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Blog: बस यूँ ही..........WRITINGS OF SILENCE......

Blogger: vijay kumar sappatti
||| सज़दा |||आज कहीं भी किसी स्त्री के साथ बलात्कार नहीं हुआ,आज कहीं भी किसी औरत के साथ हिंसा नहीं हुई,आज कहीं भी किसी लड़की की भ्रूण हत्या नहीं हुई,......................................... ख़ुशी से हैरान ख़ुदा; आज पहली बार आदमी के सज़दे में झुका हुआ है !!!वि ज य .............................................................................मेरी हमेशा से ही ... Read more
clicks 66 View   Vote 0 Like   7:14am 17 Mar 2017 #बस यूँ ही
Blogger: vijay kumar sappatti
इरोम !मैं तुम्हे सलाम करू ? या दुआ करू ? या इतने बरस की तुम्हारी कुर्बानी की इबादत करू ? या फिर जिन लोगो के लिए तूमने अपनी ज़िन्दगी के १६ बरस दे दिए . और उन्होंनेतुम्हे सिर्फ 90 वोट देकर ये साबित कर दिया है कि तुम और तुम्हारी कुर्बानी उनके लिए नहीं है . यही इस banana republic की असली सच्च... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   5:31am 12 Mar 2017 #
Blogger: vijay kumar sappatti
मिलना मुझे तुम उस क्षितिझ परजहाँ सूरज डूब रहा हो लाल रंग मेंजहाँ नीली नदी बह रही हो चुपचापऔर मैं आऊँ निशिगंधा के सफ़ेद खुशबु के साथऔर तुम पहने रहना एक सफेद साड़ी जो रात को सुबह बना दे इस ज़िन्दगी भर के लिएमैं आऊंगा जरूर ।तुम बस बता दो वो क्षितिझ है कहाँ प्रिय ।वि ज य... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   9:53am 10 Mar 2017 #vijay kumar sappatti
Blogger: vijay kumar sappatti
स्त्री का कोई एक दिन ही नहीं होता है. मनुष्य के इतिहास में जन्म से लेकर मरण तक स्त्री की कई रूपों में भूमिका रही है और हमेशा ही रहेंगी .हर दिन ही स्त्री का है . जीवन ही स्त्री का है . स्त्री ,परमात्मा का परम अंश है . स्त्री है तो हम सब है . संसार की सभी नारियों को मेरे प्रणाम !विज... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   2:58am 8 Mar 2017 #स्त्री
Blogger: vijay kumar sappatti
विजय की सेल्फी विजय एक बन्दर है वो तो एक thunder है सब कहते है कि wonder है दिखने में वो सुन्दर है लेकिन वो एक बन्दर है .कविता / फोटो / बन्दर – विजय Jokes apart , भुवनेश्वर के एक पर्वत पर मैं फोटोशूट कर रहा था तब ये महाशय मुझे दिखे , बहुत परेशान थे , मैंने इन्हें बुलाया और पानी की बोतल दी . खाने क... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   5:01am 7 Mar 2017 #जीवन
Blogger: vijay kumar sappatti
वेदप्रकाश शर्मा चले गए . और हमारे so called महान साहित्यकारों ने उन्हें लुगदी [ pulp ] का लेखक मान कर खूब हल्ला मचाया.जहाँ तक मैं समझता हु कि ink down is equal to literature written  फिर चाहे वो कैसे भी लिखा हो या कोई भी लिखा हो . लिखना ज्यादा  महत्वपूर्ण है . दुनिया में लिखने वाले कम है , पढ़ने वाले ज्यादा. ... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   9:11am 19 Feb 2017 #वेदप्रकाश शर्मा
Blogger: vijay kumar sappatti
तो हुआ यूँ कि एक मरे हुए देश में , एक जिंदा आदमी ने अपनी जिंदा पत्नी को एक सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती किया . अब सरकारी हॉस्पिटल भी मरा हुआ ही था. सो वहाँ वो औरत भी मर गयी , अब ये जो जिंदा आदमी था , इसके पास तो खाने के भी पैसे नहीं थे . और हमारे मरे हुए देश का मरा हुआ सरकारी दवाखाना ... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   7:57am 26 Aug 2016 #आदमजाद
Blogger: vijay kumar sappatti
ज़िन्दगी और मेरे दरमियाँ एक लकीर हैलकीर के इस तरफ मैं और मेरा हुनर है ....लकीर के उस तरफ दुनिया और दुनिया की धन दौलत है .ज़िन्दगी और मेरे दरमियाँ, कई सालो से एक अघोषित युद्ध भी शुरू है.. ज़िन्दगी शायद जीत रही है, लेकिन हार तो मैं भी नहीं रहा हूँ....कभी तो खुदा की मेहर होंगी....कभी तो... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   3:55am 4 Jun 2016 #ज़िन्दगी और मैं
Blogger: vijay kumar sappatti
