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Blog: चौपाल....

Blogger: ashu
Creditज़िन्दगी-दौड़भाग-इंसान, ये शब्द कहीं एक दूसरे से उलझ से गए हैं. सोचता हूँ तो इन्ही की तरह उलझ सा जाता हूँ..और फिर कह पड़ता हूँ पर्याय तो नहीं हो गए है ये तीनों वापस. शाब्दिक मतलब ढूंढने जाएँ  तो सभी भिन्न ही हैं पर ज़िन्दगी का रिश्ता दौड़भाग और इंसान के साथ है, जीवित हो इंसान त... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   2:53pm 21 Mar 2019 #
Blogger: ashu
कहते हैंImage Creditsठहर जाना नहीं है ज़िन्दगी की कोई चाल….चलते रहना है.चलते रहना है,पर्याय ज़िन्दगी का.यही सोच कर कभी आहिस्तेकभी वेग में भागता गया..ज़िन्दगी के अर्थ काअर्थअनर्थ समझइस भागम भाग में कभी घर,कभी दौलत,कभी आराम,कभी ऐश की  चाहत कीजंजीरों ने पैरों को जब बाँध लिया.....तब ठह... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   7:47am 20 Sep 2016 #
Blogger: ashu
We have no commitments  between us, then why lies….credits: googleवादा नतेरावादा नमेरा फिरसबरी के बोल भी आज झूठे क्यूँ?... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   7:16am 20 Sep 2016 #
Blogger: ashu
Image Creditsकभी कभी महसूस होता है, लोग हमे अपने कारणों से इस्तेमाल करते हैं, जब इस्तेमाल समाप्त हो जाता है, वो अपने रास्ते और हम एक कड़वे अनुभव के साथ रह जाते हैं... शायद इस्तमाल होना हम इन्सानों की कमजोरी है और इस्तमाल करना हमारी फितरत.... हाँ एक फितरत ही तो होती होगी.......  साइकिल के ... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   9:50am 15 Dec 2015 #
Blogger: ashu
Creditsज़िन्दगी के छोटे मोटे खुशियों से ही ज़िन्दगी का जन्म होता है..... हर कदम के पदचिन्हों के अपने मायने होते हैं...हर कदम के अपने शोर होते हैं......हर रास्ते के अपने अर्थ होते हैं...जो समेट कर, रुक कर हर कदम देख पता है,,वही जी जाता है    पगडंडियों पर लेख पढ़ा तो,समझ न आया कि पगडंडियो... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   1:19pm 30 Nov 2015 #
Blogger: ashu
Image Credits..मदहोश नैनों से मद बिखेरतीपैनी नज़रों सेनज़रों को क़त्ल करतीशरारती मृगनयनी कौन हो तुम?खनखनाते लबों से खिलखिलाती सुर्ख होठों की मादकता बिखेरतीमदहोश मदिराकौन हो तुम?लचकती, मचकतीबलखातीनर्म जिस्म कीतेज़ बिखेरतीअत्र दानी कौन हो  तुम?आवारा लटेंसुडौल वक्षकंपकपाते क... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   9:08am 22 Nov 2015 #
Blogger: ashu
बड़े किंग साइज़ के बिस्तर परImage Creditsबड़े बड़े मस्लन्दों के घेरे सेअपना साम्राज्य हम संजोते थे. सिरहाने के तकिये से सटेदो मसलंद लगते थे, जो बिस्तर के ठीक बीचों बीच लगी होती.इस घेराबंदी में घुसना,उन्हें तोड़ना, उन्हें संजोये रखना हमारा अपना एक खेल थाजो बचपन में हम तीनों भाइयों क... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   12:20pm 9 Nov 2015 #
Blogger: ashu
sahi in Hindi means Porcupine.... a story about a porcupine who helps us learn an important aspect of life.... read on...हिमयुग की दास्ताँ है येहिमालय के किसी अंचल में स्वेत सफ़ेद अंचल में साहियों का बोलबाला था.. नुकीली, काटों भरी शरीरमुशकों की मुखाकृतिजिंदादिल आवृतिलुढ़कते खेलते साहियों का परिवारहँसते चहकते संगी साथी श्वेत हिम के कानो को ग... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   8:40am 10 Oct 2015 #indiblogger
