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Blog: ग़ज़ल गुलदस्ता

Blogger: अनिल अयान
ग़ज़ल १७ सोना सच्चा न हुआ गल जायेगाआग में मत हाथ रख जल जायेगा अफवाहों का दौर आया है शहर में खोटा सिक्का भी यहाँ चल जायेगातेजी से गुजरने की बात मत करना वक्त न पकड़ा तो निकल जायेगा मोम का पुतला बना हर शख्स है धूप में मजबूत तन पिघल जायेगा इन्शानियाँ की लाश वो ढोते यहाँ कैसे स... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   9:52am 22 May 2012 #
Blogger: अनिल अयान
ग़ज़ल :१६ पीने का पानी जहाँ ठहरा हुआ है उतना ही कड़ा वहाँ पहरा हुआ है खुले आकाश को देखे सालों हो गए आज चारो तरफ ही कोहरा हुआ है चिरागों की चेतना ये समा पी गयी और अँधेरा आज फिर गहरा हुआ है अनजाने हम इस गुलामी में फस गए पर ये तिरंगा शान से फहरा हुआ हैये प्रजा अपनी शिकायतें करे ... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   9:38am 22 May 2012 #
Blogger: अनिल अयान
ग़ज़ल :१५ सालों से बंधी जख्म की पट्टी को खोलिएआपने देखा है जो सच उसको आज बोलिए सूर्य से चुराकर मै यहाँ लाया हूँ एक किरण इन नज़रो के पैमाने में उजालों को तौलिये खुद बखुद ये बिजलियाँ चमक कर गिरेंगी आप अपने विचारो को चेतना से घोलिये समुन्दर भी चला आएगा प्यासे लबों तकपहले क... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   9:28am 22 May 2012 #
Blogger: अनिल अयान
ग़ज़ल :१४ साहिल में सूना सा एक घर बना है.आकाश में फैला अँधेरा भी घना है दिन में इन आँखों को सुकून दे देना यहाँ पूरी रात ही तुमको जागना हैबस्तियों में नकाबपोश है आयेसेवा करके मांग लो जो माँगना है इस आँगन में तुम ना करो हलचलेयहाँ पे पुराना सा खोखला तना है मर्यादाओं की सीमा ... Read more
clicks 218 View   Vote 0 Like   9:12am 22 May 2012 #
Blogger: अनिल अयान
 ग़ज़ल :१३प्यार करना और निभाना है बहुत कठिन यारोइस ज़िन्दगी में मुस्कुराना है बहुत कठिन यारोदिल के संग खिलवाड़ करना चलता है रात दिन इस रूठते दिल को मनाना है बहुत कठिन यारो वक्त के संग इसप्यार के मायने है बदलने लगेहर वक्त इसे समझ पाना है बहुत कठिन यारोऐतबार करना अब हमें ... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   3:54am 21 May 2012 #
Blogger: अनिल अयान
ग़ज़ल :१२ कुछ राज छिपाए है सम्हलता हुआ चेहरा.अच्छा नहीं लगता है बदलता हुआ चेहरा,चेहरों में है नकाब यहाँ इस कदर लगे हुए तूफ़ान को समेटे है ये बहलता हुआ चेहरा,सच्चाई देखी हमने जब भी सूरमाओं की मोम सा  दिखता है पिघलता हुआ चेहरा मासूम निगाहें है और चुपचाप है ये लबहर रात में ज... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   3:40am 21 May 2012 #
Blogger: अनिल अयान
ग़ज़ल :११ बहुत दूर था अपना एक सहारा मेरा .... क्या करता दरिया का किनारा मेरा . . फिर से था तूफ़ा का पैगाम यारो था . बेबस था किस्मत का सितारा मेरा लुटेरे मजे करते होगे अपने घर में जो लूट ले गए सामान सारा मेरा इसी तरह जी रहा हूँ हर पल यहाँ सातवें आसमाँ में है अब पारा मेरा चलो कही ... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   10:32am 19 May 2012 #
Blogger: अनिल अयान
ग़ज़ल :१० तमन्ना जब किसी की नाकाम हो जाती है .जिन्दगी उसकी उदास शाम हो जाती है . दिल के साथ दौलत का होना भी जरूरी हैगरीब की मोहब्बत नीलाम हो जाती है . जब इसे मुकम्मल मुकाम नहीं मिलताइसी बहाने मोहब्बत बदनाम हो जाती है कोई क्या जाने क्या गुजरती है उस वख्त खास चीज जो बाजार में... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   10:18am 19 May 2012 #
Blogger: अनिल अयान
ग़ज़ल :०९कितने साहिल किनारों की तलाश में है.मेरी आवाजें भी दरारों की तलाश में है इस कस्ती को खेने वाले का है इंतज़ारतूफाँ में वह मझ्धारों की तलाश में है किस्मत ने लिख दिया है जुदाई मुझको कोई मेरे जैसे सितारों की तलाश में है उनकी दुआयें भी मुस्कान नहीं देती ऩजर कुछ खास ... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   9:53am 19 May 2012 #
Blogger: अनिल अयान
