| गीत -०५ आन्शुओं का महल .... अनिल अयान आन्शुओं ने गढ़ा ज़िन्दगी का महललाख कोशिश करूँ टूटता ही नहीं .वख्त ने जो छुड़ाया है दामन तेरासंग चाह कर तेरा छूटता ही नहीं तुम हो जीवन की अप्रतिम साधनाजिससे जुडती रही मेरी ये भावना यादों ने दी जो दस्तक मेरे द्वार पेउन पलों को ये दिल भ... |
| गीत -०४ नेता लूट रहे है देश -अनिल अयान ,सतनासब कुछ बना विशेषनेता लूट रहे है देशसंसद जैसे मंदिर को बना दिया है कोठा सारे आते पावर वालेकोई नहीं है छोटा यारो डूब रहे है शेष कुछ गीदर भक्ति मेंमेरे शहर में आये राज्यग्य के वेद मंत्र वो हमको खूब सिखाये ओढ़े थे संतो ... |
| गीत -०३ बेरंग हो गए आज बेचारे. अनिल अयान रंग बिछे थे इसी शहर में बेरंग हो गए आज बेचारे.कीमत नहीं समझता कोईये फिरने लगे है मारेमारेकहाँ गयी गाँवों की गलियाजिसमे कभी रंग उड़ते थे.कहा गया वो अल्हड़पन जिसमे हम हुर्दंग करते थे .नजाने क्यों शांत हो गए आस पास के बचपन सारे.ज... |
| गीत :०२ज़िन्दगी की डगरज़िन्दगी की डगर है मायूस अबसभी कसमकस में जिए जा रहे बेबसी ने लगाये है पहरे यहाँसब खुशियाँ गम में पिए जा रहेकही है यादों की परछाइयाँकही है रिश्तों में रुस्वाइयाँ हर पल ही बढती रही दूरियाँकैसे साहिल में कसती लिए जा रहे.बदलने लगे है यहाँ मायनेप्र... |
| वख्त के साथ सब बदल जाता है .न पूछो कौन कब बदल जाता है .बहुत सिकवा होता है उससे अयान वो बिन बताये जब बदल जाता है ... |
| गीत -२ हम कितने वनवास जिए ......यह न पूछो हमसे यारो,यहाँ किसने घाव दिए.फटी हुयी ज़िन्दगी की पुस्तकहम जिल्द नहीं सिये.बोझ हो गए रिश्ते नातेकैसी कैसी होती बातेसंबंधो के वृन्दावन मेंनहीं हुयी कब से बरसातेंइन सांसो की खातिर यारोलबो ने अमृत नही पिएपीर फ़कीर और वजीरकैसे हो गए य... |
| गीत ०१प्यार तूफां में नाविक की पतवार है.......एक तरफ प्यार है तुमको हमसे अभीऔर कहते हो ये नफरत का व्यापार है.प्यार की एक कहानी तुम अधूरी रखेऔर कहते हो नफरत से संसार है.प्यार को प्यार से तुम न बांटो कभीप्यार को नफरतो से तुम न काटो कभीतुम न जानो कभी प्यार होता है क्याप्यार तू... |
| सभ्यता का जो हमको प्रमाण देते हैवो दुश्मनों को ही सदा सम्मान देते है.साथ चलते है हमेशा हमारे संग अयानऔर हमारे पीछे से बन्दूखे तान देते है....अनिल अयान... |
| --------------मुक्तक-----------------------------------अपने साए से डर लगने लगा हमको नया ख्वाब फिर से जगने लगा हमकोएक दायरे मोहब्बत थी उससे अयानकोई भ्रम फिर से ठगने लगा हमको -------------------अनिल अयान------------... |
| कितनी हसरत है दिल कि दास्ताँ लिख दूँ,अपने अधूरे से सफर मे एक मकाँ लिख दूँ.कोई छू ले अयान मेरे ठहरे हुए समुंदर को.ऊठी हलचल को मै एक बार जवाँ लिख दूँ.अॅजब शक्स है जो मेरे इश्क का इलाज करता है.ऊसे मोहब्बत कब से थी और इजहार आज करता है.आज वो बहुत दूर रहता है मेरे घर से इस शहर मेले... |
| तंग राहेँ और उलझा हुआ सफर है.तूफानो मे शामिल अजीब एक हुनर है.फ़िर से कोई सलाम नही आया बुलंदी सेवीरानियो से लिपटा अजीब सा शहर है.एक नयी मुलाकात का इंतजार कर रहा हूँ मै.कुछ नुकीले तीर जिगर के पार कर रहा हूँ मै.प्यार करता हू आज भी बेहद उससे मै अयानमोहब्बत का खुले आम इजहार कर रह... |
| वख्त के साये कुछ घने से हैकुछ हाथ खून मे सने से हैबहुत कमजोर रिस्ते अयानबडप्पन मे सर तने से है... |
| ab chalo chale us paar..... toofaa me navik aur patwar..SAB KAHTE HAI DOOR TAK ANDHIYARA HAI.INSANO KO INSAANO NE HI MAARA HAI .KAISE KAH DE SAB HAI RANGE SIYAAR.ab chalo chale us paar.....BADLI HUYI FIZA DIKHAYI DETI HAI.CHEEKHE HI AB HAME SUNAYI DETI HAI..YAHA NAHI TUM BAANTO KOI PYAAR.ab chalo chale us paar.....KAB TAK ANDHIYARE KE GULAAM RAHE..AUR ZINDAGI ME HAMESHA EK SHAM RAHE.E DUSHMAN AB TERA TUJHKO AABHAR.ab chalo chale us paar.....ANIL AYAAN... |
| Jab se ham jawaan ho gayeham pe vo kurbaan ho gayemohabbt ka aisa nasha huaham ashko ki khan ho gayemajbooriyo ka wasta ye thaham basuri ki taan ho gayechahte to bahut hai the useper aaj ujde makaan ho gayeusne rakha nageene ke tarahham anil se ayaan ho gaye... |
| Kuch paresha sa hujabmeredil ko meresathi ke dwaravo samjhane ke koshishki jati hai jomere samajh kepare raha hai tabse mai paresha sa huna jane kyopersayad mai use apne se door hotedekhne ke baadbhikhamosh rahnameri majboori haiyadi mai juba kholato vo sathihamesha ke liemujhe chhod kerchali jayegijo mai nahi chahtaislie mai paresha sa hubahut bahutjyadamai persha sa hi. Bas aur sab hai ise chhod karper yahi to mera sab kuch hai:::::::::: ::::::::::::: :::::::::::: ::::::: :::::::::::... |
| फ़कत गिरेबानोँ मे वो हाथ डालते रहे.जब रहे कानो मे झूठी बात डालते रहे.रहे तो दोस्त बनकर अयान सबके साथ,दुश्मनो के संग मिलकर घात डालते रहे.... |
| कभी किसी के यकीन को आजमाना नही...किसी याराना को तुम कभी भुलाना नही... रिस्ते की डोर है बहुत ही नाज़ुक अयान ...इसमे कोई गाँठ तुम कभी लगाना नही....... |
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