Blogger: ashu
इधर उधर पड़ेImage Creditsरंगीन बक्सों को ज़िन्दगी के रक्सेक बेग में समेटतेसिमटतेमहसूस कर पा रहा हूँ.....आखिरी यात्रा की आगाज़ तो नहीं ये...... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   3:47pm 14 Sep 2015 #
Blogger: ashu
ड्राइंग रूम के दीवार को छूती गद्दे के Image Courtesyसिरहाने परहमारी वही चिर-परिचित खेल कई दिनों से अलसाई पड़ी थी देख, मैं ठहर गया..वहीँ बैठ कर गोद में चकौर गद्दे समेटेदेखने लगा मैं उन्हेंलेक्सिकोन (lexicon) के चकौर गोटियों को.सीधे आड़े लाइनों में खुद को समेटे...चकौर बक्से अंग्रेजी के ... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   1:08pm 14 Sep 2015 #lexicon
Blogger: ashu
लोगों को चड्डियों से जल्दी मोबाइल फोन बदलते देख हमेशा हैरान होने वाला प्राणी आज दिल की बात यहाँ कह जाए तो सुनने वालों को थोडा आश्चर्य तो होगा ही. हाँ चलिए, आज आपकी कटाक्ष भी सुन ही लेता हूँ. आपकी बातें सर आँखों पर. अब क्या बताये मोबाइल कभी हमारे कैमरे के शौक के आगे न आ सकी. फ... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   3:19pm 13 Apr 2015 #
Blogger: ashu
सोचिये तो छोटी सी बात है. किसी दिन किसी विषय को ले कर मंथन कर जाना और शब्दों को पीरा एक कथन कह जाना ही हम ब्लोगरों की आदत होती है. और जब वह कही हुई बात को कोई सैकड़ों ख्यालों से चुन कर एक जगह सजा देता हैं, तो खुशियों से भर जाते हैं हम. हाँ एक पोस्ट हमने लिखी थी और indiblogger के एडिटर सा... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   9:17am 30 Mar 2015 #
Blogger: ashu
Yoghurt Parfaitसबेरे सबेरे चौपाल पर पंहुचा, और ददुआ चाचा से चाय की एक फरमान लगायी. ददुआ चाचा ने चाय की गरम ग्लास पकडाई तो मेरी नज़र उनके मुस्कुराहट पर पड़ी.  मुस्कराहट से झुर्री भरी चेहरे कर कई नए लाइन भर आई थी. उनकी चाय की तरह ही चेहरे पर आज अदरकी मुस्कान थी. थोड़ी तेज़ थोड़ी, शरारत भरी. ... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   9:48am 24 Mar 2015 #Kellogg's
Blogger: ashu
Bihar examनींद खुली तो देखा कोहराम सा मचा हुआ है. आँगन से बर्तन धुलने की आवाज़ आ रही थी, वहीँ कोई चापाकल से पानी निकाल कर नहा रहा था. मामा भी आज घर पर थे, वर्ना रोज़ नींद टूटने से पहले तो वो लोकल ट्रेन से पटना के लिए निकल पड़ते थे. चचेरे भाई आज घर आये हुए थे. औंधियाए मन से, हर एक चीज़ पर ध्य... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   1:53pm 22 Mar 2015 #current affairs
Blogger: ashu
Coca-Colaखुशियाँ... खुशियाँ भी बड़ी अजीब होती हैं. इन्हें ढूंढो, मिन्नतें करो, आमंत्रण दो, तो मिलेंगी नहीं. बड़ी छलावों से भरी होती है. लोगों को भागते देख हम भी कई बार भागे इनके पीछे, हर बार बेवफ़ा सखी सी इतरा कर ठेंगा दिखा कर निकल जाती हैं. एक बार इनके खोज में ढूँढतेढूँढते कुछ शब्दों... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   9:32am 22 Mar 2015 #hindi
Blogger: ashu
Credits : ParaGlidingलहरों का दूर दूर से वेग भरे आना और समुन्दर के तटों से टकरा कर बिखर जाना, लहरों का तट पर आ कर रेत को भीगाजाना. बिखरते भीगते इस मंज़र पर भीगे रेत पर लेटे घंटों समुन्दर का शोर सुनना मुझे बहुत ही पसंद था. ठंडी हवाओं का बह कर बदन छू जाना, मुझे भरी धुप में भी रोमांचित कर जाती... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   12:04pm 16 Mar 2015 #Housing
