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Blog: बूँद-बूँद लम्हे

Blogger: anita
हाथों में मेहन्दी रचती रहे,चूड़ियाँ कलाई में खनकती रहें,माथे पे बिंदिया की झिलमिल रहे,माँग सिंदूरी दमकती रहे...!ख्वाबों की महफ़िल आबाद रहे,,होठों पे प्रीत गुनगुनाती रहे,आँखों में चंदा बहकता रहे..नज़रों से चाँदनी बरसती रहे !~ओ चाँद आसमाँ के.., देना.. मुझे ये वरदान.... "मेरे च... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   8:58am 12 Oct 2014 #
Blogger: anita
चाँद का नूर,सितारे आँखों में लिए; चन्दन की सुगंध,बाँसुरी की धुन लिए;  तितली के रंग,फूलों की हँसी लिए; बूँदों की रुनझुन, बोली में खनक लिए;मेरे अँगना में उतरी एक नन्ही परी।  मेरी गोदी में खेली ,मेरी बाँहों में झूली,मेरी पलकों पर, बनकर वो सपना पली। धरती-आकाश में,&n... Read more
clicks 193 View   Vote 0 Like   5:02pm 13 Sep 2014 #
Blogger: anita
गाडी अपनी रफ़्तार से दौड़ी जा रही थी और मेरे ख़याल उससे भी तेज़। रह-रह कर माँ का चेहरा आँखों के आगे आ जाता था। भैया का फ़ोन आया था , माँ की तबीयत ठीक नहीं थी। दवा तो चल रही थी , दुआओं की ज़रूरत भी बहुत थी।  तब से मेरे हाथ जो दुआ के लिए उठे तो उठे ही रहे।                     ज... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   7:39am 27 Jul 2014 #
Blogger: anita
'समय'पत्रिका के जुलाई अंक 'प्रेम की बहार'विशेषांक में प्रकाशित मेरी कुछ प्रेम कविताएँ जो संपादक महोदय आ. हरमिंदर सिंह  जी ने बहुत ही ख़ूबसूरती के साथ प्रस्तुत कीं:समय पत्रिका ऑनलाइन पढ़ी जा सकती है,इस लिंक पर-समय... Read more
clicks 209 View   Vote 0 Like   1:33pm 20 Jul 2014 #कविताएँ
Blogger: anita
फोटो: अनिता ललित                                                     घटा  साँवरी                                                    पहन के पायल                                                    बूँदों से सज... Read more
clicks 102 View   Vote 0 Like   11:00am 10 Jul 2014 #
Blogger: anita
मेरी कविताएँ 'गर्भनाल'पत्रिका के जून २०१४ अंक में  (पृष्ठ संख्या ६८)~http://www.garbhanal.com/Garbhanal%2091.pdf1.प्रेम का धागालपेट दिया है मैनेंतुम्हारे चारों ओर.…तुम्हारा नाम पढ़ते हुए...तुमसे ही छुपा कर !और बाँध दी अपनी साँसें...मज़बूती से सभी गाँठों में !अब मन्नत पूरी होने के पहले...तुम चाहो तो भी ... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   11:12am 2 Jun 2014 #
Blogger: anita
अंतरजाल पर साहित्य प्रेमियों की मासिक पत्रिका 'साहित्य कुञ्ज'के मई द्वितीय अंक में प्रकाशित मेरी कुछ क्षणिकाएँ http://www.sahityakunj.net/LEKHAK/A/AnitaLalit/kshanikayen.htm1.प्रेम की बेड़ियाँ... फूलों का हार,विरह के अश्रु...गंगा की धार,समझे जो वेदनाप्रिय के मन की... योग यही जीवन का...है यही सार !2.दिल की मिट... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   11:50am 23 May 2014 #
Blogger: anita
1आँखों में है सावनदिल ममता-आँगनमाँ तू कितनी पावन।2हर दुःख को सह जातीउफ़ न कभी करतीमाँ तो बस मुस्काती !3आँचल में हैं सारे मुन्ने के सपनेक्या चन्दा , क्या तारे। 4जिस घर माँ मुस्कातीईश्वर की बातीकण-कण नूर खिलाती।5माँ पहला आखर हैनींव बने घर कीमाँ  ऐसा पत्थर  है  । 6.सब... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   12:18pm 12 May 2014 #
