| कबड्डी, क्रिकेट, डंडा और गिल्ली है जिंदगी / कभी शेर तो कभी भींगी बिल्ली है जिंदगी / भागम भाग, भागम भाग, दौड़म दौड़, दौड़म दौड़ / चेन्नई, मुम्बई, कोलकाता औरदिल्ली है जिंदगी... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| वो अजनबी था लेकिन हँसी शाम लिख गया चुपचाप मेरे दिल पे अपना नाम लिख गया थी बात उसकी महकी बहकती हुई अदा मुहब्बत हूँ मुहब्बत हूँ सरे आम लिख गया... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| आरक्षण एक सुविधा है इसे अधिकार के रूप में न लें।... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| . . . . . . . . . . . . . ये बात और. . . कि तुमने दहेज नहीं ली. . . परन्तु स्वयंवर, लव मैरेज. . . छी छी. . भ्रम तोड़ लेना. . . कि अयोध्या वासी दीप जलायेगें. . . चलो किसी तरह समझा बुझा कर. . . इंट्री हो जायेगी. . मगर. . केकई का क्या करोगे. . . भरत ने तो पहले ही.. जमीन जायदाद पर.. दसरथ के अँगुठा लगा रखे हैं. . . और फिर सीत... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| माँ की ममता जानिये, होती यह अनमोल। मधुरस जैसा होत हैं, मीठे इसके बोल॥ मीठे इसके बोल, दुआ ही हरदम बरसे। सुनने को आवाज, यहाँ हर बच्चा तरसे॥ कह शम्भू कविराय, दिखे जीवनकी झाँकी। आँचल में संसार बसी, होती है माँ की॥... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| . . . . . . . . . . . . . . . . . . . .ग्रंथों मेँ लिखा हैसतयुग मेंऔरतेखुद ही चिता पर जलती थीआज भीपुलिस की रिपोर्टों में कैदपरंपराहम बढ़ रहे हैंसतयुग की ओरमुखिया जीपँचायत बैठाए हैंकैसे भी होबात आगे नहीं जाएगीतभीहमारा समाज बढेगासतयुग की ओरतुम औरत होइसलिए हद में रहोतुम्हारा मौन हीहमें ल... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| हाँमैं नहीं पुछूँगातुम्हारे पुरूषों के प्रतिनफरत की वजहमगरतनिक सोचनाक्या वह नारी जानती थीकिउसके कोख से भेड़िया पैदा लेगामित्रोंगुलशन में बबूल उग आया हैचलो सब मिलकर काटते हैंतर्क वितर्क धरातल पर होहवा में बातें फुस्स्स हो जाती है... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| सुनोजा रहे होजाओमगरअब जब आनातुम अपना 'मौन' साथ लानामैं भी अपने सारे शब्दों की गठरीचुप्पी के हवाले कर आऊँगाचलो तय करलोकिनिगाहों से भीकोई फुसफुसाहट नहींनहीं सुनी जायेगीधड़कनों की आवाजबसमहसूसना हैपहली मुलाकात की मुस्कुराहटaurकल की नाराजगीताकिमोहब्बत को भीपता चलेउस... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| कलम हाथ में थीऔरगजल सामने खड़ी मुस्कुरा रही थीदिल और दिमाग लगा रहे थे शब्दों के भँवर में डुबकियाँकमबख्तकागज की किस्मत हो कोरी थी... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| _ चाहत_ आँखे ललायित है बस एक नजर तुम्हें देख लें इसी चाहत में रोज खिली खिली सी खुलती है कानों को तुम्हारी आवाज के सिवा कहाँ कुछ भाया है कभी धड़कनों को समेटे साँसों में जोश भरकर निकल पड़ता है सन्नाटे की तरफ होठ अब भी सिर्फ तुम्हारे प्रत्युत्तर में खुलने को आतुर सँजो सँजो क... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| तू टूटेगी तो बिखर मैं जाऊँगाबेहतर हैतू गुस्सा रहमैं अकड़ता रहूँगा... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| बड़े बेवफा हो चुके हो शम्भू तुम भी उसने दर्द दी और तुमने आह! तक न की... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| ॰ कुछ और देर ठहर जाओ सहर होने दो तुम्हारे प्यार का मुझपर असर होने दो ये बात और कि हम हैं नये मोहब्बत में चलन भी सीख समझ लेगें सफर होने दो तुम्हारे बिन हमारा जीना बड़ा मुश्किल हमारे हाथ की रोटी को जहर होने दो... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| _ अगर आँखों में पानी है, तो लाठी हाथ में रखना न जाने किस तरफ लुटती हुई अस्मत बुला बैठे... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| ♣☺♣कहना है बस आपसे, छोटी सी इक बात।होली की शुभकामना, खुशियों की सौगात॥खुशियों की सौगात, नहीं हो पाये धूमिल।नशा न करना यार, खेलना होली हिलमिल॥होली है हुड़दंग, जरा तू बचके रहना॥रंग न हो बदरंग, यही शम्भू का कहना॥♣☺♣... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| जब तलक कियादों में कुछ याद बाकी हैंमोहब्बततू भरम में रहमैं मुस्कुराता रहूँगा... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| सूरज की औकात से बाहर का काम थावह बुढ़ा दरख्त चाँद की मोहब्बत में सूखा है... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| बेशकअब किसी के दिल मेंनहीं रहता हूँखुद पे ही जुल्म करकेखुद को ही सहता हूँअपने जख्मों को लेकहीं दूर चले जामैं अब भी तीखा सचखूब कहता हूँ... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| चंद सपनों के टूट जाने से क्या होगाबेवजह तुम्हारे रूठ जाने से क्या होगासदियों का वादा है सदियों तक निभाऊँगाचंद पलों का साथ छूट जाने से क्या होगा... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
| चाहतों का सिलसिला न कभी रोकना पड़ेइस दर्द में रहकर कभी चाहा नहीं करना... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
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January 28, 2013, 10:41 am |
| भूख है तो लड़ने का गुमां साहब भूख हारेगी तो जिंदगी खत्म समझना... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
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January 28, 2013, 10:33 am |
| इस कदर ही चल तूगर गिरे संभल तूहौंसला हो तुझमेंसरल विरल अटल तूहर तरफ है धोखाबन वफा का बल तू... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
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January 28, 2013, 10:30 am |
| कभी कभीभूल जाता हूँखुद की उपस्थितिमोहब्बततुम तनहा होने से बचना... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
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December 30, 2012, 10:43 am |
| सुनोचुप रहनाजब तलक कितुम्हारी खुद की पीड़ातुम्हें तोड़ न देबेशक लाठियाँ लेकरगुमनाम सेबन जाओगेकिसी जुलूस का हिस्सामगर चुप रहनाजब तलकतुम्हारी खुद की कोखउजड़ न जाएबेशक बयानबाजी का दौड़ है येमगरलाठी के दौड़ आने तकचुप रहनाक्योंकिमर्द होने पे अब गर्व नहीं होताजेल जाना आम त... |
meri baat_____जब-जब सोंचा...
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December 30, 2012, 10:37 am |
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