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Blog: साझा संसार

Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
आज महात्मा गाँधी की 150वीं जयन्ती है। आज फिर से वह गीत याद आ रहा है जिसे सुन-सुनकर मैं बड़ी हुई हूँ। - ''सुनो-सुनो ऐ दुनिया वालों बापू की ये अमर कहानी, वो बापू जो पूज्य है इतना जितना गंगा माँ का पानी...।''मोहम्मद रफ़ी साहब द्वारा गया हुआ यह गीत अब भी मेरी कानों में गूँजता रहता है।... Read more
clicks 26 View   Vote 1 Like   7:23am 2 Oct 2019 #चिन्तन
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
आज महात्मा गाँधी की 150वीं जयन्ती है। आज फिर से वह गीत याद आ रहा है जिसे सुन-सुनकर मैं बड़ी हुई हूँ। - ''सुनो-सुनो ऐ दुनिया वालों बापू की ये अमर कहानी, वो बापू जो पूज्य है इतना जितना गंगा माँ का पानी...।''मोहम्मद रफ़ी साहब द्वारा गया हुआ यह गीत अब भी मेरी कानों में गूँजता रहता है।... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   7:23am 2 Oct 2019 #चिन्तन
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
जन्मदिन मुबारक हो माझा! सौ साल की हो गई तुम, मेरी माझा। गर्म चाय की दो प्याली लिए हुए इमा अपनी माझा को जन्मदिन की बधाई दे रहे हैं।माझा कुछ नहीं कहती बस मुस्कुरा देती है। इमा-माझा का प्यार शब्दों का मोहताज़ कभी रहा ही नहीं। चाय धीरे-धीरे ठंडी हो रही है। माझा अपने कमर... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   7:15pm 30 Aug 2019 #प्रेम
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
जन्मदिन मुबारक हो माझा! सौ साल की हो गई तुम, मेरी माझा। गर्म चाय की दो प्याली लिए हुए इमा अपनी माझा को जन्मदिन की बधाई दे रहे हैं।माझा कुछ नहीं कहती बस मुस्कुरा देती है। इमा-माझा का प्यार शब्दों का मोहताज़ कभी रहा ही नहीं। चाय धीरे-धीरे ठंडी हो रही है। माझा अपने कमर... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   7:15pm 30 Aug 2019 #प्रेम
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
जन्मदिन मुबारक हो माझा! सौ साल की हो गई तुम, मेरी माझा। गर्म चाय की दो प्याली लिए हुए इमा अपनी माझा को जन्मदिन की बधाई दे रहे हैं।माझा कुछ नहीं कहती बस मुस्कुरा देती है। इमा-माझा का प्यार शब्दों का मोहताज़ कभी रहा ही नहीं। चाय धीरे-धीरे ठंडी हो रही है। माझा अपने कमर... Read more
clicks 10 View   Vote 0 Like   7:15pm 30 Aug 2019 #प्रेम
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
आनन्दरविवार का दिन, अलसाया सा मन! मौसम बहुत सुहावना है। रात खूब बारिश हुई थी और अभी भी हल्की-हल्की फुहारें पड़ रही हैं। हम सुस्ती से उठकर चाय पी ही रहे थे। अचानक ख़याल आया कि क्यों न इस मौसम का आनन्द लेने हम लौंग ड्राइव पर चलें। लाल रंग की मारुति 800 से निकल पड़े हम बिना पूर्व क... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   3:03pm 1 Aug 2019 #ज़िन्दगी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
"रोज-रोज क्या बात करनी है, हर दिन वही बात - खाना खाया, क्या खाया, दूध पी लिया करो, फल खा लिया करो, टाइम से वापस आ जाया करो।"आवाज में झुंझलाहट थी और फोन कट गया। वह हत्प्रभ रह गई। इसमें गुस्सा होने की क्या बात थी। आखिर माँ हूँ, फिक्र तो होती है न। हो सकता है पढ़ाई का बोझ ज्यादा होग... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   11:49am 2 Apr 2019 #लघुकथा
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
3 x 6 के बिस्तर पर लेटी धीमी गति से चलते पंखे को देख निशा सोच रही है कि ऐसे ही चक्कर काटती रही वह तमाम उम्र, कभी बच्चों के पीछे कभी जिम्मेदारियों के पीछे। पर अब क्या करे? इस उम्र में कहाँ जाए? सारी डिग्रियाँ धरी रह गईं। वह कुछ न कर सकी। अब कौन देगा नौकरी ? रोज़ अख़बार में विज्ञा... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   5:32pm 8 Mar 2019 #महिला दिवस
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
