बैसवारी baiswari

(१) सुख और दुःखऐसा वक्त कब आएगा जब हम खुशी मेंबचे रहेंगे सरल और दर्द में अविकल न खुशी में चहकेंगे और  न ही दुःख में होंगे विह्वल क्या हमारे जीते जी ऐसा वक्त आएगा जब हम चीजों को एक नज़र से देखने लगेंगे ?                                                         (२ )  कवि बनना स्थगित कर दिया ...
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Tag :क्षणिकाएं
  May 13, 2013, 6:13 pm
दिल्ली का मौसम बदला है।आदम से शैतान भला है।। तुमने अपना तीर चलाया।अब तक कितनी बार छला है। खुले-आम घूमते शिकारी।अपनों से हारी अबला है।। ये मौसम भी बदलेगा अब।घटा घिरी है,पवन चला है।। जाने सब कुछ,फ़िर भी नादाँ।कच्ची उमर ,जुर्म पहला है।। हम कुछ समझ नहीं पाते।नए ज़माने का म...
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Tag :गज़ल
  April 26, 2013, 9:19 am
गरम हवा अगिया रही,बरस रहे अंगार !चैत महीना हाल यह,आगे हाहाकार !!(१)सूरज हमसे दूर हो,चंदा आए पास !पंछी पानी ढूँढते,नहीं बुझाती प्यास !!(२)पकी फसल को चूमता,हँसिया लिए किसान !माथे पर चिंता लदी,बिटिया हुई जवान !!(३)सोना गिरे बजार में,हरिया मुख-मुस्कान !गेहूँ सोना ही लगे ,जब  आए खलिह...
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Tag :गर्मी
  April 18, 2013, 7:42 pm
 हम फ़िलहाल घनी फुरसत में हैं,तो सोचा कि थोड़ा मौजिया लिया जाए। मौज लेने का सबसे ताज़ा मौका ई ज़र्मनी वाला डायचे-वेले दे रहा है। पता नहीं ऊ वेला है या वो समझता है कि हम ही वेल्ले हैं ? फ़ोकट में ही ऐसा प्रोग्राम बनाया है कि उसकी साईट पे रोज़ हम हिट करते रहें ,इससे और कोई हिट हो न हो,...
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Tag :डायचे-वेले
  April 11, 2013, 5:15 am
परिकल्पना-पुरस्कारों के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस समय डायचे-वेले ने श्रेष्ठ ब्लॉगर नामित करने का अभियान चलाया हुआ है.जिन मुद्दों को लेकर परिकल्पना की आलोचना की गई थी,वे इसमें भी मौजूद हैं.सबसे ज़्यादा आपत्तिजनक बात 'नारी'  ब्लॉग के नामांकन को लेकर है.इसे सामूहि...
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Tag :ब्लॉग
  April 9, 2013, 9:00 am
कुण्डलियाँफागुन गच्चा दे रहा,रंग रहे भरमाय।आँगन में तुलसी झरे,आम रहे बौराय।।आम रहे बौराय,नदी-नाले सब उमड़े।सुखिया रहा सुखाय,रंग चेहरे का बिगड़े।। सजनी खम्भा-ओट , निहारे फिर-फिर पाहुन।अपना होकर काट रहा ये बैरी फागुन।।(१)होली में देकर दगा,गई हसीना भाग ,पिचकारी खाली हुई ,न...
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Tag :कुण्डलियाँ
  March 23, 2013, 8:38 pm
                         काफ़ीलम्बे इंतजार के बाद गूगलने ANDROID फ़ोनमेंहिंदीइनपुटकेद्वारालिखनेकीआसानसुविधामुहैयाकरादीहै.ऐसानहींहैकिइसकेपहलेलोगमोबाइलमेंहिंदीलिखनहींपारहेथे,पर google hindi input  सेरोमनमेंलिखनेकेअभ्यस्तअधिकतरलोगअबआसानीसेदेवनागरीमेंलिखपाएँगे.इसकेलिएउन्हे...
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Tag :mobile
  March 17, 2013, 11:39 am
राम हमारे जीवन के आधार रहे हैं.वे हमारी जीवन-शैली और संस्कृति के अंग हैं.शिव एक सर्वकालिक अभिभावक की तरह हमारी रक्षा करते हैं.ये हमारे आर्त-क्षणों में सहायक होते हैं.हमारे ध्यान में शिव चाहे हमेशा न रहें पर उनकी चिंताओं में हम हमेशा रहते हैं.शिव बिना देरी किये प्रार्थन...
