| इप्टा रायपुर इकाई द्वारा सुप्रसिद्ध रंगकर्मी स्व. हबीब तनवीर की पुण्यतिथि पर 7 से 9 जून तक समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह का यह चतुर्थ वर्ष है। इस वर्ष यह समारोह बाल रंगकर्म पर केंद्रित होगा। इप्टा इसका आयोजन महाराष्ट्र मंडल के साथ मिलकर करेगा। महाराष्ट्र मंडल के प... |
| नाटक: कैद-ए-हयात नाटककार सुरेंद्र वर्मा निर्देशक: दानिश इकबाल कलाकार: दानिश इकबाल, निधि मिश्रा, सदानंद पाटील, वसुंधरा बोस ख्यातनाम शायर मिर्जा गालिब की जिंदगी पर वैसे तो कई नाटक लिखे गए हैं लेकिन सुरेद्र वर्मा के लिखे इस नाटक का मजा ही अलग है और अगर इसे सलीके वाला निर्द... |
| दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज की ड्रामेटिक सोसाइटी द थर्ड एक्ट ने मशहूर अफसानानिगार सआदत हसन मंटो की कहानियों पर आधारित नाटक मंटो…जो रात हमने गुज़ारी मरके का मंचन किया | एक संयोग ही है कि मंटो की चार कहानियों पर आधारित यह नाट्य प्रस्तुति अंतर्राष्ट्रीय मह... |
| मनुष्य प्रकृति की सबसे उत्तम कृति है.शायद इसीलिए प्रकृति ने जो भी रचा- नदी, पहाड़, झील, झरना, धरती, आसमान, हवा, पानी, फूल, फल, अनाज, औषधि आदि सबपर उसने अपना पहला दावा ठोंका. इतने से भी उसका जी नहीं भरा तो उसने अन्य जीव-जंतुओं, यहाँ तक कि अपने जैसे मनुष्यों पर भी अपना अधिकार जमा ल... |
| मदीहा ग़ौहर लगभग 30 साल से पाकिस्तानी महिलाओं की पहचान बनी हुई हैं. अदाकारा बनने का फ़ैसला उनके लिए भारी पडा था वह अपने ही परिवार में अलग थलग पड़ गईं. उनकी एक शादी भी टूट गई लेकिन मदीहा ने हिम्मत नहीं हारी. पाकिस्तान के लोग जब मदीहा को याद करते हैं तो कह उठते [...]... |
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February 16, 2013, 12:47 pm |
| मदीहा ग़ौहर लगभग 30 साल से पाकिस्तानी महिलाओं की पहचान बनी हुई हैं. अदाकारा बनने का फ़ैसला उनके लिए भारी पडा था वह अपने ही परिवार में अलग थलग पड़ गईं. उनकी एक शादी भी टूट गई लेकिन मदीहा ने हिम्मत नहीं हारी. पाकिस्तान के लोग जब मदीहा को याद करते हैं तो कह उठते [...]... |
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February 16, 2013, 12:47 pm |
| स्वामी विवेकानंद के जीवन से आरम्भ होकर फैज़ अहमद फैज़ की ज़िन्दगी पर समापन होने वाले ‘आदि विद्रोही नाट्य समारोह’ में सात नाट्य प्रदर्शन हुए। 2 दिसंबर से 8 दिसंबर तक आयोजित इस सात दिवसीय नाट्य समारोह में राष्ट्रीय रंगमंच के सात नाट्य समूह को आमंत्रित किया गया था। जिसमे दो... |
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January 14, 2013, 3:07 pm |
| सीगल एक समुंद्री परिंदा जो खुले आसमान में अपनी उड़ान भरता है। इसी तरह का सीगल थियेटर कंपनीभी रंगकर्म के खुले आकाश में उड़ान भरते हुए अपनी अलग पहचान बना रहा है। 1990 में गुवाहाटी के कुछ रंगकर्मी ने इस थियेटर कंपनी की स्थापना की थी, जिसमे अहम् भूमिका बहारुल इस्लाम और उनकी पत्... |
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November 13, 2012, 3:57 pm |
