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Blog: अंतर्नाद

Blogger: swadha ravindra
लोग कहते हैं बदनसीब हूँ मैं ,कोई भी साथ तक नहीं चलता ,जो भी आता है वो एहसान सा कर जाता है राह में दीप तक नहीं जलता,और तो और तू भी मेरा नहीं ,जिसके एहसास से मैं जिंदा हूँ ,पंख जिसके क़तर दिए हैं गए ,मैं वो टूटा हुआ परिंदा हूँ ,तुझको मालूम नहीं है शायद एक तू ही है मुझे छोड़ जो नहीं स... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   10:57am 30 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
मेरा आइना है तू ,तुझमे मैं खुद को ढूंढ लेती हूँ ,अपनी परछाईं भी पहचान नहीं पाती हूँ ,जब कभी सांस तेरी सांस के संग लेती हूँ |क्या बता पायेगा तू मुझको ,मुझको हर शय में नज़र किसलिए तू आता है ,तू मुझे दर्द भी देता है अगर जान मेरी ,तो भी तू जान से प्यारा क्यूँ हुआ जाता है ,तुझको न देखू... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   8:54am 30 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
ह्रदय में प्यार सच्चा हो तो ईश्वर जान लेता है,बुरे बन्दों की बदनीयती खुदा पहचान लेता है ,इरादे नेक हों तो राह हर आसान होती है,नहीं तो खुद खुदा राहों में पत्थर दल देता है.................. Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   4:21am 30 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
मेरे दिल में इरादे हैं कि कुछ कर के दिखाऊँ मैं ,जो मुझको भूल बैठे हैं उन्हें फिर याद आऊँ मैं ,ये दुनिया आज जो पैसों पकी खातिर जी रही है बस,उसे फिर प्यार का मकसद समझा भी पाऊँ मैं.... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   4:20am 30 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
कहाँ तक साथ चलना है हमें बतला न पाया वो ,नहीं था प्यार हमसे ये कभी जतला न पाया वो ,हमारे प्यार में ताकत थी इतनी ऐ- जहाँ वालों ,कि हो कर गैर का भी हमको फिर ठुकरा न पाया वो |... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   4:19am 30 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
हमारी याद जब आये हमें आवाज़ दे देना ,हमारी ज़िंदगी को फिर नयी परवाज़ दे देना ,नफा नुक्सान से अब फर्क कोई भी नहीं हमको ,तू गर कुछ कर सके तो बस ज़रा सा मान दे देना |... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   4:18am 30 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
जो कहता था हमें अपना वही समझा नहीं हमको गया फिर छोड़ कर ऐसे कि तनहा कर गया हमको बहुत ही तेज कर आवाज़ को वो बोलता है ये कि दुनिया का हर एक ठग , झूठ कह कर ठग गया हमको |करी उम्मीद हमने जब कभी उससे कि वो थामे तुम्हारा कुछ नहीं हूँ मैं ये कह कर तज गया हमको |... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   4:17am 30 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
कब समझोगे तुम हमारे आने का मकसदअब तो किताब बंद करके जा रहे हैं हम |... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   4:17am 30 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
कुछ शाख से टूटे हुए पत्तों कि याद में इस बार दरख्तों ने नए फल नहीं दिए|... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   4:15am 30 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
मेरे नसीब में बस चंद अश्क लिखे हैं ,मुझे गिला है खुदा से कि क्यूँ कम लिखे हैं|... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   4:13am 30 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
कोई भी दूर तक साथ में नहीं चलता , करवों में अक्सर लोग बदल जाते हैं |मायने  ज़िंदगी के होते हैं आसान बहुत ,इश्क हों जाये तो मुश्किल से नज़र आते हैं |... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   4:12am 30 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
किसी कि ज़िंदगी बन कर चले थे राह हम जिनकी , बदल कर राह उल्फत की वो काफ़िर हो गए हैं अब |... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   4:05am 30 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
आदतन मजबूर हैं हम साथ चलने के लिए ,और फिर खा करके धोखा हाथ मलने के लिए |हम गुनाहों से बहुत हैं दूर लेकिन क्या करें , हो गए मजबूर तुमको प्यार करने के लिए |वो हमारा हो न पाया हमने सब कुछ दे दिया,और वो जिंदा है हमको दर्द देने के लिए |तुम जो आये ज़िन्दगी मेरी मुकम्मल हो गयी,लोग क्य... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   5:54pm 29 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
