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भूत-प्रेत की कहानियाँ

आधुनिक समय में भूत-प्रेत अंधविश्वास के प्रतीक के रूप में देखे जाते हैं पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो भूत-प्रेतों के अस्तित्व को नकार नहीं सकते। कुछ लोग (पढ़े-लिखे) जिन्हें भूत-प्रेत पर पूरा विश्वास होता है वे भी इन आत्माओं के अस्तित्व को नकार जाते हैं क्योंकि उनको पता है कि अग...
भूत-प्रेत की कहानियाँ...
Tag :प्रेत
  September 20, 2017, 10:44 am
जी हाँ। नेटुआबीर बाबा! कहने के लिए तो भूत-प्रेत की श्रेणी में हैं पर इनके किस्से इन्हें वीर और अच्छे भूत-प्रेत की श्रेणी में लाकर खड़े कर देते हैं। एक ऐसे भूत जो अपने कारनामों के चलते पूज्यनीय बन गए और आज भी गाँव-जवार में इनकी पूजा की जाती है। गाँव के पूर्वी ओर नहर के उस ...
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Tag :चुड़ैल
  August 17, 2017, 11:55 am
विज्ञान जैसे-जैसे समृद्ध होते जा रहा है, भूत-प्रेत कहानियाँ बनते जा रहे हैं। जी हाँ, विज्ञान कभी-भी किसी भी भूत-प्रेत के अस्तित्व को नहीं मानता, पर कुछ रहस्यमयी घटनाओं पर से परदा भी नहीं उठा पाता। खैर हमें तो मनोरंजन के रूप में इस कहानी को सुनना-सुनाना है और इस लफड़े में न...
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Tag :अभिमंत्रित
  June 28, 2017, 8:45 pm
चित्र-साभार- http://rahasyapeeth.blogspot.in/50बरिसहा रमेसरजी पर तो संन्यासी बनने का भूत सवार था। गले में कई-कई कंठी-माला धारण करने के साथ ही भगवा वस्त्र धारण करके भगवान का नाम जपते वे तीर्थ स्थलों का भ्रमण करते रहते थे। उन्हें अपने आपको महात्मा कहलाना बहुत ही पसंद था। खैर, उनका मन अशांत र...
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Tag :ब्रह्मप्रेत
  April 23, 2017, 7:04 pm
माने या ना मानें पर कहीं कुछ तो ऐसा है, जो रहस्यमय बना हुआ है। कुछ ऐसा जो कौतुहल पैदा करता है। कुछ सोचने-विचारने पर मजबूर करता है। क्या आपको नहीं लगता। कभी-कभी तो मुझे ऐसा लगता है कि इंसान की कल्पनाएँ हकीकत में बदल जाती हैं। जो कभी घटना रहती है, वही आगे चलकर कहानी में बदल ज...
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Tag :एकड़
  January 8, 2017, 8:48 pm
पिताजी तो कह रहे थे कि कल सुबह चले जाना। पर खमेसर मानने वाला कहाँ था। वह बार-बार अपने माता-पिता को समझा रहा था कि गाँव आए 10 दिन हो गए, कॉलेज का हर्जा हो रहा है। एक हप्ते की छुट्टी थी और मैं 10 दिन गाँव में रुक गया। नहीं, पिताजी, अब मत रोकिए, जाने दीजिए। आज शाम निकलुँगा तो रात-बिर...
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Tag :एकड़
  January 8, 2017, 1:53 pm
भूतसे मिलना है, भूत को जानना है तो आइए आ लोगों को भूत (काल) में ले चलता हूँ। काफी पुरानी बात, घटना। शाम का समय था। गाँव के बाहर रमैनी साहू के बगीचे में कुछ गँवई लोग जमा थे। कुछ तो अपने गाय-भैंसों के साथ थे तो कुछ अपनी बकरियों के। रामखेलावन तो लग्गी से सूखी लकड़ी तोड़ने में लग...
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Tag :एकड़
  January 7, 2017, 5:11 pm
भूत-प्रेत, चुड़ैल, जिन्न ब्रह्मपिचाश आदि का नाम सुनते ही मानव मन कौतुहल से भर जाता है। वैसे भी जो भी रहस्यमयी बातें, घटनाएँ होती हैं, वे मानव मन को अपने आगोश में जल्दी ले लेती हैं। खैर इस प्रकार की बातें, घटनाएँ पढ़ने वाले या फिल्म आदि के माध्यम से देखने वाले के लिए रोमांच...
