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Blog: KHAMOSHI BHI KUCH KEHTI HAI!!!

Blogger: Riya (harpreet)
कभी हया की लाली रचती थी हांथों में कभी जहान का प्यार बसता था आँखों में देख हांथों की लाली कभी प्यार पिया का मापा जाता था अपनी दुल्हन की लाली की रंगत देख पिया भी मन ही मन इठलाता था लाली अब भी रचती  हैं हांथों में प्यार अब भी बसता है आँखों में पर नए ज़माने क... Read more
clicks 280 View   Vote 0 Like   11:30am 23 Sep 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
माँ की गर्भ से निकल जैसे ही इस दुनिया में आया कालचक्र के चक्र व्यूह में मैंने खुद को पाया ....कैसे जीना है ?कैसे सांसें लेनी हैं ?कैसे भूख मिटानी है ?ये तो माता के गर्भ से ही सीख आया ......अब जीवन के चक्रव्यूह में कूद पड़ा हूँ मैं ---हर परिस्थिति के चक्र को भेदता आ  ... Read more
clicks 206 View   Vote 0 Like   11:17am 23 Sep 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
इस मिट्टी में जन्मे हैं हम इस मिट्टी में मिल जायेंगे पुरखों की गाथा है सुन ली अपनी गाथा लिख जायेंगे इस मिट्टी ने सबको पालाहम भी वैसे पल जायेंगे सुख के दिन चढ़ते हैं जैसे दुख शामो में ढल जायेंगे इस मिट्टी में वीरों ने अपना परचंप लहराया है जिसकी खुशबू मात्र से ही दुश्... Read more
clicks 193 View   Vote 0 Like   5:47am 30 Aug 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
जब कुछ नहीं था ब्रह्माण्ड में ....सिर्फ धुएं के बादल थे और आग के गोले थे वो मैंने झेले थे ......तप तप कर लावे से पक पक कर कठोर और मजबूत हुई हूँ मैं जाने कितने प्रकाश वर्षों से तपती आई हूँ ...फिर बर्फीली ठण्ड में ठिठुरती सिकुड़ती आई हूँ मैं इतनी ऊष्मा है अंतर ह्रदय में की  फूट प... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   5:41am 30 Aug 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
ये माटी नयी पुरानी कहती नित नयी कहानी बचपन में  रोटी फीकी लागेरास आये बस माटी खानीमैया की नज़रों से बच कर कान्हा माटी में करे शैतानी ये माटी नयी पुरानी कहती नित नयी कहानी गर्मी में सूरज यूँ तपता धरती माँ का कलेजा फटता पानी को तरसे ये माटी बरसों यूँ ही साथ निभाती ये म... Read more
clicks 240 View   Vote 0 Like   7:39am 28 Aug 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
कभी देखा है-हसरतों का 'मीना बाज़ार' ?मैंने गढ़ रखा है बड़ा विशाल साअधूरी हसरतों का 'मीनाबज़ार' |यहाँ सब मिलेंगी नन्ही हसरतें ....युवा हसरतें .....बूढी चरमराती हसरतें ....वो देखो---मेरी नन्ही हसरत ,बड़े बिजली के झूले मेंपींगे भर रही है...औरवो मौत का कुआँ देखा ?खतरनाक खेल...जान हथे... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   7:26am 28 Aug 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
कभी देखा है-हसरतों का 'मीना बाज़ार' ?मैंने गढ़ रखा है बड़ा विशाल साअधूरी हसरतों का 'मीनाबज़ार' |यहाँ सब मिलेंगी नन्ही हसरतें ....युवा हसरतें .....बूढी चरमराती हसरतें ....वो देखो---मेरी नन्ही हसरत ,बड़े बिजली के झूले मेंपींगे भर रही है...औरवो मौत का कुआँ देखा ?खतरनाक खेल...जान हथेली ... Read more
clicks 264 View   Vote 0 Like   7:26am 28 Aug 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
