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Blog: गर्द-ए-रहगुज़र

Blogger: Ritz
क्या इंसाफ है तेरा भी ऐ खुदा अपने गुनाहों का जुर्माना पूछा था देना था तो बैराग ही दे देता क्यों बेवजह इश्क़ की राह थमा दी ?... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   6:44pm 25 Mar 2017 #
Blogger: Ritz
डोर मेरी तेरे हाँथ में जो हैतु भी तो बंध गया मुझसे छूट न पायेगी तुझसे ये डोर कैसे करेगा खुद को दूर मुझसे नाचती हूँ मैं तेरी थिरकन पे मीरा तो नहीं पर मैं हूँ हीर तेरी इश्क़ के रोग ने किया बावला इसमें तेरा कोई कसूर नहीं आग का मतलब जानकरअंगारो पे चलना मजबूरी मे... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   3:22pm 10 Mar 2017 #
Blogger: Ritz
चल चलें कहीं दूर, जहाँ बस तू और मैंथमे  क़दमों को रोक न ,मेरे पास आने देजिन दीवारों में दरारें हैं  उन दीवारों को तोड़ देंजिन बेड़ियों से जकड़े हैं उन बेड़ियों को तोड़ देंअब देर कैसी ,क्यों किसलिए सोचना इतनातेरे दिल में जो आशियाना ,चल वहीँ जा बसेंजीना है तुझे मेरे स... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   6:48am 18 Oct 2016 #
Blogger: Ritz
हम अक्सर शोहरत की चाह में जिंदगी के छोटे छोटे पलों में छुपी खुशियों को नज़रअंदाज़ कर दिया करते हैं , आगे बढ़ने की चाहत में कुछ ऐसा पीछे छूटता है जिसे हम चाह कर भी वापस नहीं पा सकते । ... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   12:31pm 15 Dec 2014 #
clicks 118 View   Vote 0 Like   7:14am 6 Nov 2014 #
Blogger: Ritz
मचलती हैं मन में हज़ारों तितलियाँ वहम ही सही तुमने मुझसे इश्क़ तो किया ... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   1:01pm 1 Sep 2014 #
Blogger: Ritz
खो गया है कहीं तो बचपन ढूँढने निकला उसे उन गलियों में आंकने को ज़मी नहीं मिली तराशने को आसमाँ न मिला रौंद रहे थे एक दुसरे के साये भी एक दूसरे को पैर फसा मैं गिरा, रास्तों पे गढ्ढे तक दिखते नहीं क्या नन्हे क़दमों को मिलगा रास्ता चलने को या हवा में रस्ते बन चुके ह... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   11:47am 11 Aug 2014 #
Blogger: Ritz
मांगी है दुआ सभी यार दोस्तों के लिए खुदा-ए -रहमत बरसे उनके घर पे दिलों में जज़्बा हो दिलों में जूनून हो अल्लाह उनके सारे ख्वाब पूरे करेअमन और सुकून हो पूरी दुनिया में  बस यही दुआ मेरी हर इबादत में रहे. सभी दोस्तों को ईद मुबारक़  !!! ... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   7:07am 29 Jul 2014 #
Blogger: Ritz
जब जिंदगी रूठ जाया करती हैं हमसे बिछड़ जाती हैं राहें और मुँह फेर लेते हैं लोग अंधेरों में जब मेरे ही अपने दो साए होते हैं उस बेरहम वक़्त में अपने भी पराये होते हैं अपनों  से लगने वाले बेगानों की भीड़ में कभी एक बेगाना अपना बन हाँथ थाम लेता है  अंधेरों स... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   9:10am 2 Sep 2013 #
Blogger: Ritz
पूछती है जिंदगी एक रोज मुझसे क्यों हो तुम इतने हैरान परेशान क्यों इतने सवालों से घेर रखा है खुद को क्यों नहीं कर लेते खुद को इनसे आज़ाद ज़िन्दगी से बस इतना ही कहा मैंने कभी खुद को जानोगी तो समझोगी ये मेरे नहीं तेरे ही हैं सवाल आज़ाद तो मैं हूँ जाने कब से तल... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   1:12am 28 Jan 2013 #