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Tag :चुड़ैल
  November 22, 2016, 2:50 pm
जय-जय। मैं बार-बार एक ही बात दुहराता रहता हूँ कि अगर भगवान का अस्तित्व है, ईश्वर का अस्तित्व है तो भूत-प्रेतों का क्यों नहीं?आत्माओं का क्यों नहीं?समय-समय पर आत्माओं के कुछ पुख्ता सबूत भी मिल जाते हैं। भारत ही नहीं विदेशों में भी आत्माएँ अपने होने का भान कराती रहती हैं। ख...
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Tag :चुड़ैल
  September 18, 2016, 7:37 pm
आज के वैज्ञानिकयुग में भूत-प्रेत, चुड़ैल-डायन की बात करने को कुछ लोग प्रासंगिक नहीं मानते। पर क्या, ये लोग सीना ठोंककर या तार्किक रूप से इन आत्माओं के अस्तित्व को खारिज कर सकते हैं?आज का विज्ञान जितनी तेजी से रहस्यों से परदा उठाने की बात करता है, उससे अधिक तेजी से नए-नए र...
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Tag :चुड़ैल
  September 12, 2016, 10:55 am
‘भागते भूत की लंगोटी भली!’ यह कहावत बहुत ही कही-सुनी जाती है पर वह लंगोट पहना भूत अभी तक मुझे नहीं दिखा। काफी दिनों से इस फेरा में हूँ कि कहीं वह भूत दिख जाए और वह भी भागते हुए, और वह भी अपनी लंगोटी को छोड़कर। कब ऐसा होगा? खैर अभी तो मन में, इस कहावत के अर्थ से, मतलब से नहीं अपि...
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Tag :
  August 13, 2016, 8:48 pm
भूत-प्रेतोंकी लीला भी अपरम्पार होती है। कभी-कभी ये बहुत ही सज्जनता से पेश आते हैं तो कभी-कभी इनका उग्र रूप अच्छे-अच्छों की धोतीगीली कर देता है। भूत-प्रेतों में बहुत कम ऐसे होते हैं जो आसानी से काबू में आ जाएँ नहीं तो अधिकतर सोखाओं-पंडितों को पानी पिलाकर रख देते हैं, उनकी ...
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Tag :चुड़ैल
  July 5, 2016, 9:50 pm
भूत, प्रेत-पिशाच, चुड़ैल, डायन, डाकिनी आदि नाम हर व्यक्ति के लिए कौतुहल बने रहते हैं, रहस्यमय बने रहते हैं। आज के वैज्ञानिक युग में वैज्ञानिकता इनके अस्तित्व को सिरे से खारिज करती है पर बिना ठोस प्रमाण के और साथ ही कभी-कभी कुछ ऐसे अतार्किक तर्कों से प्रेत-अस्तित्व को झुठ...
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Tag :चुड़ैल
  June 19, 2016, 4:58 pm
मध्य जुलाई का समय और रात के करीब 11 बज रहे होंगे। रात की कालिमा को बादलों की काली घटा ने और भी भयानक रूप से काली-कलूटी बना दिया था। खैर इस भयावह, सन्नाटेदार अँधियारी रात की परवाह न करते हुए गुगली-राधेनगर एक्सप्रेस अपनी तेज रफ्तार से अपने गंतव्य की ओर दौड़ते चली जा रही थी। च...
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Tag :चुड़ैल
  June 3, 2016, 11:57 am
पं. प्रभाकर गोपालपुरियाभूत-भूत और भूत, सिर्फ भूत। जी हाँ, इस गाँव में हर व्यक्ति तब सिर्फ और सिर्फ भूत-प्रेत की ही बात करता था। आज भी यह गाँव भूत-प्रेत के छाए से उबर नहीं पाया है पर हाँ, आजकल भूत-प्रेत की चर्चा कम हो गई है या जानबूझकर इस गाँव-जवार के लोग भूत-प्रेतों की चर्चा ...
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Tag :चुड़ैल
  April 26, 2016, 12:44 am
जी, हाँ! प्रभाकर गोपालपुरिया एक नई रोमांचक भूतही कहानी लेकर हाजिर है।इस कहानी में- कॉलेज के हास्टल में रहने वाला एक लड़का मरने के बाद भी हास्टल में अपने सहपाठियों के साथ रहने आ जा रहा है और जब उसके सहपाठियों को यह बात पता चलती है तो उन पर क्या गुजरती है? इस कहानी की रहस्...
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Tag :चुड़ैल
  February 26, 2016, 10:10 am
जी, हाँ! प्रभाकर गोपालपुरिया एक नई कहानी लेकर हाजिर है। कहानी शुरू करने से पहले, दो बातें- शायद आप भूत-प्रेत में विश्वास न करते हों? यह भी सत्य है कि आधुनिक वैज्ञानिक युग में कुछ चीजों का अस्तित्व केवल इसलिए नहीं माना जाता कि विज्ञान उसे अपनी कसौटियों पर कसता है और अपने न...
