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Blog: प्रसून

Blogger: devduttaprasoon
 (सारे चित्र''गूगल-खोज'से साभार)चुपके-खुल कर अमन जलाते | खिलता महका चमन जलाते ||अशान्ति की जलती ज्वाला से- सुखद शान्ति का भवन जलाते ||हिंसा के दुर्दम प्रयास से- गांधी का सन्देश बचायें ! चलो-चलो यह देश बचायें !!1!!भेद-भाव की राजनीति से | जाति-धर्म की कूटनीति से ||चालाकी से पाँव पसा... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   3:22pm 14 Nov 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
                                         (सारे चित्र''गूगल-खोज'से साभार)                                         देख घिनौने काम कलेजा मुहँ को आता है !पाप किये अविराम कलेजा मुहँ को आता है !!दिल में उनके कपट-छुरी है ! नीयत उनकी बहुत बुरी है !!हाँ ज... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   8:42am 12 Nov 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
इस दुनिया में माना थोड़ा, सच का बहुमत कठिन बहुत |बढ़ा आत्मबल और भरोसा, अच्छे काम अकेला कर !!सभी गुरुजनों से तूने यह जीवन जीना सीखा है |उनकी कृपा से जिन्दा रहने, का आ गया सलीका है !!तुम पर जो उपकार किये हैं, उनको मत अनदेखा कर !बढ़ा आत्मबल और भरोसा, अच्छे काम अकेला कर !!1!!जन्म दिया है त... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   9:42am 8 Nov 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
गंगा-स्नान/नानक-जयन्ती(कार्त्तिक-पूर्णिमा) की सभी मित्रों को वधाई एवं तन-मन-रूह की शुद्धि हेतु मंगल कामना !                           (सारे चित्र''गूगल-खोज'से साभार)                                 प्रदूषणों से इसे बचा कर, मन इसमें नहलाएँ ! आज प्या... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   8:11am 6 Nov 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
  प्यार के फूलों से महकाओ, साथी अपने मन का आँगन !कभी काम की कुटिल कामना, धधक रहे अंगार उगलती |कभी क्रोध की गर्मी पाकर, धीरे-धीरे प्रीति सुलगती ||कई तरह की आग यहाँ है, बुझ-बुझ कर है जलती रहती- मन-मधुवन में किसी आग से, जल मत जाए महका चन्दन !  प्यार के फूलों से महकाओ, साथी अपने ... Read more
clicks 238 View   Vote 0 Like   3:40pm 5 Nov 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
पूजा करने चले बना के, ऊँची बड़ी इमारत !बिना प्यार के हो न सकेगी, सच्ची कभी इबादत !बजा के घंटी, चढ़ा मिठाई, भजन-कीर्त्तन करते !और कई तो रगड़ के माथा, हैं धरती पर झुकते !!बिना ध्यान के, चंचल मन से, पाठ किया करते हैं !बिना आस्था-श्रद्धा-निष्ठा, पढ़ते कथा-तिलाबत !बिना प्यार के हो न सकेगी, ... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   8:55am 4 Nov 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
चलन रोशनी का कोई तो चलाओ !! अँधेरे घने हैं, दिये तो जलाओ !निराशा का माना कि है बोलबाला | नहीं पास कोई है उम्मीद वाला ||माना कि तुम थक गये चीख कर के-नहीं टेर को कोई है सुनने वाला || मगर टिमटिमाते दिए की तरह जो- जगी आस है जो उसे मत सुलाओ !!चलन रोशनी का कोई तो चलाओ  अँधेरे घने है... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   2:22pm 1 Nov 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
 (सरे चित्र 'गूगल-खोज'से साभार)लगी हुई हैं कितनी चोटें, समाज का तन दुखता !दबी हुई हैं कई सिसकियाँ, दबे हुये हैं क्रन्दन !!शक्तिवाद के दबंगपन के, हुये शिकार लोग कुछ सीधे |सहते अत्याचार अल्पमत, बैठे हुये हैं नेत्र मूँदे !!मदद माँगते, नहीं मिल रही, कसक दबाकर  बैठे !कर न सके कुछ, ... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   10:55am 31 Oct 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
