| चौबे जी की चौपाल चौपाल चटकी हुई है । चुहुल भी खुबै है । उत्तरप्रदेश में हर दिन हो रहे नए-नए घोटाले के उजागर पर चुटकी लेते हुए चौबे जी ने चौपाल में कहा कि "चंद्रशेखर मिसिर क़हत रहें, कि प्रीत में ना धोखाधड़ी,प्रीत में न झांसा,प्रीत करीं अइसन,जइसन कटहल के लासा । अब प्... |
| चौपाल में आज चौबे जी कुछ तल्ख मूड में है, कह रहे हैं कि "जांगड़ चौक वाला मंगरुआ नेता का हो गया, पेट्रोलियम मंत्री की तरह हरबखत गुमान में रहता है ससुरा । काल्ह पेट्रोल पंप पर मिल गया, कहने लगा कि ईमानदारी मा का रक्खा है चौबे जी, हमें देखो, हमरे पास का नाही है- मोटर है, बंग... |
| रामभरोसे की कल की बतकही से नाराज चौबे जी ने आज चौपाल में घोषणा की कि कोई भी व्यक्ति विवाद वाला विषय नही उठाएगा ,धरीछन ने अपनी सहमति जतायी और बारी-बारी से बटेसर,असेसर और बालेसर ने भी हाँ में हाँ मिला दिया ।उमस ज्यादा है , इसलिए चौपाल लगी है राम भरोसे की मरई में, चुहु... |
| रामभरोसे का बेटा जबसे लौटा है मुम्बई से, कहता है की “पछुवा का धुक्कर चल रहा है, एक्को गो मकई मे दाना नहीं धरेगा उल्टे घमवा मे पसीना चुएगा सो अलग। ई खेती बारी का धंधा बहुते गंदा हो गया है बाबू जी । जो लागत है ऊ त डुबबे करेगा ससुरा ऊपर से चढ़ेगा कर्जा । एकरा बाद भी हाकिम की नज... |
| आज चौबे जी की चौपाल लगी है राम भरोसे की मडई में । चटकी हुई है चौपाल । चुहुल भी खुबै है । खुले बरामदे में पालथी मार के बैठे हैं चौबे जी महाराज और कह रहे हैं कि “ फुसफुसाहट वाली गुदगुदी के मजा कुछ अलग होत है रामभरोसे। एक कान से सुनके तुरते दोसरको कान लगौला के बाद जे गुदगुदी ह... |
| आज चौबे जी की चौपाल लगी है राम भरोसे की मडई में, यह वही मडई हैं जिसमें बड़हन-बड़हन नेता दोउ कर जोड़के गोबिंदा जईसा दांत निपोरते हैं । बाबा रामदेव जईसादंडवत करते हैं । यहाँ तक कि सीला की जवानी दिखाके मुन्नी को बदनाम करने वाले उला...ला....ला करते हुए बाबा नारायण दत्त... |
| आज चौबे जी की चौपाल लगी है राम भरोसे की मडई में । चटकी हुई है चौपाल । चुहुल भी खुबई है । खुले बरामदे में पालथी मार के बैठे हैं चौबे जी महाराज । यूट्यूब से लेकर फेसबुक तक, ब्लाग से लेकर पोर्टल्स तक सिंघवी की टहलती मुंह चिढ़ाती सेक्स सीडी पर त्वरित प्रतिक्रिया व्यक... |
| नंगे बदन लुंगी लपेटे बैठे हैं। प्लेट में चाय उड़ेल कर सुड़प रहे हैं । तोंद कसाब मामले की तरह आगे निकली हुई है। सफाचट सर, मूंछ में चाय की बूँदें अटकी हुई मनमोहनी मुस्कान बिखेरते हुए मुँह ही मुँह बुदबुदा रहे हैं कि-"जब आम के आम न आये, गुठली के दाम न आये अऊर कवनो रोजग... |
| आज चौबे जी कुछ शायराना मूड में हैं। उत्तरप्रदेश के मौजूदा हालात पर अपनी चुटीली टिप्पणी से गुदगुदाते हुए कह रहे है कि "अपने अखिलेश भईया की दूकान चटकी हुई है रामभरोसे,घोषणा हो चुकी है कि यू.पी. मा अब चौबीस घंटा बिजुरी जराबे वालन के घंटा दिखा दिहल जाई और किसानन के मुक्त... |
| भारतीय सेना में लेटर बम विष्फोट से आहत जनरल सिंह के मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए चौबे जी ने कहा कि " जनरल सिंह आपन मांद मा बईठे रहे और उधर ससुरै भ्रष्टाचारी घुसपैठिए करी गए गोपनीयता मा सुराख। बट्टा लगा गए सुरक्षा की शाख मा,मगर एंटनी अभी भी हैं जनरल को पटकनी देवे क... |
| चौपाल शुरू हो इससे पहले रेलगाड़ी के इंजन की तरह मुंह से ‘भुक्क-भुक्क’ बीडी का धुआं उगलते हुए गुलटेनवा पर तौआकर चौबे जी ने कहा कि "ससुरै गाँव वाले कबो ना सुधरिहें। उधर मंहगाई रुपी गिद्ध हम गाँव वालन कै नोच-नोच के खाए जात है और तुम हो कि अमीरी का सुख उठाये जात हौ।" इतना सुनक... |
| चौपाल में आज चौबे जी बहुत चिंतित है ,कह रहे हैं कि " तीन पुस्त से सरकार चलावे वाली सोनिया चाची की सरकार अब सरकार नाही रही मंहगाई और भ्रष्टाचार ढोए वाली कार होई गयी । उधर राहुल बाबा के दांत निपोरल भी बेकार होई गयी। मनमोहन की खो गयी मनमोहनी मुस्कान और तो और यू.पी. चुनाव ... |
