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कल्पना-लोक

सारा जग जानता है कहाँ मेरा घर हैतेरा दिल दिल नहीं है वो मेरी कबर हैताज से तुलना की तेरे दिल की तो पायादोनों पाषाण है और दोनों कबर हैजिन्दगी में कभी चैन से सोया ना थासोने के बाद चिंता न कोई फिकर हैमैं अकेला नहीं हूँ यहाँ लोग हैं साथभीड़ है पर ये मरघट है ना कि नगर हैहम जहाँ ज...
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  May 26, 2012, 8:35 pm
फूल सी इक ईच्छा मैंने पाली हैमाधुरी जूही कवि की साली हैफूलों के दर्शन का मौका देती हैचोली में जो फूलोंवाली जाली हैरूप नारी का धरा है कृष्ण नेमोहिनी सी रूपसी पर काली हैछाँटता हूँ होली पर गम्मत गुलालउस की मर्यादा भी मैंने पाली हैखुशबू से भर देती है वातावरणसाली चंदन की म...
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  May 22, 2012, 7:08 pm
चाहत दिल की पूरी करता हूँपंछी हूँ जब चाहूँ उड़ता हूँछोटा सा लगता है आकाश जब मैं बंजारो सा फिरता हूँ रैनबसेरा पेड़ों पे है दोस्तकुदरत से ही रिश्ता रखता हूँपंखों में है संतुलन जरूरीउड़ानों से साबित करता हूँमानव का कर दिया सत्यानाशयांत्रिक दुश्मन से मैं डरता हूँकुमार अहम...
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  May 4, 2012, 8:39 am
गहन समस्या सामने है कोई हम को राह बताएचक्र चलाएँ भूखे रहें हम कोई सच्ची राह बताएघातक हमले संस्कृति परघातक हमले भारत परघातक हमले मानवता परघातक हमले आजादी पर, हो रहे हैं....कोई सच्चीनजर के सामने मोहन हैँ दोनजर के सामने विचार हैँ दोनजर के सामने युद्ध हैँ दोनजर के सामने युग...
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  April 30, 2012, 3:08 pm
मूल लेखिका> स्नेहा पटेल "अक्षि तारक" अनुवाद> महेश सोनीहम देखते सुनते आये हैं की हर एक प्रेम कहानी किसी फिल्म या गीत से समानता रखती है। परदे की कहानी के नायक नायिका वास्तविक कहानी के नायक नायिका को देखकर सोचते होंगे की हमारे डायरेक्टर को इन की कहानी से ही आइडिया मि...
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  April 18, 2012, 5:49 pm
ग़ज़लप्रेम का दीप सनम दिल में जलाए रखना।रोशनी पीता रहूँ प्यास जगाए रखना॥शाम का सूर्य ख़ज़ाना लुटा देगा तुज पर।देह के गाँव में बेटे को बसाए रखना॥बाज़ से पंख से ही नाप सकोगे नभ को।कोषिकाओं की तू मजबूती बढाए रखना॥सुन, सफल होने का है सब से सरल रास्ता ये।धीरे धीरे ह...
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  April 3, 2012, 1:10 pm
तपस्या के बिना सधता नहीं है ज्ञान बंदे।अगर सध जाए टिकाना नहीं आसान बंदे॥गगन के पार ले जाए जो, हैँ वो सारथि कौन?दशमलव, शून्य उड़ाते हैं वायुयान बंदे॥लगाते पार वो मल्लाह, नैया को जो लहरों;दिशाओँ, वायुओँ से रखते हैं पहचान बंदे॥पसीना नींव में सिमेन्ट के संग गर भरा जाए।इमार...
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  April 2, 2012, 8:22 pm
झुकाके 'यूँ,' नज़र; स्वीकार होता है। अदा से, प्यार में इकरार होता है॥...झुकाकेसुहाना आसमाँ, लगती धरा प्यारी।गुलोँ, कांटो से, सबसे प्यार होता है॥...झुकाकेनदी की धारा में, नभ की गहनता में।सदा, मन खोने को तैयार होता है॥...झुकाकेन पूछो हौसला होता है कितना, जब।दिलों में प्यार बेशु...
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  April 2, 2012, 7:59 pm
आँखों में दीप जल रहा है।शहद सा स्वप्न पल रहा है।प्रेम का कब मिलेगा न्यौता।मोर मन का मचल रहा है।अब गगन को गुलाबी कर दो।धीर का सूर्य ढल रहा है।ओ बलम राह देखे श्रँगार।मिटने को ये मचल रहा है।मीठे पल होंगे कितने मादक।मन में ये प्रश्न चल रहा है।फूल भौँरा है पर नहीं है।दोनों ...
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  March 21, 2012, 10:14 pm
(प्रिल्युड)(पुरुष) गोरी तू चटक मटक, लटक मटक, चटक मटक, करती क्युं री? ओये होये क्युं री?(स्त्री) पीया तू समझ सनम, चटक मटक, लटक मटक, करती क्युं मैं? ओये होये क्युं मैं?(पुरुष) तेरा ये बदन अगन, जलन दहन, नयन अगन, लगते क्युं है? ओये होये क्युं है?(स्त्री) मेरे ये नयन बदन, सनम अगन, जलन द...
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  March 12, 2012, 11:10 am
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