 (सरे चित्र 'गूगल-खोज'से साभार)यहाँ हविश के दीवानों का लगा हुआ है मेला !स्वार्थ की सुरसा का मुहँ है कितने योजन फैला !!परिवर्तन की ढपली बजती, शोर भरा आकर्षण |सम्बन्धों के बादल करते, काम-कुरस-रस वर्षण !!नेह जोड़ कर धोखा देना, हुआ एक फैशन सा-सरे आम मजनूँ को छलती, इश्क़ दिखा कर लैला !... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   11:02am 29 Oct 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
तन-मन में सन्ताप बढ़ाती, जीवन दुखद बनाती |काँटों जैसी चुभती, छिदती, दुखदाई सी पीड़ा !!उत्पादन के पवन-पुत्र का तन आये दिन बढ़ता |सरकारी गोदामों में पर, अन्न रात-दिन सड़ता ||निर्धन के घर राशन फिर भी, पूरा कभी न पड़ता |थर्मामीटर के पारे सा, भाव नित्य प्रति चढ़ता ||जाने कितने सुख यह लीले, ... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   2:39pm 28 Oct 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
तुम्हें बुलाये देश की माटी, चिन्ताकुल भारत मैया !टेर  सुनो  मोहन-बनबारी, ओ  बलदाऊ  के भैया !!देश  दुखी  है,  हुई  अपावन, गंगा-यमुना माई से !देश  दुखी  है, बना है रोगी, नक़ली दूध-मलाई से !!चारागाह  कहाँ  से  लायें.  सीमेन्ट के जंगल  में ?गौशालायें, सूनी-विरली, &n... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   10:09am 24 Oct 2014 #
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 (सरे चित्र 'गूगल-खोज'से साभार) सब के चेहरे खिले हुये ज्यों-फूल बाग की डाली के !जगमग-जगमग करें रोशनी, दिल में दीप दिवाली के !!एक जगह पर जमा सभी हों, सारे लोग नगरिया के !बन जाएँ सब ताने-बाने, मिल कर प्रेम-चदरिया के !!ग्रस्त अभावों से हों, उनकी भूख मिटायें सब मिल कर-  हर प्यासे ... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   9:02am 23 Oct 2014 #
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 (सरे चित्र 'गूगल-खोज'से साभार) घोर मलिनता मिटे, स्वच्छता अपने पाँव जमाये !दीप जले तो जले रोशनी दिल में भी हो जाये !!पाप और भ्रष्टाचारों को ठोकर मार भगायें !मानवता की मधुर भावना, सबके हृदय जगायें !!समानता का मन्त्र उचारें, सारे निबल उबारें !गिरे हुये हों, उन्हें उठा कर, अपन... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   4:51pm 22 Oct 2014 #
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               (सरे चित्र 'गूगल-खोज'से साभार)                                       (1) एक गज़लिका (धन-तेरस) (नई रचना) अब की धन-तेरस में धन का अनुचित लोभ न जागे !बाँटे पुण्य का दीप रोशनी, पाप-अन्धेरा भागे !!कुबेर वर दे हर साधक को, प्रसन्न होकर इस दिन !स... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   9:15am 21 Oct 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
मित्रो ! आज के प्रात:कालीन समाचारपत्र से ज्ञात हुआ कि मेरे एक अच्छे मित्र अशोक शर्मा जो पीलीभीत के जाने-माने व्यक्ति होने के साथ एक कवि और साहित्यकार भी थे, का कल अल्मोड़ा के चितई गोल देवता के स्थल के पास किसी होटल में एकाएक निधन हो गया ! परम पिता परमेश्वर से प्रार्थना है क... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   9:07am 13 Oct 2014 #
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 (सरे चित्र 'गूगल-खोज'से साभार)तन-मन में सन्ताप बढ़ाती , जीवन दुखद बनाती |काँटों जैसी चुभती, छिदती, दुखदाई सी पीड़ा !!उत्पादन के पवन-पुत्र का तन आये दिन बढ़ता |सरकारी गोदामों में पर, अन्न रात-दिन सड़ता ||निर्धन के घर राशन फिर भी, पूरा कभी न पड़ता |थर्मामीटर के पारे सा, भाव नित्य ... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   12:52pm 11 Oct 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
 (सरे चित्र 'गूगल-खोज'से साभार)भटकने में क्या धरा है, अपने भीतर राम ढूँढ़ें !तनिक अन्तर को जगा कर, ज्योति हम अभिराम ढूँढ़ें !!भूख से बच्चे दुखी हैं, रो रहे हैं बिलबिलाते  |उठा कर कपड़े ज़रा सा, पेट खाली है दिखाते ||नौकरी मिलती नहीं है, डिग्रियों का बोझ सर पर-ज़िन्दगी जीने से ख़ातिर... Read more
