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कोतुहल

तनहा खड़ा हूँ खुद के घर में / इमेज; hqwallbase.comन जाने कितनी बार लौटने का वादा करके फिर न लौटा मैं,आज जब लौटा हूँ तो तनहा खड़ा हूँ खुद के घर में,यूँ तो अक्सर मुझे आदत थी वादा करके ना आने की,आज आया हूँ तो पता चला के बहुत से लोग चले गए इस घर से,...
कोतुहल...
Tag :तन्हा
  September 28, 2014, 10:51 pm
तमाशा है ज़िन्दगी,और उस तमाशे का,मैं कोई बन्दर सा हूँ,लोग आते हैं, चंद सिक्के उछलकर चले जाते हैं,और मैं उन सिक्कों को,समेटता रह जाता हूँ।गुज़र जाती हैं,मेरी ज़िन्दगी की, कुछ घड़ियाँ,यूँही उछलते  कूदते,मगर जब शाम होती है,खुद को तनहा,किसी रस्सी से बंधा पाता  हूँ,मैं सिक्को क...
कोतुहल...
Tag :हाल ऐ दिल
  June 25, 2012, 6:00 pm
शाम ज़रा मुख़्तसर सी होकर,सिकुड़कर बैठी है,और मैं सोच रहा हूँ,शायद कुछ ज़िन्दगी के बारे में,पता नहीं मिलेगी भी मुझे,या फिर यूँही तन्हा,कुछ हसरतों को लिए,ज़िन्दगी को एक बोझ की तरह,जी कर ही रवानगी ले लूँगा.लोग कहते हैं,तू मायूसी मिटा देता है,जहाँ भी जाता है.मैं हँस देता हूँ,य...
कोतुहल...
Tag :हाल ऐ दिल
  June 8, 2012, 9:04 pm
भारत की क्रिकेट टीम अपना तीसरा टेस्ट मैच भी ऑस्ट्रेलिया के हाथों बुरी तरह हार गयी। सभी नाराज़ हैं और मैं भी हूँ। सभी गुस्से में ना जाने क्या क्या बोल रहे हैं। कोई कहता है अब सचिन को खेलना छोड़ देना चाहिए और कोई राहुल द्रविड़ के पीछे पड़ा है, किसीको अब लक्ष्मण पसंद नहीं आ रह...
कोतुहल...
Tag :वीरेंदर सहवाग
  January 15, 2012, 5:45 pm
लौटाहैकोईबड़ीमुद्दतकेबादयहाँ,दिलमेंकईंअरमान, कईंडरहैंउसके,!!!भूलगया, खंडहरशिक़वानहींकरते....
कोतुहल...
Tag :हाल ऐ दिल
  January 12, 2012, 11:17 pm
कुछपशोपेशमें, वोभीहैं-हमभीहैं,कुछसज़ाकाडरउनकोभीहै-हमकोभी,!!!क़ाशहमदोनोंनेयेक़दमउठायाहीनाहोता...Pic from om-rayan.deviantart.com...
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Tag :हाल ऐ दिल
  October 13, 2011, 7:21 pm
ख़यालउसकानाकभीआयाहोता,यूँनादर्दकोहमनेकभीपायाहोता,वोभीरहताकभीहमारेदिलकेकरीबभी,ग़रदिलबेवफासेनालगायाहोता...
कोतुहल...
Tag :चार लाइन
  October 6, 2011, 3:35 pm
बचपन गुज़रा, शम्मी जी को देखते हुए, उनकी फिल्में, उनका पान पराग वाला विज्ञापन, उनके गले में पड़ी रहने वाली वो माला.... बहुत कुछ तो देखते हुए बड़े हुए, जो शायद कभी भुलाया नहीं जा सकता...उनका व्यक्तित्व, जो की शायद आजकल किसी को भी मुश्किल से मिलेगा...वो हर मुश्किल सवाल को सहजता से ल...
