| 24 अप्रैल से 5 मई तक ब्लॉग-जगत से दूर अवकाश पर नष्ट पुरुष से हो चुका, नारिजगत का मोह-छली जा रहीं नारियां, गली-गली में द्रोह ।नष्ट पुरुष से हो चुका, नारिजगत का मोह |नारिजगत का मोह, गोह सम नरपशु गोहन ।बनके गौं के यार, गोरि-गतिगोही दोहन ।नरदारा नरभूमि, नराधम हरकत छिछली । फेंके... |
| दहले दिल्ली देश, दरिंदा दुष्ट दहाड़े - भड़की भारी भीड़ फिर, कब तक सहे अधर्म । घायल करता मर्म को, प्रतिदिन का दुष्कर्म । प्रतिदिन का दुष्कर्म, पेट गुडिया का फाड़े । दहले दिल्ली देश, दरिंदा दुष्ट दहाड़े । नहीं सुरक्षित दीख, देश की दिल्ली लड़की । माँ बेटी असहाय, पुन: चिंगारी भड़की ... |
| दारुण-लीला होय, नारि की अस्मत लीला-दाग लगाए दुष्टता, पर दिल्ली दिलदार । शील-भंग दुष्कर्म पर, चुप शीला-सरकार। चुप शीला-सरकार, मिनिस्टर सन्न सुशीला । दारुण-लीला होय, नारि की अस्मत लीला । नीति-नियम कानून, व्यवस्था से भर पाए । पुलिस दाग के तोप, दाग पर दाग लगाए ॥ ... |
| टैग लगी लाइन मिली, लिख दिल्ली दिलदार -दिल्ली में पर्यटन का, करना हैविस्तार । टैग लगी लाइन मिली, लिख दिल्ली दिलदार । है दिल्ली दिलदार, छुपा इतिहास अनोखा । किन्तु रहो हुशियार, यहाँ पग पग पर धोखा । लूट क़त्ल दुष्कर्म, ठोकते मुजरिमकिल्ली । रख ताबूत तयार, रिझाए दुनिया दिल्ली... |
| ब्लास्ट का पोलिटिकल दुःखBamulahija dot Com Cartoon, Hindi Cartoon, Indian Cartoon, Cartoon on Indian Politcs: BAMULAHIJA ठोको कील शकील के, बके बयान कमाल-धमाचौकड़ी धमाके, माँ के बाँके लाल । ठोको कील शकील के, बके बयान कमाल । बके बयान कमाल, माल से वोट कमाओ । धरा खून से लाल, लाल पी एम् बनवाओ। समझौता नक्सली, दोस्त आतंकी आओ । मारो पब्ल... |
| Wednesday's explosion is fourth terror attack in Bangaloreधमाचौकड़ी धमाके, माँ के बाँके लाल । ठोको कील शकील के, बके बयान कमाल । बके बयान कमाल, माल से वोट कमाओ । धरा खून से लाल, लाल पी एम् बनवाओ। समझौता नक्सली, दोस्त आतंकी आओ । मारो पब्लिक धूर्त, दुबारा चलो जिताओ ॥ उपेक्षित होने का दर्द कहलवा रहा है दूसरे ब्... |
| उपेक्षित होने का दर्द कहलवा रहा है दूसरे ब्लॉगों को BakwasDR. ANWER JAMAL Blog News बच्ची बच्चा बस बचा, चचा चची का जोर । धमाचौकड़ी ले मचा, नचा रहा मन-मोर । नचा रहा मन-मोर, मुबारक क्लिक किलकारी । लिखते ब्लॉग करोर, किन्तु कुछ ही नर नारी । डालें व्यापक छाप, छाप कर झूठी सच्ची । कर रविकर तू वोट, ... |
| हिंदुओं को आजादी के नाम पर क्या मिला ! !पूरण खण्डेलवालशंखनाद कुण्डलियाँ *मोदीखाने में विजी, गुजराती खामोश ।जला गो-धरा देखकर, गुजरा तीखा रोष । गुजरा तीखा रोष, दोष फिर भी है देना । पानी पी पी कोस, सेक्युलर तमगा लेना । वोट बैंक की नीति, पूतना ले ले गोदी । घाटे का व्यापार, ... |