ग़ज़ल :०८ हम उनसे मिले अजनबी की तरह मासूमियत लिए ज़िन्दगी की तरहसिर्फ मजबूरियों का था तूफाँ वहाँख्वाब भी सच लगे बंदगी की तरह लफ्ज़ दिल से निकल गुमशुदा हो गए हम तडपते ही रहे तिस्नगी की तरह हमने उनको कहा अपनी मजबूरियाँबस बातें की उसने बानगी की तरहदर्द का अयान ऐसा आलम रह... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   9:39am 19 May 2012 #
Blogger: अनिल अयान
ग़ज़ल :०७आंशुओं की गलियों में ज़िन्दगी के फूल.रोती हुयी कलियाँ भी हो रही है शूल मन के तन ने आज ओढ़ लिया लिवाज़पीड़ा भी कहे सबसे सदियों की भूलसोने की चिड़िया हो गयी बुजुर्ग सीमा के रस्ते उड़े तोपों की धूलजनता का मंदिर क्यों मौन हो गयापरिधि ही भूल गयी केंद्रीय मूल ... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   3:58am 18 May 2012 #
Blogger: अनिल अयान
ग़ज़ल : ०६इस युग में कहाँ सभी इन्शान बन गए किरदार गवाही के अब ईमान बन गए हौसले सब जज्बाती जंग हारने लगे जज़्बात इस दिल की बेईमान बन गए.नफरतों से दिलदारी को काटना चाहाउस दरमियाँ दोस्त मेरे हैवान बन गए. बदलाव यहाँ रातो रात अयान हो गया निर्गुणी सभी यहाँ गुणवान बन गए ... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   3:39am 18 May 2012 #
Blogger: अनिल अयान
ग़ज़ल:०५ ;आँधी आई तो डर गए पत्ते.शाख से यूँ बिखर गए पत्ते.ढूँढने ज़िन्दगी के लम्हों को.किस किसके घर गए पत्ते ये मुकद्दर भी रेत जैसा है बयां खुल के कर गए पत्तेहार जीत के रिवाजों में आज ख़त्म किस्सा कर गए पत्तेवख्त ने हरा दिया उनको भी कोशिश करके मर गए पत्ते एक इबादत क... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   3:31am 18 May 2012 #
Blogger: अनिल अयान
ग़ज़ल: ०४ मस्त आँखों के सहारे जी रहे है जैसे दरिया में किनारे जी रहे है.हुनर कुछ खोज कर दे दे मौला जीतकर हम भी हारे जी रहे है. हाल ए दिल कुछ ऐसा हो गया है.ख्वाब ए दिल बहुत सारे जी रहे है.दूर होकर पास है मेरे वो आज भीइस आसमां में जैसे तारे जी रहे है.दिल की दुनिया है छोटी सी अयान ... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   3:10am 18 May 2012 #
Blogger: अनिल अयान
ग़ज़ल -०३ कभी लबो का मुस्कुराना ज़िन्दगी है.कभी पलकों को भीगना ज़िन्दगी है.उसने कभी मुझको समझा ही नही है.अपने घर में मात खाना ज़िन्दगी है.टूट जाये इस दिल के सारे हौसले जबयादों का हिम्मत दिलाना ज़िन्दगी है.संग अपने ले गए हम खुशियाँ दिखानेखाली हाथ उस मेले से आना ज़िन्दगी... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   1:16am 18 May 2012 #
Blogger: अनिल अयान
ग़ज़ल .-०२ अनिल अयान ग़म अपने भी पराये हो गए.मुद्दतो मुस्कुराये हो गए.जब भी सीमा लांघना चाहा खौफनाक मेरे साये हो गए अश्कों की तेज बारिशे रहीमेहमां बिन बुलाये हो गए .उजड़े चमन के वासिंदे है हममुद्दतो घर बसाये हो गए उजड़ी महफिले है अयान कितने पल इन्हें सजाये हो गए .... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   3:09pm 17 May 2012 #
Blogger: अनिल अयान
ग़ज़ल .०१ सोचा था शाम संग सवेरा नहीं जाता.देखा तो जुदा होकर ये डेरा नहीं जाता.दर्द दफ़न हो गया जो जिगर जमीन में चाहते हुए भी इसको उकेरा नहीं जाता .दिल मेरा चाहे की वो राहों को छोड़ दे.अफ़सोस है की उनका बसेरा नहीं जाता.खुशबू दोस्ती और इश्क का है एक गुर इनको बार बार बिखेरा नहीं ... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   2:57pm 17 May 2012 #
Blogger: अनिल अयान
wakht ke saath sab badal jata hai. na pooch kaun kab badal jata hai. Bahut sikwa hota hai usse ayaan vo bin bataye jab badal jata hai... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   1:56am 12 May 2012 #
Blogger: अनिल अयान
KISI KI YAAD SATAYE TO KYA KARE.VO EK PAL KO YAAD AAYE TO KYA KARE.MINNATE KARKE JO CHALA JATA HO..KHUD NA HAAL SUNAYE TO KYA KARE.HAMESHA JO HAAL CHAL LETA RAHE,,NA VO  AWAJ LAGAYE TO KYA KARE.BAS ISI TARAH HALE DIL BAYAN HO UNKA JO HAI PARAYE TO KYA KARE.... Read more
clicks 189 View   Vote 0 Like   9:49am 8 May 2012 #
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