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Blog: झरोखा-jharoka

Blogger: Nalin Chauhan
मनुष्य के ईश्वर से प्रेम करने की उत्कंठा और मनुष्यता से प्रेम करने में असफलता, एक चमत्कार है। भला ऐसे में फिर मनुष्य किससे साथ प्रेम है?- महर्षि अरविंद This is a miracle that men can love God, yet fail to love humanity. With whom are they in love then?—Sri Aurobindo... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   2:16am 3 Jun 2019 #
Blogger: Nalin Chauhan
सार्वजनिक सभा गुमिया में संथालों के बीच भाषण के अंत में गांधी जी कहते हैं, आपको पूरी आस्था व भक्ति के साथ राम नाम लेना सीखना चाहिये । राम नाम पढ़ने पर आप तुलसीदास से सीखेंगे कि इस दिए नाम की आध्यात्मिक शक्ति क्या है । आप पूछ सकते हैं कि मैंने ईश्वर के अनेक नामों में से क... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   6:28am 2 Jun 2019 #
Blogger: Nalin Chauhan
01062019, दैनिक जागरण अगर आप एक खोजी दृष्टि रखते है तो अनेक बार बसी और उजड़ी दिल्ली एक उपयुक्त शहर है। जहां  कई ऐतिहासिक बसावटों वाले शहरों को अपने में समेटे हुए आज की दिल्ली में हर दिन एक नया मिथक, किंवदंती या ऐतिहासिक तथ्य सामने आता है। देश की राजधानी के दक्षिण में एक चट्ट... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   6:10am 1 Jun 2019 #JNU
Blogger: Nalin Chauhan
देश काल से परे देखने वाली एक खोजी आंख और उसे दर्ज करने वाले एक कैमरे के फ्रेम के लिए दिल्ली एक मुफीद शहर है। इतिहास और संस्कृति में रचे-बसे अनेक शानदार स्थानों और बसावटों वाले इस शहर को भला सिनेमा कैसे नजरअंदाज कर सकता है? दिल्ली, निस्संदेह एक सिनेमाई जादू की अनुभूति कर... Read more
clicks 21 View   Vote 0 Like   5:02am 25 May 2019 #city
Blogger: Nalin Chauhan
कनाट प्लेस के गलियारे में होती पान की गिनती...(नयी दिल्ली)... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   1:33pm 21 May 2019 #
Blogger: Nalin Chauhan
Dainik Jagran, 18.05.2019देश के ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे महंगे बाजारों में गिने जाने वाले नई दिल्ली के खान मार्किट के शायद ही कोई व्यक्ति अजनान हो। पर जितना मशहूर उसका नाम है उतना ही कम जानी है उसकी बसने की कहानी। इस बाजार के बारे में अनेक प्रसिद्व व्यक्तियों ने अपनी-अपनी कलम चलाई ... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   3:33am 18 May 2019 #
Blogger: Nalin Chauhan
दिल्ली में 1967 के आम चुनावों की एक महत्वपूर्ण परिवर्तन यहां की सात सीटों में से छह सीटों पर जनसंघ की जीत थी। इतना ही नहीं, जनसंघ दिल्ली महानगर परिषद के साथ-साथ दिल्ली नगर निगम में भी सत्तारूढ़ दल के रूप में उभरकर सामने आया। लालकृष्ण आडवाणी अपनी आत्मकथा "मेरा देश, मेरा जीवन"... Read more
clicks 21 View   Vote 0 Like   12:04am 11 May 2019 #General Elections 1967
Blogger: Nalin Chauhan
देश भर के साथ दिल्ली में 1952 में हुए आम चुनावों को लेकर एक फिल्म बनाई गई थी। आजाद हिंदुस्तान के पहले लोकसभा चुनावों के समय बनी इस श्वेत-श्याम फिल्म को देखने से राजधानी की चुनावी गतिविधियों के बारे में पता चलता है। जिसमें सरकारी अमले, मतदान की व्यवस्था में लगे अधिकारियों ... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   2:29am 4 May 2019 #आजाद हिंदुस्तान