Blogger: Ritz
हर रूप में तुम्हें  मैंने पाया है बचपन में माता-पिता कह कर पुकारा पाठशाला में तुम्हे अपना शिक्षक पाया है दोस्तों में भी तुम्हारे अस्तिस्त्व का अहसास जिंदगी में मिले हर इंसानी साए में तुम्हारे रूप का आभास समाया है मासूम से दिल की ख्वाहिशों में तुम्हे जी... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   7:46pm 5 Sep 2012 #
Blogger: Ritz
तन्हाई मैं भी तुम मेरे पास होभीड़ में भी एक ख्याल बन आस पास होजब भी गुजरें हम उन गलियों सेआज भी तुम वहाँ करते हमारा इंतज़ार होठहरा है आज भी हर एक पल वहांजैसे जिंदगी बाँध ली वक़्त ने संग अपने मैं जिंदगी के साथ आगे बढ़ तो गयीपर साँसें जैसे उन्ही पलों में थम के रह गयींतुम ही ब... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   9:33pm 1 Sep 2012 #
Blogger: Ritz
साँसे उलझी उलझी सी अंखियों मैं नमी नमी सीजाने कौन अजब सी बात की हम अब तक उन्हें भूले नहींकभी हंसूं नाम आँखों से तो कभी गम में भी मुस्काऊँकिस राह चल के जाऊं की तेरे कदमों के निशां पा जाऊंजिंदगी के रास्ते अनजाने कभी एक पल को दिल सहमे ऐसेजैसे मेरे जीवन से साँसों की डोर रूठ ग... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   9:31pm 1 Sep 2012 #
Blogger: Ritz
ना जाने कब कैसे क्यों  तेरी मौजूदगी को नजरअंदाज  किया मेरी साँसों में तेरी ही खुशबु  इस बात से भी इनकार किया तेरे न होने से बेचैनी तो थी फिर भी तुझे खुद से जुदा किया तेरे दूर होने पर भी तुझे महसूस किया फिर भी दिल की दस्तक पे सवाल कियाखोजा वजूद का निशाँ न जाने कहाँ कहाँ ... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   6:23am 31 Aug 2012 #
Blogger: Ritz
उस पल ठहरा रहा तू मेरी साँसों पे  जैसे पत्तों की कोर पे एक बूँद ओस की  गुजारिश मेरी इस चंचल हवा से बस इतनी  की ले न जाए वो तुझे संग अपने उड़ा के कहीं  गुजारिश वक़्त से ये लम्हा थम जाए अभी यहीं  ये एक लम्हा एक पल एक सांस ऐसी जिसमें  समंदर से उठकर समंदर में सिमटत... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   2:31pm 24 Jul 2012 #
Blogger: Ritz
हाँ  तुम ही तो हो मेरा एक अधूरा हिस्सा लगे अब भी बाकी है लिखने को इश्क की किताब में  एक किस्सा न जाने कैसे कब कहाँ मिल जाते हो तुम मुझे बन के जोगी जला जाते हो दीप मेरे मन में अपने इश्क का जोगन हो गयी रोगन हो गयी जी के तेरे साथ रिश्ता एक पल का और क्या क... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   7:22am 24 Jul 2012 #
Blogger: Ritz
एकराहऐसीजिसकीकोईमजिलनहींएकदरख़्तऐसीजिसकीकोईशाखेंनहींआसमनमेंदिखतेतोहैंसितारेकहींकहींपरउनसितारोंमेंरास्तेउजालेकरनेकोरोशनीनहींठहराहुआहैदरियाकापानीजैसेसमंदरसेमिलनामुनासिबनहींपत्तोंमेंकोईहलचलसरसराहठनहींजैसेउसकाहोनाउनदरख्तोंमेंबेमानीकभीकरत... Read more
clicks 196 View   Vote 0 Like   6:40am 16 Apr 2012 #
Blogger: Ritz
