीन सकताज़िन... Read more
clicks 41 View   Vote 0 Like   8:20am 9 May 2019 #
Blogger: rewa tibrewal
बंद करो रक्त पातबंद करो युद्ध की बातबंद करो अहंकार का ये खेलकहीं कोई भी मरे सब इंसान हैकम से कम ये तो देख माँ का भाल न लाल के खून सेलाल करोइंसान हो जानवरों सी बात न करोबंद करो रक्त पातबंद करो युद्ध की बात#रेवा... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   12:38pm 11 Mar 2019 #
Blogger: rewa tibrewal
हाँ मैं हूँ एक माँखड़ी ढाल की तरहअपने बच्चों के साथ उनके हर तकलीफ़ मेंडट कर सामना करने कोउन्हें बचाने को तैयारचाहे हालात कैसे भी होचाहे मुसीबत कैसी भी होपर फिर भी हूँ इन्सानउस दिन उस शामकुछ मिनट पहले हीदेखा था अपनी दस साल कीबच्ची को खेलते हुएऔर बाद के कुछ मिनटों नेदु... Read more
clicks 106 View   Vote 0 Like   9:11am 5 Mar 2019 #
Blogger: rewa tibrewal
उलझे रहे हम ज़िन्दगी के सफर में इस कदर न दिन की रही खबर न ही शाम का रहा ख्यालथक कर हर रात बस ख़्वाबों की गोद में पनाह ले ली कभी देखा ही नहींसुबह की सिंदूरी रोशनी कभी सुना ही नहीं पंछियों का कलरव कभी महसूस नहीं किया सुहाना मौसम भागते रहे बस हर रोज़ चिन्ता लिए कैसे होगा सब ??सी... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   5:42am 26 Feb 2019 #
Blogger: rewa tibrewal
कभी ध्यान सेदेखा है उन भिखारियों को जो कटोरा लेकर पीछे पीछे आते हैं गिड़गिड़ाते रहते हैं किसी भी तरह पीछा नहीं छोड़ते चाहे उनका अपमान करो या डांट लगाओ तरह तरह से कोशिश करते रहते हैं वैसा ही हाल होता है उन लोगों का जो वोट मांगते हैं तरह तरह से प्रलोभन देते हैं ५ साल में काया ... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   12:27pm 8 Feb 2019 #
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