| हरी, लाल और पीली-पीली!लीची होती बहुत रसीली!! गायब बाजारों से केले।सजे हुए लीची के ठेले।। आम और लीची का उदगम।मनभावन दोनों का संगम।। लीची के गुच्छे हैं सुन्दर।मीठा रस लीची के अन्दर।। गुच्छा प्राची के मन भाया!उसने उसको झट कब्जाया!! लीची को पकड़ा, दिखलाया!भइया को उसने ललच... |
| गीत पुराने, नये तराने अच्छे लगते हैं।हमको अब भी लोग पुराने अच्छे लगते हैं।जब भी मन ने आँखे खोली, उनका दर्शन पाया,देखी जब-जब सूरत भोली, तब-तब मन हर्षाया,स्वप्न सुहाने, सुर पहचाने अच्छे लगते हैं,मीत पुराने, नये-जमाने अच्छे लगते हैं।रात-चाँदनी, हँसता-चन्दा, तारे बहुत रुलाते... |
| एक आदमी जंगल से गुजर रहा था । उसेचार स्त्रियां मिली ।उसने पहली से पूछा - बहन तुम्हारा नामक्या हैं ?उसने कहा "बुद्धि "तुम कहां रहती हो?मनुष्य के दिमाग में।दूसरी स्त्री से पूछा - बहनतुम्हारा नामक्या हैं ?" लज्जा "।तुम कहां रहती हो ?आंख में ।तीसरी से पूछा - तुम्हारा क्या नाम है... |
| गलतफहमी-"एक होली ऐसी भी..." मेरे छोटे भाई बरेली के किसी चिकित्सालय में पशुचिकित्सा अधिकारी हैं। वह सपरिवार होली पर मेरे घर आये हुए थे। कुछ दिन पूर्व उनकी छोटी बेटी को बन्दर ने काट लिया था। नियमित अन्तराल पर उसको एण्टी रेबीज इंजक्शन लगना था।लेकिन मुझे यह पता नही था... |
| मन को बहुत लुभाने वाली,तितली रानी कितनी सुन्दर।भरा हुआ इसके पंखों में,रंगों का है एक समन्दर।।उपवन में मंडराती रहती,फूलों का रस पी जाती है।अपना मोहक रूप दिखाने,यह मेरे घर भी आती है।। भोली-भाली और सलोनी, यह जब लगती है सुस्ताने। इसे देख कर एक छिपकली,आ जाती है इसको खाने।।... |
| प्रस्तावदिवस की बधाई हो..!आज है प्रस्ताव का दिन, प्रणय के उत्कर्ष का।अब नहीं बाकी रहा है, वक्त विचार-विमर्श का।उनके ही होते यहाँ पूरे सुनहरे ख्वाब है-जो मनाते हर समय आनन्द अपने हर्ष का।।"मयंक"... |
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February 8, 2013, 4:22 pm |
| मित्रों! पिछले वर्ष आज ही के दिनदो वर्ष पहले यह रचनाएँ लिखी थी!इन दो रचनाओं को अपना स्वर दिया है मेरी मुँहबोली भतीजी श्रीमती अर्चना चाव जी ने!मौसम का हालकुहरे और सूरज में,जमकर हुई लड़ाई।जीत गया कुहरा, सूरज ने मुँहकी खाई।।ज्यों ही सूरज अपनी कुछ किरणें चमकाता,लेकिन कु... |
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January 13, 2013, 8:38 pm |
| इतिहास बन गया, गया साल।आया जीवन में, नया साल।।फिर स्वप्न सलोने टूटेंगे,कुछ मीत पुराने कुछ रूठेंगे,लेकिन जीवन के उपवन में,आशा के अंकुर फूटेंगे,खुशियों का होगा फिर धमाल।आया जीवन में, नया साल।।अब समय सुहाना आयेगा,सुख का सूरज मुस्कायेगा,जब अमराई बौराएगी,कोकिल स्वर भरकर ग... |
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December 31, 2012, 5:40 pm |
| नही जानता कैसे बन जाते हैं, मुझसे गीत-गजल।जाने कब मन के नभ पर, छा जाते हैं गहरे बादल।।ना कोई कापी या कागज, ना ही कलम चलाता हूँ।खोल पेज-मेकर को, हिन्दी टंकण करता जाता हूँ।।देख छटा बारिश की, अंगुलियाँ चलने लगतीं है।कम्प्यूटर देखा तो उस पर, शब्द उगलने लगतीं हैं।।नजर पड़ी टीव... |
Tag :सरस्वती माता का वन्दन
