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KAVITA RAWAT

विवशता देखो इस पागल मन की कहता दूर नहीं हरदम तेरे करीब रहूँ समझ न आता राज प्यार का कैसे तुझको प्यार करूँ देख तेरी प्यार भरी निगाहें दिल तुझमें डूबने लगता इतना प्यार भरा है दिल में बरबस ही खिंचा चला आता चाहती हैं निगाहें तुझमें डूबी रहे बेबस निगाहें कैसे रोक पाऊँ समझ न आ...
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Tag :कुछ अपनी कुछ उनकी
  February 3, 2018, 7:30 am
राष्ट्रीय त्यौहारों में गणतंत्र दिवस का विशेष महत्व है। यह दिवस हमारा अत्यन्त लोकप्रिय राष्ट्रीय पर्व है, जो प्रतिवर्ष आकर हमें हमारी प्रजातांत्रिक शासन प्रणाली का भान कराता है। स्वतंत्रता के बाद भारतीयों के गौरव को स्थिर रखने के लिए डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद की अध्यक...
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Tag :गणतंत्र दिवस
  January 25, 2018, 8:00 am
एक हमारा प्यारा तोता 'ओरियो 'है वह कहलाता बोली हमारी वह सीखता फिर उसको है दोहराता चोंच उसकी है लाल-लाल ठुमक-ठुमक है उसकी चाल घर-भर वह पूरे घूमता रहता मिट्ठू-मिट्ठू   कहता  फिरता सुबह पिंजरे से बाहर निकलता ऊँगली छोड़ सीधे कंधे बैठता टुकुर-टुकुर फिर मुँह देखता बड़ा प्यारा-प...
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Tag :तोता
  January 5, 2018, 8:00 am
'ख्याल'कविता संग्रह नाम से मेरी सहपाठी निवेदिता ने खूबसूरत ख्यालों का ताना-बना बुना है। भोपाल स्थित स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी में ‘ख्याल’ का लोकार्पण हुआ तो कविताओं को सुन-पढ़कर लगा जैसे मुझे अचानक मेरे ख्यालों का भूला-बिसरा पिटारा मिल गया हो। जहाँ पहले स्कूल की पढ़ा...
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Tag :निवेदिता शर्मा
  January 1, 2018, 8:00 am
कानून का निर्णय काले कौए को बरी लेकिन फाख्ता को दोषी ठहराता है निर्धन के लिए मुसीबत और धनवान के लिए कानून फायदेमंद होता है मुकदमे में किसान नहीं जमींदार को हमेशा सही माना जाता है धनवान के लिए एक कानून और निर्धन के लिए दूसरा होता है एक निर्दोष को दंड देने से दस दोषियों क...
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Tag :कानून
  December 16, 2017, 8:00 am
हुए हम घायल प्यार में तेरे घायल ही हमको रहने दो जरूरत नहीं मरहम पट्टी की घाव दिल पर गहराने दो मुश्किल से बने हम दीवाने अब हमें होश में मत लाना कितना सूकूँ है इस प्यार में बनकर दीवाना समझ जाना मिले तुम घायल करने वाले जरा प्यार की हद गुजरने दो हुए हम घायल प्यार में तेरे घाय...
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Tag :कविता
  November 30, 2017, 8:00 am
           कहा गया है, कि साधना जब सरस्वती की अग्निवीणा पर सुर साधती है तो साहित्य की अमृतधारा प्रवाहित होती है, जिससे हित की भावनाएं हिलकोरें मारने लगती है । इन हिलकोरों में जब सृजन की अग्नि की धाह आंच मारती है तो वह कलुषित परिवेश की कालिमा जलाकर उसके बदले एक खुशहाली से भरे ...
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Tag :लेख
  November 1, 2017, 8:00 am
दो काम एक साथ हाथ में लेने पर एक भी नहीं हो पाता है। बहुत ज्यादा सोच-विचार वाला कुछ भी नहीं कर पाता  है।। जो कुछ नहीं जानता वह किसी बात में संदेह नहीं करता है। जो अधिक जानता है वह काम पर भी विश्वास कर लेता है ।। जो जल्दी विश्वास कर लेता है वह बाद में पछताता है । समझदार आदमी ...