Blogger: anita
काव्य-संग्रह 'बूँद-बूँद लम्हे'के लोकार्पण (१२ अप्रैल २०१४)  की सूचना अगले दिन १३ अप्रैल २०१४ को विभिन्न समाचारपत्रों तथा ई पेपरों में दी गई (Newspapers & e-papers)... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   11:27am 16 Apr 2014 #
Blogger: anita
          कुछ मख्मली एहसास,         ख़्वाबों का सफर तय करते हुए,         जब ताबीर में बदलते हैं ...        तो उनमें फूल खिल उठते हैं..          जो पूरी काइनात में खुश्बू बिखेर देते हैं ...                     ~ ऐसा ही एक एहसास, एक ऐसा ही ख़्वाब...   &n... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   7:42am 15 Apr 2014 #
Blogger: anita
          कुछ मख्मली एहसास,         ख़्वाबों का सफर तय करते हुए,         जब ताबीर में बदलते हैं ...        तो उनमें फूल खिल उठते हैं..          जो पूरी काइनात में खुश्बू बिखेर देते हैं ...                     ~ ऐसा ही एक एहसास, एक ऐसा ही ख़्वाब...   &n... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   7:42am 15 Apr 2014 #
Blogger: anita
मेरे पहले काव्य-संग्रह 'बूँद-बूँद लम्हे'का लोकार्पण १२ अप्रैल २०१४ को ~अनिता ललित ... Read more
clicks 213 View   Vote 0 Like   11:13am 7 Apr 2014 #
Blogger: anita
मेरे पहले काव्य-संग्रह 'बूँद-बूँद लम्हे'का लोकार्पण १२ अप्रैल २०१४ को !आपके आशीर्वाद एवं आपकी शुभकामनाओं की आकांक्षी ... :-)~अनिता ललित ... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   11:13am 7 Apr 2014 #
Blogger: anita
मेरे पहले काव्य-संग्रह 'बूँद-बूँद लम्हे'का लोकार्पण १२ अप्रैल २०१४ को ~अनिता ललित ... Read more
clicks 225 View   Vote 0 Like   11:13am 7 Apr 2014 #
Blogger: anita
आसमाँ से बिखरता हल्दी-कुंकुम-महावर,हवा के मेहँदी लगे पाँवों में उलझती … सुनहरी पाजेब की रुनझुन,आँचल में लहराते-सिमटते चाँद-सितारे,सुर्ख़ डोरों से बोझिल … क्षितिज पर झुकती बादलों की पलकें,फूलों से टँकी रंग-बिरंगी चूनर की ओट में … लजाते हुए धरा के सिन्दूरी गाल ....~प्... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   10:55am 11 Feb 2014 #
Blogger: anita
आसमाँ से बिखरता हल्दी-कुंकुम-महावर,हवा के मेहँदी लगे पाँवों में उलझती … सुनहरी पाजेब की रुनझुन,आँचल में लहराते-सिमटते चाँद-सितारे,सुर्ख़ डोरों से बोझिल … क्षितिज पर झुकती बादलों की पलकें,फूलों से टँकी रंग-बिरंगी चूनर की ओट में … लजाते हुए धरा के सिन्दूरी गाल ....~प्... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   10:55am 11 Feb 2014 #
Blogger: anita
Photo: Anita Lalitगरजे मेघ,सूरज भागा, छिपा दूसरे देश।चीखे बादल, थर-थर काँपती भोर है आई। धरा है भीगी,बादलों की आँखें भी हुई हैं गीली।  मन  है रोया ग़रीबी की आड़ में मानव खोया। देखो ठिठुरी ग़रीब की झोंपड़ी जमी, पिघली। ... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   3:04pm 21 Jan 2014 #
Blogger: anita