clicks 219 View   Vote 0 Like   9:45am 9 Oct 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
 (सरे चित्र 'गूगल-खोज'से साभार)नक़ली नेता, नक़ली लाला !यह हराम का चरे निवाला !! कभी पड़े मत इस से पाला !!घोर मुनाफ़े का भूखा है, उगल रहा है यह महँगाई !जमाखोर है नम्बर वन का, नम्बर दो का हातिमताई !!कोई है ठग राजनीति का, कोई है व्यापार माफ़िया !घोर अँधेरे इसके मन में, अखबारों में बना उजा... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   1:36pm 7 Oct 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
 (सरे चित्र 'गूगल-खोज'से साभार)कपट उगलते शैतानों का कोई प्रणेता नहीं चाहिये !विकास की नौटंकी करता, ऐसा नेता नहीं चाहिये !!करे-धरे कुछ नहीं, कागज़ों में बस अपना देश सुधारे |सबकी दौलत बटोर कर जो, अपनी झूठी शान बघारे ||दोनों हाथों माल समेटे, भरता उदर गिलहरी सा-अपना मोटा पेट भरे ... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   7:50am 6 Oct 2014 #
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(विजयादशमी पर्व के उत्तर दिवस पर विशेष) (सरे चित्र 'गूगल-खोज'से साभार)सोई भलाई जगा के देखो ! जगी बुराई सुला के देखो !!फूस का रावण जला रहे हो, मन का रावण जला के देखो !!गंगा में स्नान कर रहे, भूल गये हो मन पखारना |यहाँ विकारों के जंगल हैं, चाह रहे हो कब उजाड़ना !!बहुत मलिनता बढ़ी हुई ... Read more
clicks 181 View   Vote 0 Like   12:28pm 4 Oct 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
 (सरे चित्र 'गूगल-खोज'से साभार)जिनके दिल पत्थर होते हैं |  आँसू उनके भी झरते हैं ||दबे हुये पातालतोड़ साजिनका हृदय पनीला होता |केवल बाहर की कठोरता-बस ऊपर पथरीला होता ||पड़े प्रेम की चोट सुहानी, बन जल-धार फूट पड़ते हैं |जिनके दिल पत्थर होते हैं  | आँसू उनके भी झरते हैं ||1||  तप... Read more
clicks 225 View   Vote 0 Like   9:42am 3 Oct 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
 (वारिष्ट नागरिक-दिवस पर विशेष) (सरे चित्र 'गूगल-खोज'से साभार)  आयु के वट-वृक्ष पुराने |हम अनुभव में हुये सयाने ||वसन्त देखे, पतझर देखे |कई बदलते मंज़र देखे ||सूखे देखे, पावस देखे-मरुथल देखे जल-सर देखे ||सब से कर व्यवहार धैर्य से-सब से रिश्ते पड़े निभाने ||आयु के वट-वृक्ष पुर... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   2:40pm 1 Oct 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
 (सरे चित्र 'गूगल-खोज'से साभार)कभी बन गया नक़ली नेता, कभी लालची लाला यह |भेष बदल कर दानव आया, उजाले कपड़े वाला यह || खाता फिरता है हराम की | करे न मेहनत यह छदाम की ||कपट तपस्वी,असत्-पुजारी, जपता माला फिरे राम की !!कभी बन गया मौनी बाबा, लगा के मुहँ पे ताला यह |चेले धूर्त्त बटोरे इसन... Read more
clicks 200 View   Vote 0 Like   2:41pm 27 Sep 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
                                                                                         (सरे चित्र 'गूगल-खोज'से साभार)ताल पाट कर, बाग काट कर, भवन बनाने वाले सुन ! धरती के सुन्दर-सुन्दर परिधान मिटाने वाले सुन ! तू अपने वजूद के ख़ातिर | बना ... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   2:18pm 26 Sep 2014 #
Blogger: devduttaprasoon
 (सरे चित्र 'गूगल-खोज'से साभार)त्याग दें सुस्ती का आलम ! बटोरें ताज़ा नया दम !!रुकावट आये न कोई-अनवरत चलते रहें हम !!त्याग करके नींद गहरी- तुरत जागें अब न सोयें !आत्म बल अपना सँजोयें !!1!!   उदासी सब की भगायें !फूल खुशियों के खिलायें !!चुभन के माहौल में भी-अमन की बस्ती बसायें !!... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   1:40pm 22 Sep 2014 #
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