Hamarivani.com

poetry by sriram

हम बराबर  जलते रहे ....मोम की तरह पिघलते रहे II गूँथके बालो में किसीके  टूट डाली बिना खिलते रहे II  जान जाती रही मगर परिंदे सा मचलते रहे II दिखाई रौशनी थी मगर अँधेरे में ही बहलते रहे  II   पत्थर को रायजो छु दिया बर्फ सारी उमर गलते रहे II   ------------श्रीराम     ...
poetry by sriram...
Tag :
  April 7, 2012, 11:09 am
वो आपसे जलते  नही !!जलते तो पिघलते  नही !!सोये तन्हाई में जागे तन्हाई में करवटे जो बदलते सही II रूकती सासों से बंद आँखों से रास्ते तो  संभलते कभी II दिन की रौशनी रात की चांदनी  देने सेरायमिलते नही II ------------श्री राम रॉय ssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssss...
poetry by sriram...
Tag :
  April 6, 2012, 5:04 pm
कविता के लिए कलम जरूरी है ...जीवन के लिए ज्ञान जरूरी होता है...find श्रीराम  ...
poetry by sriram...
Tag :
  March 25, 2012, 8:19 am
<img alt="" src="data:image/png;base64,iVBORw0KGgoAAAANSUhEUgAAAIkAAAByCAIAAADoE2VEAAAgAElEQVR4nMzaZ1QU3Zo/7DJLzqgIqIAoAoIRFZCck4gi5og5KyoYEbMEMZCT5Jxz6Ka7oXNXdVXnSMZEFkmi9X7gOZ5n5jyeOWfW+5+ZtX6r1+r6uK913/uuvQuoPns92tU30sk7Zf+x5rBn+beCm969ETXXpUY+2mS6vCAjpr4089X9oMigi2BRLpyY2PYoAtp7pmGde42eTZ2eXeVKuzxjhxxz58otO/AWu7jrd0vW7BToe8ArXMhGblQTL/YaX9GaXXx9T9ZKV7a5R6u5Q/GaTTlrNyD7DwrOnC62t322cc2hdbrmpvK6btoynosAW2V5K/Wlq5S01OaoywKLNeZqGsguM5zrY6GWdcCKuHV111p9dNv6XrMV4LblddvNKhz3nFBepw3IysxTP3TjQSqeTBR/aCIxQQqTRaYjVBKD0UqHiBQmmQpRaEw6jQ7+ZUAIngnERGbChFlMmAWx2P8kTDZnJjCHOxMmi/+vp4MB5p84UO5hX7Z1W+Eak7yV+lEKwJvFwKdzllOX1wORVq5PNttF2LpHufk23AsDU1J4laWYnNTcpFdZqdHE5vLq/JTX94KynoS2JiWQX0Q...
poetry by sriram...
Tag :
  March 25, 2012, 7:28 am
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3652) कुल पोस्ट (163607)