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December 28, 2012, 5:57 pm |
| कभी नरम-कभी गरम, कभी झगड़ा-कभी प्यार!कभी इक़रार-कभी इन्कार,कभी नखरे-कभी मनुहार!!मूल से से मोह-ब्याज से प्यार,यही तो है, जीवन का सार!!चलता रहा अनवरत,कभी न मानी हार!!वक्त कितनी जल्दी गया गुज़र,और कट गया जीवनसफर...!!!आज हमारे विवाह को 39 वर्ष व्यतीत हो गये हैं।जीवन की इस अल्पावधि ... |
Tag :मेरी 40वीं वैवाहिक वर्षगाँठ
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December 5, 2012, 4:45 pm |
| माननीय हरीश रावत मेरे लिए कोई नया परिचय नहीं है। 35 साल से इनसे हमारा राजनीतिक रिश्ता रहा है। बात उन दिनों की है जब भारत के प्रधानमन्त्री मा. पी.वी.नरसिंहा राव थे और उन दिनों पं.नारायण दत्त तिवारी जी जी कांग्रेस से अलग होकर तिवारी कांग्रेस बना ली थी। लेकिन मैं सेवा... |
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November 19, 2012, 2:25 pm |
| !! शुभ-दीपावली !!दूर करने को अन्धेरा दीप झिलमिल जल रहे। स्नेह पाकर प्यार का दीपक खुशी से खिल रहे।।दीन की कुटिया-भवन जगमग हुए आलोक से।लग रहा मानों सितारे आ गये द्यु-लोक से।।प्रेम से करना "गजानन-लक्ष्मी" आराधना।आज होनी चाहिए "माँ शारदे" की साधना।।अपने मन में इक दिया नन्हा ज... |
Tag :दीप-उत्सव पर शुभ-कामनाएँ
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November 12, 2012, 6:35 am |
| मित्रों! बहुत दिनों से एक विचार मन में दबा हुआ था! हमारे बहुत से मित्र अपने ब्लॉग पर या फेसबुक पर अपनी प्रविष्टि लगाते हैं। वह यह तो चाहते हैं कि लोग उनके यहाँ जाकर अपना अमूल्य समय लगा कर विचार कोई बढ़िया सी टिप्पणी दें। केवल इतना ही नहीं कुछ लोग तो मेल में लिंक भेजकर या... |
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October 26, 2012, 5:27 pm |
| स्वास्थ्यवर्धक के नाम पर लूट!आदरणीय स्वामी जी! आपकी बात मानकर मैं स्थानीय पतंजलि क्रयकेन्द्र पर गया तो वहाँ 5 अनाजों से निर्मित स्वास्थ्यवर्धक आटो का दाम पचास रुपये किलो था। इससे मेरा माथा ठनका कि चना के छोड़कर ज्वार, बाजरा. मक्की तो गेहूँ से कम दाम वाले अनाज हैं, ... |
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September 28, 2012, 9:52 am |
| कदम-कदम पर साथ निभाती।कार हमारी हमको भाती।।हिन्दीदिन पर इसको लाये।हम सब मन में थे हर्षाये।।आज तीसरा जन्मदिवस है।लेकिन अब भी जस की तस है।।यह सफर की सखी-सहेली।अब भी है ये नयी-नवेली।।साफ-सफाई इसकी करते।इसका ध्यान हमेशा धरते।।सड़कों पर चलती मतवाली।कभी न धोखा देने वाली... |
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September 13, 2012, 6:48 pm |
| मित्रों! 27 अगस्त को राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह, क़ैसरबाग, लखनऊ में अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लॉगर सम्मलेन का आयोजन किया गया। जिसमें अव्यवस्थाओं का अम्बार देखने को मिला। लेकिन यदि कोई खास बात थी तो वह यह थी कि आयोजकद्वय ने स्वयं को ही सम्मानित करवाने में कोई कोर-कसर नह... |
Tag :लखनऊ ब्लॉगर्स सम्मेलन