Blogger: Nalin Chauhan
दैनिक जागरण, 27/04/2019इस बात को ध्यान में रखते हुए ही निर्वाचन आयोग ने 30 जुलाई 1951 को भारतीय चुनावों में निर्वाचन प्रतीकों के आरक्षण और आबंटन के उद्देश्य से नई दिल्ली में एक बैठक बुलाई। देश के पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुकुमार सेन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रमुख राज... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   3:06am 27 Apr 2019 #
Blogger: Nalin Chauhan
Solitary house_kashmiri gate, Delhi_25042019हर घर की खामोशी कुछ कहती है...(कश्मीरी गेट)... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   4:40pm 25 Apr 2019 #
Blogger: Nalin Chauhan
भारतीय संसद का एक पुराना चित्र देश की पहली लोकसभा (17 अप्रैल 1952-4 अप्रैल 1957) में 24 महिला सांसद निर्वाचित हुई थी।  ... Read more
clicks 13 View   Vote 0 Like   3:51pm 24 Mar 2019 #Figures
Blogger: Nalin Chauhan
अगस्त 1947 में भारत के विभाजन के तुरंत बाद सांप्रदायिक कट्टरता और महजबी असहिष्णुता के कारण हुई अभूतपूर्व रक्तिम हिंसा हुई। इसी का नतीजा था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं और सिखों को अपनी जानमाल की सुरक्षा के डर से पलायन करके भारत आना पड़ा। इस अप्रत्याशित माननीय आबा... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   1:11am 23 Mar 2019 #Post Partition
Blogger: Nalin Chauhan
धौल, धौला, धौलीपीठ पर धौल जमाना।धौला का अर्थ सफ़ेद यानी निर्मल जल मतलब धौला कुआँ। धौली प्याऊ, ऐसी प्याऊ जिसका पानी स्वच्छ है, मतलब पीने लायक. धौली मगरी यानी सफ़ेद पत्थरों की पहाड़ी।धौली मगरी (गांव चावण्डिया खुर्द, रायपुर-मारवाड़, जिला पाली राजस्थान) मेरे पैतृक स्थान का नाम ... Read more
clicks 13 View   Vote 0 Like   8:32pm 22 Mar 2019 #
Blogger: Nalin Chauhan
सबसे भारी भी काल बाह्य हो जाता है!बीते जमाने की बात(मतदान पेटी, मुख्य चुनाव आयुक्त कार्यालय म्यूजियम, ओल्ड सेंट स्टीफेंस कॉलेज बिल्डिंग, कश्मीरी गेट, दिल्ली)... Read more
clicks 12 View   Vote 0 Like   5:14am 22 Mar 2019 #Elections
Blogger: Nalin Chauhan
फोटो साभार: लोनली ट्री_जूडिथ सायराचजब कोई अपना जाता है आकाश सूना होता है आंखें सूनी हम निःशब्द कितना कुछ साथ चला जाता है उस एक अपने के साथ यादें, बातें, अपनापन हम बिलकुल अकेले कभी जो सोचा नहीं होता जब ऐसा कुछ होता तब इतना दर्द होता लगता आखिर ऐसा क... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   1:55am 19 Mar 2019 #
Blogger: Nalin Chauhan
दैनिक जागरण, 16/03/2019 भारत में यात्रियों के लिए आश्रय की अवधारणा नई नहीं है। ऐतिहासिक अभिलेखों और पुस्तकों में धर्मशाला, विहार, सराय और मुसाफिरखाना जैसे शब्दों का उल्लेख है। इन प्रतिष्ठानों ने सभी पर्यटकों-चाहे वे तीर्थयात्री, विद्वान, व्यापारी या साहसी व्यक्ति कोई भी ... Read more
clicks 12 View   Vote 0 Like   7:48am 16 Mar 2019 #
Blogger: Nalin Chauhan
09032019_दैनिक जागरणपृथ्वी के भूगर्भीय इतिहास में जब पहली बार पर्वतजननिक गतिविधियां हुईं तो इसमें आर्कीयनकाल (आद्य महाकल्प) के अवसादों में उभार आया जिससे अरावली पर्वतमाला का जन्म हुआ। इस बात के प्रमाण मिलते हैं कि पुराजीवी काल के प्रारंभिक दौर में इस पर्वतमाला में फिर स... Read more