बहुत छोटी थी वो हसरतें थी बड़ी शायद मांगती थी चांदनी पिताजी बहला देते थे खिलोनो से .....फिर क्या ...चांदनी में निहारती थी खिलोनो को संभलने लगी जबसमझने लगी जबजी चाहा सारा जग घूम लेअम्मा ने चूल्हा चौका दिखा दिया ....हुई वो जवानपींगे भरने लगे थे अरमानहसरतों ने दामन मेंएक और सि... Read more
clicks 213 View   Vote 0 Like   5:52am 22 Aug 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
साल भर से रहता इंतज़ार जिस दिन का बहनों को भाईयों पे लुटाने को प्यार ऐसा सुख देता है ये रक्षा बंधन का त्यौहारसुबह सवेरा सज धज के आरती का थाल सजाये भाई की राह देखती बहना कब आ कर वो डोर बंधाये बहना बैठी आस लगाये कब भईया पे प्यार लुटाये सुबह से वो भूखी बैठी कभी थाल निहार... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   9:14am 3 Aug 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
सावन, मैं और भीगे रास्तेसीने में जलन की ज्वालाद्वेष की तपिश अहम् की अग्निस्वाभिमान की ऊष्मा लिए निकल पड़ी...सावन के भीगे रास्तों पर .....पानी की बौछारों सेज्वाला फूट फूट भड़कने लगीतपिश सूक्ष्म औरअग्नि धुंआ हो के छूटने लगी देह सेजैसे विसर्जित हो रही कोई शापित काया नेह ... Read more
clicks 225 View   Vote 0 Like   8:20am 3 Aug 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
आओ प्रियवर आओ प्रियवर , तुझे मैंएक ऐसे जहां ले चलूँ .......जहाँ हवा में सुकून हो फूलों  में  खुशबू,दिलों में धड़कन,और फिजा में जुनून होकहोगे जो तुम तो ,मैंख़ुशी का कारवां ले चलूँ.......आओ प्रियवर , तुझे मैंएक ऐसे जहां ले चलूँ .......जहाँ शीतल जल धारा हो हर आलम दिलकश प्यारा ह... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   8:52am 22 Jun 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
आओ प्रियवर आओ प्रियवर , तुझे मैंएक ऐसे जहां ले चलूँ .......जहाँ हवा में सुकून हो फूलों  में  खुशबू,दिलों में धड़कन,और फिजा में जुनून होकहोगे जो तुम तो ,मैंख़ुशी का कारवां ले चलूँ.......आओ प्रियवर , तुझे मैंएक ऐसे जहां ले चलूँ .......जहाँ शीतल जल धारा हो हर आलम दिलकश प्यारा होपल- पल  , क... Read more
clicks 221 View   Vote 0 Like   8:52am 22 Jun 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
 तुझे ढुंढने आ रही जाने कियुं ???आज रात बेहद काली, घनी, डरावनी   खौफनाक सी लग रही ...चांद तो निकला है साथ चलने को ,पर घटाओं का आधिपत्य है उस पर ....तारे भी टिम - टीमानेआए पर ,बादलों का छत्र है उन पर .....अन्धेरे की चादर ओढे किसी डगर पे जा रही ,डरी , सहमी, काँपती सी अपने कदम बढा रही ढुं... Read more
clicks 209 View   Vote 0 Like   8:39am 22 Jun 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
आखिर कियुं??हाद्सों  पे हाद्से होते रहे....हम अपने अपनो को खोते रहे ...वो आतंक का बीज बोते रहे ....देश के चालक सोते रहे....उठो जागो अपने लिएअब देश को तुम ही बचाओगेभरोसा किया अगर फिर उन पे तो निःसन्देह फिर धोखा खाओगेवही हाड़ वही मांस से बनावही माँ की कोख से जनाआखिर आतंकी भी तो म... Read more
clicks 235 View   Vote 0 Like   8:34am 22 Jun 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
पता ही ना चला पलकों पे आँसु लिए हम भी बैठे थे....पलकों पे आँसु लिए वो भी बैठे थे .......कब दरिया में तुफान आ गया पता ही ना चला ;ड़ूबते चले गए हम भी ड़ूबते चले गए वो भी कब प्यार का मुकाम आ गया पता ही ना चला ||खामोशी में बैठ कर मुस्कुराए हम भी थे ,खामोशी में बैठ कर मुस्कुराए वो भी थे ... Read more