Blogger: ashu
पूजा,अराधनाईज्ज़त,आदर,सत्कार,मोहब्बत,घृणा,ज़िद,हंसा,रोया,चिल्लाया,उपहास की,  उजाड़ा उसेसब कुछलगभगसबकुछ करदेख लिया थामैंनेज़िन्दगी : हमे समझ न आई.अबसमझने की व्यर्थ कोशिश त्याग चूका हूँबस जी रहा हूँ....ज़िन्दगी के संगसमझ गया हूँ.. व्यर्थ है इसे समझने की कोशिशएक ही मूल है : ज़ि... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   8:44am 15 Mar 2015 #
Blogger: ashu
लाल-पीला-लाललाल-लाल-लालएक चेहरा सजाताएक रंग से भरतादूजा चेहरा बिगड़ जाताकशमकश में,कई लम्होंकई घंटोंकई दिनों कोव्यर्थ कर गया था.एक ही रंग सेरुबिक के सारे चेहरेसजा न पाया था..नाराज़ होताबड़तोड़ घुमासबकुछ बिगाड़ दिया..कमरे के एक कोने मेंफेंक निकल आया था  सहसा,आज फिररूबरू ह... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   8:41am 12 Mar 2015 #
Blogger: ashu
की फर्क पेंदा है?  कोई तकियाकलाम नहीं है ये मेरा. न जाने क्यूँ बार-बार इस्तमाल कर जाता हूँ. निर्भया की घटना हुई और फिर जब इस्लामाबाद में नन्हे फरिस्तोंका खून हुआ, मन बहुत खिन्न हुआ, देश में बवाल मची. एक ही बात ज़हन में उठी :की फर्क पेंदा है.  देश में एक लहर उठती हैऔर फिर सब... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   8:45am 11 Mar 2015 #indiasdaughter
Blogger: ashu
creditsकभी कभी लिखने के लिए हमे कोई प्रेरणा नहीं मिलती. कितने भी शब्दों को कुरेदो, गुद्गुदावो, समेटो, शब्द स्याही से उतर कर पन्नों पर आते ही नहीं हैं और कभी एक नन्हा सा झोंका अलसाया सा आता है और जहन में दूर तक समां जाती है. अब देखिये न indibloggerको ही, एक नन्हा सा झोंका Start A New Lifeन जाने कैस... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   12:12pm 10 Mar 2015 #
Blogger: ashu
पार्क के उस कोने में जहाँ झुरमुट को ढालते जंगली पौधों के कई झाड उगे थे,  उसी के पीछे एक बडे से पेड़ पर ओट लगाये कई सपने देखे थे हमने. बड़ा सा वो पेड़ अपनी बड़ी बड़ी भुजावों को पत्तों से ढापे पार्क के बड़े से उस हिस्से को छाया से भर देता था. बड़े से तने पर पीठ टिकाये हम दोनों ने न जान... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   8:26am 10 Mar 2015 #
Blogger: ashu
नए साल की ढेरों शुभकामनायेimage credits...... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   1:00pm 1 Jan 2015 #
Blogger: ashu
खुशियाँ, बड़ी अजीब होती है,बडे बडे डब्बों मेंढेर सारी खुशियाँ मांगोठेंगा दिखा कर हंस देती हैं.पूछो तो कहेंगीबडे लालची हो...एक ही बार मेंइतनी सारी माँगते हो.तुम क्या जहाँ में एक हो?हम क्या सिर्फ तुम्हारे लिए हैं?चलो हटो,बड़ी-बड़ी डब्बों मेंहमे, हम से न मांगो....देख कर ठेंगा उनक... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   7:38am 25 Dec 2014 #
Blogger: ashu
Merry Christmas... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   6:26am 25 Dec 2014 #
Blogger: ashu
प्रेरणा:पेशावर में स्कूल के बच्चों पर हुए नरसंहार, हम सभी को झिंझोर गयी. इसके तुरंत बाद सियासत के दावेदारोंpicture creditका कानून बदल कर मौत की सजा सुनाना, नए नए नियमों का लागु करना, चौंकती है . सियासत का एलान करना कि 500 लोगों को मौत की सजा सुनाई जाएगी, सभी आतंकवादीयों का संहार होगा... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   9:19am 24 Dec 2014 #hindi
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