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Blog: Best Shayari । शायरी के खिलते गुलाब

Blogger: Vinay Prajapati
प्रकाश यादव "निर्भीक" | Prakash Yadav Nirbheek अक्सर ख़यालों में आना आपका अच्छा लगता है कुछ देर ही सही पर साथ आपका अच्छा लगता है वो बातें वो मुलाकातें जो रह गई अधूरी अब तलक ख्वाबों में ही गुफ़्तगू... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   3:58pm 23 Apr 2015 #प्रकाश यादव निर्भीक
Blogger: Vinay Prajapati
आबिद रिज़्वी अबरत | Abid Rizvi Abarat वो लड़की याद आती है [x3] वो जो ख्वाबोंं मेंं बसती थी मेरे दिल में उतरती थी वो जो मेरी हंसी मेंं अपनी मुस्कुराहट घोल देती थी जो मैंं दिल मेंं रखता था ज़ुबाँ से... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   3:15pm 15 Apr 2015 #आबिद रिज़्वी अबरत
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फ़रहत शहज़ाद | Farhat Shahzad शाम की फ़िक्र में सहर से गया फिर न लौटा कोई जो घर से गया जिसने देखा भी आसमान की तरफ़ आज बस वो ही बाल-ओ-पर से गया ग़म में तल्ख़ी, न आग ज़ख़्मों में ज़ायक़ा शे'र के हुनर से... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   2:40pm 26 Mar 2015 #ज़िंदगी शायरी
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फ़रहत शहज़ाद | Farhat Shahzad हर साँस में हरचंद महकता हुआ तू है धड़कन का बदन हिज्र के काँटों से लहू है दिल, गिरती हुई बर्फ़ में, ढलता हुआ सूरज जिस सिम्त भी उठती है नज़र, आलम-ए-हू है शायद के अभी... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   7:56pm 28 Feb 2015 #तन्हाई शायरी
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फ़रहत शहज़ाद | Farhat Shahzad जब तन्हाई धड़कन में बसे, दिल दुखता है दो आँखों में जब आस ढले, दिल दुखता है जिन राहों पर हमराह मेरे तुम होती थीं जब साथ वहाँ सन्नाटा चले, दिल दुखता है है वक़्त मुक़र्रर,... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   8:44pm 5 Nov 2014 #sad shayari
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यार को मैंने, मुझे यार ने सोने न दिया रातभर ताला-ए-बेदार ने सोने न दिया एक शब बुलबुल-ए-बेताब के... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   5:01pm 19 May 2014 #मोहब्बत
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सरफ़राज़ शाकिर सम्ते-कुहसार क्या है देखो तो आसमाँ झुक रहा है देखो तो बन गयी झील आइने जैसी अक्स उठा... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 222 View   Vote 0 Like   4:30am 15 Aug 2012 #रास्ता
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सरफ़राज़ शाकिर सिवांची गेट, मंगलियान की गली, जोधपुर, राजस्थान पेड़ पर पानी उगायें और देखें धूप के... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 209 View   Vote 0 Like   2:30am 14 Aug 2012 #मिट्टी
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अतहर नफ़ीस न मंज़िल हूँ न मंज़िल आशना हूँ मिसाले-बर्ग उड़ता फिर रहा हूँ मेरी आँखों के ख़ुश्को-तर में... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 227 View   Vote 0 Like   2:30am 11 Aug 2012 #अतहर नफ़ीस
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मंज़र भोपाली दिल है हीरे की कनी, जिस्म गुलाबों वाला मेरा महबूब है दरअस्ल किताबों वाला हुस्न है -... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 254 View   Vote 0 Like   2:30am 9 Aug 2012 #मंज़र भोपाली
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अक़ील नोमानी मिटा के ख़ुद को तुम्हें पाना चाहता हूँ मैं हमेशा अपने ही काम आना चाहता हूँ मैं अजीब... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 228 View   Vote 0 Like   2:30am 7 Aug 2012 #दरीचा
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मुनव्वर राना ऐ अहले-सियासत ये क़दम रुक नहीं सकते रुक सकते हैं फ़नकार क़लम रुक नहीं सकते हाँ होश यह... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 235 View   Vote 0 Like   2:30am 5 Aug 2012 #प्यार
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आफ़ताब अजमेरी मुहब्बत में तेरे ग़म की क़सम ऐसा भी होता है ख़ुशी रोती है और हँसता है ग़म ऐसा भी होता... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 236 View   Vote 0 Like   8:49am 3 Aug 2012 #ख़ुशी
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ए. एफ़. नज़र, सवाई माधोपुर चूल्हा-चौका फाइल बच्चे दिन भर उलझी रहती है वह घर में और दफ़तर में अब... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   12:31pm 30 Jul 2012 #पछुआ पवन
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शायिर: आफ़ताब अजमेरी यह तजरिबा हुआ है दुनिया में हमको आकर काँटों से दिल लगाओ फूलों से ज़ख़्म खाकर... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 238 View   Vote 0 Like   9:47am 25 Jul 2012 #मसलूब
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शायिर: अहमद शहज़ाद तेरे जहान में बेफल शजर नहीं मिलता बस एक अश्क है जिसका समर नहीं मिलता अन्धेरे... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 237 View   Vote 0 Like   4:33am 20 Jul 2012 #बस्ती
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शायिर: प्रो. ओम 'राज़' कौन था वह जो मुझे पहचान देकर चल दिया बे-रिदा1 तहरीर2 को उन्वान3 देकर चल... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   9:12am 8 Sep 2009 #तूफ़ान
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शायिर: वक़ील ख़ान 'बेदिल' (सम्भल) हर किसी को वफ़ा नहीं मिलती दर्दे-दिल को दवा नहीं मिलती कैसा इंसाफ़... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   6:54am 31 Aug 2009 #दवा
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शायिर: अमीर अशरफ़ ख़ाँ 'हसरत' (खतौली) सरमाया-ए-हयात1 मुझे कुछ मिला तो है महफूज़ मुफ़लिसी में भी मेरी... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   11:37am 21 Aug 2009 #तन्ज़
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शायिर: डॉ. इबरत बहराइची आहे-मज़लूम जब अश्कों को हवा देती है शीश महल के चराग़ों को बुझा देती है जब... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 209 View   Vote 0 Like   7:18am 7 Aug 2009 #दहलीज्
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शायिर: मोहसिन नक़वी मन्ज़र यह दिलनशीं तो नहीं दिल ख़राश है दोशे-हवा पे अब्रे-बरहना की लाश है लहरों... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   6:07am 2 Aug 2009 #शीशाए-दिल
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शायिर: कमल किशोर 'भावुक' जो मरुस्थल की प्यास बुझा दे उस सावन की आयु बड़ी है जो स्वर्णिम इतिहास रचा... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   3:00am 29 Jul 2009 #मंदिर
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शायिरा: शिबली हसन 'शैल' गर तुम्हारी कमी नहीं होती बेवफ़ा ज़िन्दगी नहीं होती हर कोई क्यों फ़रेब देता... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 204 View   Vote 0 Like   8:32am 25 Jul 2009 #फ़रेब
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शायिरा: असमा 'शब' आगरा ज़ख़्म दिल का मेरे तुम हरा मत करो बेरूख़ी से मिलो तो तुम मिला मत करो वह अगर... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   5:34am 23 Mar 2009 #बेरुखी
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शायिर: बेदिल संभली जब चमक उट्ठे तेरी याद के जुगनू कितने ख़ून बन-बनके गिरे आँख के आँसू... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   7:19am 25 Feb 2009 #ज़िन्दा
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