| नियमित नहिं लिक्खाड़-लिंक, लिख पाया ना सार । नागँवार जग-को लगे, जब ना लिखे गँवार । जब ना लिखे गँवार, मुश्किलें आईं हटकर। दुश्मन रहें प्रसन्न, सन्न सन्नाटा रविकर । बीते आपद-काल, शीघ्र हो जाय व्यवस्थित । त्वरित टिप्पणी छाप, ब्लॉग पर आये नियमित ॥ ... |
| लड़की वो होती है जो पार्टी में जाने से पहले NAND KISHOR GUPTA GUPTA JI KI DAYARIवारी जाऊं क्यूँ कहूँ, फेरे पुरुष निगाह । बन-ठन कर फेरे लगा, रहा कलेजा दाह । रहा कलेजा दाह, राह पर धूल फांकता । गुजरा पूरा साल, नया कानून सालता। चुकता जाए धैर्य, करे क्या कन्या क्वाँरी । मर्द-जात बदजात, व्यर्थ ह... |
| संतोष त्रिवेदीगुजरात का कर्ज़ उतार दिया है अब देश का उतारूँगा..... . .इसके लिए किसका कत्ले-आम होगा????रविकर की टिप्पणी मूरी गाजर से कटे, बटे घटे भूखंड |हमलावर आते रहे, दिया "गो धरा" दंड |दिया "गो धरा" दंड, सिक्ख सैनिक बन जाते |मचता कत्ले आम, इन्हें कांग्रेसी खाते |मोदी है निर्दोष, कह... |
| संतोष त्रिवेदीगुजरात का कर्ज़ उतार दिया है अब देश का उतारूँगा..... . .इसके लिए किसका कत्ले-आम होगा????रविकर की टिप्पणी मूरी गाजर से कटे, बटे घटे भूखंड |हमलावर देते जला, सहे "गो धरा" दंड |सहे "गो धरा" दंड, सिक्ख सैनिक बन जाते |मचता कत्ले आम, जिन्हें "चौरासी" खाते |नर नरेन्द्र निर्दोष, ... |
| आये बाज बजाज नहिं , राहुल की इस्पीच । बॉडी लैंग्वेज भा गई, भूले बाकी चीज । भूले बाकी चीज, भाजपा को ना भाये । मोदी पर बेवजह, बहुत राहुल झल्लाये । रविकर चोंच लडाय, बाज को पुन: जिताए । गौरैय्या का भाग्य, बाज फिर से ना आये ॥ ... |
| मनीषा के जन्मदिवस पर गुरुदेव श्री शास्त्री सर का अनमोल उपहार दूल्हा दुलहन को मिले, सबका स्नेहाशीष |कहता जग दूधो नहा, पूतो फलो मनीष |पूतो फलो मनीष, मनीषा अरुण मुबारक |मानवता से प्रेम, युगल हो प्रेम प्रचारक |रविकर ब्रेक के बाद, पोतता अपना चूल्हा |होली के पकवान, ग्रहण कर दुलह... |
| पहलवान हो गधा, बाप अब कहे सियासत -बेचारा रविकर फँसा, इक टिप्पण आतंक ।जैसे बैठा सिर मुड़ा, ओले पड़ते-लंक । ओले पड़ते-लंक, करुण कर गया हिमाकत ।पहलवान हो गधा, बाप अब कहे सियासत।बेनी जाती टूट, किंवारा खुलता सारा ।दिखता पर्दा टाट, हुआ चारा बे-चारा । मुर्दा मुद्दा जिया, हिलाता ... |
| हमीं से मुहब्बत, हमीं से लड़ाई...खुशदीप Khushdeep Sehgalकौशिक सुनहुँ मंदु यहि बालक | संकट-कारक करुण कुचालक |यू पी घूमा बाँह चढ़ाए | नहीं मुलायम धरती पाए |माया महा ठगिन हम जानी | चर्चित सत्ता रही कहानी |यही दिख रहे जीवन-दाता | पूजो बेटा पूजो माता || इच्छाधारी राजनीति pramod joshi जिज्ञासा... |
| इच्छाधारी राजनीति pramod joshi जिज्ञासा इच्छाधारी सर्प हैं, हटे दृश्य वीभत्स |नाग नाथ को नाथ ले, साँप नाथ का वत्स |साँप नाथ का वत्स, अघासुर पड़ा अघाया |हुई मुलायम देह, बहुत भटकाई माया |मनुज वेश में आय, वोट की मांगे भिक्षा |सुगढ़ सलोनी देह, वोट देने की इच्छा ||वाह वाह ताऊ क्या लात है? म... |