लुट गयी रात किसी कमसिन सी ,आसमां पर कोई भी चाँद न था ,फिर सितारों को आ गया रोना ,रुंध गयी वो गले की आवाजें ,देखा जब चाँद को धरती के साइंस दानों ने ,गुम हुआ अपने घर की नीली अंगनाई से ,तब हुआ दर्द जगी प्यास उससे मिलने की ,याद आया कोई था पास मेरे ,जिसको मई रोज़ ही ठुकराता था,आज जब रत ... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   5:52pm 29 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
क्या तुम्हे एहसास है ये कोई रोता है कहीं जिस्म कि ख्वाहिश तुम्हे थी वो तुम्हे दिल दे गया |तुमने गलती कह दिया जिस पल को मेरे दोस्त सुन वो उसी पल से तुम्हारा बस तुम्हारा हो गया |... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   5:39pm 29 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
बहुत अच्छा लगा है आज उसने हक जताया जब उसे अच्छा नहीं लगता हमारा गैर से मिलना |... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   5:38pm 29 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
हमें तो दर्द का एहसास भी अब हो नहीं पाताहुआ है सुन्न सा ये मन कोई मन छू नहीं पाताजो तू छू ले तो संदल के सरीखा तन महक जाये नहीं तो हाले दिल ऐसा है कि मैं रो नहीं पाता |... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   5:36pm 29 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
अगर तू साथ देदे तो मुकम्मल ये जहाँ होगा लबों पर मुस्कराहट और सपनों का शहर होगा मैं तेरी शहजादी और तू मेरा कुंवर बनकर रहेंगे साथ जब धरती पे जन्नत सा असर होगा |... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   5:35pm 29 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
मैं धरती तू आकाश प्रिये ,जाने किस छोर मिलेंगे हम ,पर इतना है विश्वास हमें ,हर लम्हा साथ चलेंगे हम |... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   5:34pm 29 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
बहुत से दोस्त होंगे आपके पर हम अकेले हैं किसी से आपका जुडना हमें अच्छा नहीं लगता |... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   5:33pm 29 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
हंसी आती नहीं हमको कि अब तो हाल ऐसा है किसी अपने को खंजर मारते हमने भी देखा है |वो जो बैठे हैं संसद में है रखवाले सियासत के ,उन्ही को देश का परचम गिराते हमने देखा है |सुना था हमने दादी से कि सोने की था ये चिड़िया ,वतन जिस पर कि कर्जों का लगा अम्बार देखा है |जिसे हमने मसीहा मान क... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   5:37pm 27 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
मेरी ही गलती है सारी तेरा कोई कसूर नहीं मरने का दस्तूर न आया जीने का भी शऊर नहीं  |दिल के दरवाज़े पर सांकल न होती तो अच्छा था ,हर पल ये एहसास तो रहता तू थोड़ा मजबूर सही |दीवारों के कान नहीं थे इसका है अफ़सोस हमें ,वरना कोई ये तो बताता उसको हम मंज़ूर नहीं |पहली बार ये बारिश हमको अप... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   4:43pm 27 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
ज़िंदगी का अंत हो जब साथ होना चाहती हूँ ,मैं तुम्हारी गोद में सर रख के सोना चाहती हूँ |तेरी बाँहों में सिमट कर ज़िंदगी मैंने है पाई ,तेरी बाँहों में ही छिप कर मौन होना चाहती हूँ |मैं तुम्हारी गोद में सर रख के सोना चाहती हूँ |मेरी आँखें तुझको देखे बिनना होने बंद पाएं ,मैं खुदा ... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   4:36pm 27 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
एक लड़की जगती रहती है ,जब भी तू सोया रहता है वो तुझको तकती रहती है ,एक लड़की जगती रहती है |तू लड़ता और झगड़ता है ,उल्टा सीधा भी कहता है ,पर वो तेरी कडवी बातों को ,मधु सा चखती रहती है ,एक लड़की जगती रहती है |कितनी कोशिश भी कर ले तू ,वो तुझे छोड़ न जायेगी ,तू जितना उसे भगायेगा ,वो पास दौड क... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   4:17pm 27 May 2012 #
Blogger: swadha ravindra
अभी  याद  आते  हैं  वो  दिन  जब  खाना  खाने  की  तहज़ीब  भी  नहीं  थी  और  स्कूल  पहुँच  कर  प्रिंसिपल  सर  की  डांट  से  बचने  के  लिए  अपने  ही  रुमाल  से  अपने  जूते  साफ़  किया  करते  थे .और  उनके  जाते  ही  उनके  पीछे  उन्हें  मुह  चिढाया  करते  थे .सभी  के  जीवन  की  कुछ  यादें   ... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   10:55am 27 May 2012 #
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