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Blog: भूत-प्रेत की कहानियाँ

Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
सादर नमस्कार,भूत-प्रेत की चुनिंदा कहानियों को नए कलेवर के साथ लेकर हम लाए हैं....आपके लिए....इस लिंक से आप प्रीआर्डर कर सकते हैं। धन्यवाद।भूत-प्रेत की कहानियाँ में पहली पुस्तक... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   3:42am 13 Oct 2018 #आत्मा
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
आधुनिक समय में भूत-प्रेत अंधविश्वास के प्रतीक के रूप में देखे जाते हैं पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो भूत-प्रेतों के अस्तित्व को नकार नहीं सकते। कुछ लोग (पढ़े-लिखे) जिन्हें भूत-प्रेत पर पूरा विश्वास होता है वे भी इन आत्माओं के अस्तित्व को नकार जाते हैं क्योंकि उनको पता है कि अग... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   5:14am 20 Sep 2017 #प्रेत
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
जी हाँ। नेटुआबीर बाबा! कहने के लिए तो भूत-प्रेत की श्रेणी में हैं पर इनके किस्से इन्हें वीर और अच्छे भूत-प्रेत की श्रेणी में लाकर खड़े कर देते हैं। एक ऐसे भूत जो अपने कारनामों के चलते पूज्यनीय बन गए और आज भी गाँव-जवार में इनकी पूजा की जाती है। गाँव के पूर्वी ओर नहर के उस ... Read more
clicks 74 View   Vote 0 Like   6:25am 17 Aug 2017 #चुड़ैल
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
विज्ञान जैसे-जैसे समृद्ध होते जा रहा है, भूत-प्रेत कहानियाँ बनते जा रहे हैं। जी हाँ, विज्ञान कभी-भी किसी भी भूत-प्रेत के अस्तित्व को नहीं मानता, पर कुछ रहस्यमयी घटनाओं पर से परदा भी नहीं उठा पाता। खैर हमें तो मनोरंजन के रूप में इस कहानी को सुनना-सुनाना है और इस लफड़े में न... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   3:15pm 28 Jun 2017 #अभिमंत्रित
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
चित्र-साभार- http://rahasyapeeth.blogspot.in/50बरिसहा रमेसरजी पर तो संन्यासी बनने का भूत सवार था। गले में कई-कई कंठी-माला धारण करने के साथ ही भगवा वस्त्र धारण करके भगवान का नाम जपते वे तीर्थ स्थलों का भ्रमण करते रहते थे। उन्हें अपने आपको महात्मा कहलाना बहुत ही पसंद था। खैर, उनका मन अशांत र... Read more
clicks 75 View   Vote 0 Like   1:34pm 23 Apr 2017 #ब्रह्मप्रेत
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
माने या ना मानें पर कहीं कुछ तो ऐसा है, जो रहस्यमय बना हुआ है। कुछ ऐसा जो कौतुहल पैदा करता है। कुछ सोचने-विचारने पर मजबूर करता है। क्या आपको नहीं लगता। कभी-कभी तो मुझे ऐसा लगता है कि इंसान की कल्पनाएँ हकीकत में बदल जाती हैं। जो कभी घटना रहती है, वही आगे चलकर कहानी में बदल ज... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   3:18pm 8 Jan 2017 #एकड़
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
पिताजी तो कह रहे थे कि कल सुबह चले जाना। पर खमेसर मानने वाला कहाँ था। वह बार-बार अपने माता-पिता को समझा रहा था कि गाँव आए 10 दिन हो गए, कॉलेज का हर्जा हो रहा है। एक हप्ते की छुट्टी थी और मैं 10 दिन गाँव में रुक गया। नहीं, पिताजी, अब मत रोकिए, जाने दीजिए। आज शाम निकलुँगा तो रात-बिर... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   8:23am 8 Jan 2017 #एकड़
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
भूतसे मिलना है, भूत को जानना है तो आइए आ लोगों को भूत (काल) में ले चलता हूँ। काफी पुरानी बात, घटना। शाम का समय था। गाँव के बाहर रमैनी साहू के बगीचे में कुछ गँवई लोग जमा थे। कुछ तो अपने गाय-भैंसों के साथ थे तो कुछ अपनी बकरियों के। रामखेलावन तो लग्गी से सूखी लकड़ी तोड़ने में लग... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   11:41am 7 Jan 2017 #एकड़
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