अमृतसर मेरे लिए हमेशा से सपनों का शहर रहा है। वहाँ जाने की ख़्वाहिश मुझे बचपन से थी। मेरे माता-पिता और भाई वहाँ जा चुके थे, सिर्फ मैं ही नहीं जा सकी थी। स्वर्ण मंदिर और जालियाँवाला बाग़ के बारे में बचपन से सुनती और तस्वीर देखती आ रही थी। वाघा बॉर्डर पर सैनिकों ... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   4:32pm 19 Feb 2019 #यात्रा संस्मरण
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
न जाने आज बहुत आलस सा लग रहा था। रोज़ की तरह 7 बजे उठकर नियमित क्रमानुसार सारे कार्य करने का मन भी नहीं हुआ। सब छोड़कर एक कप चाय के साथ एक हिन्दी अखबार लेकर पढने बैठी। अखबार में अधिकांशतः नकारात्मक खबरें होती हैं, मगर देश दुनिया की थोड़ी सकारात्मक खबरें भी मिल जाती हैं,... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   3:05pm 22 Dec 2018 #देश
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
जैसे ही मैंने अपना कम्प्यूटर खोल पासवर्ड टाइप किया उसने अपना कम्प्यूटर बंद किया और ग़ैर ज़रूरी बातें करनी शुरू कर दी। मैंने कम्प्यूटर बंद कर दिया और उसकी बातें सुनने लगी कि उसने अपना कम्प्यूटर खोल कर कुछ लिखना शुरू कर दिया और बोलना बंद कर दिया। आधे घंटे बीत गए। मुझे ल... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   5:18pm 8 Sep 2018 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
मेरा लेख एक बड़ी पत्रिका में ससम्मान प्रकाशित हुआ। मैंने मुग्ध भाव से पत्रिका के उस लेख के पन्ने पर हाथ फेरा, जैसे कोई माँ अपने नन्हे शिशु को दुलारती है। दो महीने पहले का चित्र मेरी आँखों के सामने घूम गया।   जैसे ही मैंने अपना कम्प्यूटर खोल पासवर्ड टाइप किया उसने ... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   5:18pm 8 Sep 2018 #समाज
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
पापा पापा, तुमसे ढ़ेरों शिकायत है। मैं बहुत गुस्सा हूँ, बहुत बहुत गुस्सा हूँ तुमसे। मैं रूसी (रूठी) हुई हूँ। अगर तुम मिले तो तुमसे बात भी नहीं करूँगी। पापा, तुमको याद है, मैं अक्सर रूस (रूठ) जाती थी और तुम मुझे मनाते थे। इतनी भी क्या जल्दी थी तुमको? कम से कम मुझे आत... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   11:59am 18 Jul 2018 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
'हमें चाहिए आज़ादी', 'हम लेकर रहेंगे आज़ादी', किसे नहीं चाहिए आज़ादी? हम सभी को चाहिए आज़ादी। सोचने की आज़ादी, बोलने की आज़ादी, विचार की आज़ादी, प्रथाओं से आज़ादी, परम्पराओं से आज़ादी, मान्यताओं से आज़ादी, काम में आज़ादी, हँसने की आज़ादी, रोने की आज़ादी, प्रेम करने के आज़ादी, जीने की आज़ाद... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   7:47pm 7 Mar 2018 #स्त्री
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
सुबह का व्यस्ततम समय, एक अनजाने नंबर से मोबाइल पर फ़ोन ''मे आई टॉक टू ...।''मैंने कहा ''हाँ, बोलिए''! उसने कहा ''आई वांट टू डिस्कस ऐन इन्वेस्टमेंट प्लान विथ यू।'' मैंने कहा माफ़ कीजिएगा मुझे नहीं चाहिए। उसकी ज़िद कि मैं न लूँ पर सुन तो लूँ। बहुत तह... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   11:25am 14 Sep 2017 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
''मैं अपने यकीन से अपने भाई को भी वापस ले आऊँगा।'' वास्तविक जीवन में हमेशा जीतने वाला, कई विवादों में उलझा हुआ, बार-बार प्रेम में पड़ने वाला, लड़कियों का क्रश, तो लड़कों के लिए मसल्स मैन, फिल्म निर्माताओं के लिए पैसा कमाने की मशीन 'सलमान खान' जब ट्यूबलाईट में यह डाॅयला... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   7:33pm 20 Jul 2017 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
नक्सलवाद और मजहबी आतंकवाद में सबसे बड़ा बुनियादी फ़र्क उनकी मंशा और कार्यकलाप में है। आतंकवादी संगठन हिंसा के द्वारा आतंक फैला कर सभी देशों की सरकार पर अपना वर्चस्व बनाये रखना चाहते हैं।इनकी मांग न तो सत्ता के लिए है न बुनियादी जरूरतों के लिए है। नौजवानों को गुम... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   6:24pm 1 Jul 2017 #समाज
