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स्वीडन की यह लोक कथा, मूलतः डेनिश प्रेमी जोड़े को लेकर कही गई है ! कथा का नायक आरिल्ड एक कुलीन डेनिश परिवार का युवा है , वो डेनिश नौसेना में कार्यरत है और अपने बचपन की मित्र थाले से प्रेम करता है ! दोनों पड़ोसी देशों के मध्य शांति के दिनों में वो, स्वीडन के राजा एरिक के राज्...
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ali
Tag :प्रेम
  July 14, 2012, 2:51 am
ये वर्षों पहले की बात है !  शहंशाह यान की इकलौती पुत्री का नाम न्युवा था !  वो बहुत सुन्दर , प्यारी और मजबूत इच्छा शक्ति वाली युवती थी ! उसे तैरने का शौक था इसलिये वो अक्सर पूर्वी समुद्र में तैरने चली जाया करती थी !  वो नीली लहरों से खेलती और प्रकृति की निकटता से आनंदित हुआ क...
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ali
Tag :सामाजिकता
  July 12, 2012, 9:56 pm
कीमाहनाह का ख्याल था कि वह एक अप्सरा से ब्याह करे सो उसने अप्सरा के पिता सूर्य देव को एक पत्र लिखा, इसके बाद वो खरगोश के पास गया और पूछा, क्या तुम पत्र को स्वर्ग ले जा सकते हो ? खरगोश ने कहा कि मैं स्वर्ग नहीं जा सकता, फिर वह मृग के पास गया किन्तु मृग ने भी स्वर्ग जाने में अपन...
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ali
Tag :कर्म
  July 10, 2012, 1:48 am
लोक आख्यानों को पढ़ते हुए अक्सर ऐसा लगता है कि उनमें से ज्यादातर स्त्री विरोधी संदेशों से भरे पड़े हैं ! संसार में पुरुषों के वर्चस्व , उनकी प्रभुता को स्थापित करते हुए / करने का यत्न करते हुए ! इसमें कोई शक नहीं कि सामाजिक ताने बाने की यथास्थिति , पुरुषों के हित में है ! शत...
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Tag :निर्मल हास्य
  July 3, 2012, 11:18 am
यह आख्यान मसाई कबीले के एक सुन्दर और बहादुर योद्धा का हृदय जीतने के यत्न में लगी आठ युवतियों से सम्बंधित है !  वे सभी उस युवक से विवाह की इच्छुक हैं और उसकी प्रशंसा में गीतों की रचना करके उसे आकर्षित करने का प्रयास करती हैं , किन्तु उनमें से सबसे छोटी युवती की कविता अत्यन...
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Tag :प्रेम
  June 29, 2012, 10:04 am
तालाकोआ के चार पुत्रियां थीं जिनके सौंदर्य की ख्याति पूरे ब्रह्माण्ड में फ़ैली हुई थी , सबसे बड़ी पुत्री का नाम कौलुआलुआ था ! एक दिन वह नदी के किनारे अपने बालों में कंघी कर रही थी , तो उसने एक अजनबी श्वेतवर्ण सुन्दर युवा को नदी में मछलियां पकड़ते हुए देखा ! उसने पूरी दुनि...
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Tag :प्रेम
  June 28, 2012, 1:40 am
एक लड़की जिसका , नाम झू येंगताई था , घर में सब उसे प्यार से ज्यू मेई भी कहते ! उसकी हार्दिक इच्छा थी कि वो हांगजोऊ में जाकर अध्ययन करे ! उसके पिता चाहकर भी उसकी इच्छा के सामने प्रतिरोध नहीं कर सके , किन्तु उन्होंने शर्त रखी कि झू येंगताई वहां पुरुष वेश में जायेगी और पुरुषों क...
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Tag :प्रेम
  June 23, 2012, 8:34 pm
सा-रंग नाम के कोरियाई गांव में दो फूल ऐसे थे , जो कभी मुरझाते नहीं थे , अगर उनके पास से कोई जोड़ा गुज़रता तो वे दुखी होते / क्रंदन करते ! बहुत समय पहले उस गांव में सू इल नाम का लड़का और सून एई नाम की लड़की रहते थे जो कि एक दूसरे से बहुत प्रेम करते थे और शादी करना चाहते थे ! लड़की क...
