| प्राचीन भारत में “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता” का उद्गोष था | ऋग्वेद में नववधू को “साम्राज्ञी श्वसुरे भव” का आशीर्वाद मिलता है। तुम श्वसुर के घर की साम्राज्ञी होओ। भार्या श्रेष्ठतम सखा। पत्नी को मोक्ष का हेतु माना गया। कोई भी धार्मिक कार्य पत्नी के ... |
| जिस बात को न्यायाधीश कामनी ला ने हाल में ही कहा की बलात्कारियों को नपुंसक बना देना चाहिए अर्थात उनका बंध्याकरण कर देना चाहिए उस बात को मैं १९८५ ई से ही कहता अवं लिखता चला आ रह हूँ |मेरा मानना है की ऐसे विकृत चित्त , निडर यौन अपराधी को प्रथमत: तो बंध्या क्र देना चाहिए तथा ... |
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February 17, 2013, 10:57 pm |
| सियासत की राहों पे चलना संभल कर | —लेखक डॉ दिलीप कुमार सिंहकहते हैं कि राजनीती में कोई किसी का नहीं होता और अभी तक के अनुभव भी कुछ ऐसा ही सिद्ध करते हैं |देखने में यह भी आया है कि एक ही घर के लोग अक्सर अलग अलग राजनितिक दल से सम्बन्ध रखते हैं |स्वतंत्र भारत इस बात का सबसे अच्छ... |
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February 17, 2013, 10:54 pm |
| कूलर की छत पे ठंड का एहसास करता पंछीइस समय ज्येष्ट माह का उत्तराई तथा जून माह का प्रथमार्ध चल रहा है | समूचे भारत विशेषकर मध्य उत्तर एवं पश्चिम में गर्मी अपने चरम पे पहुँच गयी है | हफ़्तों से ताप ४४- ४९ डिग्री सेंटीग्रेट के बीच झूल रहा है | मानव तो मानव पशु पक्षी एवम पेड़ पौधे ... |
| मेरे अपने शहर में बड़े लोग : डॉ दिलीप सिंह १९८० इ० में अपने गांव गैरवाह से जौनपुर नगर में बसने के साथ साथ मुझे पहला अंतर मिटटी और सुगंध में मिला| कुछ समय बाद ही प्रख्यात शहरी शख्सियतों के साथ किला घूमने का कार्यक्रम बना| एक बार जो किला गया तो आज तक वहाँ जाना अनवरत जारी है| शर... |
| विश्व में एक से बढकर एक महापुरुष पैदा हुए हैं | भगवन श्री राम, कृष्ण, महावीर स्वामी,गौतम बुध , हज़रत मुहम्मद साहब,गुरु नानक, हज़रत ईसा मसीह, हज़रत मूसा ,कन्फयुशियास ,लाआत्स, ऐसे ही महापुरुष हैं | इसमें से ईसाई धर्म के प्रवर्तक हज़रत इसा मसीह ,इस्लाम धर्म के चलानेवाले हज़रत मुहम्... |
| जल के लिए युद्ध और कचड़ाघर बनती नदियाँ |—- डॉ. दिलीप कुमार सिंह’संपूर्ण पृथ्वी का सबसे अनोखा तत्व जल है तथा नदियाँ सदैव ही मानव सभ्यता का केंद्र बिंदु रही हैं| मानव ने आदिकाल से ही अमृत तत्त्व कि खोज में अपना अमूल्य समय गंवाया है | जबकि जल ही वास्तविक रूप में अमृत है |धरती... |
| तमाम आंकड़ों एवं विश्लेषणों के बावजूद इस वर्ष सर्दी कि ऋतु २९ फरवरी तक चलती रहेगी | इस वर्ष गर्मी की ऋतु अकल्पनीय रूप से प्रचंड होगी | तथा झुलसा देने वाली गर्मी से लोग त्राहि त्राहि कर उठेंगे | फ़रवरी के अंत तक ही अधिकतम तापमान जौनपुर वाराणसी सहित तमाम स्थानों पर ३५ डिग... |
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