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Tag :हाल ऐ दिल
  August 14, 2011, 2:59 pm
सितम उसका यूँ भी रहा उस din दिन,वो सामने भी रहा और मुझे देखा भी नहीं........
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Tag :हाल ऐ दिल
  April 17, 2011, 8:03 pm
येज़िन्दगीऔरउनकीतलाशऔरभटकतेरहेहमरातभर.........
कोतुहल...
Tag :हाल ऐ दिल
  October 30, 2010, 6:53 pm
सलाममुहब्बतकसुनायाउसने,एकनयादर्दसबकोबतायाउसने,!!!काश "मुहब्बतऔरदर्द" कोपहचानभीलेता......
कोतुहल...
Tag :कुछ मेरी डायरी से
  October 27, 2010, 2:18 pm
भटकतारहासुकूनकीख़ातिरसबजगहलेकिन,ख़ुदअपनेहीघरमेंझाँकनाबाकीरहामेरा .........
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Tag :कुछ मेरी डायरी से
  September 29, 2010, 7:40 pm
है उदास वो आज फिर,बैठा है तन्हा,!!!शायद अब क़द्र उसको यारों की होगी......
कोतुहल...
Tag :हाल ऐ दिल
  September 28, 2010, 8:36 pm
थीबड़ेसुकूनकीजगहवो,जिसमेथाकोईबुत, कोईइबादतखाना,!!!अबतोलगताहैडरमुझेउसकोनेमेंजातेहुएभी.....
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Tag :हाल ऐ दिल
  September 26, 2010, 2:17 pm
ख़ुद-ब-ख़ुद बोल जाती हैं आँखें उनकी,जो वो नहीं कहते,कह जाती हैं आँखें उनकी,!!!उनको तो राज़ छुपाना भी नहीं आता........
कोतुहल...
Tag :कुछ मेरी डायरी से
  July 18, 2010, 8:19 pm
इंतज़ार भी अजब राहत दिया करता,जबकि मालूम हो, उसने लौटकर आने से मना किया था कभी ।...
कोतुहल...
Tag :हाल ऐ दिल
  June 1, 2010, 12:52 pm
शिकायतसीहैउन्हेंहमसे,अबभीबेवफासमझतेहैंहमें,!!!गिरेबाँझाँकनासीखानहींउन्होंनेअबतक. ...
कोतुहल...
Tag :हाल ऐ दिल
  May 27, 2010, 8:28 pm
कल कोई ज़िक्र वफ़ा का कर रहा था कहीं...और मैं फिर आदतन तुम्हे याद कर बैठा........क्या करूँ पागलपन गया जो नहीं है अभी........फिरउस शख्स की बातें ध्यान से सुनने लगा और ..........और..........और फिर सोचा अब भी लोग वफ़ा पे यकीन करते हैं?........यूँही शिक़वे शिक़ायत करते आगे बढ़ा...........तो ख़ुद को उसी बस स्टॉप पर ...
कोतुहल...
Tag :हाल ऐ दिल
  May 24, 2010, 9:20 pm
याद जब भी आती है,तो आँखें नाम हो ही जाती हैं,तेरी बातों की यादों में, ये ग़ोते लगाती हैं ,!!!अगर ये फासला ना होता, तो क्या ये मज़ा होता ?...
कोतुहल...
Tag :हाल ऐ दिल
  May 16, 2010, 2:07 pm
न है अब दिल को दुखाने की वजह,न कोई रोने का सबब ही बाकी है,!!!मैं तेरी यादों से कितना दूर चला आया हूँ।...
कोतुहल...
Tag :हाल ऐ दिल
  May 13, 2010, 8:23 pm
उसके जाने का हमें अफ़सोस तो बहुत था,मगर उससे भी ज़्यादा अफ़सोस उसकी बेरुख़ी था,उसको जाना था, तो चला जाता, हम ना रोकते उसे,मगर जाने से पहले ख़ता तो बता जाता। ...
कोतुहल...
Tag :कुछ मेरी डायरी से
  May 10, 2010, 7:04 pm
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