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Tag :प्रेम
  June 22, 2012, 9:26 pm
स्टडी रूम जाने के लिए सीढ़ियां चढ़ते हुए कुछ ऐसा लगा कि सांसे तेज हो रही है ! उधर घर के बाहर वाले प्लाट पे उभर आये नये मकान की छत की ढ़लाई शिद्दत से ज़ारी है जोकि देर रात तक मुकम्मल भी हो जायेगी ! सुबह से 60-70 आदिवासी लडकियां और कुछ नौजवान रेत , सीमेंट और गिट्टियों के मिश्रण को ...
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Tag :उम्मतें
  June 13, 2012, 8:55 pm
बहुत समय पहले की बात है , एक विधवा स्त्री और उसका छोटा बच्चा साथ रहते थे ! बच्चा बहुत दयालु था और सभी उसे बेहद पसंद करते थे , किन्तु बच्चा उदास था क्योंकि उसकी कोई दादी नहीं थी , जबकि उसके सभी हमउम्र दोस्तों के पास दादियां थीं ! उसकी मां ने कहा ठीक है , हम तुम्हारे लिए दादी ढूं...
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Tag :जल प्रलय
  June 8, 2012, 2:08 pm
एक दिन सर्वोच्च देव ‘प्रामजिमास’ ने स्वर्ग की खिड़की से धरती पर झांक कर देखा , तो उसे हर ओर ईर्ष्यालु , झगड़ालू तथा एक दूसरे पर अन्याय करते हुए मनुष्य नज़र आये , अपनी धरती की ये हालत देखकर उसे क्रोध आ गया और उसने धरती से इंसानों को नष्ट करने के लिए ‘वांडू’ और ‘वेजास’ नाम क...
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Tag :जल प्रलय
  June 6, 2012, 7:33 pm
जलातिरेक से विनाश और पुनर्सृजन की गाथायें , काल्पनिकता और यथार्थ के मध्य चाहे जो भी घालमेल करती हों , जैसा भी ताना बाना बुनती हों , पर वे सम्बंधित भूक्षेत्रों की पारिस्थितिकी से हटकर , कदापि नहीं 'कही' जातीं ! आख्यानों में , सम्बोधित / समाहित किया गया जन समुदाय , जिस तरह ...
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Tag :जल प्रलय
  June 5, 2012, 11:19 am
आदिमयुगीन जीवन पर , ज्यादातर स्थानीयता के प्रभावों , कदाचित अतिशयोक्तिपूर्ण संकेतों , से लैस गाथाओं को टुकड़ा टुकड़ा बांचते हुए , यह स्मरण रखना होता है कि अर्वाचीन संसार के विश्लेषण में प्रयुक्त हो रहे इन आख्यानों को ऐतिहासिक प्रामाणिक दस्तावेजों के बतौर स्वीकारने ...
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Tag :उम्मतें
  June 3, 2012, 3:20 pm
मूल अमेरिकी आदिवासी समुदाय में कही जाने वाली इस कथा के अनुसार , बहुत समय पहले की बात है ,जबकि दरख्त और जानवर एक दूसरे से बात कर सकते थे , लेकिन उस ज़माने में धरती पर अग्नि नहीं थी ! उन दिनों लोमड़ी सबसे होशियार जानवर थी , सो उसे अग्नि को बनाने का ख्याल आया ! एक रोज उसने कलहंस...
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Tag :अग्नि
  June 2, 2012, 6:00 am
एक दिन परमात्मा ने आकाश से धरती पर देखा तो पाया कि दो बहने , सेम की फलियां तोड़ रही थीं ! वो आकाश से उतर कर उनके पास आया और पूछा कि तुम लोग क्या कर रही हो ? छोटी बहन जिसका नाम फुकान था , उसने कहा , हम लोग सेम इकट्ठा कर रहे हैं , लेकिन इसमें बहुत समय लग रहा है ! परमात्मा ने बड़ी बह...
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Tag :ईश्वर
  May 31, 2012, 6:00 pm
उन दिनों परमात्मा के दो पुत्र धरती पर रहते थे ! तब धरती सपाट हुआ करती थी और उसमें पर्वतों की निर्मिति नहीं हुई थी ! परमात्मा के पुत्रों को शिकार का बेहद शौक था , किन्तु धरती के समतल होने के कारण सूकर और हिरन आदि जीवों को पकड़ने का कोई अच्छा स्थान नहीं था ! शिकार की असुविधा क...
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Tag :अग्नि
  May 30, 2012, 5:52 pm
गांव में बच्चे अपनी शरारत पर मां से डांट खाते , हुलकी आये !  पड़ोसियों में झगड़ा होता तो , हवा में जुमला अक्सर उछलता , हुलकी आये !  तब सोचा भी नहीं कि इस शब्द के मायने क्या हो सकते हैं ? जेहन में कुछ ख्याल कौंधते , शायद ये कोई अपशब्द होगा या कि श्राप अथवा इसमें दूसरे पक्ष को चोट...
