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Blog: शशि की कविताये

Blogger: Shashiprakash Saini
इस कवी को मिल जाए कोई कवयित्रीज़िन्दगी हो जाए जैसे कोई पोएट्री वो करे कविता हम कहे शायरी बस यू ही भरती जाए जिंदगी की डायरीउनके आने से लय ताल होजाए जीना भी फिर कमाल होजाए मै वीर रस वो श्रींगार रस प्रेम बढ़े बरस दर बरस हम होजाए दोहा तुम होजाओ ग़ज़लहम तुम्हे सुने तुम हमे... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   6:53pm 19 Apr 2012 #kavita
Blogger: Shashiprakash Saini
मै अकेला रह नहीं पाता तेरे ख्याल आते हैअंधेरे कमरों में उम्मीद के जुगुनू टिमटिमाते हैरौशनी चुभने लगी है आँखों में कोई भुझादे ये दियेमेरे छुने से लोग पत्थर हो जाते हैभावनाए नहीं बचतीसंवेदनाए जम जाती हैमेरे छुने से लोग पत्थर हो जाते हैमै अभिशाप होने लगा हूतुम वरदान ही... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   10:13am 19 Apr 2012 #
Blogger: Shashiprakash Saini
ऐ खुदा भूलने का हुनर दे की हम उसे भुला दे बावफाई का सिला बेवफ़ाई उसकी यादे भी जला देबेवफाई की दुनिया ये और दिल लगाना है गुनाह या खुदा रहम कर बन्दों पे जीने का हौसला दे जीतनी भी सुन्दर काया है आँखों में सब माया ये इश्क की जादूगरी अच्छे अच्छो को बरगला देदिल खेल है आप खिलवाड... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   6:56pm 18 Apr 2012 #ghazal
Blogger: Shashiprakash Saini
ज़ज्बात अल्फाज़ होने लगे है चुप नहीं रहता बोलने लगा हू दिल-ए-किताब से धुल हटाई हैपन्ने दर पन्ने खोलने लगा हूआंखे बोलती है तेवर चुप नहीं रहते इश्क की आग जो बढने लगी है जुबा कम पड़ने लगी हैइशारों में गहराई झांक लोआंखे देखो मन भाप लोदिन के चार चक्कर तेरे घर के इधर उधर रास्त... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   6:47pm 16 Apr 2012 #
Blogger: Shashiprakash Saini
मुश्किलात में न भागे न मिले पीठ दिखाने वालेखुदा ने दोस्त दिए डटकर साथ निभाने वाले जब रात घनी थी अंधेरा था बहोत रिश्ते थे हाथ पकड़ राह बताने वाले ज़िंदगी दर्द देती रही इश्क गम देता रहा ऐसे मिले यार जो रोते से हँसाने वाले और खुदा से दुआ क्या मांगता “सैनी”वो थे तेरी हर दुआ ... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   6:46pm 16 Apr 2012 #
Blogger: Shashiprakash Saini
श्रद्धा हो अगरमन में भी मिल जाएगा ईश्वरफिर क्यों मंदिरों में भीड़ बड़ी लंबी कतारअमीरों को तो कतारों का भी समय नहीं रहताहो सकता है इनकी दुनिया में वो हर जगह नहीं रहता : शशिप्रकाश सैनी... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   2:53am 15 Apr 2012 #
Blogger: Shashiprakash Saini
क्या थी नाराज़गी हम समझे नहीं ना शिकवा ना गीला कुछ बोलिए तो जरा काले चस्मो से छुपाली है आंखे न आँसू दिखेहम अब कैसे मन में झाँकेंमिलो बात करो आओ तो सही हमसे सुनो अपनी सुनाओ तो सही पास आने पे पिघल जाएगीरिश्तों की बर्फहम भी कुछ बढ़ेआप भी आए हमारी तरफ मिलते रहिये मुलाकातों ... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   2:39am 15 Apr 2012 #
Blogger: Shashiprakash Saini
ये ना पूछिए क्या हू है है दुनिया बेवफ़ाई की तो बावफ़ा हू मै गम-ए-इश्क का मरहम हूलोग कहते दिल-ए-दर्द की दावा हू मै मेरी सीडियां करती है जात पात नहीं ये किसी धर्म की मोहताज नहीं कभी मैखाने की हवा हू मैकभी बोतलों का नशा हू मैये मेरे चाहने वाले है खरीदार नहीं मै लोगो में डाल... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   11:57am 13 Apr 2012 #
Blogger: Shashiprakash Saini
वो ठंडी पवन का झोंका थाजो तूने हमको रोका था वो सावन की बरसातें थी सोंधी सोंधी सी बाते थी छोटी मोटी जो अनबन थीबिजली की फिर जो गर्जन थीतेरा बाहों में आजाना नज़रों का जो वो टकराना ओ बादल बूंदें बरसाना इतना अब तू तरसा ना कब मिलना बतला जाना ओ बादल बूंदें बरसाना अब तक यादो में ... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   6:43pm 11 Apr 2012 #kavita
Blogger: Shashiprakash Saini
लोभ माया लालसा हवस हैमन घर हो गया है इन्ही का चलता बस है आदमी बेबस हैकुछ नहीं बदलताघर में मूर्तियाँ लगाने से न काशी जाने से न गंगा नहाने से जब मन पापी हैक्या होना हैतन पे साबुन लगाने से देवत्व अगर मूर्तियों में ही होता तो हर मूर्तिकार का घर स्वर्ग न होता देवत्व मन का गुण ... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   12:50am 10 Apr 2012 #kavita