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
वैश्विक बदलाव और तकनीकी उन्नति ने जहाँ एक तरफ जीवन को सरल और सुविधापूर्ण बनाया है, वहीं समाज में कुछ ऐसे भी बदलाव हुए हैं जिसके कारण जीवन की सहजता खो गई है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है दुनिया एक-एक कदम आगे नहीं बढ़ रही बल्कि लम्बी-लम्बी छलाँग लगा रही है। यह परिवर्तन बेहद... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   5:00pm 5 Aug 2016 #शिक्षा
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
वैश्विक बदलाव और तकनीकी उन्नति ने जहाँ एक तरफ जीवन को सरल और सुविधापूर्ण बनाया है वहीं समाज में कुछ ऐसे भी बदलाव हुए हैं जिसके कारण जीवन की सहजता खो गई है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है दुनिया एक-एक कदम आगे नहीं बढ़ रही बल्कि लम्बी-लम्बी छलाँग लगा रही है। यह परिवर्तन बेहद ... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   5:00pm 5 Aug 2016 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
यमुना कोठी की जेन्नी (पहला भाग)*******यादों के बक्से में रेत-से सपने हैं जो उड़-उड़ कर अदृश्य हो जाते हैं और फिर भस्म होता है मेरा मैं, जो भाप की तरह शनै-शनै मुझे पिघलाता रहा है। न जाने खोने पाने का यह कैसा सिलसिला है जो साँसों की तरह अनवरत मेरे साथ चलता है। टुकड़ों में मिला प्रे... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   6:23pm 16 Nov 2015 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
आरक्षण के मुद्दे पर देश के हर प्रांत में उबाल है। आरक्षण के समर्थन और विरोध दोनों पर ही चर्चा नए विवादों को जन्म देती है। सभी को आरक्षण चाहिए। इससे मतलब नहीं कि वास्तविक रूप से कोई ख़ास जाति आरक्षण की हकदार है। मतलब बस इतना है कि सभी जातियाँ खुद को आरक्षण की श्रेण... Read more
clicks 272 View   Vote 1 Like   6:24pm 7 Oct 2015 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
बरसात का मौसम, सावन-भादो का महीना और ऐसे में बारिश। चारो तरफ हरियाली, बागों में बहार, मन में उमंग जाने क्या है इस मौसम में। रिमझिम बरसात… अहा! मन भींगने को करता है। बरसात के मौसम में उत्तर भारत में कजरी गाने की परम्परा रही है। सावन ऐ सखी सगरो सुहावन रिमझ... Read more
clicks 201 View   Vote 0 Like   1:21pm 20 Aug 2015 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
जीना है तो मरना सीखो*******''काम किए बिना पेट नहीं भरता है मलकिनी । इस घर के सब आदमी का पेट नहीं कोठी है, कितना भी भरो भरता ही नहीं है । एगो अपना पेट त पलता नहीं है उस पर से बुढवा-बुढ़िया अमर होके आया है, काम काज त कौनो करता नहीं ऊपर से मेरे मरद को बोल के रोज़ महाभारत करवाता है । ... Read more
clicks 207 View   Vote 0 Like   3:33pm 8 Mar 2015 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
यह ह्त्या नहीं स्त्रियों का सामूहिक नरसंहार है *******छत्तीसगढ़ में नसबंदी के दौरान 14 स्त्रियों की मौत ने एक बार फिर सोचने को मजबूर किया कि हमारे देश में आम स्त्रियों की कीमत क्या है। न उनकी ज़िन्दगी का कोई मोल है न उनकी मृत्यु का कोई अर्थ ! हम ज़बरदस्त गैरबराबरी से जूझ ... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   6:00pm 1 Dec 2014 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
मेरे गाँधी, अपने गाँधी  *******महात्मा गाँधी के बारे में जब भी सोचती हूँ तो एक अजीब सा आकर्षण होता है। उन्हें जितना पढ़ती हूँ और भी ज्यादा जानने-समझने की उत्कंठा होती है। न जाने क्यूँ गाँधी जी का व्यक्तित्व सदैव चुम्बकीय लगता है मुझे। इतना सहज और सरल जीवन यापन करने व... Read more
clicks 206 View   Vote 0 Like   5:27pm 7 Oct 2014 #
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