Photo: Anita Lalitएहसासों की सूनी चौखट पर ...अब कोई चाँद नहीं रुकतादिल की इस बंजर ज़मीं पर...अब कोई ख्वाब नहीं उगता..!एक सन्नाटा गूँजता है...वीरान हुई इन आँखों  में...बर्फ़ीली पगडंडी पर जैसे...कोई खामोश कहानी ...चहलक़दमी करती हो...!एक सेहरा झुलसता है...सूखे हुए इन होठों पर...रौंद... पैरों के नि... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   3:43pm 22 Dec 2013 #
Blogger: anita
दीपशिखा सीजलती हरदमतेरे आँगनकुछ यूँ सुलगतीमैं पिघलतीअंदर ही अंदर!आँसू में डूबे  अरमान जलतेऔर फैलता उदासी का उजालातन्हाई ओढ़े!सुलगते जो ख़्वाब,सभी हो जातेख़ामोश, धुआँ-धुआँभीगता वो आँगन!... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   7:00am 25 Nov 2013 #
Blogger: anita
मन में खिलेजब नेह के फूलसुरभि बहेरेशमी पगडंडीभाई औ बहन के दिलों के बीच !पा निःस्वार्थ फुहार,आस्था विश्वास,अपार उत्साह केमीठे बोलों सेमहके गुलशन !रिश्ता अनूठाये भाई-बहन कासबसे प्याराहै कितना पावन !ना दरकार,'नाम' के बंधन कीलहू-निशाँ की,ना ही सरहद की!दिलों से बहे,है दिल... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   6:51pm 20 Aug 2013 #
Blogger: anita
      पिछले भाग में मैनें बताया था कि हम लोग स्विट्ज़रलैंड (Switzerland) में अपने होटेल पहुँचे ! ये होटेल एंजेलबर्ग ( Engelberg)  में था! बहुत ही मन मोहने वाली जगह, उसपर पहाड़ी पर अपना होटेल! जाने के लिए सुरंग और लिफ्ट से जाना पड़ता था! कमरा भी बहुत बढ़िया था और उसके सामने छत भी थी... ज... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   4:52pm 6 Aug 2013 #
Blogger: anita
      पिछले भाग में मैनें बताया था कि हम लोग स्विट्ज़रलैंड (Switzerland) में अपने होटेल पहुँचे ! ये होटेल एंजेलबर्ग ( Engelberg)  में था! बहुत ही मन मोहने वाली जगह, उसपर पहाड़ी पर अपना होटेल! जाने के लिए सुरंग और लिफ्ट से जाना पड़ता था! कमरा भी बहुत बढ़िया था और उसके सामने छत भी थी... ज... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   4:52pm 6 Aug 2013 #
Blogger: anita
 सुबह नाश्ते के बाद हम लोग निकले जर्मनी के लिए! जर्मनी पहुँचते-पहुँचते ग्यारह के आस-पास बज ही गये होंगे! रास्ते में मनीष, हमारे गाइड... हमें हिट्लर (Hitler) के बारे में बाताते आए! हिट्लर के जन्म से लेकर... उसके गुण, अवगुण, उसकी ग़लतियाँ... उसके अत्याचार तथा उसका अंत.. सबकुछ इतने रोच... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   8:10am 26 Jul 2013 #
Blogger: anita
                     आज का दिन... हमारे परिवार के लिए बहुत ख़ास था! आज हमारे बेटे का जन्मदिन था! हमारे ग्रुप में भी अबतक सबको पता चल चुका था! हमारे टूर गाइड मनीष से बात कर के केक का इंतज़ाम भी हो चुका था!        हम लोग सुबह नाश्ते के बाद तैयार होकर निकले एम्सटेरड... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   4:40pm 18 Jul 2013 #
Blogger: anita
                     आज का दिन... हमारे परिवार के लिए बहुत ख़ास था! आज हमारे बेटे का जन्मदिन था! हमारे ग्रुप में भी अबतक सबको पता चल चुका था! हमारे टूर गाइड मनीष से बात कर के केक का इंतज़ाम भी हो चुका था!        हम लोग सुबह नाश्ते के बाद तैयार होकर निकले एम्सटेरड... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   4:40pm 18 Jul 2013 #
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