| आदरणीय ब्लॉगर मित्रों! 18 अगस्त, 1945 को नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की विमान दुर्घटना में मृत्यु हुई थी?यह तथ्य तो कुछ और ही बयान करते हैं-1- ब्रिटिश पार्ल्यामेंट में मि. एटिली (तत्कालीन प्रधानमंत्री) ने 18 अगस्त, 1945 में कहा था कि उनका भारतीय नेताओं से समझौता हो चुका है कि नेता ज... |
Tag :नेता जी सुभाषचन्द्र बोस
| मेरे पति (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक") ने बारिश शुरू होने पर,"बादल" शीर्षक से यह गीत लिखा था। इसे मैं अपनी आवाज में प्रस्तुत कर रही हूँ- श्रीमती अमर भारती बड़ी हसरत दिलों में थी, गगन में छा गये बादल। हमारे गाँव में भी आज, चल कर आ गये बादल।। गरज के साथ आयें हैं, बरस कर ... |
| My Dad Wishesby-Samphors Vuthअनुवादक-डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’♥♥♥♥♥♥♥♥♥पिता की आकांक्षाएँ(काव्यानुवाद)मेरे साथ सदा अच्छा हो,यही कामना करते हो।नहीं लड़ूँ मैं कभी किसी से,यही भावना भरते हो।।उन्नति के सोपान चढ़ूँ मैं,नीचे कभी न गिर जाऊँ।आप यही इच्छा रखते हो,विजय हमेशा मैं पाऊँ।।प... |
| एक मुलाकात (हिन्दी कविताएँ, आपके विचारसे साभार)ये है श्रीमती राजेश कुमारी जी के देहरादून स्थित सरकारी निवास का लॉन!सुबह सुबह जैसे ही फ़ोन की घंटी बजी उधर से हमारे ब्लोगिंग शिरोमणि डॉ रूप चन्द्र शास्त्री मयंक जी की आवाज सुनाई दी |नमस्कार शुभप्रभात करने के... |
| मेरे छोटे मित्र को, भाया मेरा रूप।वृद्धावस्था में कहाँ, इस चेहरे पर धूप।।सोच-समझकर ही सदा, करना हमसे प्यार।पिता तुल्य हम आपके, करना यही विचार।।खूब चलाओ लेखनी, देता हूँ अधिकार।कूँची ठण्डी राख में, भर देती अंगार।। ... |
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February 12, 2012, 7:38 pm |
| बी.एस.एन.एल. की दादागिरि!मित्रों!15 दिन पुरानी बात है! बी.एस.एन.एल. ने मेरा टेलीफोन नॉन पेमेण्ट के कारण बन्द कर दिया था। एक्सचेंज में जाने पर पता लगा कि मेरे ऊपर 2494 रुपये ड्यू हैं।मैंने टेलीफोन के एस.डी.ई. से कहा कि आपने बिल तो मुझको भेजे नहीं। तो उन्होंने जवाब दिया कि बिल बाँ... |
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September 25, 2011, 5:38 pm |
| आज से लगभग 30 साल पुरानी बात है।तब मैं खटीमा से 15 किमी दूर बनबसा में रहता था। उन दिनों मेरी मित्रता सेना से अवकाश प्राप्त ब्रिगेडियर गौविन्द सिंह रौतेला से हो गई थी। जो निहायत इंसाफपसंद और खरी बात कहने वाले व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे।एक दिन मैं अपने क्लीनिक से दोपहर... |
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September 15, 2011, 6:23 pm |
| ६५वें स्वाधीनता दिवस कीबहुत-बहुत शुभकामनाएँ!... |
| मैंने मुशायरे सुने हैं!बहुत अच्छा लगता है जब यह सुनता हूँ!"सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा!"क्या यह प्यारा देशभक्ति गीत किसी हिन्दू ने लिखा था?क्या हिन्दुओं के अतिरिक्त अन्य धर्मों के लोगों का कोई और देश है?क्या देश भक्ति का ज़ज़्बा केवल हिन्दुओं के ही मन में है?ऐस... |
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