| एक गाँव में एक पण्डित जी अपनी पंडिताईन के साथ रहते थे ! पण्डित जी गाँव में पूजा और अन्य धार्मिक कार्य करवाते थे ! उन पण्डित जी के मन में जातिवाद और उंच नीच की भावना कूट-कूट कर भरी हुयी थी ! लेकिन पंडिताईन समझदार थी। समाज की विकृत रूढ़ियों को नही मानती थी।एक दिन पण्डित जी को ... |
| महापुरुषों नें कहा है कि विवेकहीन मनुष्य अपने साथ साथ दूसरों का अनर्थ भी करता है और जो अपने विवेक का उपयोग नहीं करके किसी के अंधानुकरण में लगा हो उसे क्या आप विवेकहीन नहीं कहेंगे ! अभी दो दिन पहले मदर्स डे अथवा हिंदी में माँ दिवस था और मुझे भी फेसबुक पर मदर्स डे की बधाई क... |
| अभी ताजा ताजा आये कर्नाटक विधानसभा चुनावों के परिणामों नें भाजपा के रणनीतिकारों में जो लोग शामिल है उनकी रणनीति और उनकी काबिलियत कि कलई खोल कर रख दी है ! क्योंकि कर्नाटक के चुनाव ऐसे समय में हुए हैं जब केन्द्र की कांग्रेस सरकार अनगिनत घोटालों के आरोपों से घिरी हुयी थी !... |
| कर्नाटक विधानसभा चुनावों के परिणाम जहां भाजपा के लिए निराशा लेकर आये वहीँ कांग्रेस के लिए उत्साह का कारण बन गए हैं जो कांग्रेस के नेताओं के बयानों में देखने को भी मिल रहे हैं जो अपने अति उत्साह में सुप्रीम कोर्ट पर भी तल्ख़ टिपण्णी करने से नहीं चूक रहे हैं ! में कल एक च... |
| हर रोज अखबारों के पन्ने हो या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हो सबमें बलात्कार के समाचार पढ़ने और सुनने को मिल रहे हैं ! और पिछले कुछ दिनों में ऐसे मामले कुछ ज्यादा ही सामने आ रहे हैं वो भले मीडिया के ज्यादा तवज्जो देने के कारण हो लेकिन लगता तो ऐसा ही है कि बलात्कार के मामलों में वृ... |
| देश में घोटाले दर घोटाले हो रहे हैं और एक के बाद एक नए घोटालों का जन्म हो रहा है ! अब तो ऐसा लगने लगा है कि सताधिश जनता की याददाश्त शक्ति को आजमाने की हौड़ लगा रहे हैं और मानो जनता से पूछ रहे हैं कि हम भी देखते हैं कि आपकी कितनी याद रखने कि शक्ति है और कितने घोटालों को आप याद र... |
| भारत को जब से आजादी मिली है तब से लेकर आज तक हम कूटनीतिक तौर पर विफल साबित होते आ रहें हैं जिसका नतीजा यह हुआ कि हमारे कुछ भूभाग पर चीन १९६२ से काबिज है तो कुछ भाग पर एक अदना सा देश पाकिस्तान १९४७ से काबिज है ! और हम अपनी संसद में उस भूभाग को वापिस लेनें कि प्रतिबद्धता वाले ... |
| कई बार हमारे घुटनों,कमर ,पीठ एवं पंसलियों आदि में दर्द हो जाता है ! ऐसे ही दर्द को दूर करने के लिए बाजार में कई तरह के आयुर्वेदिक तेल मिलते हैं जिनसे मालिश करने से दर्द दूर हो जाता है ! आज ऐसा ही तेल बनाने कि विधि आपको बताता हूँ जो सस्ता ,सरल और अचूक है और घर पर आराम से बनाया ज... |
| कल जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधिपति नें सीबीआई पर तंज कसते हुए कहा था कि आपने तो इस तरह हमारी बुनियाद को ही हिलाकर रख दिया है वो केवल न्यायाधिपति कि तल्ख़ टिप्पणी ही नहीं थी बल्कि उस टिप्पणी के माध्यम से न्यायाधीश महोदय कि वो दर्द अथवा चिंता भी झलकती है जो न्याया... |
| किसी भी लोकतांत्रिक शासन प्रणाली की सफलता के लिए वहाँ कि जनता का अपने संविधान में आस्था होना और लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं में विश्वास होना जरुरी है ! और इन संस्थाओं में विश्वास होने का मतलब यह कतई नहीं है कि इन संस्थाओं के भवनों में विश्वास हो बल्कि जनता का उन ... |
| जो राजनैतिक पार्टियां राज्य और केन्द्र में सत्तासीन है वो अपना विकास का राग अलाप रही है ! आजादी से लेकर अब तक सबसे ज्यादा सत्तारूढ़ रही पार्टी कांग्रेस पेंसठ सालों से अपने विकास का राग सुना रही है तो भाजपा भी जहां जहां सतारूढ़ है और रही है वहाँ वो भी अपने विकास का गुणगा... |
| जब कोई दूसरा देश हमारे साथ दुर्भावनापूर्ण बर्ताव या हरकत करता है तो हमारे अंदर देशभक्ति कि भावनाएँ हिलोरें लेने लगती है जो अच्छी लगती है लेकिन फिर वही भावनाएं सुषुप्तावस्था में चली जाती है और हमारे विचारों से और कार्यकलापों से वही भावनाएं दूर चली जाती है ! क्या हमारी ... |
| कल सर्वोच्च न्यायालय में सीबीआई निदेशक द्वारा प्रस्तुत किये गए हलफनामे के बाद यह तो साफ़ हो गया कि केन्द्र सरकार और उसके मंत्री किस तरह से एजेंसियों का दुरूपयोग कर रही है ! हालांकि यह ऐसी बात नहीं थी जिसका लोगों को पता नहीं था ! लोग पहले से ही जानते थे कि केन्द्र सरकार सी... |
