POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: WORLD's WOMAN BLOGGERS ASSOCIATION

Blogger: shikha kaushik
ये स्वर ये व्यजंन हिंदी के,सारे रंग हैं माँ की बिंदी के !!... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   6:00pm 13 Sep 2019
Blogger: shikha kaushik
स्वतंत्रता दिवस व रक्षाबंधन पर्व की बहुत-बहुत बधाई व अशेष शुभकामनाएँ.... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   10:31am 15 Aug 2019
Blogger: shikha kaushik
फेसबुक से लक्ष्मण सिंह देव जी ने कश्मीरी बहन - बेटियों का सही परिचय दिया है. आप भी पढ़िये -... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   7:19am 10 Aug 2019
Blogger: shikha kaushik
‘कश्मीरी लोग बरसों से मुश्किलें झेल रहे हैं। उनके हालात तब भी बुरे थे जब मैं छोटी थी, तब भी जब मेरे माता पिता छोटे थे और वे लोग तब भी मुश्किलों में जी रहे थे जब मेरे दादा जी जवान थे। उन्हें और कष्ट झेलने की जरूरत नहीं है।’ -मलाला का ट्वीट         मलाला युसूफजई का यह ट्... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   9:26am 9 Aug 2019
Blogger: shikha kaushik
''बंजर होती बिरादरी ''संभवतःबस एक ही बिरादरी है ;जो नहीं होती इकट्ठीचीखने को साथ ,अन्याय के खिलाफ ,चाहे'पुण्य ' को डस ले पाप !यहाँ प्रतिस्पर्धा ने ले लिया हैईर्ष्या का रूप ,धवल सुमुख हो उठें हैंविकृत  कुरूप |न्याय  के नाविकहर्षित हैं साथी  के डूबने  पर ,किन्तु स्वयं ... Read more
clicks 268 View   Vote 0 Like   6:46am 3 Aug 2018
Blogger: shikha kaushik
जिंदगी के जोड़ घटाने मेंरिश्तों का गणितअक्सर जरूरत के वक़्तजाने क्यों शून्य हो जाता हैऔर मन का भूगोलसब समझ कर भीकुछ नया खोजने लग जाता है।... Read more
clicks 236 View   Vote 0 Like   9:09am 18 Jul 2018
Blogger: shikha kaushik
दूर जाना लाज़िमी था,कुछ बहाना लाज़िमी था।अश्क़ कर देते बयाँ ग़म,मुस्कुराना लाज़िमी था।बेदिलों के पहलू में दिलटूट जाना लाज़िमी थाआ गए थे दूर घर सेलौट जाना लाज़िमी था।पिंजरें में क़ैद बुलबुलों काफड़फड़ाना लाज़िमी था।बेमग़ज़ कुछ हाथ थे,संग खाना लाज़िमी था।बहरी सियासत को जगानेइक धम... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   11:47am 11 Jul 2018
Blogger: shikha kaushik
 साथ न चलने के सौ बहाने करने वाले क्या साथ चलने का बहाना एक नहीं  ?जब रिश्ते में दरारें पड़ने लगतीं हैं तो ऐसा ही होता है। प्यार का पौधा भी पानी माँगता है। वही रिश्ता जो सबसे हसीन था वही कब चुभने लगता है कि नश्तर बन जाता है , पता ही नहीं चलता। वही साथी जिसके बिना रह... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   9:15am 2 Jul 2018
Blogger: shikha kaushik
कड़वा , खट्टा  ,मिर्चीलाहर बोल चल जाता है ,विकट क्षणों में किन्तु मित्र कामौन  खल जाता है  !...................................... करे समर्थन मित्र हमाराउससे रहे अपेक्षा ,साथ हमारे डटा रहे वोसबकी करे उपेक्षा ,कभी-कभी विश्वासी कोविश्वास छल जाता है .विकट क्षणों में किन्तु मित्र कामौन खल जात... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   10:30am 17 Dec 2017
Blogger: shikha kaushik
देर न हो जाये घाटी आज जाग जा ,मेरी वफ़ा का दे सिला अलगाव भूल जा !हिंदुस्तान जैसा आशिक न मिलेगा ,गुमराह न हो सैय्याद की चाल जान जा !.......................जो हाथ थाम मेरा साथ चलेगी ,मंजिल तरक्की की तुझे रोज़ मिलेगी ,खामोश न रह मेरे संग चीख कर दिखा !मेरी वफ़ा का दे सिला अलगाव भूल जा !...........................नों... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   3:17pm 22 May 2017
Blogger: shikha kaushik
माँ की फूंकचोट पे मरहममाँ के बोलमुश्किल समय में दुआमाँ की गोदबीमारी में दवामाँ का हाथपीठ पे हौसलाबन जाता हैये जादू नहीँ तो क्या हैपरवाह और फ़िक्र कामाँ की नज़रों सेबच पाना मुश्किल ही नहीँनामुमकिन भी है 😊... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   4:27pm 20 May 2017
Blogger: shikha kaushik
 शीर्षक - ''स्व-वित्त पोषित संस्थान में ''स्व-वित्त पोषित संस्थान मेंजो विराजते हैं ऊपर के पदों पर,उनको होता है हकनिचले पदों परकाम करने वालों कोज़लील करने का,क्योंकिवे बाध्य नहीं हैअपने किये कोजस्टिफाई करने के लिए .स्व-वित्त पोषित संस्थान मेंआपको नियुक्त किया जाता है... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   3:11pm 11 Apr 2017
Blogger: shikha kaushik
बसंत पंचमी कोमाँ सरस्वती का वन्दनअभिनंदन करते बच्चे आज भीविद्या के मंदिरों मेंपीली सरसों फूलीकोयल कूके अमवा की डालीपूछती हाल बसंत कातभी कुनमुनाता नवकोंपल कहताकहाँ है बसंत की मनोहारी छटा ?वो उत्सव वो मेले ???सब देखो हो गए हैं कितने अकेलेमैं भी विरल सा हो गया हूँउसकी ब... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   5:07pm 31 Jan 2017
Blogger: shikha kaushik
अपनों की गद्दारी का ;हर ज़ख़्म छिपाना पड़ता है !गैरों के  अपनेपन  से  ;ये दिल बहलाना पड़ता है !.......................................है मालूम हमें मक्कारी  ;पीठ के पीछे करता है ,पर महफ़िल में हंसकर उससे ;हाथ मिलाना पड़ता है !.......................................धोखा खाकर भी न सम्भले ;मौत के मुंह तक आ पहुंचे ,हमदर्दों की ह... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   6:59am 11 Dec 2016
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3916) कुल पोस्ट (192384)