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Tag :आस्था
  March 10, 2013, 8:01 am
स्कूल में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम में तुमने जब लोकगीत गाया था,मेरी निगाह शब्दों से कहीं अधिक तुम्हारे हाव-भाव पर थी.गाते वक्त तुम जब भी अपना हाथ ऊपर उठाती तुम्हारा दुपट्टा सरकने लगता.दुपट्टे के सरकने का तुम पर पता नहीं क्या असर होता रहा हो,पर मेरी जान ज़रूर सरक जाती.तु...
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Tag :खत
  March 6, 2013, 10:33 am
जब भी कक्षा में मास्टर जी नहीं होते,मुझे अच्छा नहीं लगता था.ऐसा पढ़ाई न होने के कारण बिलकुल नहीं था.दरअसल ,खाली कक्षा होने पर मेरे साथी मुझे घेरे रहते और मैं तुम पर अपना ध्यान फोकस नहीं कर पाता .उस बीच  मैं किसी तरह से तुम्हें देखने की कोशिश करता तो साथी चिढ़ाने लगते और मैं ...
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Tag :खत
  March 1, 2013, 11:15 am
स्कूल के दिनों में ,जब मैंने एक पर्ची पर लिखकर तुम्हारा नाम पूछा था तो तुमने उस पर झट से अपना नाम लिखकर उसी कागज का गोला बनाकर मेरी ओर फेंका था.तुमने मेरा भी नाम जानना चाहा था,यह जानकर ही मैं ख्यालों में खो गया था.जब मुझे होश आया तब तक मास्टरजी कक्षा में आ चुके थे और इस तरह...
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Tag :खत
  February 27, 2013, 11:11 am
न चराग रहे घर में,न सुकूँ बचा शहर में !मोहब्बत आई, गई हुई नफ़रत रुके जिगर में !हमने करी वफ़ा पर आए नहीं नज़र में !अपना मक़ाम तय है अब भी हैं वे सफ़र में !ज़िंदगी देती नहीं कुछ सीख देती है डगर में !हम दर्द को लेते छुपा,जी रहे सबके ज़हर में !  ...
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Tag :गज़ल
  February 22, 2013, 10:34 am
यूँ दबे पाँव आया वसंत !हरियाली की चादर ओढ़े धूप गुनगुनी साथ लिए,मंद पवन से द्वार बुहारे पुलकित मन ,श्रृंगार किये ,पट खोल दिए दोनों तुरंत !यूँ दबे पाँव आया वसंत !!नयनों से धार बही झर-झरकाजल बह गया अश्रु बनकर ,सामने दिखे मेरे प्रियतम बरबस लिया उन्हें अंक भर ,मिल रहे प्रिया से ...
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Tag :गीत
  February 14, 2013, 8:28 pm
जिनके मुरझाये चेहरे हैंकानों से थोड़ा बहरे हैं,आँखों की ज्योति बुझी-सी है जिनके जीवन का निकट अंत !बुड्ढों का कैसा हो वसंत !!वे मरे-मरे से रहते हैंसूने नयनों से कहते हैं,'तुम यूँ आलिंगन-बद्ध हुएहम भी कोई नहीं संत’!बुड्ढों का कैसा हो वसंत !!दिल के सारे अरमान लुटेनहीं कोई मोहि...
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Tag :गीत
  February 14, 2013, 10:53 am
उसका मिजाज मौसम-सा , हमको हर बार दगा देता है !मिलने को बुलाता है मुझको गलत हर बार पता देता है ।कहने को कुछ नहीं होता,जल्द एतबार जता देता है ।रूठ कर महफिल से गए, मेरा कुसूर बता देता है ।वो स्याह है,रोशन है  वही,मेरे दिल को जला देता है ।...
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Tag :ग़ज़ल
  February 5, 2013, 2:01 pm
बड़ा आसान हो गया  है ईश्वर को अपराधी ठहराना  अपनी उंगली उधर उठा देना ईश्वर बड़ा निरीह हो गया है आज वह प्रतिकार नहीं करता है उसके पास न किराये की पुलिस है और न आंसू गैस के गोले हम बड़ी सहजता से अपना गुस्सा अपने प्रवचन अपनी शिकायतें उसकी ओर उछाल देते हैंवह जवाब तक नहीं द...
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Tag :ईश्वर
  January 25, 2013, 12:41 pm
सेनाएँ तैयार हैंसेनापति मोर्चे पर आ गए हैंतलवारों में लगी जंग साफ़  की जा रही हैउस्तरों में धार दी जा रही हैअस्तबल से पुराने घोड़े निकल पड़े हैं.नए नारे गढ़े जा रहे हैंवादों की लंबी  फेहरिश्तऔर कुर्बानियों के स्मारक-पत्र पढ़े जा रहे हैंआम अवाम के लिएमखमली गद्दों के न...