क्या जाना है कभी किसी ने की उसे तलाश क्या लापता अनजान राहें मंजिलों की किसे है खबर बहता दरिया ये जीवन आखिरी मंजिल है बस सागर सागर से मिलने खातिर कितना जुदा जुदा सा ये रास्ता कभी धरा पे बहना कभी मौजौ के संग अठखेलियाँ तो कभी धरा से गिर फिर धरा में सिमट जाना ठोकर लगे फिर भी ह... Read more
clicks 193 View   Vote 0 Like   12:09pm 13 Dec 2011 #
Blogger: Ritz
मेरे दिल में है पीर इतना की नैनो में समंदर समायातुफानो से डरे क्या जिसने दिल में तुफानो का भंवर बनायापल पल में बीतते हुए एहसास और लम्हों में शोर कितनालफ्ज़ों में दबी ख़ामोशी कर रही हो जैसे हाल-ए-दिल बयानमंजिल है सामने पर दिल को अब राहों से कोई गुजारिश नहींतेरे क़दमों के न... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   4:01am 7 Dec 2011 #
Blogger: Ritz
इंतज़ार किया है तेरा सदियों तकतू आया भी तो झलक दिखाने मुझ पर सितम ढाने या आजमानेमुझपे सितम न ढा ज़ालिम की सदियाँ बितायीं है तेरी राह मेंआजमाले मुझे चाहे जितना की मेरी चाहत में भी खुदाई है... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   1:21pm 24 Nov 2011 #
Blogger: Ritz
उनबारिशकीबूंदोंसेपूछामैंनेकहाँगयीउनकीताजगीवोदिललुभातीसादगीमासूमसाचेहरानज़रोंसेहोतीसंजीदगीबयांसादगीकीमूरतकहूंयासूरतमैंभोलापनबेपनाहएकदिनयूँहीजबमिलेएकअपनापनसामहसूसकियापरबारिशमैंभीगकेभीदिलथामेरासूखाहुआऐसालगाजैसेअकेलेमुसाफिरकोएकपड़ावमिलगय... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   3:58am 21 Nov 2011 #
Blogger: Ritz
कहाँ हुआ गुम तू सजना की अब बस मेरी ही आवाज है गूँजे दिल में हुआ सूनापन इतना बेताब सी नजरें राहों पे टीकी की जैसे तलाशती हो गुजरा हुआ कल अपना बेबस से लब ये मेरे सिये हुए जैसे भावनाओं के दरिया में तलाशते हों शब्द अपना तुम्हें शायद इस बात का अहसास नहीं जाते जाते ले ... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   10:43am 20 Aug 2011 #
Blogger: Ritz
आपसे मेरा नाता पुराना था कुछ जाना पहचाना थान रही आप अब हमारे बीच इस कमी का हम सबको अहसास हैखोया है आज वो पेड पुराना जिसमें अब सिर्फ यादें साथ हैं रह गयीं हैं सिर्फ उसकी अधूरी शाखें परमात्मा में विलीन आपकी आत्मा हो मिले आपके मन को सुख शांती अश्रुओं के फूल समर्पित आपको यह... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   3:39am 30 Mar 2011 #
Blogger: Ritz
मेरा दिल ले जाए जहाँ बस वहीँ मंजिल मेरीमिलते रहेंगे इस सफ़र में हर मोड़ पे हमसफ़र कई हर किस को मंजिल की तलाश और रास्तों की कमी नहीं चलते चलते जो हो जाए साँझ कभी कहीं थामना पड़ेगा एक रात को बस उसी मोड़ पे वहीँ ये ठहराव सिर्फ एक पल का है जिंदगी कभी थमती नहीं लगता है जैसे कभी म... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   10:07am 27 Mar 2011 #
Blogger: Ritz
सुबह सुबह से शोर गुल … नींद टूट गयी और बस हो गया दिन शुर .... वही रोज की भागदौड़ , रास्ते चलते भागते लोग … भूल चुके जिंदगी का मतलब … एक जोर का धक्का लगा और में गिर पड़ी …उठ के देखा एक नयी जगह , क्या कर रही हूँ यहाँ ?? कैसे आई ?? ये तो वही जगह है जो मैं रोज सपनों में देखा करती हूँ ….वही सम... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   4:09am 10 Mar 2011 #
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