| हमारे देश में फिल्मों में आपतिजनक दृश्यों और संवादों कि निगरानी के लिए जो संस्था बनी हुयी है वो केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (भारतीय सेसर बोर्ड) है लेकिन अगर आप गौर करेंगे तो पायेंगे कि ऐसे आपतिजनक और अश्लीलता से भरे हुए संवाद हो या फिर द्विअर्थी गाने हो वो धड़ल्ले स... |
| जहां पूरी व्यवस्था भ्रष्टाचार और संवेदनहीनता से सराबोर हो वहाँ क्या केवल कड़े कानूनों से बलात्कार कि बढती घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है ! कड़े कानूनों को लागू करने वाली तो यही व्यवस्था ही है तो फिर कैसे यह आशा की जा सकती कि इस व्यवस्था को सुधारे बिना किसी को न्याय म... |
| देश के सामने स्थतियाँ बड़ी विकट है जिनको देश चलाने कि जिम्मेदारी दी वही देश को लुट रहे हैं ! अपनी जिम्मेदारियों में वो ना केवल नाकाम साबित हो रहें है वर्ना दीमक कि तरह देश को खोखला करते जा रहे है ! ना हमारी सीमाएं सुरक्षित है ना हमारे जंगल ,जमीं और नदियाँ सुरक्षित है ! आम आ... |
| आज मीडिया की सोच हमारी सोच पर जबरदस्त तरीके से हावी होती जा रही है ! इसे हमारे दिमाग का दिवालियापन ही कहा जाएगा कि मीडिया हमको जिस तरीके से चलाना चाह रहा है हम भी उसी तरीके से चलते जाते हैं ! सही मायनों में देखा जाए तो दिमाग और सोच कहने को हमारी होती है लेकिन उसका रिमोट मीड... |
| जब सरकारों द्वारा अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सही तरीके से नहीं किया जाता है तो हर कोई सरकारों पर निशाना साधता हुआ दिखाई देता है ! जिसका अधिकार लोकतांत्रिक शासन प्रणाली के तहत हर किसी को है ! लेकिन जनता के लिए भी तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सरकारों कि आलोचना करने क... |
| पाकिस्तान से आये हिंदू यात्रियों द्वारा उनके साथ वहाँ पर हो रहे जुल्मों की सच्चाई मीडिया के माध्यम से पता लग रही है वो बहुत ही खौफनाक है ! उनके परिवार के कई सदस्य वहाँ पर है फिर भी वो लोग वापिस उस जहन्नुम जैसे देश में जाने को तैयार नहीं है ! इससे उनके साथ हो रहे जुल्मों का ... |
Tag :अल्पसंख्यकों पर अत्याचार
| आजकल सुचना माध्यमों में जिस बात पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है वो नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनने को लेकर है ! समाचार चैंनल पुरे दिन इन दोनों से जुडी छोटी से छोटी बातों को दिखा रहे हैं और उन्ही बातों को लेकर नयी बहस शुरू कर देते हैं ! और उन्ही ब... |
| मैंने अपने पिछले लेख में आपको बताया था कि किस तरह से विदेशी मुद्रा के लालच में हमारी सरकारें भारत के पशुधन को कत्लखानों के जरिये मरवा रही है लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि सरकारी आंकड़ों को देखा जाए तो यह बात निकलकर आती है कि हमारे दुधारू पशु लगातार कम होते जा रहें हैं... |
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February 4, 2013, 5:12 pm |
| भारत को अहिंसावादी देश माना जाता है ! इतिहास बताता कि यहाँ कभी घी और दूध कि नदियाँ बहती थी और पशुओं के प्रति जनता का अगाध प्रेम था ! पशु पक्षी प्रेम को धर्म का अंग मानकर उनकी पूजा होती थी ! इस आधार पर देखा जाए तो विश्व में सर्वाधिक पशु पक्षी भारत में ही होने चाहिए थे लेकिन आं... |
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February 3, 2013, 11:09 am |
| हर राष्ट्र-भक्त का हम मुक्त हृदय सॆ अभिनंदन करतॆ हैं !उसकॆ चरणॊ की धूल उठा कर,माथॆ पर चन्दन करतॆ हैं !!भारत की गौरव गाथा का, बच्चा- बच्चा गुण गान करॆ !इसकी खातिर माता हंसकर,निज बॆटॊं का बलिदान करॆ !!आज कंठ सॆ भारत माँ कॆ, कृंदित आवाज़ सुनाई दॆती है ! स्वामी जी की वाणी मॆं, भारत ... |
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February 2, 2013, 7:53 pm |
| ताकि सुरक्षित रहे आधी आबादी( प्रवीण पाण्डेय जी के ब्लॉग " न दैन्यं न पलायनम् " पर यह लेख पोस्ट हुआ है जो लेखन और विचार दोनों दृष्टियों से उच्च कोटि का लेख है इस लेख को आप उनके ब्लॉग पर जाकर पढ़ सकते हैं !! )... |
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January 31, 2013, 12:57 pm |
| जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल पिछले दौ सालों से लगातार किसी ना किसी विवाद से जुड रहा है ! पिछली बार भी सलमान रश्दी के आगमन पर विवाद था और उनके नहीं आने के बावजूद जिस तरह से उनकी विवादित पुस्तक के कुछ अंश दो साहित्यकारों द्वारा पढ़ने को लेकर विवाद हुआ और बात कानूनी कारवाई तक जा ... |
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January 30, 2013, 6:37 pm |
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