| चिड़िया रानी फुदक-फुदक कर, मीठा राग सुनाती हो।आनन-फानन में उड़ करके,आसमान तक जाती हो।।मेरे अगर पंख होते तो,मैं भी नभ तक हो आता।पेड़ों के ऊपर जा करके,ताजे-मीठे फल खाता।।जब मन करता मैं उड़ कर के,नानी जी के घर जाता।आसमान में कलाबाजियाँ, कर के सबको दिखलाता।।सूरज उगने से प... |
| ईदमीलादुन्नबी का स्मरणोत्सव मनाने का हुक्म﴿ حكم الاحتفال بذكرى المولد النبوي ﴾बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीममैं अति मेहरबान और दयालु अल्लाह के नाम से आरम्भ करता हूँ।हर प्रकार की हम्द व सना (प्रशंसा और गुणगान) अल्लाह के लिए योग्य है, हम उसी की प्रशंसा करते हैं, उसी से मदद मांगते औ... |
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January 25, 2013, 8:57 am |
| ग़म की रखवाली करते-करते ही उम्र तमाम हुई।पहरेदारी करते-करते सुबह हुई और शाम हई।।सुख आये थे संग में रहने.डाँट-डपट कर भगा दिया,जाने अनजाने में हमने,घर में ताला लगा लिया,पवन-बसन्ती दरवाजों में, आने में नाकाम हुई।पहरेदारी करते-करते सुबह हुई और शाम हई।।मन के सुमन चहकने में ह... |
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December 31, 2012, 5:59 pm |
| सन् 1979, बनबसा जिला-नैनीताल का वाकया है। उन दिनों मेरा निवास वहीं पर था । मेरे घर के सामने रिजर्व कैनाल फौरेस्ट का साल का जंगल था। उन पर काले मुँह के लंगूर बहुत रहते थे। मैंने काले रंग का भोटिया नस्ल का कुत्ता पाला हुआ था। उसका नाम टॉमी था। जो मेरे परिवार का एक वफादार सद... |
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November 23, 2012, 3:36 pm |
| !! शुभ-दीपावली !! तम अमावस का मिटाने को,दिवाली आ गयी है।दीपकों की रोशनी सबके,दिलों को भा गयी है।।जगमगाते खूबसूरत, लग रहे नन्हें दिये,लग रहा जैसे सितारे ही, धरा पर आ गये,झोंपड़ी महलों के जैसी,मुस्कराहट पा गयी है।दीपकों की रोशनी सबके,दिलों को भा गयी है।।भवन की दीवार को, बे... |
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November 12, 2012, 7:04 am |
| !! शुभ-दीपावली !!रोशनी का पर्व है, दीपक जलायें।नीड़ को नव-ज्योतियों से जगमगायें।।बातियाँ नन्हें दियों की कह रहीं,तन जलाकर वेदना को सह रहीं,तम मिटाकर, हम उजाले को दिखायें।नीड़ को नव-ज्योतियों से जगमगायें।।डूबते को एक तृण का है सहारा,ज़िन्दगी को अन्न के कण ने उबारा,धरा मे... |
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November 3, 2012, 3:56 pm |
| बुद्धि तीन प्रकार की होती है-१- रबड़ बुद्धि२- चमड़ा बुद्धि३- तेलिया बुद्धि--विचार कीजिए आप कौनसी बुद्धि के स्वामी हैं? रबड़ बुद्धि रबड़ की तरह होती है। उदाहरण के लिए आप रबड़ में एक सूई से सूराख कर दीजिए। सूई निकालते ही रबड़ अपने रूप में आ जाती है। सूराख किसी को दिखाई नह... |
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October 29, 2012, 5:41 pm |
| कौआ बहुत सयाना होता।कर्कश इसका गाना होता।।पेड़ों की डाली पर रहता।सर्दी, गर्मी, वर्षा सहता।।कीड़े और मकोड़े खाता।सूखी रोटी भी खा जाता।।सड़े मांस पर यह ललचाता।काँव-काँव स्वर में चिल्लाता।।साफ सफाई करता बेहतर।काला-कौआ होता मेहतर।।... |
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September 10, 2012, 6:02 pm |
| आज देश में उथल-पुथल क्यों,क्यों हैं भारतवासी आरत?कहाँ खो गया रामराज्य,और गाँधी के सपनों का भारत?आओ मिलकर आज विचारें,कैसी यह मजबूरी है?शान्ति वाटिका के सुमनों के,उर में कैसी दूरी है?क्यों भारत में बन्धु-बन्धु के,लहू का आज बना प्यासा?कहाँ खो गयी कर्णधार की,मधु रस में भीगी भ... |
| भारत के बालकहम भारत के भाग्य विधाता, नया राष्ट्र निर्माण करेंगे।देश-प्रेम के लिए न्योछावर, हँस-हँस अपने प्राण करेंगे।।गौतम, गाँधी, इन्दिरा जी की, हम ही तो तस्वीर हैं,हम ही भावी कर्णधार हैं, हम भारत के वीर हैं,भेद-भाव का भूत भगा कर, चारु राष्ट्र निर्माण करेंगे।देश-प्रेम ... |
| "बादल तो बादल होते हैं"श्वेत-श्याम से नभ में उगते,निर्मल जल का सिन्धु समेटे,लेकिन धुआँ-धुआँ होते हैं ।बादल तो बादल होते हैं ।बल के साथ गरजते रहते,दल के साथ लरजते रहते,जग में यहाँ-वहाँ होते हैं ।बादल तो बादल होते हैं ।चन्द्र,सूर्य का तेज घटाते,इनसे तारागण ढक जाते,बादल जहाँ... |
| आया राखी का त्यौहार!!हरियाला सावन ले आया, ये पावन उपहार।अमर रहा है, अमर रहेगा, राखी का त्यौहार।।आया राखी का त्यौहार!!जितनी ममता होती है, माता की मृदु लोरी में,उससे भी ज्यादा ममता है, राखी की डोरी में,भरा हुआ कच्चे धागों में, भाई-बहन का प्यार।अमर रहा है, अमर रहेगा, राखी का त... |
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