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Tag :जादू
  February 4, 2016, 3:59 pm
कुछ अपनेआपको ज्ञानी-विज्ञानी मानने वाले कहते हैं कि भूत-प्रेत, चुड़ैल, डाकिनी, जिन्न आदि बस कहानियों में ही अच्छे लगते हैं, इनका कोई अस्तित्व नहीं। पर मेरा मानना है कि पृथ्वी पर अनेकानेक रूपों में अनेक जीव पाए जाते हैं, कुछ ऐसे भी जिन्हें विज्ञान एककोशीय, अकोशीय, जीवाणु...
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Tag :चुड़ैल
  January 28, 2016, 12:37 pm
क्या गाँव, क्या शहर?हर जगह कुछ ऐसी घटनाएं सुनने को मिल ही जाती हैं जो भूत-प्रेत के अस्तित्व को अस्तित्वमय बना जाती हैं। कभी-कभी भूत-प्रेत को बनाने में इंसान भी महती भूमिका निभा जाता है। तमाम कुप्रथाओं, घृणित कर्मों के चलते भी भूत-प्रेत-चुड़ैल अस्तित्व में आ जाते हैं। सु...
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Tag :चुड़ैल
  October 22, 2015, 11:52 am
जीहाँ। नेटुआबीर बाबा! कहने के लिए तो भूत-प्रेत की श्रेणी में हैं पर इनके किस्से इन्हें वीर और अच्छे भूत-प्रेत की श्रेणी में लाकर खड़े कर देते हैं। एक ऐसे भूत जो अपने कारनामों के चलते पूज्यनीय बन गए और आज भी गाँव-जवार में इनकी पूजा की जाती है। गाँव के पूर्वी ओर नहर के उस पा...
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Tag :चुड़ैल
  September 25, 2015, 12:15 pm
सच्चा प्रेम बहुत मुश्किल से मिलता है, क्योंकि आज के स्वार्थ से परिपूर्ण जीवन में, दुनिया में सच्चे प्रेम का महत्व रह ही नहीं जाता। कहीं खूबसूरती के दिवाने मिल जाते हैं तो कहीं वाकपटुता एक दूसरे को करीब ला देती है पर अधिकतर मामलों में हवस ही प्रधान होती है। चार दिनों का ...
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  March 21, 2015, 6:17 pm
इस फोटो को भेजा है - सुश्री बबिता शर्माजी नेकहानी शुरू करने से पहले यह जान लेना जरूरी है कि बुड़ुआ क्या होता है?दरअसल बुड़ुआ भी एक तरह का भूत ही है। ऐसा माना जाता है कि अगर कोई प्राणी पानी में डूबकर मरता है तो वह बुड़ुआ (एक प्रकार का भूत) बन जाता है।पहले के समय में लोगों का य...
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  February 23, 2015, 11:50 am
भारत ही नहीं अगर विश्व की बात करें तो बहुत सारे ऐसे पढ़े-लिखे लोग मिल जाएंगे जो भूत-प्रेत, आत्मा में विश्वास करते हैं। आए दिन भूत की खबरें पढ़ने को या देखने को मिलती हैं। कभी-कभी कुछ लोगों के कैमरे में भी ऐसी आत्माएँ शूट हो जाती हैं।भूत है या नहीं यह अलग विषय है पर जो लोग अ...
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  November 25, 2014, 11:52 am
प्रभाकर पांडेय (चित्र- प्रभात पांडेय)बात बहुत ही पुरानी है। उस समय ग्रामीण लोग अधिकतर एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए बैलगाड़ी आदि का उपयोग करते थे। कोई भी शुभ त्योहार हो, या कोई प्रयोजन, बड़ा से बड़ा मेला जगह-जगह लगता था और मेला जाने के लिए लोग लगभग 10-15 दिन पहले से ही तैयार...
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  September 28, 2014, 12:22 pm
अभी-अभी हाल ही में तो खमेसर आया था इस कस्बे में। ऐसा कस्बा जो धीरे-धीरे शहर का रूप ले रहा था। इधर-उधर, दूर-दूर तक निर्माणाधीन बिल्डिंगें बिखरी पड़ी थीं। कहीं-कहीं, आस-पास में कई सारी बिल्डिंगें बन रही थीं तो कहीं-कहीं एकदम से सन्नाटा पसरा था। दूर-दूर तक एक भी घर नहीं तो किस...
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  August 24, 2014, 1:44 pm
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