clicks 259 View   Vote 0 Like   8:21am 22 Jun 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
जी चाहता हैगम  भूल खुशियाँ लुटाने को जी चाहता है एक बार फिर प्यार जताने को जी चाहता हैशाम ढलते ही सपनो में आ जाते हो तेरी इसी अदा पे जां लुटाने को जी चाहता है चाहे कियूं ना लाख मशरूफ रहो तुम हाल ए दिल तुम्हे बताने को जी चाहता है गर कभी रूठ जाओ जो मुझसे तुमबार बार तुम्हे ... Read more
clicks 227 View   Vote 0 Like   7:40am 22 Jun 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
अनंत की ओरकुछ दिनों पहलेएक आहट सुनी थी मैंने उसके आने की ---और चल पड़ी मैं उसी ओर....खामोश सी आहट के पीछे जाने कितनी दूर चली आई मैं ?आहट तो अभी भी थी ....पर मैं मिली नहीं अभी उनसे ....अब इतनी दूर चली आई तो कैसे मुड़ जाती बिना मिले ..मैं चलती रही कभी ख्वाबो  में डूबी कभी मुस्कुराय... Read more
clicks 236 View   Vote 0 Like   8:07am 21 Jun 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
" बेकुसूर "कल रात चाँद पे बड़ा गुस्सा आया ....रोज़ रात आता है , और सारे ख्वाब चुरा ले जाता है.....मैंने भी सोच लिया था आने दो मोये को ऐसा सबक सिखाउंगी किसारी चोरी भूल जाएगासिरहाने पे बैठी मैं चुपचाप चाँद का इंतज़ार करने लगी .....पर आज 'किस्मत का धनी'नज़र ही ना आये ....बादलों से आँख ... Read more
clicks 209 View   Vote 0 Like   8:03am 21 Jun 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
तो कोई बात है...दर्द के अश्क तो रोज बरसते हैं कभी प्यार के आंसु भिगोये मन तो कोई बात है...बहारों में महकते हैं सारे गुल किसी पतझर में महके चमन तो कोई बात है.....सूना हो आँगन , गीला हो आँचल ऐसे में थामे जो कोई दामन तो कोई बात है.....दिन सुहाने चढ़ते, सतरंगी शामें ढलतींऐसे किसी आलम ... Read more
clicks 242 View   Vote 0 Like   7:49am 21 Jun 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
वर्षारानीपायल की रुन- झुन रुन -झुनकंगना की खन खन खन खन झुमके की झूमर झूमर बावरे से हो रहे .......जब बादल आए उमड़ घुमड़ उमड़ घुमड़ ... उमड़ घुमड़ प्रेम रस बरस रहा प्यासा मन तरस रहा उष्ण तपिश धरा से दुःख विषाद  छूट रहा खिले खिले वृक्ष वटहुए शांत नदी तट मस्ती में है अम्बर धरा प... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   7:39am 21 Jun 2012 #
Blogger: Riya (harpreet)
ये मनघृणा , ईर्षा    हिंसा , द्वेष होते प्रस्फुटित हर मन में .....पर मन का चालक तू;खुद राजा है मालक तू...बिन तेरे आदेश के इनकी एक ना चलने वाली .....अच्छाईपवित्रता शिष्टताउत्कृष्टताके आगे इनके सारे वार हैं खाली ...अंतर मन को शांत तू कर ले सारी खुशियाँ&nbs... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   3:16pm 5 Nov 2011 #
Blogger: Riya (harpreet)
ये प्रीत अजब ,ये रीत अजब ,अजब है ये संसार रे...कोइ नही जी सकता यहाँबिना किसी के प्यार रे ....प्रीत की बंशीबजा के श्याम ,लूटे राधा का चैन रे ....कान्हा-कान्हा करती राधाअब तो दिन हो या रैन रे....विष का प्यालापी के मीरा ,बन गई श्याम दिवानी रे...प्रीत के रंग मे रंग गई उसकीबचपन और जवानी रे.... Read more
clicks 223 View   Vote 0 Like   11:19am 27 Oct 2011 #
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