| पहले टाइम मैग्जिन और अब ब्रिटिश अख़बार ने भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लेकर सवाल खड़ा किया है।टाइम मैग्जिन ने अंडर एचिवर कहा तो ‘द इंडिपेंडेट’ने उन्हें सोनिया गांधी के हाथों का गुड्डा करार दिया है । सवाल सिर्फ टाइम मैग्जिन और ब्रिटिश अखबार की टिप्पणी भर से नह... |
| हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट । गाड़ियों में लगाये जानेवाले नंबर प्लेट का सरकारी भर्सन । आम लोगों के लिए टेंशन । सरकारी बाबुओं के लिए लेनदेन का नया साधन । नौकरी करते हुए एक और पेंशन । परिवहन विभाग प्राधिकरण के केन्द्रों पर ठेलमठेल भीड़ । धक्का मुक्की । नंबर आते आते समय खत... |
| लोगों ने प्राइवेट हॉस्टल के नाम को ओवरहॉलिंग करते-करते लॉज बना दिया। जो छोटे बड़े हर शहर के गली मुहल्ले में मिल जाएंगे। जहां रेगिस्तान की छाती पर हराभरा सुनहरा जंगल बसाने की ख्वाहिस लिए लाखों बच्चे रहते हैं। वही बच्चे जो बगिया से टूटकर मुरझाये हुए फुलों की तरह सालों त... |
| भाषा विनम्र होती है । बोली उदंड । भाषा अनुशासित रहती है, अभिभावक की देखरेख में रहनेवाले बच्चों की तरह । और बोली बिना अभिभावक वाले बच्चों की तरह । पूरी तरह से बेलगाम । जो किया वही ठीक है । इयाकरण-व्याकरण से कोई मतलब नहीं । जैसा बोला, वैसा ही सही । किसी की परवाह नहीं ... |
| दारा सिंह । कुश्ती का किंग । रूस्तम-ए- हिंद । शायद दुनिया का पहला पहलवान जिसने कभी मात नहीं खाई । जिसने दुनियाभर के पहलवानों को पटखनी दी । स्वामी विवेकानन्द का आध्यात्म और गांधी की अहिंसा को जाननेवाले फिरंगियों को पहली बार दारा सिंह ने ही भारत की शारीरिक ताक़त का अहसा... |
| उत्तर प्रदेश में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं । अखिलेश राज के सौ दिनों के दरम्यान राज्यभर में 1149 लोगों की हत्याएं हो चुकी है । यानी औसतन ग्यारह से बारह लोग हर रोज मारे जा रहे हैं । ये नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ें हैं । जमीनी सच्चाई इससे भी ज्यादा डरावनी है । यूपी म... |
| कॉर्पोरेट गरीब। यानी बड़ी कंपनी में कम सैलरी पर काम करने वाला कर्मचारी। ऊंची मत्वाकांक्षा। कुछ पाने की हसरत। मेहनत से सपने को हक़ीकत में बदलने का जज़्बा। आइरन किया हुआ शर्ट-पैंट। चमचमाते जूते। आंखों पर चश्मा। जो हर सुबह समय पर ऑफिस पहुंचता है। दिनभर कम्प्यूटर के साथ... |
| मैं बेटी हूंप्यारी सीनन्हीं सीछोटी सीसब मुझेदुलारते हैंपुचकारते हैंगोद में बिठाते हैंमेरे साथ खेलना चाहते हैंमेरी मुस्कान पर, हंसते हैंमेरी आह पर, तड़पते हैंफिर क्यों मेरी ही जैसीमेरी बहनों सेभेदभाव करते हैंक्यों उन्हेंजन्म से पहले मार देते हैं ........ ?... |
| पिछले कुछ दिनों में बीजेपी को लेकर जदयू के तेवर इतने तल्ख हो चुके हैं कि दोनों के रिश्ते पर बन आई है....सोलह साल का साथ कभी भी खत्म हो सकता है...गठबंधन में धर्मनिरपेक्षता की गांठ पड़ चुकी है... आखिर नीतीश कुमार धर्मनिरपेक्षता की वो कौन सी घेरा बना रहे हैं जिसमें लालकृ... |
| नमस्कार मैं उत्तर प्रदेश की एक बेटी हूं....आप मुझे किसी भी नाम से जान सकते हैं...मुन्नी, मीना, रजिया या कुछ और.. आज मैं व्यथा सुनाऊंगी इंसानियत की,,,मासूमियत की...कलेजा थाम के सुनियेगा...क्योंकि इसमें किसी का दर्द छुपा है...किसी की ज़ार जार रोती ज़िंदगी तो किसी की मौत क... |
| वही हुआ जिसकी आशंका थी । ब्रह्मेश्वर नाथ सिंह ऊर्फ ब्रह्मेश्वर मुखिया की हत्या कर दी गई । जो जैसा करता है, वो वैसा ही पाता है । ब्रह्मेश्वर सिंह की जो शख्सियत थी, या कहें कि उनकी जो छवि थी, उसका ऐसा ही अंत होता है । सत्तर साल के बूढे शरीर में चालीस गोलियां दाग दी गई । 273 हत्... |
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