| चौपाल में उत्तरप्रदेश के गरमागरम राजनितिक माहौल पर बबिंदास बोलते हुए चौबे जी ने कहा कि " साईकिल की बदली चाल, कि ससुरै बाकी दल बेहाल, ओये तेरा क्या कहना.....। सिर पे टोपी लाल,हाथ में खादी का रुमाल, ओये तेरा क्या कहना ....।" इतना कहकर चौबे जी सीरियस होई गए और ... |
| आज चौबे जी बहुत खुश हैं। कई टन खुश । चुहुल के बीच चौपाल में चौबे जी ने कहा कि हाथी के रौंद गये साईकिल सवार, हथवा मरोड़ गए, फूलवा निचोड़ गए, दे गये धोबिया पछाड़ मोरे भईया...माया की माया पे कईके कुठार, टोपी पहनाये गए, पनिया पिलाए गए, यू. पी. कS नया युवराज मोरे भईया । एही परि... |
| आज चौबे जी की चौपाल लगी है बरहम बाबा के चबूतरा पर । चुनावी हलचलों से भरा-पूरा है चौपाल । खुसुर-फुसुर के बीच चौबे जी ने कहा कि "जब से बजा है चुनावी बाजा,हर केहू इहे गावत हैं- वोटर राजा....आजा मेरी गाडी में आजा। होई गए ससुरी झूठ मा सच की मायावी मिलावट, न सुस्ती न थकावट। अजब-... |
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January 29, 2012, 5:04 pm |
| आज चौबे जी कुछ दिलफेंक मूड में हैं। चुनावी घटनाक्रम पर अपनी बतकही से गुदगुदाते हुए उन्होंने कहा कि ” अपने खुरपेंचिया जी भी भगोड़ा पार्टी से चुनाव लडे खातिर लंगोट कस लिए हैं राम भरोसे। अब पेट में आंत नाही है,मुंह मा दाँत नाही है तs ये मा खुरपेंचिया जी के का दोष,जिगडा तो है... |
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January 22, 2012, 5:01 pm |
| आज चौबे जी की चौपाल लगी है राम भरोसे की मडई में । चटकी हुई है चौपाल । चुहुल भी खुबई है । खुले बरामदे में पालथी मारके बैठे हैं चौबे जी महाराज और कह रहे हैं कि "जब से ससुरी चुनाव की तारीख तय हुई है गुरु घंटाल टाईप बाबाओं की बाल्ले-बल्ले हो गयी है राम भरोसे। वईसे बाबागिरी ह... |
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January 15, 2012, 4:59 pm |
| आज चौबे की चौपाल लगी है बरहम बाबा के चबूतरा पर । चुनाव की उद्घोषणा से भरा-पूरा है चौपाल । खुसुर-फुसुर के बीच चौबे जी ने कहा कि "आजकल अपने उत्तरप्रदेश मा जातिवाद के गरमागरम मुद्दे के साथ सगरो चुनाव प्रचार गरमाने लगा है राम भरोसे।जातिवाद के गज़रे लगाए और धर्म के लाल-प... |
| आज चौबे जी की चौपाल में आये हैं खुरपेंचिया जी,कह रहे हैं कि "लोकपाल रूपी जिन्न से मन खिन्न हो गया था हमरी पार्टी का। ससुरी बहुत मगजमारी के बाद आखिरकार हम्म संसद में पास करा ही लिए लोकपाल को । अन्ना बुढऊ बेमतलब का खुराफात कर रहा है । ज़रा सोचिये चौबे जी कि यदि लोकपाल स्... |
| "आज चौबे जी कुछ ज्यादा उदास हैं बटेसर, का बात है रे ?" "का बताये भैया सुबहे से खोये खोये से हैं।""ठीक है चलो चौपाल में ही पूछ लेत हैं उनके ई उदासी का कारण ...हाँ हाँ चलो राम भरोसे" ...... बोला अछैबर । आज मडई के बाहर बैठिके में चौपाल लगाए हैं चौबे जी, अछैबर के उकसाने ... |
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December 25, 2011, 4:51 pm |
| आज चौबे जी कुछ दिलफेंक मूड में हैं। देश के घटनाक्रम पर अपनी चुटीली टिप्पणी से गुदगुदाते हुए कह रहे हैं कि " का बताएं राम भरोसे,ससुरे गदहे तो गदहे गदहिया भी गाने लगी है राग भैरवी। उमगने लगी है राजपथ पर, करने लगी है टिकट खातिर पैरबी। कवनो कहत हैं कि फलाना पार्टी के वोट म... |
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December 18, 2011, 4:49 pm |
| उत्तरप्रदेश के गरमागरम चुनावी माहौल पर चुटकी लेते हुए चौबे जी ने चौपाल में कहा कि "चहूँ ओर चुनाव के ढोल बजने लगे हैं। जंग के मैदान सजने लगे हैं। झंडे-बैनर बनने लगे हैं। मंगरुआ के साथ-साथ ढोरयीं के भी सुर बदलने लगे हैं । बड़े मियाँ के साथ-साथ छोटे मियाँ भी देखने लगे हैं सत... |
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December 11, 2011, 4:48 pm |
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