भूत-प्रेत, चुड़ैल, जिन्न ब्रह्मपिचाश आदि का नाम सुनते ही मानव मन कौतुहल से भर जाता है। वैसे भी जो भी रहस्यमयी बातें, घटनाएँ होती हैं, वे मानव मन को अपने आगोश में जल्दी ले लेती हैं। खैर इस प्रकार की बातें, घटनाएँ पढ़ने वाले या फिल्म आदि के माध्यम से देखने वाले के लिए रोमांच... Read more
clicks 42 View   Vote 0 Like   9:20am 22 Nov 2016 #चुड़ैल
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
जय-जय। मैं बार-बार एक ही बात दुहराता रहता हूँ कि अगर भगवान का अस्तित्व है, ईश्वर का अस्तित्व है तो भूत-प्रेतों का क्यों नहीं?आत्माओं का क्यों नहीं?समय-समय पर आत्माओं के कुछ पुख्ता सबूत भी मिल जाते हैं। भारत ही नहीं विदेशों में भी आत्माएँ अपने होने का भान कराती रहती हैं। ख... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   2:07pm 18 Sep 2016 #चुड़ैल
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
आज के वैज्ञानिकयुग में भूत-प्रेत, चुड़ैल-डायन की बात करने को कुछ लोग प्रासंगिक नहीं मानते। पर क्या, ये लोग सीना ठोंककर या तार्किक रूप से इन आत्माओं के अस्तित्व को खारिज कर सकते हैं?आज का विज्ञान जितनी तेजी से रहस्यों से परदा उठाने की बात करता है, उससे अधिक तेजी से नए-नए र... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   5:25am 12 Sep 2016 #चुड़ैल
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
‘भागते भूत की लंगोटी भली!’ यह कहावत बहुत ही कही-सुनी जाती है पर वह लंगोट पहना भूत अभी तक मुझे नहीं दिखा। काफी दिनों से इस फेरा में हूँ कि कहीं वह भूत दिख जाए और वह भी भागते हुए, और वह भी अपनी लंगोटी को छोड़कर। कब ऐसा होगा? खैर अभी तो मन में, इस कहावत के अर्थ से, मतलब से नहीं अपि... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   3:18pm 13 Aug 2016 #
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
भूत-प्रेतोंकी लीला भी अपरम्पार होती है। कभी-कभी ये बहुत ही सज्जनता से पेश आते हैं तो कभी-कभी इनका उग्र रूप अच्छे-अच्छों की धोतीगीली कर देता है। भूत-प्रेतों में बहुत कम ऐसे होते हैं जो आसानी से काबू में आ जाएँ नहीं तो अधिकतर सोखाओं-पंडितों को पानी पिलाकर रख देते हैं, उनकी ... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   4:20pm 5 Jul 2016 #चुड़ैल
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
भूत, प्रेत-पिशाच, चुड़ैल, डायन, डाकिनी आदि नाम हर व्यक्ति के लिए कौतुहल बने रहते हैं, रहस्यमय बने रहते हैं। आज के वैज्ञानिक युग में वैज्ञानिकता इनके अस्तित्व को सिरे से खारिज करती है पर बिना ठोस प्रमाण के और साथ ही कभी-कभी कुछ ऐसे अतार्किक तर्कों से प्रेत-अस्तित्व को झुठ... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   11:28am 19 Jun 2016 #चुड़ैल
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
मध्य जुलाई का समय और रात के करीब 11 बज रहे होंगे। रात की कालिमा को बादलों की काली घटा ने और भी भयानक रूप से काली-कलूटी बना दिया था। खैर इस भयावह, सन्नाटेदार अँधियारी रात की परवाह न करते हुए गुगली-राधेनगर एक्सप्रेस अपनी तेज रफ्तार से अपने गंतव्य की ओर दौड़ते चली जा रही थी। च... Read more
clicks 61 View   Vote 0 Like   6:27am 3 Jun 2016 #चुड़ैल
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
पं. प्रभाकर गोपालपुरियाभूत-भूत और भूत, सिर्फ भूत। जी हाँ, इस गाँव में हर व्यक्ति तब सिर्फ और सिर्फ भूत-प्रेत की ही बात करता था। आज भी यह गाँव भूत-प्रेत के छाए से उबर नहीं पाया है पर हाँ, आजकल भूत-प्रेत की चर्चा कम हो गई है या जानबूझकर इस गाँव-जवार के लोग भूत-प्रेतों की चर्चा ... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   7:14pm 25 Apr 2016 #चुड़ैल
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
जी, हाँ! प्रभाकर गोपालपुरिया एक नई रोमांचक भूतही कहानी लेकर हाजिर है।इस कहानी में- कॉलेज के हास्टल में रहने वाला एक लड़का मरने के बाद भी हास्टल में अपने सहपाठियों के साथ रहने आ जा रहा है और जब उसके सहपाठियों को यह बात पता चलती है तो उन पर क्या गुजरती है? इस कहानी की रहस्... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   4:40am 26 Feb 2016 #चुड़ैल
