| सन्नी लियोन छा गयी सीता के मुल्क में ,कौड़ी में हया बिक गयी सीता के मुल्क में !बेटियां पहन रही कुछ ऐसी पोशाकें ,शर्म भी शर्मा गयी सीता के मुल्क में !फैशन की होड़ में उघाड़ती बदन ,देख नज़रे झुक गयी सीता के मुल्क में !जिनको लिहाज़ है नहीं कुछ बाप-भाई का ,बेमौत क्यों न मर गयी सी... |
| THIS AD IS SPREADING DISCRIMINATION BETWEEN TWO GENDERS .OPPOSE THIS HERE-Hero MotoCorp[MASESTRO को बेचना है अपना उत्पाद ...चाहे उसके लिए कुछ भी करना पड़े .ये तैयार हैं .हम भी तैयार विरोध के लिए .''लड़की वाली बात'' क्या शर्म का विषय है और ''लड़कों वाली बात'' हिम्मत ..रौब और जिन्दादिली की ?.....MASESTRO बदल दें अपना विज्ञापन यही है माँ... |
| जिसका जैसा भाग्य लिखा है, वही कर्म का लेख दिखा है |........ज़िंदगी ,जंग और सफलता -१ ज़िंदगी की जंग -२चित्र ...-दैनिक जागरण साभार ....... |
| पितृ दिवस पर जगतपिता पर एक रचना----- सृष्टि को आगे बढाने का क्रम----पिता-पुत्र का दायित्व यह सच है कि ,ईश्वर ने-सृष्टि को आगे बढाने का बोझ ,नारी पर डाल दिया, पर-पुरुष पर भी तो..... |अंततः कब तक एक पिता ,बच्चों को-उंगली पकड़ कर चलाता रहेगा |बच्चा स्वयं अपना दायित्व निभाये,उचित,शा... |
| HAPPY FATHER'S DAYSHIKHA KAUSHIK वालिद शुक्रिया मेरे वालिद शुक्रिया ,रहे सलामत आप रब से करते यही दुआ !सर्दी-गर्मी बारिश से आप टकराये ,हम रहें महफूज़ ली खुद पर ही बलाएँ ,आगे बढ़कर फ़र्ज़ पूरा आपने किया !वालिद शुक्रिया मेरे वालिद शुक्रिया ,रहे सलामत आप रब से करते यही दुआ !कायदे से रहने की तहजी... |
| जो औरत मर्द से दबकर घर में रह नहीं सकती ,वो इज्ज़त से ज़माने में रह नहीं सकती !सुनो बेगम है जिसको कद्र अपने शौहर की ,वो घर की बात दुनिया में कह नहीं सकती !करे कितने भी ज़ुल्म शौहर अपनी बेगम पर ,वो बीवी क्या जो लब सिल के सह नहीं सकती !हदों में रहना हुक्म मर्द का जिस बीवी ने म... |
| इस बेटी के ज़ज्बे को सलामवर्तमान समय में बब्बी कुमारी दिल्ली स्थित जवाहरलालनेहरू विश्वविद्यालय से सोशियोलोजी की छात्रा हैं और इस समय ग्रीष्मावकास और वृद्ध पिता जी की तबियत ठीक न होने के कारण इन दिनों देवरिया जिले के साहबाज़पुर गाँव में अपने घर आयीं हुई हैं. इन्होने ... |
| भारतीय शहीदों को शत शत प्रणाम .भारत माता की जय !!दुनिया से कह दो ना आँखें दिखाए ,ताकत हमारी ना यूँ आजमाए ,भारत माँ के बेटे हैं हमलड़ते हैं जब तक दम में हो दम देशभक्ति का सिर पर जूनूनअपनी रगों में बहे गर्म खूनदुश्मन को जब तक चटा दे न धूल ,आता नहीं है दिल को सुकून ,है तिरं... |
| कल अखबारों में अय्यप्पन के बारे में पढ़ा तो आंख की कोर गीली हो गयी ....... निश्छल प्रेम की जो मिसाल उस आदमी ने कायम कर दी उसे दुनिया सदियों तक याद करेगी .......अपनी बीमार गर्भवती बीवी सुधा को घनघोर बारिश में जंगल के ऊबड़ खाबड़ रास्तों पे , पीठ पे लाद के वो आदमी अकेला चालीस किलोम... |
| READ THIS HEREwoman mudered on jeans issue 10471599वरिष्ठ संवाददाता, अलीगढ़। क्या जींस, टॉप पहनना वाकई जुर्म है? यदि नहीं तो बन्नादेवी क्षेत्र के ज्वालाजीपुरम में मंगलवार की रात एक बिटिया के जींस पहनने पर इतना बवाल क्यों बरपा? पहले तो महिला ने जींस पर कमेंट किया मगर जब युवती ने सवाल दागा तो आग बबूला ह... |
| प्रेम का पाखंडनारी के उर से खेल कर पा रहा आनंदसदियों से कर रहा पुरुष प्रेम का पाखंड !भोली प्रिया न जानती पुरुष के दांव -पेंच ,सर्वस्व अर्पित कर रही रागिनी अचेत ,भावनाओं में बही लुटा रही सुगंध !सदियों से कर रहा पुरुष प्रेम का पाखंड !छल कपट से मोह रहा नारी का ये ह्रदय ,लक्ष्... |