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Tag :राजनीति
  January 23, 2013, 11:18 am
सेनाएँ तैयार हैंसेनापति मोर्चे पर आ गए हैंतलवारों में लगी जंग साफ़  की जा रही हैउस्तरों में धार दी जा रही हैअस्तबल से पुराने घोड़े निकल पड़े हैं.नए नारे गढ़े जा रहे हैंवादों की लंबी  फेहरिश्तऔर कुर्बानियों के स्मारक-पत्र पढ़े जा रहे हैंआम अवाम के लिएमखमली गद्दों के न...
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Tag :राजनीति
  January 23, 2013, 11:18 am
भगवान राम आज कुछ प्रसन्न-मुद्रा में दिखाई दे रहे थे.सीता जी ने उनकी इस प्रसन्नता का कारण पूछा ,'प्रभु ! आज आपकी मुख-मुद्रा अलग सन्देश दे रही है,क्या बात है ?' राम बोले ,'देवि,आज नारद मुनि मिले थे और कह रहे थे कि हम लोग जबसे धरती-लोक से आये हैं,काफी बदलाव हो गया है.मुझे अरसे ...
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Tag :हास्य-व्यंग्य
  January 21, 2013, 5:54 pm
बलखाती सरसोंअलमस्त चने से बोली,'तू हमारे कद के आसपास आ जाफिर मेरा दिल ले जा'चने ने झूमकर सरसों के पास पहुँचनाऔर हवा के दम परचूमना चाहा ,पर वह झुकी नहीं और हवा ने भी टका-सा जवाब दियाअपनी मंजिल पाने के लिएकिसी और का इस्तेमाल मत कर सरसों से मिलना है तो उसके बराबर की बात कर.चन...
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Tag :प्रेम
  January 19, 2013, 8:51 am
तुमसे जितनी बार मिला हूँ,नए रूप से यार, हिला हूँ !(१)भरे सरोवर मुरझाया-सा ,छोटे नद औ नार खिला हूँ !(२) बीच समंदर डूबा-उतरा ,लिए नाव-पतवार मिला हूँ !(३)गम के घूँट न लगते कड़वे,चोटों को हर बार सिला हूँ !(४)तेरे सभी पैंतरे अच्छे,नहीं हुआ हुशियार,भला हूँ ! (५) ...
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Tag :गज़ल
  January 16, 2013, 9:52 am
लोगोंनेकहाकपडेबदललोमैंनेरंगरेजबदललिया।लोगोंनेकहाचेहरेकोसजालोमैंनेआइनाबदललिया।लोगोंनेकहाधाराकेसाथबहोमैंपत्थरबनगया।लोगोंनेकहातुमचुपरहोमैंअगुआबनगया।लोगोंनेकहातुमगलतहोमैंऔरमज़बूतहोगया।लोगोंनेकहातुमकापुरुषहोमैंनेसबकसिखादिया।लोगोंनेकहावेनीत...
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Tag :समाज
  January 14, 2013, 6:51 pm
दर्द अब निकलता नहींमहसूसता भी नहीं,उपजाया जाता है चेहरे परखेत में फसल की तरहऔर काटलिया जाता है पकतेही.नकली दर्द खबर बनता हैऊँचे दामपर बाज़ार में बिकता है,उस पर औररंग-रोगन करपरोस दिया जाता है सभ्य समाज में चर्चा के लिए.दर्द अब पीड़ा नहीं बनतान ही मोहताज़ होता किसी हाथ काअ...
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Tag :बाज़ार
  January 13, 2013, 11:10 am
मेरे प्यारे भाई बहनोंमैं यहाँ आकर भी जीवित हूँ,जैसी मेरी इच्छा थी ।अब आप लोग भी अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त हो गए होंगे।मैं आप सबको अपने प्रति बे-इन्तहा प्यार दिखाने के लिए आभार व्यक्त करती हूँ।गाँव से आई एक अकेली लड़की को पूरी दुनिया और देश का जो प्यार मिला,वह हमारे ज...
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Tag :ज्योति
  January 7, 2013, 11:45 am
चलो दिल्ली , जहाँ हुक्काम बहरे हैंहवाओं में,फिजाओं में जहाँ संगीन पहरे हैं.चलाओ गोलियाँ ! छलनी हमारी छातियाँ हो जांय ,ये आतिश बुझ नहीं सकती, हमारे ज़ख्म गहरे हैं.तुम्हारे चैन की ,अब आखिरी शब आ गई , हमारा आज बिगड़ा पर, सपने सुनहरे हैं. बढ़े क़दमों ! नहीं रुकना ,बदल जायेगा मौसम ये,...
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Tag :राजनीति
  December 23, 2012, 10:53 am
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