आजकल देश ऐसा हो गया है कि क्या कहे.. न न्यूसपेपर देखने का मन होता है न न्यूज़चैनेल देखने का मन होता है...एक अच्छे खासे देश की कुछ लोगो ने अपना दो कौड़ी का दिमाग लगा कर ऐसी तैसी कर दी है... जहाँ देखो ... एक अजीब सा जूनून और पागलपन.......अरे यहाँ लोगो को दो वक़्त की रोटी ठीक से कमाई नहीं ... Read more
clicks 106 View   Vote 0 Like   6:34am 13 Feb 2016 #vijay kumar sappatti
Blogger: vijay kumar sappatti
निर्भया , पता नहीं तुम किस आसमान में हो... लेकिन मैं तुम्हे बता दू कि यहाँ तुम्हारे देश में कुछ भी नहीं बदला है... सब कुछ वैसे ही है.. आज भी बलात्कार होते ही रहते है......लोग छूट जाते है.. और तो और वो दरिंदा जिसने सबसे ज्यादा अत्याचार तुम पर किये थे.. वो भी छूट रहा है.. ये देश और इस देश ... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   4:56am 16 Dec 2015 #देश
Blogger: vijay kumar sappatti
अब शायद ये समय आ गया है कि हम अपने अपने धर्मग्रंथो को फिर से पढ़े और समझे कि दुनिया के सारे धर्मग्रन्थ सिर्फ इंसान से प्रेम करना ही सिखाते है न कि नफरत करना........इसी बहाने से हम अपने अपने ईश्वर / खुदा पर थोडा रहम करे, क्योंकि वो कभी नहीं चाहता है कि हम आपस में झगडे और उसके नाम प... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   5:07am 15 Dec 2015 #ईश्वर
Blogger: vijay kumar sappatti
कभी प्यार मिल जाता हैकभी पैसा मिल जाता हैऔर कभी कभी तो ज़िन्दगी भी मिल जाती है. ......,,,,,पर तीनो का मिलना असंभव और दुर्लभ है !© विजय का 3 AM लेखन... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   3:31am 14 Dec 2015 #पैसा और ज़िन्दगी
Blogger: vijay kumar sappatti
हे दुनिया के लोगो ,जिस दुनिया को हमने बनाया है और जब हम सब एक है तो तुम सब अलग अलग कैसे हो सकते हो . कौन सा धर्म और मज़हब......हमने तो इंसान बनाकर दुनिया में तुम्हे भेजा था तुम हिन्दू, मुस्लिम, सिख, इसाई और पता नहीं क्या क्या हो गए हो....एक बार फिर से इंसान बनकर तो देखो...हम तुममे में ह... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   3:34am 8 Dec 2015 #खुदा
Blogger: vijay kumar sappatti
कुछ सपने है जो मेरा पीछा नहीं छोड़ते हैऔर कुछ सपने है जिनका पीछा मैं नहीं छोड़ता हूँ.पुराने सपने जीने नहीं देते हैऔर नये सपने मरने नहीं देते हैऔर ज़िन्दगी कहती है.....यार मेरे, मैं भी तो तेरा एक सपना हूँ, आ सांस ले ले ज़रा.© विजय का 3 AM लेखन... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   5:02am 6 Dec 2015 #अहसास
Blogger: vijay kumar sappatti
मुझे लिखना अच्छा लगता है. और ख़ास कर तुम्हे लिखना. और जब मैं तुम्हे लिखता हूँ तो बस सिर्फ तुम ही तो होती हो. और दूसरा कोई हो भी नहीं सकता न. मैं तुममे मौजूद स्त्री के प्रेम में हूँ और जब मैं उस स्त्री के प्रेम मे होता हूँ जो कि तुम हो तो मेरी कोई और दुनिया नहीं होती है. और सच कहू... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   4:41am 11 Sep 2015 #
Blogger: vijay kumar sappatti
I want to leave this world in this mood only ...smiling . laughing . talking . caring .loving .and of course living each moment blessed by GOD .vijay... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   12:02pm 9 Sep 2015 #विजय कुमार सप्पत्ति
Blogger: vijay kumar sappatti
.......and one day GOD created humans and it was his last mistake ! and immediately humans started spoiling and killing his other creations . humans killed environment , killed all types of animals , killed people over petty issues of land and money and woman , fought wars, killed own parents, brothers and sisters and finally started killing own kids ....!GOD is still regretting of creating humans and I sometimes feel ashamed of being a part of human race ............!!!what are we leaving behind for our children and grandchildren and coming generations !!!!I lost words sometimes to express my grief and anguish over the acts of my fellow humans ! GOD ....is there a way to make them real huma... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   3:05pm 3 Sep 2015 #