| रविकर शिव-सत्संग, मगन-मन सुने इंगला -कुम्भ-महिमा इड़ा पिंगला संग मे, मिले सुषुम्ना देह । बरस त्रिवेणी में रही, सुधा समाहित मेह ।सुधा समाहित मेह, गरुण से कुम्भ छलकता ।संगम दे सद्ज्ञान , बुद्धि में भरे प्रखरता ।रविकर शिव-सत्संग, मगन-मन सुने इंगला ।कर नहान तप दान, मिले व... |
| हकीकत : दिल्ली से भीख मांगते रहे नीतीश !महेन्द्र श्रीवास्तव आधा सच... पटना पटनायक सरिस, नीति चुने नीतीश |चालाकी में भैंस से, पड़ते हैं इक्कीस |पड़ते हैं इक्कीस, सदी इक्कीस भुनाते |ले विशेष अधिकार, ख़्वाब ये हमें दिखाते |रविकर से है रीस, उधर चालू है सटना |दो नावों पर पैर, बड़ा मुश... |
| वाह वाह ताऊ क्या लात है? में श्री दिगंबर नासवाताऊ रामपुरिया ताऊ डाट इन रानी बन कर कर रही, ताई कब से मौज |रखती है मुर्गा बना, तले कलेजा रोज |तले कलेजा रोज , खरी खोटी पकडाती |सोलह से तैयार, स्वयं डोली सजवाती |धिक् धिक् यह सरकार, आज की नई कहानी |अब आया कानून, बात यह बड़ी पुरानी |... |
| मैं वोही करण हूं...Kuldeep Sing man ka manthan. मन का मंथन। सुनती कर्ण पुकार है, अब जा के सरकार | सोलह के सम्बन्ध से, निश्चय हो उद्धार |निश्चय हो उद्धार, बिना व्याही माओं के |होंगे कर्ण अपार, कुँवारी कन्याओं के |अट्ठारह में ब्याह, गोद में लेकर कुन्ती |फेरे घूमे सात, उलाहन क्यूँ कर सुनती ||वा... |
| कुण्डलिया Kumar Gaurav Ajeetendu सिंहनाद -कीमत की-मत बात कर, मत मतलब से डाल |डाल डाल उल्लू दिखें, अपनी जात सँभाल |अपनी जात सँभाल, वोट जस रोटी बेटी |जाय भाड़ में देश, सियासत मटिया-मेटी |भाषा धर्म प्रदेश, यहीं तक बाँट गनीमत | वोट कभी मत बेंच, वोट की समझो कीमत || असाढ़ का कर्ज नीरज-नीरबेबाकी से... |
| कार्टून :- हत्थे वाला लैपटाप देखा !काजल कुमार के कार्टूनमाया के जंजाल की, बड़ी मुलायम काट |लेकिन वह अखिलेश भी, करता बन्दरबांट |करता बन्दरबांट, धकेले भर भर कुप्पा |जहाँ खड़ी हो खाट, बैठ जाता वह चुप्पा |यमुना कुंडा ख़ास, कुम्भ भरदम भटकाया |खोवे होश-हवास, खड़ी मुस्काये माया-हमारी ... |
| पाकिस्तानी नेशनल, असेम्बली दे घाव-पाकिस्तानी नेशनल, असेम्बली दे घाव । अफजल फांसी पर करे, यह निंदा प्रस्ताव । यह निंदा प्रस्ताव, लाश सौंपे परिजन को । देता हमें सुझाव, शर्म नहिं इस रहजन को । गायब सैनिक शीश, काट कर कारस्तानी । गिरेबान में झाँक, स्वयं के पाकिस्तानी ॥ मौज ... |
| "मेरी पौत्री प्राची की वर्षगाँठ" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) उच्चारण प्राची को शुभकामना, जन्म दिवस शुभ छंद |बल बुद्धि विद्या तेज मन, रहे स्वस्थ सानन्द || उम्मीदों के जुगनु !!!!सदा SADA धूप-हौसले से सदा, पिघले हिम-परवाह |जल-प्रवाह से म... |
|
|
|