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Blog: dil dhadakta hai

Blogger: jalaluddin khan
राहों में उसका नज़रें बिछाना कभी-कभी,आता है याद गुज़रा ज़माना कभी-कभी.इंकार कैसे कर दूं,मोहब्बत में दोस्तों,साधा गया था दिल पे निशाना कभी-कभी.ये ठीक है की हमने मोहब्बत निभाई है,चाहा था उसने भी तो निभाना कभी-कभी.बेताब होके ढूंढता रहता हूँ उसको मैं,सुनता हूँ जब वफ़ा का तरा... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   6:30am 26 Jul 2012 #
Blogger: jalaluddin khan
कोई वादा न वफ़ा है तुमसे,जाने क्यों दिल ये लगा है तुमसे.हमने देखा जो नहीं था अबतक,ख्वाब आँखों में सजा है तुमसे.कैसे इंकार मैं कर दूँ यारा,दिल के धड़कन की सदा है तुमसे.तुम नहीं थे तो मैं ढूँढ रहा था तुमको,आज अपना भी पता है तुमसे.एक मुद्दत से खिज़ा का था बसेरा हर सू,फूल गुलशन म... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   11:47am 21 Jul 2012 #
Blogger: jalaluddin khan
गुलों का रंग हो,खुशियों का आना-जाना हो,हर एक पल,तेरी क़िस्मत में मुस्कराना हो.ये धूप-छाँव होदुनिया के वास्ते तो सही,तुम्हारे वास्ते मौसम सदा सुहाना हो.तुम्हारे चाँद-सितारे,फलक-ज़मीं सबकुछ,तुम्हारे नाम परदुनिया का हर ख़ज़ाना हो.तुम्हारा ज़िक्र चले तोचले ये दुनिया भी,... Read more
clicks 226 View   Vote 0 Like   4:38pm 20 Jul 2012 #
Blogger: jalaluddin khan
उनसे तन्हा अगर मिला जाये,शर्म से उनका सर झुका जाये.इश्क की है यही तो मजबूरी,हाले-दिल हमसे न कहा जाये.उसके दर पर ये सोच कर बैठे,जो हो उनका सितम सहा जाये.आके पहलू में ऐसे बैठे वो,उनसे शिकवा भी न किया जाये.दिन-ब-दिन वो निखरते जाते हैं,फूल जैसे कोई खिला जाये.प्यार की है यही सजा य... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   9:06am 14 Feb 2012 #
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