| टॉम ऑल्टर ने एक साक्षात्कार में कहा था की भारत भवन के मंच पर खड़े होते ही कलाकार के अन्दर एक अजीब उर्जा पैदा होती है, जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता और या बात दुसरे कलाकारों ने भी दोहराई है. भारत भवन ने कला संसार में विशिष्ट पहचान बनाई है और भारत भवन द्वारा आयोजित कोई ... |
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November 4, 2012, 8:20 pm |
| ‘जनता पागल हो गई है’-एक पुनर्पाठ( इस नाटक की पीडीएफ़ फाइल इस लिंक से डाउनलोड की जा सकती है - ‘जनता पागल हो गई है’ लेखक-शिवराम janta pagal ho gayi hai.pdf 1.4 MB )शिवराम का नुक्कड़ नाटक ‘जनता पागल हो गई है’ आपातकाल से पहले ही 1974 में लिखा गया था, जो कालांतर में काफ़ी प्रसिद्ध हुआ। इसका पहला प्रद... |
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November 3, 2012, 9:58 pm |
| नाटक – चैनपुर की दास्तानरूपांतरण – रंजीत कपूरनिर्देशन – साक्षी शर्माअभिनट थियेटर ग्रुप एवं रस-रंग मंच की प्रस्तुतिरवींद्र मंच, जयपुरसोमवार 15 अक्तूबर 2012
उन्नीसवीं सदी के रूस के श्रेष्ठतम हास्य लेखक एवं नाटककार निकोलाई गोगोल ने करीब दो शताब्दियों तक बड़े बड़े लेखकों क... |
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October 16, 2012, 2:14 pm |
| अस्सी के दशक में हैदराबाद से प्रकाशित उर्दू हास्य व्यंग्य पत्रिका ‘शगुफा’ ने उर्दू नाटक पर एक विशेषांक प्रकाशित किया था, जिसके अतिथि संपादक सागर सरहदी थे. जिन्होंने अपनी सम्पादकीय में इस बात का अफ़सोस जाहिर किया था कि उर्दू में स्टेज नाटक नहीं लिखे जा रहे है. इसी बात क... |
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October 11, 2012, 10:10 pm |
| नाटक – यहूदी की लड़कीलेखक – आगा हश्र कश्मीरीनिर्देशक – संजय मेहताआयोजन – उर्दू नाट्य समारोह रवींद्र भवन, भोपालबुधवार, अक्तूबर 04, 2012
ईश्वर की इबादत की तरह पवित्र। जातीय बंधन से कोसों दूर। शाही फरमान से बेखौफ। ऐसे ही एक प्रेम की दास्तान और जातीय बंधन को तोडऩे का संदेश देत... |
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October 4, 2012, 11:17 pm |
| नाटक – यहूदी की लड़की लेखक – आगा हश्र कश्मीरी निर्देशक – संजय मेहता आयोजन – उर्दू नाट्य समारोह रवींद्र भवन, भोपाल बुधवार, अक्तूबर 04, 2012 ईश्वर की इबादत की तरह पवित्र। जातीय बंधन से कोसों दूर। शाही फरमान से बेखौफ। ऐसे ही एक प्रेम की दास्तान और जातीय बंधन को तोडऩे का संदेश द... |
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October 4, 2012, 11:17 pm |
| लगभग दो दशक के बाद थिएटर की ओर लौटे जाने-माने अभिनेता और रंगकर्मी कुलभूषण खरबंदा कला की इस विधा के प्रति लोगों में बढ़ते आकर्षण से काफी खुश हैं.कोलकाता की नाट्य संस्था पदातिक के ताजा नाटक आत्मकथा के मंचन के सिलसिले में कोलकाता पहुंचे खरबंदा कहते हैं कि नाटकों के दर्शक... |
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October 2, 2012, 10:16 pm |
| अरविंद गौड़ से आशीष कुमार ‘अंशु’ की बातचीतमूलरूप से रविवार.कॉमपर प्रकाशित, हम रविवार.कॉम टीम की सहमती से अपने पाठकों के लिए साभार यहाँ प्रस्तुत कर रहे हैं.