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Tag :कविता
  October 25, 2017, 8:00 am
एक मान्यता के अनुसार दीपावली ‘लक्ष्मी जयन्ती’ अर्थात् लक्ष्मी के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है। निश्चित ही यह कल्पना अर्वाचीन है, क्योंकि प्राचीन देवताओं की जयन्ती या जन्मदिन की अवधारणा वैदिक काल में नहीं थी। लक्ष्मी एक वैदिक देवता है जो मूलतः भूदेवी या पृथ्वी का ...
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Tag :भूदेवी
  October 19, 2017, 8:00 am
कुछ हुई उनकी बात कुछ  हुई मुलाकात और वे प्यार समझ बैठे दिल देने की भूल कर  बैठे कहते सुनते आए से जिसे वे भी करने लगे प्यार बस इसी प्यार की खातिर आगे बढ़ते चले गए रोक न पाए अपने दिल को दिन को भी  मधुर सपने देखने लगे यादों की ताजगी में रातभर जगने लगे दिखते न थे जो घर के बाहर कभी ...
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Tag :कविता
  October 13, 2017, 9:00 am
एक उम्मीद जिसकी नाउम्मीदी पर उठती है मन में खीज, झुंझलाहट निराश मन कोसता बार-बार उम्मीद उनसे जो खुद उम्मीद में जीते-पलते हैं उम्मीद उनसे लगा बैठते हैं परिणाम वही पश्चाताप दफ़न होती उम्मीदें जहाँ से जुड़ने की उम्मीद वहीं से टूटता मन सुनता कौन है बात उनकी जो दबा वक्त के क्र...
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Tag :एक उम्मीद की किरण
  September 9, 2017, 9:00 am
देश की स्वतंत्रता के लिए  से लेकर  तक क्रान्तिकारियों व आंदोलनकारियों के साथ ही लेखकों,कवियों और पत्रकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका  निभाई।  उस समय खूब लिखा गया।  खूब पढ़ा गया।  आज की तरह तब सम्प्रेषण के संसाधन बिलकुल न होते हुए भी वह सृजन आम आदमी तक पहुँचता था।  हर देशव...
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Tag :अपना भारत
  August 14, 2017, 11:42 am
रिमझिम सावनी फुहार-संग पावन पर्व रक्षाबंधन आया है घर-संसार खोई बहिना को मायके वालों ने बुलाया है मन में सबसे मिलने की उमंग धमा-चैकड़ी मचाने का मन है पता है जहाँ सुकूं भरी जिंदगी वह बचपन का घर-आंगन है याद है छोटी-छोटी बातों पर मुंह फुलाना कभी हंसते-गाते, खुशी-खुशी स्कूल ज...
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Tag :बचपन
  August 6, 2017, 9:00 am
बहिन विवाहित होकर अपना अलग घर-संसार बसाती है। पति-बच्चे, पारिवारिक दायित्व दुनियादारी में उलझ जाती है।। सतत स्नेह, प्रेम व प्यार की निर्बाध आकांक्षा मन में वह रखती है। पर विवशताएं चाहते हुए भी उसके अंतर्मन को कुण्ठित करती है।। रक्षाबंधन-भैया दूज पर बहिन-भैया मिलन के द...
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Tag :रक्षाबंधन
  August 4, 2017, 11:56 am
सूरज की तपन गई बरखा बहार आयी झुलसी-मुरझाई धरा पर हरियाली छायी बादल बरसे नदी-पोखर जलमग्न हो गए खिले फूल, कमल मुकुलित बदन खड़े हुए नदियां इतराती-इठलाती अठखेलियां करने लगी तोड़ तट बंधन बिछुड़े पिय मिलन सागर को चली गर्मी गई चहुंदिशा शीतल मधुर, सुगंधित हुआ जनजीवन उल्लसित, सैर-स...
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Tag :
  July 29, 2017, 9:00 am
गु अँधियारी जानिये, रु कहिये परकाश । मिटि अज्ञाने ज्ञान दे, गुरु नाम है तास ॥ जो गुरु को तो गम नहीं, पाहन दिया बताय । शिष शोधे बिन सेइया, पार न पहुँचा जाए ॥ सोचे गुरु के पक्ष में, मन को दे ठहराय । चंचल से निश्चल भया, नहिं आवै नहीं जाय ॥ गुरु नाम है गम्य का, शीष सीख ले सोय । बिनु...