Blogger: Shashiprakash Saini
ख़ुशी है एहसास है आपका मुस्कुराना ख़ास हैगम की लकीरों पे हँसी भारी है आप प्यारी आपकी मुस्कुराहट भी प्यारी है बिना हँसी के ज़िन्दगी अधूरी हैहँसना ज़रूरी हैभोला है चेहरा सुन्दर है आंखे फिर कैसे न मन में झाँकेआंखे मन में झाँकती हैइतनी छुट हर किसीको न दी है हँसना ज़िन्... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   9:06pm 8 Apr 2012 #kavita
Blogger: Shashiprakash Saini
चाँद है चांदनी है गुल है गुलिस्ता हैइक इस दिल से पूछिये मेरे लिए वो क्या क्या हैवो भोर की हवा हैदिल-ए-दर्द की दवा हैडूबते को तिनका क्यातुम पूरी नाव हो जेठ की दुपहरी में ठंडी छाव हो अब क्या क्या बताए तुम क्या क्या हो तुम कस्तूरी की सुगंध तुम संक्रांति की पतंग तुम ज़िन्... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   8:32pm 7 Apr 2012 #kavita
Blogger: Shashiprakash Saini
मन की भी कुछ सोच हैकुछ इच्छा हैकब तक दिल को समझाऊ तू अब तक बच्चा हैमानी के मनमानी केखेल खेल जवानी के बुजुर्गो की सुने तो बच्चा हैछोटे कहे की तेरा समय निकल चूका है मन की भी कुछ इच्छा हैदिल को कब तक बहलाऊ की तू बच्चा हैपलंग की सिलवटो में कोई कहानी नहीं कभी कोई मानी नहीं क... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   7:30pm 5 Apr 2012 #kavita
Blogger: Shashiprakash Saini
जिस बालक को लाया गया था थाने में सुनते है पकड़ा गया था रोटी चुराने मेंपड़े घुसे पड़ी लाठी उधेडी थी खाल पूरा सिस्टम लगा उसे मुजरिम दिखाने में जो खुनी है जो इज्ज़त के लुटरे है पार्टिया लगी है उन्हें संसद बुलाने में चली कुर्सीया चले जूते चले चप्पल नेता लगे है संसद को बी... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   3:40pm 5 Apr 2012 #ghazal
Blogger: Shashiprakash Saini
सीने में अब तक कोई क़रार न मिला प्यार पर लिखते रहे पर प्यार न मिला दुनिया का दस्तूर न रास आता हमको एतबार के बदले एतबार न मिला जिसके गुनाह की सजा हम काटते रहेबहुत तलाश किया पर वह गुनाहगार न मिलाबस रूश्वाईयो का होकर रह गया शिकार "सैनी"दिल को दिल्लगी नहीं किसी मोड़ पे इंतजार... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   6:20am 3 Apr 2012 #ghazal
Blogger: Shashiprakash Saini
जब तक इज्ज़त की फ़िक्र थीमै बोलता न थाकभी हौसला कम था कभी फासला था बहोत कभी आवाज़ की कशिश थीकभी नज़रों में था नशा फिर जो नज़र का असर होने लगाहोश मै खोने लगा नशा मोहब्बत का सर पे तारी हो गया हौसला इज्ज़त से भारी हो गयाना का डर हां से हल्का हैमोहब्बत जाम है और जाम छलका हैफैस... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   3:05pm 28 Mar 2012 #kavita
Blogger: Shashiprakash Saini
नीद है आँखों से ओझलमै सपने लाऊ कैसे दिल जलता है अंदर अंदर मै आग भुझाऊ कैसेन मंतर कोई मुझे आता हैन जादू टोना कोईदिल से रूठी है दिलवाली बरसोँ से किस्मत सोईन पैसे के है पर कोईन कोई है जी पैर फिर भी पीछे मै भागू हूमिल जाए तो ही खैरपैसा रिश्तों पे भारी हैये सारी दुनियादारी हैब... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   8:36am 27 Mar 2012 #kavita
Blogger: Shashiprakash Saini
लहू से तरबतर है दुनियादिल लगाने पे खंजर है दुनिया जब चाहत को चाहना भी हो गुनाह तो जहन्नुम से बदतर है दुनिया जात समझती है जज़्बात नहीं मोहब्बत के लिए जहर है दुनिया : शशिप्रकाश सैनी ... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   8:48pm 18 Mar 2012 #kuch yu hi
Blogger: Shashiprakash Saini
तन की नक्काशी कही धोखा ना देदे मन से पुकारेकी एक आवाज की जरुरत है साथ तेरे चलने से जले या ना जले दुनियापर क़यामत तक चले की तेरे साथ की जरुरत है झुर्रियाँ बाल सफ़ेद सब उम्र के फरेब तन न भाया भाया मन दिल में दिखा न ऐबदिल-ए-जज़्बात को तेरे जज़्बात की जरूरत है ईट पत्थर से कोई घ... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   7:01am 10 Mar 2012 #kavita
Blogger: Shashiprakash Saini
होलिका जलाओ रातभर की हर गम धुआँ होजाएरंग इतना बरसे की रंगी ये समा होजाए निकाल दिल का मलाल चेहरों पे मल दो गुलालरंग में रंगे है अनेक सेफिर भी लगे है एक सेमुह में गुजिया की मिठास हाथों में ठंडाई गिलास चेहरे पे गुलाल हाथों में गुलाल सारा रंग का कमालयेही है होली की धमाल : शश... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   9:43am 7 Mar 2012 #kavita
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