हिन्दी थिएटर में रूचि रखने वालों के लिए अरविन्द गौड़ का नाम जाना पहचाना है. तुगलक (गिरिश कर्नाड), कोर्ट मार्शल (स्व... |
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September 24, 2012, 7:07 am |
| नाटक जीवन के रंगों को दिखाने का सबसे बेहतर माध्यम है, इसलिए जिस नाटक में जीवन के जितने रंग होते हैं वो नाटक उतना ही सफल रहता है. अगर हम भारतीय नाटकों की समीक्षा करें तो यह तर्क साबित भी होता है की जितने सफल नाटक हैं वो आम जीवन के रंगों के इर्द गिर्द ही केन्द्रित है और यह तर... |
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September 23, 2012, 12:58 pm |
| हिंदी रंगमंच में गिनती के ही रंगकर्मी है जिनके नाम से दर्शक पैसा खर्च करके नाटक देखता है. क्योंकि उनको विश्वास होता है कि वो एक नाटक नहीं बल्कि एक संघर्षशील रंगकर्मी को साक्षात् अभिनय करते देखेंगे, ये वो रंगकर्मी होते हैं, जिन्होंने अपना जीवन रंगकर्म को ही समर्पित कर ... |
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September 22, 2012, 12:36 pm |
| महेश दत्ताणी भारतीय नाटककारों में अग्रणी स्थान रखते हैं। ‘फाइनल सॉल्यूशंस’, ‘डांस लाइक अ मैन’, ‘तारा’ और ‘थर्टी डेज इन सेप्टेंबर’ जैसे नाटकों ने न सिर्फ उन्हें दुनिया भर में ख्याति दिलाई, बल्कि भारतीय रंग परिदृश्य पर गहरा असर भी डाला है। अभी कुछ दिनों पहले वह भोपाल न... |
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September 18, 2012, 10:20 pm |
| नाटक कौवा चला हंस की चाललेखक मौलियरनिर्देशक संदीप लेलेप्रस्तुति रंग दर्पण एवं आयाम संस्थाकलाकार अंकित पचीसिया, विपुल वशिष्ट, नवीन ठाकुर, जीतेन्द्र मीना, धृति शर्मा, भारती परवानी, संदीप लेले व अन्यरेटिंग रवींद्र मंच, जयपुरबुधवार. सितम्बर 12, 2012बुधवार, 12 सितम्बर 12 को ... |
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September 13, 2012, 9:16 pm |
| नाटकचेहरेलेखकडॉ. शंकर शेषनिर्देशकराम सहाय पारीकप्रस्तुतिजयपुर नाट्य संस्थाकलाकारकुश्लेश वर्मा, धनेश वर्मा, राजीव अंकित, प्रियंका चंदानी, चंचल शर्मा, राजीव जैन, तेजस, देव सागर व अन्यरेटिंगरवींद्र मंच, जयपुरशनिवार, 08 सितम्बर 2012जयपुर नाट्य संस्था की ओर से रवींद्र मं... |
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September 8, 2012, 10:39 pm |
| स्वतंत्रता सेनानी और रंगमंच व सिनेमा के यथार्थवादी अभिनय शैली के बेहतरीन अदाकार अवतार कृष्ण हंगल ( ए. के. हंगल ) का निधन 25 अगस्त 2012 को हो गया. हंगल 2007 से गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे, पिछले दिनों बाथरूम में फिसल जाने के कारण उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई थी. जीवन के अंतिम दिनों म... |
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September 8, 2012, 7:28 pm |
| स्वतंत्रता सेनानी और रंगमंच व सिनेमा के यथार्थवादी अभिनय शैली के बेहतरीन अदाकार अवतार कृष्ण हंगल ( ए. के. हंगल ) का निधन 25 अगस्त 2012 को हो गया. हंगल 2007 से गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे, पिछले दिनों बाथरूम में फिसल जाने के कारण उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई थी. जीवन के अंतिम दिनों म... |
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September 8, 2012, 7:28 pm |
| नाटक – आफ्टर मिड नाईट (आधी रात के बाद)मूल कहानी – डॉ. शंकर शेषइंग्लिश रूपांतरण एवं निर्देशन – सरताज नारायण माथुरजवाहर कला केंद्र, जयपुरअगस्त 31, 2012
साधारण-सा कथानक, फिर भी बेहद गंभीर संदेश। समाज के सफेदपोश चोर बड़ा से बड़ा अपराध करने पर भी कानून के शिकंजे में नहीं फंसते, जब... |
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August 31, 2012, 10:20 pm |
| दिल्ली में 500/-, 300/- 200/- के टिकट दर वाले नाटक के शो हाउसफूल हो जाये और हाउसफूल ही क्युं गैलरी में खड़े होकर देखने के लिये लोग व्यवस्थापकों की चिरौरी करें और कई लोग इस आस में घुमते नजर आये कि कहीं से टिकट मिल जाये. और नाटक समाप्त हो जाने के बाद लोग खड़े होकर पात्रों को बधाई दें. दिल... |
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