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Tag :कविता
  July 9, 2017, 9:00 am
नाई की बात सुनकर खेतासर के लोग बोले- हेमला से हम हार गए, वह तो एक के बाद एक को मारे जा रहा है, बड़े गांव में भी हम लोगों को चैन से नहीं रहने दे रहा है। हम कुछ नहीं कर सकते। अब तो बड़े शहर जाकर वहाँ से मियां मौलवी को लाना होगा। सुना है वहां एक खलीफा जी बड़े सिद्धहस्त हैं, उनके आगे हा...
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Tag :ठाकुर
  June 26, 2017, 9:00 am
एक छोटे से गांव खेतासर में हेमला जाट रहता था। उसके घर में दूध, पूत, धन, धान्य सभी था। सभी तरह से उसकी जिन्दगी सुखपूर्वक कट रही थी। उसकी अपनी प्रिय पत्नी से हमेशा प्रेमपूर्वक खूब पटती थी। वह हमेशा अपने बाल-बच्चों और नाती-पोतों से घिरा रहता था। सब कुछ होते हुए भी एक कसर बाकी...
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Tag :डर का दूसरा नाम है भूत
  June 5, 2017, 9:00 am
एक छोटे से गांव खेतासर में हेमला जाट रहता था। उसके घर में दूध, पूत, धन, धान्य सभी था। सभी तरह से उसकी जिन्दगी सुखपूर्वक कट रही थी। उसकी अपनी प्रिय पत्नी से हमेशा प्रेमपूर्वक खूब पटती थी। वह हमेशा अपने बाल-बच्चों और नाती-पोतों से घिरा रहता था। सब कुछ होते हुए भी एक कसर बाकी...
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Tag :डर का दूसरा नाम है भूत
  June 5, 2017, 9:00 am
एक छोटे से गांव खेतासर में हेमला जाट रहता था। उसके घर में दूध, पूत, धन, धान्य सभी था। सभी तरह से उसकी जिन्दगी सुखपूर्वक कट रही थी। उसकी अपनी प्रिय पत्नी से हमेशा प्रेमपूर्वक खूब पटती थी। वह हमेशा अपने बाल-बच्चों और नाती-पोतों से घिरा रहता था। सब कुछ होते हुए भी एक कसर बाकी...
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Tag :भूत उत्पत्ति गाथा
  June 5, 2017, 9:00 am
तम्बाकू/धूम्रपान जनित कुछ प्रमुख रोगों के बारे में जानिए और आज ही छोड़ने का संकल्प कीजिए   कैंसर: तम्बाकू के धुएं से उपस्थित बेंजपाएरीन कैंसर जनित रोग होता है। लगभग 95 प्रतिशत फेफड़ों के कैंसर के मरीज धूम्रपान के कारण होते हैं। विपरीत धूम्रपान मुख कैंसर का कारण होता ...
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Tag :विश्व तम्बाकू निषेध दिवस
  May 31, 2017, 12:03 pm
अनाड़ी कारीगर अपने औजारों में दोष निकालता है। पकाने का सलीका नहीं जिसे वह देगची का कसूर बताता है।। कातना न जाने जो वह चर्खे को दुत्कारने चला। लुहार बूढ़ा हुआ तो लोहे को कड़ा बताने लगा।। जिसका मुँह टेढ़ा वह आइने को तमाचा मारता है। कायर सिपाही हमेशा हथियार को कोसता है।। जो ...
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Tag :दोष निकालना
  May 29, 2017, 11:34 am
जब कोई हमारी प्रकृति की सुरम्य पहाड़ियों की गोद में बसे देवता, ऋषि-मुनियों एवं तपस्वियों की निवास स्थली देवभूमि उत्तराखंड की चर्चाएं मद्यपान के फलते-फूलते कारोबारी के रूप में करता है, तब ऐसी बातें सुनकर मन खट्टा होने लगता है। विश्वास नहीं होता कि सच में क्या यह हमारी व...
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Tag :तपोभूमि शराबबंदी
  April 28, 2017, 11:47 am
...
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Tag :
  April 27, 2017, 2:38 pm
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