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
जी, हाँ! प्रभाकर गोपालपुरिया एक नई कहानी लेकर हाजिर है। कहानी शुरू करने से पहले, दो बातें- शायद आप भूत-प्रेत में विश्वास न करते हों? यह भी सत्य है कि आधुनिक वैज्ञानिक युग में कुछ चीजों का अस्तित्व केवल इसलिए नहीं माना जाता कि विज्ञान उसे अपनी कसौटियों पर कसता है और अपने न... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   10:29am 4 Feb 2016 #जादू
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
कुछ अपनेआपको ज्ञानी-विज्ञानी मानने वाले कहते हैं कि भूत-प्रेत, चुड़ैल, डाकिनी, जिन्न आदि बस कहानियों में ही अच्छे लगते हैं, इनका कोई अस्तित्व नहीं। पर मेरा मानना है कि पृथ्वी पर अनेकानेक रूपों में अनेक जीव पाए जाते हैं, कुछ ऐसे भी जिन्हें विज्ञान एककोशीय, अकोशीय, जीवाणु... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   7:07am 28 Jan 2016 #चुड़ैल
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
क्या गाँव, क्या शहर?हर जगह कुछ ऐसी घटनाएं सुनने को मिल ही जाती हैं जो भूत-प्रेत के अस्तित्व को अस्तित्वमय बना जाती हैं। कभी-कभी भूत-प्रेत को बनाने में इंसान भी महती भूमिका निभा जाता है। तमाम कुप्रथाओं, घृणित कर्मों के चलते भी भूत-प्रेत-चुड़ैल अस्तित्व में आ जाते हैं। सु... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   6:22am 22 Oct 2015 #चुड़ैल
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
जीहाँ। नेटुआबीर बाबा! कहने के लिए तो भूत-प्रेत की श्रेणी में हैं पर इनके किस्से इन्हें वीर और अच्छे भूत-प्रेत की श्रेणी में लाकर खड़े कर देते हैं। एक ऐसे भूत जो अपने कारनामों के चलते पूज्यनीय बन गए और आज भी गाँव-जवार में इनकी पूजा की जाती है। गाँव के पूर्वी ओर नहर के उस पा... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   6:45am 25 Sep 2015 #चुड़ैल
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
सच्चा प्रेम बहुत मुश्किल से मिलता है, क्योंकि आज के स्वार्थ से परिपूर्ण जीवन में, दुनिया में सच्चे प्रेम का महत्व रह ही नहीं जाता। कहीं खूबसूरती के दिवाने मिल जाते हैं तो कहीं वाकपटुता एक दूसरे को करीब ला देती है पर अधिकतर मामलों में हवस ही प्रधान होती है। चार दिनों का ... Read more
clicks 2118 View   Vote 0 Like   12:47pm 21 Mar 2015 #
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
इस फोटो को भेजा है - सुश्री बबिता शर्माजी नेकहानी शुरू करने से पहले यह जान लेना जरूरी है कि बुड़ुआ क्या होता है?दरअसल बुड़ुआ भी एक तरह का भूत ही है। ऐसा माना जाता है कि अगर कोई प्राणी पानी में डूबकर मरता है तो वह बुड़ुआ (एक प्रकार का भूत) बन जाता है।पहले के समय में लोगों का य... Read more
clicks 1704 View   Vote 0 Like   6:20am 23 Feb 2015 #
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
भारत ही नहीं अगर विश्व की बात करें तो बहुत सारे ऐसे पढ़े-लिखे लोग मिल जाएंगे जो भूत-प्रेत, आत्मा में विश्वास करते हैं। आए दिन भूत की खबरें पढ़ने को या देखने को मिलती हैं। कभी-कभी कुछ लोगों के कैमरे में भी ऐसी आत्माएँ शूट हो जाती हैं।भूत है या नहीं यह अलग विषय है पर जो लोग अ... Read more
clicks 1169 View   Vote 0 Like   6:22am 25 Nov 2014 #
Blogger: प्रभाकर पाण्डेय "गोपालपुरिया"
प्रभाकर पांडेय (चित्र- प्रभात पांडेय)बात बहुत ही पुरानी है। उस समय ग्रामीण लोग अधिकतर एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए बैलगाड़ी आदि का उपयोग करते थे। कोई भी शुभ त्योहार हो, या कोई प्रयोजन, बड़ा से बड़ा मेला जगह-जगह लगता था और मेला जाने के लिए लोग लगभग 10-15 दिन पहले से ही तैयार... Read more
clicks 1324 View   Vote 0 Like   6:52am 28 Sep 2014 #
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