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Tag :हुलकी
  May 28, 2012, 3:28 pm
अमूमन हम ऐसी किसी भी बात पर असहज हो उठते हैं जो , हमारी अपनी परवरिश के अनुकूल नहीं होती ! इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि चिंतन और समझ के स्तर पर हम स्वयं को , स्वनिर्धारित खांचे से बाहर जाकर दूसरी परवरिशों के सत्य को स्वीकार करने की अनुमति तक नहीं देते  !  बौद्धिक परिमार्जन के ...
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Tag :उम्मतें
  May 27, 2012, 12:26 am
पिछले अंक में जल प्रलय पर टिप्पणी करते हुए अरविन्द जी का ख्याल था कि “सृजन को लेकर सभी संस्कृतियों में ऐसे आख्यान हैं ...जल प्रलय तो एक बहुश्रुत आख्यान है -लगता है धरती पर निश्चित ही एक जलप्रलय का कोई समय रहा होगा...कहते हैं कैस्पियन सागर एक ऐसे ही जल प्रलय से निर्मित है और...
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Tag :उम्मतें
  May 24, 2012, 11:23 pm
धरती में चहुंदिश पसरे अनेकानेक जनसमूहों की तरह वे भी , अपनी जड़ों / अपनी उत्पत्ति के विवरणों को वाचिक परम्पराओं के माध्यम से सतत जीवित बनाये हुए हैं ! उनके आख्यान सामान्यतः प्रश्नोत्तर शैली में कहे जाते हैं , किन्तु उनकी ‘कहन’ की लयात्मकता , आख्यान को पद्य की श्रेणी में...
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Tag :उम्मतें
  May 21, 2012, 10:10 pm
जब पूरी दुनिया में पानी भर गया था तो ईश्वर ने उसे नये सिरे से सृजित करने का फैसला किया ! उसने दुनिया को बनाने के लिए ओबटाला को अपना प्रतिनिधि बना कर भेजा और ओबटाला के साथ ओदुदुआ नाम के एक सहायक को भी ! इन दोनों के साथ एक तुमड़ी भर मिट्टी और एक चूजा भी भेजा गया ! ओबटाला और ओद...
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Tag :उम्मतें
  May 20, 2012, 6:00 am
उन दिनों कोई भूमि नहीं थी ! केवल आकाश और समुद्र था और उनके दरम्यान प्रकाश की खोज में एक परिंदा लगातार परवाज करते हुए थक गया था !  तब उसने समुद्र के पानी को आकाश की ओर धकेलना शुरू कर दिया ! इससे विचलित आकाश ने समुद्र को ऊपर बढ़ने से रोकने के लिए कई द्वीप बरसाये  ! ऐसा उसने तब ...
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Tag :उम्मतें
  May 18, 2012, 10:03 pm
वो अपने खानदान के अनेकों में से पहला चिराग था , साधारण सी शक्ल-ओ-सूरत , धुंधवाती आग में सेंक कर स्याह किये गये सूखे बांस सी काया , पहलौटी का पुत्र , पिता ने पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी  !  सन बयालीस में उसका जन्म हुआ और सन पैंसठ में एम.एससी. की डिग्री हासिल करने के दो साल के दर...
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Tag :प्रेम
  May 16, 2012, 6:30 pm
कह नहीं सकते कि जगजीत कौर साहिबा ने इसे पहली बार कब गाया और फिर हमने इसे पहली बार कब सुना लेकिन जब भी सुना , अच्छा लगा कि नायिका , नायक के रंज-ओ-ग़म बांटने के लिए सहर्ष तैयार है  ! इसे सुनते हुए एक फीलिंग ज़रूर होती कि कभी हम भी दुखी हुए तो  ? ... पर कौन  ?  जाने पहचाने चेहरे दर चेह...
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Tag :प्रेम
  May 11, 2012, 7:00 pm
सुबह सुबह बिजली गुल , शाम तक मेंटीनेंस किये जाने की खबर है , आज दोपहर बमुश्किल गुज़रेगी ! एक उम्मीद कि दोपहर तक आसमान पे बादल छा जायें ! यहां होता अक्सर यही है कि तपिश की शिद्दत बादलों को तकरीबन हर रोज बुला लेती है ! शायद आज भी ऐसा ही हो याकि नहीं भी ? आखिर तपिश और बादलों को म...
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Tag :प्रेम
  May 9, 2012, 9:55 pm
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