| लघु कथा सुबह सुबह घर का मुख्य द्वार कोई जोर जोर से पीट रहा था .वसुधा रसोई में नाश्ता तैयार कर रही थी गगन दफ्तर जाने के लिए तैयार हो रहा था .वसुधा काम बीच में छोड़कर झींकती हुई किवाड़ खोलने को बढ़ गयी .किवाड़ खोलते ही उसकी चीख निकल गयी -'' पिता जी आप ....ये ... |
| पुरुष कितना स्वार्थी है ये हर वो हादसा साबित करता है जब कोई कली कुचल दी जाती है .वो गीतिका हो या जिया .जिया को आधुनिक नारी की संज्ञा देकर उसकी आत्म हत्या को आधुनिकता का दुष्परिणाम बताने वाले ये क्यों भूल जाते हैं कि उसकी मौत परिणाम है उस पुरुष की बेवफाई का जिसन... |
| पैसा, शोहरत और बेक़ैद आज़ादी का नाम कामयाबी नहीं है Successज़िया ख़ान मर गई. उसने 3 दिन पहले पंखे से लटक कर खुदकुशी कर ली थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया है कि मरने से पहले उसने शराब भी पी थी. मरने से पहले उसने सूरज पंचोली को फ़ोन किया था. आत्महत्याएं सारे समाज के लिए चेतावनी है... |
| मैंने प्रकाश झा से कहा था कि मुझे बहन जी टाइप मत बनाना।क्यों कहा करीना ने ऐसा ? बहन जी फोबिया आखिर क्या है -जब कोई पुरुष सड़क पर या किसी अन्य जगह पर किसी महिला को संबोधित करते हुए कहता है -बहन जी और महिला को महसूस होता है कि ये उसकी सुन्दरता -स्मार्टनेस को कलंकित करन... |
| ऑनर किलिंग व् पुत्री धर्म आज भारतीय समाज 'ऑनर किलिंग ' जैसे स्त्री विरूद्ध अपराध से आक्रांत दिखाई दे रहा है .वैश्विक जीवन मूल्यों से प्रभावित होते भारतीय सामाजिक-पारिवारिक मूल्यों ने एक विचित्र स्थिति को जन्म दे दिया है .आज पिता -पुत्री व् बहन -भाई के पारस्परिक स्... |
| कहानी ---पर्यावरण दिवस (ड़ा श्याम गुप्त ) क्लब-हाउस के चारों ओर घूमते हुए मि.वर्मा, मि.सेन व मुकुलेश जी की मुलाक़ात सत्यप्रकाश जी से हुई | ‘चलिए सत्य जी,’ मि सेन बोले,’ आज पर्यावरण दिवस है, दोसौ पौधे आये हैं, ग्राउंड में लगवाने के ल... |
| दुश्मन न बनो अपने ,ये बात जान लो ,कुदरत को खेल खुद से ,न बर्दाश्त जान लो .चादर से बाहर अपने ,न पैर पसारो,बिगड़ी जो इसकी सूरत ,देगी घात जान लो . निशदिन ये पेड़ काट ,बनाते इमारते ,सीमा सहन की तोड़ ,रौंदेगी गात जान लो .शहंशाह बन पा रहे ,जो आज चांदनी ,करके ख़तम हवस को ,देगी रात जान लो .ज... |
Tag :gazal by shalini kaushik
| शूल बने फूल हैं , चुभन में भी मिठास है ,है मुदित ह्रदय मेरा , मिला प्रभु का साथ है !जिस शीश सजना किरीट था उस शीश पर जटा बंधी चौदह बरस वनवास पर चले प्रिय महारथी , मैं भी चली उस पथ पे ही जिस पथ पे प्राणनाथ हैं !है मुदित ह्रदय मेरा , मिला प्रभु का साथ है !ये है मेरा सौभाग्य श्री र... |
| स्मारिका- संस्कृति रक्षण में महिला सहभागयूनान ,मिस्र ,रोमां सब मिट गए जहाँ से ,बाकी अभी है लेकिन ,नामों निशां हमारा .कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी ,सदियों रहा है दुश्मन ,दौरे ज़मां हमारा .भारतीय संस्कृति की अक्षुणता को लक्ष्य कर कवि इक़बाल ने ये ऐसी अभिव्यक्ति दी ज... |
Tag :aalekh shalini kaushik
| आजकल के लड़केवाले -लघु कथा सीमा ने पड़ोसन विमला को उसके मुख्य द्वार से निकलते देखा तो अपनी चौखट लाँघ कर उसके पास पहुँच गयी और उसके कंधें पर हाथ रखते हुए बोली -विमला ..विम्पी को जो कल देखने आये थे क्या कह गए ?'' विमला उदास स्वर में बोली -'' क्या बताऊँ सीमा ...आजकल के लड़क... |
| कहानी मानव की जब मानव एकाकी था, सिर्फ़ एक अकेला मानव शायद मनु या आदम ( मनुष्य,आदमी ,मैन) हाथ में एक हथौडानुमा हथियार लिए घूमता रहता था, एक अकेला । एक दिन अचानक घूमते-घूमते उसने एक अपने जैसे ही अन्य आकृति के जानवर ( व्यक्ति) को जाते हुए देखा। उ... |
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