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02032019, दैनिक जागरण मुल्क के टुकड़े तो हो चुके। अब उसे दुरूस्त करने का तरीका क्या है? एक हिस्सा गंदा बने तो क्या दूसरा भी वैसा ही करे? हिंदुस्तान की रक्षा का, उसकी उन्नति का यह रास्ता नहीं कि जो बुराई पाकिस्तान में हुई उसका हम अनुकरण करे। अनुकरण हम सिर्फ भलाई का ही करें। अगर ... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   5:05am 2 Mar 2019 #
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23022019 दैनिक जागरणभौगोलिक रूप से देखे तो यमुना नदी, रिज और पश्चिमी यमुना नहर से दिल्ली की पहचान रही है। दिल्ली में धरती की ढलान उत्तर से दक्षिण की ओर थी। दिल्ली क्षेत्र की भौतिक विशेषताओं में बृहत विविधता थी और इसी का परिणाम था कि मिट्टी में भी व्यापक किस्म के गुण थे।शाहज... Read more
clicks 12 View   Vote 0 Like   3:07am 23 Feb 2019 #
Blogger: Nalin Chauhan
1911 में दिल्ली के तीसरे दरबार में अंग्रेज राजा जॉर्ज पंचम ने ब्रिटिश भारत की राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली बनाने की घोषणा की। उसके बाद अंग्रेज दिल्ली में राजधानी योग्य भूमि की तलाश में जुट गए। ऐसे में जयपुर के राजा ने अंग्रेजों की नई दिल्ली के लिए भूमि (जयसिंहपुरा और राय... Read more
clicks 12 View   Vote 0 Like   6:19am 16 Feb 2019 #
Blogger: Nalin Chauhan
पश्चिम का नारा है कि “प्रकृति के अनुसार जीना चाहिए".लेकिन यह स्पष्ट नहीं होता कि कौन सी प्रकृति?शरीर की प्रकृति या शरीर से इतर पायी जाने वाली प्रकृति?हमें पहले इस बात को निर्धारित करना चाहिए!-महर्षि अरविन्द ... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   2:34am 28 Jan 2019 #प्रकृति
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26012019_दैनिक जागरण  आज यह बात जानकार हर किसी को हैरानी होगी कि आधुनिक भारतीय गणतंत्र का प्रतीक राष्ट्रपति भवन जिस रॉयसीना पहाड़ी पर शान से खड़ा है, कभी वहां पर रॉयसीना गांव हुआ करता था जो कि मारवाड़ के राजपूत शासकों की पैतृक जागीर था।इतिहास के पन्नों में झांकने पर पता चलत... Read more
clicks 39 View   Vote 0 Like   9:32am 26 Jan 2019 #
Blogger: Nalin Chauhan
19012019_Dainik Jagran अंग्रेज सरकार ने दिल्ली की तेजी से बढ़ती आबादी को समायोजित करने के हिसाब से दिल्ली इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट योजना के तहत 1937 में करोलबाग की स्थापना की थी। तब अंग्रेजों की नई राजधानी नई दिल्ली के निर्माण के लिए लगे मजदूरों के परिवारों को बसाने के उद्देश्य से करोलब... Read more
clicks 36 View   Vote 0 Like   3:00am 20 Jan 2019 #
Blogger: Nalin Chauhan
आप किसी से उसकी सुंदरता, उसके कपड़ों या उसकी पसंदीदा कार के लिए प्यार नहीं करते बल्कि उसके गाए एक गीत के लिए करते हैं, जिसे केवल आप ही सुन सकते हैं।-ऑस्कर वाइल्ड... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   3:26pm 8 Jan 2019 #
Blogger: Nalin Chauhan
सर्दी की इन्तहां में ही आख़िरकार मुझे इस बात का अहसास हुआ कि मेरे भीतर बेपनाह गर्मी है. -अल्बर्ट कामू... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   3:05pm 8 Jan 2019 #
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