Blogger: vijay kumar sappatti
जो लोग किसी भी कारणवश अपने बच्चो की हत्या करते है [ चाहे वो फॅमिली प्राइड हो, चाहे प्यार हो, चाहे पैसा हो, चाहे हॉनर किलिंग हो. चाहे कोई भी कारण हो - जो सिर्फ और सिर्फ आदमी के स्वार्थ और क्रोध और भय और कुंठा की वजह से जन्मता है ] ; उन्हें इंडियागेट पर खुले आम फांसी दे देना चाहिए ... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   3:31pm 31 Aug 2015 #
Blogger: vijay kumar sappatti
......मैंने पहले बोलना सीखा ...अम्मा... !फिर लिखना सीखा.... क ख ग a b c 1 2 3 ...फिर शब्द बुने !फिर भाव भरे !.... मैं अब कविता गुनता हूँ  , कहानी गड़ता हूँ ..जिन्हें दुनिया पढ़ती है ..खो जाती है .. रोती है ... मुस्कराती है ...हंसती है ..चिल्लाती है ........मुझे इनाम ,सम्मान , पुरस्कार से अनुग्रहित करती है ...!.....औ... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   4:21am 17 Aug 2015 #
Blogger: vijay kumar sappatti
दोस्तों, आज पिताजी को गुजरे एक माह हो गए. इस एक माह में मुझे कभी भी नहीं लगा कि वो नहीं है. हर दिन बस ऐसे ही लगा कि वो गाँव में है और अभी मैं मिलकर आया हूँ और फिर से मिलने जाना है. कहीं भी उनकी कमी नहीं लगी. यहाँ तक कि संक्रांति की पूजा में भी ऐसा लगा कि वो है. बस कल अचानक लगा कि फ़ो... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   1:45am 22 Jan 2015 #इंसान
Blogger: vijay kumar sappatti
कई बाते ऐसी होती हैं की उन्हें लफ्जो की सजा नहीं देनी चाहिए...~ अमृता प्रीतमअमृता , यदि आप न होती तो मेरी मुलाकात लफ्जों से नहीं होती. और न ही मैं आज कवि या कहानीकार होता . मेरे अलफ़ाज़ भी बस आपके ही कलम के हमसाया है . एक मुलाकात जो आपसे की है वो बस इस जन्म के लिए बहुत कुछ है . जन्मद... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   9:34am 31 Aug 2014 #कलम
Blogger: vijay kumar sappatti
||| यौन अपराध के विरुद्ध एक मोर्चा – भाग तीन ||दोस्तों , भारत में रेप और यौन अपराध स्त्रियों के प्रति सबसे बड़ा घटित होने वाला अपराध है . national Crime Record Bureau के अनुसार २०१० के मुकाबले १.७ गुना और बाद गए है . भारत में हर २० मिनट में कहीं न कहीं , किसी न किसी से बलात्कार होता है . इनमे से १४ ... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   4:47am 23 Aug 2014 #नैतिक मूल्य
Blogger: vijay kumar sappatti
दोस्तों ,मैंने पिछली पोस्ट में आपसे कहा था कि मैं इस सीरीज में बहुत से बातो पर चर्चा करूँगा और उन पर आपकी राय भी चाहूँगा . आज के दुसरे भाग में मैं कुछ बुनियादी बाते आपके साथ शेयर करना चाहता हूँ . पहली बात तो ये है कि अगर हम ये समझते है कि नीचे लिखी इन बातो/ actions से हम यौन अपराध... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   6:02am 3 Aug 2014 #बलात्कार
Blogger: vijay kumar sappatti
||| यौन अपराध के विरुद्ध एक मोर्चा - भाग एक ||दोस्तों ,बहुत जल्द मैं यौन अपराधो पर एक लेखन सीरीज शुरू कर रहा हूँ . आप सभी का साथ चाहिए ताकि हम समाज में फैले इस नासूर पर रोक -थाम लगा सके . ये हमारी ही जिम्मेदारी है कि हम अपने आसपास के समाज में एक जागृता ले आये . सीरिज के अंत में , मैं c... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   10:30am 30 Jul 2014 #यौन अपराध
Blogger: vijay kumar sappatti
दुनिया भर घूम आते हो दुनिया को जी भर कर देखते हो दुनिया से बाते करते रहते हो ...........कभी उस मोड़ पर भी चले आओ.....जहाँ हम खड़े है ……….कभी हमें भी जी भर कर देख लो …….आँखे तुम्हारा इन्तजार करती रहती है ………कभी एक लफ्ज़ हमारे नाम कर दो .......मन तुम्हे सुनने को तरस रहा है और फिर..... दु... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   1:18pm 13 Mar 2014 #तुम और मैं !
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